मिश्रण पृथक्करण की विधियां
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Is Matter Around Us Pure" | NCERT कक्षा 6 • Science • पदार्थों के पृथक्करण का अध्याय
मिश्रण पृथक्करण की विधियां
हर पृथक्करण विधि घटकों के बीच किसी भौतिक गुण के अंतर का उपयोग करती है: आकार, भार, विलेयता, क्वथनांक, चुंबकीय व्यवहार या अधिशोषण। सही विधि चुनना बस यह पहचानने का काम है कि किस गुण में अंतर सबसे तीखा है।
सरल भौतिक विधियां
- हस्त चयन बड़ी दिखने वाली अशुद्धियां हटाता है, जैसे अनाज से पत्थर।
- थ्रेशिंग अनाज को डंठल से अलग करती है, और निष्पावन पवन से हल्की भूसी को भारी अनाज से अलग करता है।
- छानना (sieving) अलग कण आकार के घटक अलग करता है, जैसे आटा और चोकर।
- निस्पंदन (filtration) अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग करता है, जैसे चाय से चाय पत्ती।
- अवसादन और निस्तारण में भारी अघुलनशील ठोस बैठ जाता है, फिर द्रव उंडेल दिया जाता है।
- चुंबकीय पृथक्करण चुंबक से मिश्रण से लोहे के कण हटाता है।
- वाष्पीकरण द्रव उड़ाकर घुला ठोस लौटाता है, जैसे समुद्री जल से नमक प्राप्त करना।
उन्नत विधियां
- ऊर्ध्वपातन कपूर या अमोनियम क्लोराइड जैसे ऊर्ध्वपातित होने वाले ठोस को अन्य ठोस से अलग करता है।
- आसवन घुले ठोस को द्रव से, या बड़े क्वथनांक अंतर वाले दो मिश्रणीय द्रवों को अलग करता है।
- प्रभाजी आसवन निकट क्वथनांक वाले द्रव अलग करता है, जैसे पेट्रोलियम शोधन में।
- पृथक्कारी कीप घनत्व के अंतर से तेल और जल जैसे दो अमिश्रणीय द्रव अलग करती है।
- अपकेंद्रण मिश्रण को तेज घुमाता है जिससे सघन कण बाहर जाते हैं, जैसे दूध से क्रीम अलग करने में।
- क्रोमैटोग्राफी उन घुले पदार्थों को अलग करती है जो अधिशोषक पर अलग-अलग गति से चलते हैं, जैसे स्याही के रंग अलग करने में।
- क्रिस्टलीकरण विलयन से ठोस के अधिक शुद्ध क्रिस्टल देता है और साधारण वाष्पीकरण से बेहतर है।
- वास्तविक पृथक्करण में प्रायः दो या अधिक विधियां क्रम से लगती हैं, जैसे समुद्री जल से शुद्ध नमक पाने में।
| विधि | प्रयुक्त गुण | उदाहरण |
|---|---|---|
| निस्पंदन | विलेयता और कण आकार | चाय से चाय पत्ती |
| आसवन | क्वथनांक का अंतर | नमक विलयन से जल |
| पृथक्कारी कीप | घनत्व अंतर, अमिश्रणीय | तेल और जल |
| क्रोमैटोग्राफी | चलने की अलग गति | स्याही के रंग |
क्रिस्टलीकरण — गर्म संतृप्त विलयन को ठंडा करके ठोस के शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया।
Exam me kaise aata hai
- स्याही के रंग अलग करने में प्रयुक्त विधि — क्रोमैटोग्राफी
- तेल और जल किससे अलग होते हैं — पृथक्कारी कीप
- दूध से क्रीम किससे अलग होती है — अपकेंद्रण
- पेट्रोलियम का शोधन किससे होता है — प्रभाजी आसवन
UPSC/State PSC ke liye
- शुद्धिकरण में क्रिस्टलीकरण वाष्पीकरण से बेहतर है, क्योंकि साधारण वाष्पीकरण अशुद्धियां ठोस के साथ छोड़ देता है जबकि क्रिस्टल उन्हें बाहर रखते हैं।
- प्रभाजी आसवन स्तंभ में बार-बार वाष्पन और संघनन से काम करता है, इसीलिए वह निकट क्वथनांक वाले द्रव भी अलग कर लेता है।
Yahan confuse hote hain
✗ निस्पंदन से जल में घुला नमक अलग हो सकता है | निस्पंदन केवल अघुलनशील ठोस पर काम करता है | ✓
✗ आसवन और वाष्पीकरण एक ही हैं | आसवन द्रव को वापस पाता है; वाष्पीकरण उसे उड़ने देता है | ✓
✗ पृथक्कारी कीप मिश्रणीय द्रवों पर काम करती है | यह केवल अमिश्रणीय द्रवों पर काम करती है | ✓
Ek nazar me
- हर विधि किसी भौतिक गुण के अंतर का उपयोग करती है।
- अघुलनशील ठोस के लिए निस्पंदन; घुले ठोस के लिए वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण।
- आसवन क्वथनांक का; पृथक्कारी कीप घनत्व का उपयोग करती है।
- क्रोमैटोग्राफी घुले पदार्थों को चलने की गति से अलग करती है।
