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मिश्रण पृथक्करण की विधियां

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Is Matter Around Us Pure" | NCERT कक्षा 6 • Science • पदार्थों के पृथक्करण का अध्याय

मिश्रण पृथक्करण की विधियां

हर पृथक्करण विधि घटकों के बीच किसी भौतिक गुण के अंतर का उपयोग करती है: आकार, भार, विलेयता, क्वथनांक, चुंबकीय व्यवहार या अधिशोषण। सही विधि चुनना बस यह पहचानने का काम है कि किस गुण में अंतर सबसे तीखा है।

सरल भौतिक विधियां

  • हस्त चयन बड़ी दिखने वाली अशुद्धियां हटाता है, जैसे अनाज से पत्थर।
  • थ्रेशिंग अनाज को डंठल से अलग करती है, और निष्पावन पवन से हल्की भूसी को भारी अनाज से अलग करता है।
  • छानना (sieving) अलग कण आकार के घटक अलग करता है, जैसे आटा और चोकर।
  • निस्पंदन (filtration) अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग करता है, जैसे चाय से चाय पत्ती।
  • अवसादन और निस्तारण में भारी अघुलनशील ठोस बैठ जाता है, फिर द्रव उंडेल दिया जाता है।
  • चुंबकीय पृथक्करण चुंबक से मिश्रण से लोहे के कण हटाता है।
  • वाष्पीकरण द्रव उड़ाकर घुला ठोस लौटाता है, जैसे समुद्री जल से नमक प्राप्त करना।

उन्नत विधियां

  • ऊर्ध्वपातन कपूर या अमोनियम क्लोराइड जैसे ऊर्ध्वपातित होने वाले ठोस को अन्य ठोस से अलग करता है।
  • आसवन घुले ठोस को द्रव से, या बड़े क्वथनांक अंतर वाले दो मिश्रणीय द्रवों को अलग करता है।
  • प्रभाजी आसवन निकट क्वथनांक वाले द्रव अलग करता है, जैसे पेट्रोलियम शोधन में।
  • पृथक्कारी कीप घनत्व के अंतर से तेल और जल जैसे दो अमिश्रणीय द्रव अलग करती है।
  • अपकेंद्रण मिश्रण को तेज घुमाता है जिससे सघन कण बाहर जाते हैं, जैसे दूध से क्रीम अलग करने में।
  • क्रोमैटोग्राफी उन घुले पदार्थों को अलग करती है जो अधिशोषक पर अलग-अलग गति से चलते हैं, जैसे स्याही के रंग अलग करने में।
  • क्रिस्टलीकरण विलयन से ठोस के अधिक शुद्ध क्रिस्टल देता है और साधारण वाष्पीकरण से बेहतर है।
  • वास्तविक पृथक्करण में प्रायः दो या अधिक विधियां क्रम से लगती हैं, जैसे समुद्री जल से शुद्ध नमक पाने में।
विधिप्रयुक्त गुणउदाहरण
निस्पंदनविलेयता और कण आकारचाय से चाय पत्ती
आसवनक्वथनांक का अंतरनमक विलयन से जल
पृथक्कारी कीपघनत्व अंतर, अमिश्रणीयतेल और जल
क्रोमैटोग्राफीचलने की अलग गतिस्याही के रंग

क्रिस्टलीकरण — गर्म संतृप्त विलयन को ठंडा करके ठोस के शुद्ध क्रिस्टल प्राप्त करने की प्रक्रिया।

Exam me kaise aata hai

  • स्याही के रंग अलग करने में प्रयुक्त विधि — क्रोमैटोग्राफी
  • तेल और जल किससे अलग होते हैं — पृथक्कारी कीप
  • दूध से क्रीम किससे अलग होती है — अपकेंद्रण
  • पेट्रोलियम का शोधन किससे होता है — प्रभाजी आसवन

UPSC/State PSC ke liye

  • शुद्धिकरण में क्रिस्टलीकरण वाष्पीकरण से बेहतर है, क्योंकि साधारण वाष्पीकरण अशुद्धियां ठोस के साथ छोड़ देता है जबकि क्रिस्टल उन्हें बाहर रखते हैं।
  • प्रभाजी आसवन स्तंभ में बार-बार वाष्पन और संघनन से काम करता है, इसीलिए वह निकट क्वथनांक वाले द्रव भी अलग कर लेता है।

Yahan confuse hote hain

निस्पंदन से जल में घुला नमक अलग हो सकता है | निस्पंदन केवल अघुलनशील ठोस पर काम करता है  |  

आसवन और वाष्पीकरण एक ही हैं | आसवन द्रव को वापस पाता है; वाष्पीकरण उसे उड़ने देता है  |  

पृथक्कारी कीप मिश्रणीय द्रवों पर काम करती है | यह केवल अमिश्रणीय द्रवों पर काम करती है  |  

Ek nazar me

  • हर विधि किसी भौतिक गुण के अंतर का उपयोग करती है।
  • अघुलनशील ठोस के लिए निस्पंदन; घुले ठोस के लिए वाष्पीकरण और क्रिस्टलीकरण।
  • आसवन क्वथनांक का; पृथक्कारी कीप घनत्व का उपयोग करती है।
  • क्रोमैटोग्राफी घुले पदार्थों को चलने की गति से अलग करती है।

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