द्रव्य की अवस्थाएं और अवस्था परिवर्तन
NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Matter in Our Surroundings" | NCERT कक्षा 6 • Science • पदार्थ संबंधी अध्याय
द्रव्य की अवस्थाएं और अवस्था परिवर्तन
द्रव्य वह है जिसमें द्रव्यमान हो और जो स्थान घेरे। यह बहुत छोटे कणों से बना है, जिनके बीच रिक्त स्थान है, जो एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं और सदैव गतिमान रहते हैं। तीन सामान्य अवस्थाएं — ठोस, द्रव और गैस — केवल इसमें भिन्न हैं कि वे कण कितनी प्रबलता से बंधे हैं।
तीन अवस्थाएं
- ठोस का आकार और आयतन निश्चित होता है; कण सघन रूप से जुड़े रहते हैं, आकर्षण बल प्रबल है और वे अपने स्थान पर कंपन करते हैं।
- द्रव का आयतन निश्चित पर आकार पात्र के अनुसार होता है; कण कम बंधे हैं और एक-दूसरे पर फिसल सकते हैं।
- गैस का न आकार निश्चित है न आयतन; कण दूर-दूर हैं, आकर्षण नगण्य है और वे बहुत तेज गति करते हैं।
- संपीड्यता गैसों में सर्वाधिक, द्रवों में बहुत कम और ठोसों में लगभग शून्य है।
- विसरण, यानी कणों का स्वयं मिलना, गैसों में सबसे तेज और ठोसों में सबसे धीमा है।
- घनत्व प्रायः ठोसों में सर्वाधिक और गैसों में न्यूनतम रहता है।
- प्लाज्मा और बोस आइंस्टीन संघनित इन तीन सामान्य अवस्थाओं से आगे की अवस्थाएं हैं।
अवस्था परिवर्तन
- गलन ठोस से द्रव है, और वायुमंडलीय दाब पर जिस ताप पर यह होता है वह गलनांक है।
- उबलना क्वथनांक पर पूरे द्रव में द्रव से गैस होना है; वाष्पीकरण किसी भी ताप पर सतह की घटना है।
- संघनन गैस से द्रव और हिमीकरण द्रव से ठोस होना है।
- ऊर्ध्वपातन ठोस से सीधे गैस बनना है, जैसे कपूर, नेफ्थलीन, अमोनियम क्लोराइड और शुष्क बर्फ में।
- गुप्त ऊष्मा वह ऊष्मा है जो अवस्था परिवर्तन में बिना ताप बदले अवशोषित या मुक्त होती है।
- वाष्पीकरण से शीतलन इसलिए होता है कि सबसे तेज कण सतह छोड़ते समय ऊर्जा साथ ले जाते हैं।
- वाष्पीकरण अधिक ताप, अधिक सतह क्षेत्र, कम आर्द्रता और तेज पवन से बढ़ता है।
| गुण | ठोस | द्रव | गैस |
|---|---|---|---|
| आकार | निश्चित | पात्र के अनुसार | पात्र भर देता है |
| आयतन | निश्चित | निश्चित | निश्चित नहीं |
| संपीड्यता | लगभग शून्य | बहुत कम | अधिक |
| विसरण दर | बहुत धीमी | मध्यम | बहुत तेज |
गुप्त ऊष्मा — वह ऊष्मा जो अवस्था परिवर्तन के समय बिना ताप परिवर्तन के अवशोषित या मुक्त होती है।
Exam me kaise aata hai
- ठोस से सीधे गैस बनना कहलाता है — ऊर्ध्वपातन
- अवस्था परिवर्तन में बिना ताप बदले ली गई ऊष्मा — गुप्त ऊष्मा
- सर्वाधिक संपीड्यता किस अवस्था में है — गैस
- वाष्पीकरण किसकी घटना है — सतह की
UPSC/State PSC ke liye
- गलन और उबलने के समय ताप स्थिर रहता है क्योंकि दी गई ऊष्मा आकर्षण बल तोड़ने में लगती है, कणों की चाल बढ़ाने में नहीं।
- प्रेशर कुकर इसलिए काम करता है कि दाब बढ़ने से क्वथनांक बढ़ जाता है, जिससे जल अधिक ताप पर द्रव रहता है और भोजन शीघ्र पकता है।
Yahan confuse hote hain
✗ वाष्पीकरण और उबलना एक ही हैं | वाष्पीकरण किसी भी ताप पर सतह से; उबलना क्वथनांक पर पूरे द्रव में | ✓
✗ गलन के समय ताप बढ़ता है | ताप स्थिर रहता है; वह ऊष्मा गुप्त ऊष्मा है | ✓
✗ गैसों का आयतन निश्चित होता है | गैसों का न आकार निश्चित है न आयतन | ✓
Ek nazar me
- द्रव्य गतिमान कणों से बना है जिनके बीच रिक्त स्थान और आकर्षण है।
- ठोस, द्रव और गैस सघनता, आकार, आयतन और संपीड्यता में भिन्न हैं।
- ऊर्ध्वपातन ठोस से सीधे गैस में जाता है।
- गुप्त ऊष्मा अवस्था परिवर्तन में बिना ताप बदले ली जाती है।
