Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

उच्चतम न्यायालय और उसका क्षेत्राधिकार

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT Class 11 - Indian Constitution at Work, Chapter 6

उच्चतम न्यायालय और उसका क्षेत्राधिकार

भारत में एकीकृत न्यायपालिका है, जिसके शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय, उसके नीचे उच्च न्यायालय और उनके नीचे अधीनस्थ न्यायालय हैं। अमेरिका की तरह अलग-अलग संघीय और राज्य न्यायालय पदानुक्रम नहीं हैं - वही न्यायालय संघ और राज्य दोनों के कानून लागू करते हैं।

गठन और नियुक्ति

  • अनुच्छेद 124 से 147 उच्चतम न्यायालय से संबंधित हैं। मूल रूप में इसमें मुख्य न्यायाधीश और सात अन्य न्यायाधीश थे, और संसद के पास संख्या बढ़ाने की शक्ति है।
  • न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। व्यवहार में नियुक्तियां कॉलेजियम से होती हैं, जो मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ न्यायाधीशों का निकाय है और जो उच्चतम न्यायालय के 1993 तथा 1998 के निर्णयों से बना।
  • कॉलेजियम की जगह लेने के लिए 2014 में बना राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग 2015 में उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया, यह कहते हुए कि वह न्यायिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है।
  • योग्यताएं - भारत का नागरिक, और या तो पांच वर्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश, या दस वर्ष उच्च न्यायालय का अधिवक्ता, या राष्ट्रपति की राय में प्रतिष्ठित विधिवेत्ता
  • उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है।

न्यायाधीश को हटाना

  • न्यायाधीश को केवल सिद्ध कदाचार या असमर्थता के आधार पर अनुच्छेद 124(4) के अंतर्गत हटाया जा सकता है।
  • हटाने के प्रस्ताव पर कम से कम 100 लोकसभा सदस्यों या 50 राज्यसभा सदस्यों के हस्ताक्षर चाहिए।
  • इसकी जांच न्यायाधीश जांच अधिनियम के अंतर्गत समिति करती है, और फिर दोनों सदनों को इसे एक ही सत्र में कुल सदस्यता के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से पारित करना होता है।
  • इसके बाद हटाने का आदेश राष्ट्रपति देते हैं। अब तक इस प्रक्रिया से उच्चतम न्यायालय का कोई न्यायाधीश नहीं हटाया गया है।

उच्चतम न्यायालय का क्षेत्राधिकार

क्षेत्राधिकारअनुच्छेददायरा
मूल131संघ और राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी विवाद
रिट32मूल अधिकारों का प्रवर्तन, जो स्वयं मूल अधिकार है
अपीलीय - संवैधानिक132जहां संविधान की व्याख्या का सारभूत विधि प्रश्न उठे
अपीलीय - सिविल और दांडिक133 और 134उच्च न्यायालय के सिविल और दांडिक निर्णयों से अपील
विशेष अनुमति136किसी भी न्यायालय या अधिकरण से अपील की विवेकाधीन अनुमति, सैन्य न्यायालय छोड़कर
सलाहकारी143राष्ट्रपति राय मांग सकते हैं; राय बाध्यकारी नहीं
अभिलेख न्यायालय129इसकी कार्यवाही साक्ष्य के रूप में दर्ज होती है और यह अवमानना पर दंड दे सकता है
  • अनुच्छेद 137 न्यायालय को अपने ही निर्णय की पुनरीक्षा करने देता है, और दुर्लभ मामलों में क्यूरेटिव याचिका भी आ सकती है।
  • अनुच्छेद 141 कहता है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा घोषित विधि भारत के सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी है।
  • अनुच्छेद 142 उसे अपने समक्ष मामले में पूर्ण न्याय के लिए कोई भी आवश्यक आदेश देने की शक्ति देता है।

परीक्षा में कैसे आता है

अनुच्छेद संख्या और क्षेत्राधिकार का सुमेलित कीजिए मानक प्रारूप है। तथ्यात्मक प्रश्न सेवानिवृत्ति आयु, योग्यता अवधि, और हटाने के प्रस्ताव के लिए आवश्यक सदस्य संख्या पूछते हैं। कथन-आधारित प्रश्न जांचते हैं कि सलाहकारी राय राष्ट्रपति पर बाध्यकारी है या नहीं - नहीं है।

UPSC / State PSC के लिए

नियुक्ति की बहस ध्यान से देखिए - कॉलेजियम न्यायिक रचना है, संवैधानिक प्रावधान नहीं, और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को रद्द करने का बचाव स्वतंत्रता की रक्षा के रूप में और आलोचना नियुक्तियों के अपारदर्शी रहने के रूप में होती है। अच्छा उत्तर दोनों पक्ष और उनके संवैधानिक सिद्धांत बताता है।

यहां कन्फ्यूज होते हैं

अनुच्छेद 143 की सलाहकारी राय बाध्यकारी है  |   यह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं है

न्यायाधीश को किसी भी कदाचार पर महाभियोग से हटाया जा सकता है  |   केवल सिद्ध कदाचार या असमर्थता पर, दोनों सदनों के विशेष बहुमत से

भारत में अलग संघीय और राज्य न्यायालय पदानुक्रम हैं  |   भारत में एकीकृत न्यायपालिका है

एक नजर में

  • अनुच्छेद 124 से 147 उच्चतम न्यायालय के; भारत में एकीकृत न्यायपालिका है।
  • न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, व्यवहार में कॉलेजियम व्यवस्था से।
  • योग्यताएं - पांच वर्ष उच्च न्यायालय न्यायाधीश, दस वर्ष अधिवक्ता, या प्रतिष्ठित विधिवेत्ता।
  • उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है।
  • हटाना केवल सिद्ध कदाचार या असमर्थता पर, दोनों सदनों के विशेष बहुमत से।
  • क्षेत्राधिकार - मूल 131, रिट 32, अपीलीय 132 से 134, विशेष अनुमति 136, सलाहकारी 143।
  • अनुच्छेद 141 से विधि सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी; अनुच्छेद 142 में पूर्ण न्याय का आदेश।

Checking your account…

Create a free ExamAtlas account to read the full study material.