Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

संधारणीय विकास

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 11 • Indian Economic Development • अध्याय "Environment and Sustainable Development"

संधारणीय विकास

संधारणीय विकास वह विकास है जो वर्तमान की आवश्यकताएं पूरी करे और साथ ही भावी पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएं पूरी करने की क्षमता कम न करे। यह तीन चिंताओं को एक विचार में जोड़ता है: आर्थिक वृद्धि, आज की सामाजिक समता, और आने वाली पीढ़ियों के प्रति न्याय।

अर्थ और शर्तें

  • यह विचार अंतर-पीढ़ीगत समता पर टिका है, अर्थात वर्तमान और भावी पीढ़ियों के बीच न्याय।
  • इसके लिए आवश्यक है कि अगली पीढ़ी को सौंपी गई प्राकृतिक पूंजी उससे कम न हो जितनी इस पीढ़ी को मिली थी।
  • नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग उनकी पुनर्जनन दर से तेज नहीं होना चाहिए।
  • अनवीकरणीय संसाधनों का ह्रास उतना ही तेज हो जितनी तेजी से विकल्प विकसित हो रहे हों।
  • कचरा उत्पादन पर्यावरण की अवशोषण क्षमता के भीतर रहना चाहिए।
  • इसलिए मृदा, जल और वायु को नष्ट करने वाली वृद्धि इस ढांचे में विकास है ही नहीं।

संधारणीयता की रणनीतियां

  • सौर और पवन जैसी गैर-परंपरागत ऊर्जा प्रदूषणकारी जीवाश्म ईंधन का स्थान लेती है।
  • पहाड़ी धाराओं पर लघु जल विद्युत संयंत्र बड़े बांध और विस्थापन बिना स्थानीय स्तर पर विद्युत देते हैं।
  • ग्रामीण घरों में द्रवित पेट्रोलियम गैस और बेहतर चूल्हा भीतरी धुआं और ईंधन लकड़ी का उपयोग घटाते हैं।
  • नगरीय परिवहन में संपीडित प्राकृतिक गैस वाहन उत्सर्जन घटाती है।
  • जैव कंपोस्ट और जैविक कृषि मृदा स्वास्थ्य लौटाते हैं और रासायनिक बहाव घटाते हैं।
  • जैव कीट नियंत्रण रसायनों के बजाय प्राकृतिक परभक्षी और पादप आधारित कीटनाशक अपनाता है।
  • पारंपरिक ज्ञान, पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन और वनरोपण इन सभी को सहारा देते हैं।
  • सार्वजनिक परिवहन, ऊर्जा दक्ष भवन और कचरे का पृथक्करण नगरीय दबाव घटाते हैं।
  • प्रदूषक भुगतान सिद्धांत प्रदूषण की लागत उसी पर डालता है जो उसे पैदा करता है।
  • समुदाय द्वारा प्रबंधित वन, चरागाह और जलाशय प्रायः खुली पहुंच से बेहतर रक्षा करते हैं।
  • प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन राष्ट्रीय सीमाएं पार करते हैं, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग आवश्यक है।
रणनीतिकिसका स्थान लेती है
सौर और पवन विद्युतजीवाश्म ईंधन से उत्पादन
लघु जल विद्युतविस्थापन वाले बड़े बांध
बेहतर चूल्हा और LPGधुआं देने वाली लकड़ी की रसोई
जैविक कृषिभारी रासायनिक उर्वरक उपयोग

संधारणीय विकास — वह विकास जो वर्तमान आवश्यकताएं पूरी करे और भावी पीढ़ियों की क्षमता कम न करे।

Exam me kaise aata hai

  • वर्तमान और भावी पीढ़ियों के बीच न्याय कहलाता है — अंतर-पीढ़ीगत समता
  • पहाड़ी धाराओं पर छोटे विद्युत संयंत्र कहलाते हैं — लघु जल विद्युत संयंत्र
  • कीटों के विरुद्ध प्राकृतिक परभक्षी का उपयोग — जैव कीट नियंत्रण
  • नवीकरणीय संसाधन किसके भीतर प्रयुक्त होने चाहिए — पुनर्जनन दर

UPSC/State PSC ke liye

  • संधारणीयता आगे सौंपी गई प्राकृतिक पूंजी के भंडार से मापी जाती है, किसी एक वर्ष की आय के प्रवाह से नहीं।
  • पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में लघु जल विद्युत और विकेंद्रित सौर इसलिए महत्वपूर्ण हैं कि वहां ग्रिड बढ़ाने की लागत स्थानीय उत्पादन से कहीं अधिक पड़ती है।

Yahan confuse hote hain

संधारणीय विकास का अर्थ वृद्धि रोकना है | इसका अर्थ ऐसी वृद्धि है जो भावी क्षमता कम न करे  |  

यह केवल पर्यावरण से जुड़ा है | यह वृद्धि, वर्तमान समता और भावी न्याय तीनों जोड़ता है  |  

नवीकरणीय संसाधन बिना सीमा प्रयोग हो सकते हैं | इन्हें पुनर्जनन दर के भीतर ही प्रयोग करना चाहिए  |  

Ek nazar me

  • संधारणीय विकास भावी पीढ़ियों की क्षमता की रक्षा करता है।
  • यह अंतर-पीढ़ीगत समता और प्राकृतिक पूंजी बनाए रखने पर टिका है।
  • नवीकरणीय पुनर्जनन के भीतर; कचरा अवशोषण क्षमता के भीतर।
  • रणनीतियां: सौर और पवन, लघु जल विद्युत, LPG और बेहतर चूल्हा, जैविक कृषि।

Checking your account…

Create a free ExamAtlas account to read the full study material.