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कर और सरकारी राजस्व

Taxes and Government Revenue

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NCERT कक्षा 12 • Introductory Macroeconomics • अध्याय "Government Budget and the Economy"

कर और सरकारी राजस्व

कर सरकार को किया जाने वाला अनिवार्य भुगतान है, जिसके बदले भुगतानकर्ता को कोई सीधी सेवा नहीं मिलती। कर सरकारी राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत हैं और नीति का साधन भी, क्योंकि कर बढ़ाना या घटाना राजस्व के साथ व्यवहार भी बदल देता है।

प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर

  • प्रत्यक्ष कर वही व्यक्ति चुकाता है जिस पर वह लगाया गया है, इसलिए उसका भार किसी और पर नहीं डाला जा सकता।
  • उदाहरणों में आयकर, निगम कर तथा संपत्ति या पूंजीगत लाभ पर कर आते हैं।
  • अप्रत्यक्ष कर एक व्यक्ति पर लगता है पर उसका भार दूसरे पर, प्रायः अंतिम उपभोक्ता पर, डाल दिया जाता है।
  • उदाहरणों में वस्तु एवं सेवा कर, सीमा शुल्क और उत्पाद शुल्क आते हैं।
  • वस्तु एवं सेवा कर ने अनेक अलग-अलग अप्रत्यक्ष करों के स्थान पर वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एक ही कर ला दिया।
  • प्रत्यक्ष कर प्रगतिशील बनाए जा सकते हैं, जिससे असमानता घटती है; अप्रत्यक्ष कर धनी और निर्धन पर समान पड़ते हैं और प्रतिगामी हो सकते हैं।
  • प्रगतिशील प्रणाली आय बढ़ने पर ऊंची दर लेती है, आनुपातिक प्रणाली समान दर लेती है, और प्रतिगामी प्रणाली ऊंची आय से कम दर लेती है।

गैर-कर राजस्व और कर संबंधी मुद्दे

  • गैर-कर राजस्व में दिए गए ऋणों पर ब्याज, सार्वजनिक उपक्रमों से लाभांश, शुल्क, जुर्माने, लाइसेंस प्रभार और अनुदान आते हैं।
  • शुल्क किसी विशेष सेवा के लिए लिया जाता है, कर के विपरीत, जिसके बदले कोई सीधी सेवा नहीं मिलती।
  • कर अपवंचन अवैध रूप से कर न चुकाना है; कर परिहार विधिक खामियों से देयता घटाना है।
  • अच्छी कर प्रणाली संग्रहण में समता, निश्चितता, सुविधा और मितव्ययिता का लक्ष्य रखती है।
  • दर बढ़ाने से बेहतर कर आधार चौड़ा करना माना जाता है, क्योंकि बहुत ऊंची दरें अपवंचन को बढ़ावा देती हैं।
  • कर हानिकारक उपभोग को हतोत्साहित करने तथा बचत और निवेश को प्रोत्साहित करने में भी प्रयुक्त होते हैं।
लक्षणप्रत्यक्ष करअप्रत्यक्ष कर
भारहस्तांतरित नहीं हो सकताउपभोक्ता पर डाला जाता है
उदाहरणआयकर, निगम करGST, सीमा शुल्क
समानता पर प्रभावप्रगतिशील हो सकता हैप्रायः प्रतिगामी
संग्रहणकरदाता से सीधेविक्रेता के माध्यम से

प्रगतिशील कर — वह कर जिसकी दर करदाता की आय या आधार बढ़ने पर बढ़ती जाती है।

Exam me kaise aata hai

  • आयकर क्या है — प्रत्यक्ष कर
  • वस्तु एवं सेवा कर क्या है — अप्रत्यक्ष कर
  • आय बढ़ने पर जिसकी दर बढ़े वह कर — प्रगतिशील
  • विधिक खामियों से कर घटाना कहलाता है — कर परिहार

UPSC/State PSC ke liye

  • अप्रत्यक्ष कर प्रभाव में प्रतिगामी हैं क्योंकि समान दर निर्धन परिवार की आय का बड़ा हिस्सा और धनी की आय का छोटा हिस्सा लेती है।
  • कुल राजस्व में अप्रत्यक्ष कर का बड़ा हिस्सा प्रायः संकीर्ण प्रत्यक्ष कर आधार का संकेत है, नीतिगत वरीयता का नहीं।

Yahan confuse hote hain

✗ अप्रत्यक्ष कर केवल विक्रेता चुकाता है | विक्रेता संग्रह करता है पर भार उपभोक्ता उठाता है  |  ✓

✗ कर अपवंचन और कर परिहार एक ही हैं | अपवंचन अवैध है; परिहार विधिक खामियों का उपयोग है  |  ✓

✗ शुल्क भी एक प्रकार का कर है | शुल्क के बदले विशेष सेवा मिलती है; कर के बदले नहीं  |  ✓

Ek nazar me

  • प्रत्यक्ष कर का भार हस्तांतरित नहीं होता; अप्रत्यक्ष कर का होता है।
  • GST ने अनेक अलग अप्रत्यक्ष करों का स्थान लिया।
  • प्रगतिशील, आनुपातिक और प्रतिगामी दरों का आय से संबंध बताते हैं।
  • गैर-कर राजस्व में ब्याज, लाभांश, शुल्क और जुर्माने आते हैं।

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