प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
NCERT कक्षा 10 • Contemporary India II • अध्याय "Resources and Development" | NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Natural Resources"
प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार
संसाधन वह है जो पर्यावरण में किसी मानवीय आवश्यकता की पूर्ति में काम आ सके और जो तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य तथा सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो। कोई वस्तु स्वयं संसाधन नहीं होती; वह तब बनती है जब लोग उसका उपयोग करने का ढंग खोज लें।
संसाधनों का वर्गीकरण
- उत्पत्ति के आधार पर संसाधन जैविक हैं, जो जीवों से आते हैं, और अजैविक, जो निर्जीव वस्तुओं से।
- समाप्यता के आधार पर संसाधन नवीकरणीय हैं, जो फिर भरे जा सकते हैं, और अनवीकरणीय, जिन्हें बनने में लाखों वर्ष लगते हैं।
- नवीकरणीय संसाधनों में सौर ऊर्जा, पवन, जल, वन और वन्य जीवन आते हैं।
- अनवीकरणीय संसाधनों में कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और अधिकांश खनिज आते हैं।
- नवीकरणीय संसाधन भी समाप्त हो सकता है यदि उसे पुनर्जनन से तेज उपयोग किया जाए, जैसे भूजल और वन में होता है।
- स्वामित्व के आधार पर संसाधन व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हैं।
- विकास के आधार पर संभाव्य संसाधन उपस्थित पर अभी अप्रयुक्त है, जबकि विकसित संसाधन पहले से उपयोग में है।
संसाधन नियोजन और संधारणीय उपयोग
- संसाधन नियोजन इसलिए महत्वपूर्ण है कि संसाधन देश भर में बहुत असमान रूप से बंटे हैं।
- कुछ राज्य खनिजों में समृद्ध पर जल में निर्धन हैं; कुछ के पास उपजाऊ मृदा है पर खनिज आधार नहीं।
- नियोजन में संसाधनों की पहचान, उनके उपयोग की तकनीक और संस्थाएं बनाना, तथा संसाधन उपयोग को विकास योजनाओं से जोड़ना आता है।
- अनियोजित उपयोग ने ह्रास, कचरे का संचय तथा भूमि और जल का क्षरण पैदा किया है।
- संधारणीय उपयोग का अर्थ है वर्तमान आवश्यकताएं पूरी करना और भावी पीढ़ियों की क्षमता कम न करना।
- कम करो, फिर उपयोग करो और पुनर्चक्रण करो इस सिद्धांत का व्यावहारिक दैनिक रूप है।
- 1992 के रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन और एजेंडा 21 ने संधारणीय संसाधन उपयोग को वैश्विक नीति के केंद्र में रखा।
| आधार | श्रेणियां | उदाहरण |
|---|---|---|
| उत्पत्ति | जैविक, अजैविक | वन, खनिज |
| समाप्यता | नवीकरणीय, अनवीकरणीय | सौर ऊर्जा, कोयला |
| स्वामित्व | व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय | खेत, गांव का तालाब, खनिज |
| विकास | संभाव्य, विकसित | अप्रयुक्त पवन स्थल, चालू खान |
संभाव्य संसाधन — वह संसाधन जो किसी क्षेत्र में विद्यमान है पर अभी उपयोग में नहीं लाया गया।
Exam me kaise aata hai
- कोयला और पेट्रोलियम किस प्रकार के संसाधन हैं — अनवीकरणीय
- उपस्थित पर अप्रयुक्त संसाधन कहलाता है — संभाव्य
- जीवों से मिलने वाले संसाधन कहलाते हैं — जैविक
- संधारणीय उपयोग किसकी क्षमता की रक्षा करता है — भावी पीढ़ियों
UPSC/State PSC ke liye
- नवीकरणीय संसाधन केवल किसी दी गई उपयोग दर पर ही नवीकरणीय है; पुनर्भरण से तेज निकाला गया भूजल ठीक अनवीकरणीय जैसा व्यवहार करता है।
- तकनीक बदलती है कि क्या संसाधन गिना जाएगा, इसीलिए वही भूमि या खनिज एक काल में मूल्यहीन और अगले में मूल्यवान हो जाता है।
Yahan confuse hote hain
✗ नवीकरणीय संसाधन कभी समाप्त नहीं हो सकते | पुनर्जनन से तेज उपयोग करने पर वे भी समाप्त हो सकते हैं | ✓
✗ प्रकृति की हर वस्तु संसाधन है | वह तभी संसाधन बनती है जब उसका उपयोग हो सके | ✓
✗ संभाव्य और विकसित संसाधन एक ही हैं | संभाव्य अभी अप्रयुक्त; विकसित पहले से उपयोग में है | ✓
Ek nazar me
- संसाधन वह है जो किसी मानवीय आवश्यकता की पूर्ति में काम आ सके।
- वर्गीकरण उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व और विकास के आधार पर।
- नवीकरणीय संसाधन भी अति उपयोग से समाप्त हो सकते हैं।
- संधारणीय उपयोग भावी पीढ़ियों की क्षमता की रक्षा करता है।
