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प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT कक्षा 10 • Contemporary India II • अध्याय "Resources and Development" | NCERT कक्षा 9 • Science • अध्याय "Natural Resources"

प्राकृतिक संसाधनों के प्रकार

संसाधन वह है जो पर्यावरण में किसी मानवीय आवश्यकता की पूर्ति में काम आ सके और जो तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से व्यवहार्य तथा सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हो। कोई वस्तु स्वयं संसाधन नहीं होती; वह तब बनती है जब लोग उसका उपयोग करने का ढंग खोज लें।

संसाधनों का वर्गीकरण

  • उत्पत्ति के आधार पर संसाधन जैविक हैं, जो जीवों से आते हैं, और अजैविक, जो निर्जीव वस्तुओं से।
  • समाप्यता के आधार पर संसाधन नवीकरणीय हैं, जो फिर भरे जा सकते हैं, और अनवीकरणीय, जिन्हें बनने में लाखों वर्ष लगते हैं।
  • नवीकरणीय संसाधनों में सौर ऊर्जा, पवन, जल, वन और वन्य जीवन आते हैं।
  • अनवीकरणीय संसाधनों में कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और अधिकांश खनिज आते हैं।
  • नवीकरणीय संसाधन भी समाप्त हो सकता है यदि उसे पुनर्जनन से तेज उपयोग किया जाए, जैसे भूजल और वन में होता है।
  • स्वामित्व के आधार पर संसाधन व्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय हैं।
  • विकास के आधार पर संभाव्य संसाधन उपस्थित पर अभी अप्रयुक्त है, जबकि विकसित संसाधन पहले से उपयोग में है।

संसाधन नियोजन और संधारणीय उपयोग

  • संसाधन नियोजन इसलिए महत्वपूर्ण है कि संसाधन देश भर में बहुत असमान रूप से बंटे हैं।
  • कुछ राज्य खनिजों में समृद्ध पर जल में निर्धन हैं; कुछ के पास उपजाऊ मृदा है पर खनिज आधार नहीं।
  • नियोजन में संसाधनों की पहचान, उनके उपयोग की तकनीक और संस्थाएं बनाना, तथा संसाधन उपयोग को विकास योजनाओं से जोड़ना आता है।
  • अनियोजित उपयोग ने ह्रास, कचरे का संचय तथा भूमि और जल का क्षरण पैदा किया है।
  • संधारणीय उपयोग का अर्थ है वर्तमान आवश्यकताएं पूरी करना और भावी पीढ़ियों की क्षमता कम न करना।
  • कम करो, फिर उपयोग करो और पुनर्चक्रण करो इस सिद्धांत का व्यावहारिक दैनिक रूप है।
  • 1992 के रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन और एजेंडा 21 ने संधारणीय संसाधन उपयोग को वैश्विक नीति के केंद्र में रखा।
आधारश्रेणियांउदाहरण
उत्पत्तिजैविक, अजैविकवन, खनिज
समाप्यतानवीकरणीय, अनवीकरणीयसौर ऊर्जा, कोयला
स्वामित्वव्यक्तिगत, सामुदायिक, राष्ट्रीयखेत, गांव का तालाब, खनिज
विकाससंभाव्य, विकसितअप्रयुक्त पवन स्थल, चालू खान

संभाव्य संसाधन — वह संसाधन जो किसी क्षेत्र में विद्यमान है पर अभी उपयोग में नहीं लाया गया।

Exam me kaise aata hai

  • कोयला और पेट्रोलियम किस प्रकार के संसाधन हैं — अनवीकरणीय
  • उपस्थित पर अप्रयुक्त संसाधन कहलाता है — संभाव्य
  • जीवों से मिलने वाले संसाधन कहलाते हैं — जैविक
  • संधारणीय उपयोग किसकी क्षमता की रक्षा करता है — भावी पीढ़ियों

UPSC/State PSC ke liye

  • नवीकरणीय संसाधन केवल किसी दी गई उपयोग दर पर ही नवीकरणीय है; पुनर्भरण से तेज निकाला गया भूजल ठीक अनवीकरणीय जैसा व्यवहार करता है।
  • तकनीक बदलती है कि क्या संसाधन गिना जाएगा, इसीलिए वही भूमि या खनिज एक काल में मूल्यहीन और अगले में मूल्यवान हो जाता है।

Yahan confuse hote hain

नवीकरणीय संसाधन कभी समाप्त नहीं हो सकते | पुनर्जनन से तेज उपयोग करने पर वे भी समाप्त हो सकते हैं  |  

प्रकृति की हर वस्तु संसाधन है | वह तभी संसाधन बनती है जब उसका उपयोग हो सके  |  

संभाव्य और विकसित संसाधन एक ही हैं | संभाव्य अभी अप्रयुक्त; विकसित पहले से उपयोग में है  |  

Ek nazar me

  • संसाधन वह है जो किसी मानवीय आवश्यकता की पूर्ति में काम आ सके।
  • वर्गीकरण उत्पत्ति, समाप्यता, स्वामित्व और विकास के आधार पर।
  • नवीकरणीय संसाधन भी अति उपयोग से समाप्त हो सकते हैं।
  • संधारणीय उपयोग भावी पीढ़ियों की क्षमता की रक्षा करता है।

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