
BSSC इंटर लेवल सिलेबस 2026: Prelims के विषय, खंडवार
BSSC इंटर लेवल सिलेबस 2026: Prelims के विषय, खंडवार
BSSC इंटर लेवल Prelims का सिलेबस आधिकारिक अधिसूचना के डेढ़ पन्ने में खत्म हो जाता है। 600 अंक के पेपर के लिए यह असामान्य रूप से छोटा है, और सबसे पहले यही बात गंभीरता से लेनी चाहिए: कोई छिपा हुआ खंड नहीं है, कोई चौंकाने वाला पेपर नहीं है, और 700 पन्ने की गाइड खरीदने की कोई वजह नहीं है।
आगे वही सिलेबस है जो आयोग ने लिखा है, खंडवार, और साथ-साथ वे हिस्से भी जिन पर अधिकतर अभ्यर्थी गलती करते हैं। दो बातें खास तौर पर मायने रखती हैं। भूगोल वहाँ नहीं है जहाँ आप सोच रहे हैं, और गणित की सूची आपकी उम्मीद से पहले रुक जाती है।
पूरा ढाँचा एक तालिका में
तीनों एक ही पेपर के अंदर हैं जिसका नाम सामान्य ज्ञान है। 150 प्रश्न, 600 अंक, 2 घंटे 15 मिनट। BSSC ने खंडवार प्रश्न विभाजन जारी नहीं किया है, इसलिए हर खंड में 50 प्रश्न दिखाने वाली कोई भी तालिका किसी का अनुमान है, आयोग का आँकड़ा नहीं।
खंड क: सामान्य अध्ययन
अधिसूचना इसे दो हिस्सों में बाँटती है और शब्द इतने स्पष्ट हैं कि काम आ जाएँ।
हिस्सा 1: सम-सामयिक विषय
- वैज्ञानिक प्रगति
- राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार
- भारतीय भाषाएँ
- पुस्तक
- लिपि
- राजधानी
- मुद्रा
- खेल एवं खिलाड़ी
- महत्वपूर्ण घटनाएँ
ध्यान दीजिए कि इस सूची में क्या नहीं है: आर्थिक संकेतक, बजट के आँकड़े, समिति की रिपोर्ट। यह वही स्थिर किस्म का करेंट अफेयर्स है जो राज्य की लिपिक परीक्षाओं में आता है, PSC Prelims वाला विश्लेषणात्मक करेंट अफेयर्स नहीं। पुरस्कार, खेल और पुस्तकें यहाँ असली वजन रखते हैं।
हिस्सा 2: भारत और उसके पड़ोसी देश
- पड़ोसी देशों का इतिहास
- भारत का इतिहास
- संस्कृति
- भूगोल
- आर्थिक परिदृश्य
- स्वतंत्रता आंदोलन
- भारतीय कृषि तथा प्राकृतिक संसाधनों की प्रमुख विशेषताएँ
- भारत का संविधान एवं राज्य व्यवस्था
- देश की राजनीतिक प्रणाली
- पंचायती राज
- सामुदायिक विकास
- पंचवर्षीय योजना
- राष्ट्रीय आंदोलन में बिहार का योगदान
आखिरी पंक्ति आधिकारिक सिलेबस में लिखी हुई है, और अधिसूचना अलग से कहती है कि बिहार, भारत और इसके पड़ोसी देशों के संबंध में विशेष रूप से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस परीक्षा में बिहार का weightage कोचिंग की अफवाह नहीं है। यह लिखित नीति है।
पंचायती राज पर एक और वजह से ध्यान चाहिए। इस भर्ती का सबसे बड़ा एकल खंड, 8,298 निम्नवर्गीय लिपिक पद, पंचायती राज विभाग में है, और पंचायत सचिव के 3,532 पद अलग से। जो विषय सिलेबस में भी हो और नौकरी के काम में भी, वह पूछा जाता है।
सामान्य अध्ययन के लिए क्या पढ़ें
NCERT कक्षा 6 से 10 का इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल हिस्सा 2 का अधिकांश हिस्सा ढक देता है। बिहार वाली सामग्री के लिए किसी राज्य GK बुकलेट के बजाय बिहार बोर्ड की कक्षा 9 और 10 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक पढ़िए, क्योंकि ओपन बुक नियम में हॉल के अंदर सिर्फ़ बोर्ड की पाठ्यपुस्तक ही ले जा सकते हैं। जो गाइड आप ले ही नहीं जा सकते, उसका मूल्य सीमित है।
खंड ख: सामान्य विज्ञान एवं गणित
अधिसूचना कहती है कि इस खंड में सामान्यतः मैट्रिक स्तर के विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसे शब्दशः लीजिए।
सामान्य विज्ञान
- भौतिक शास्त्र
- रसायन शास्त्र
- जीव विज्ञान
- भूगोल
यह सूची दोबारा पढ़िए। भूगोल विज्ञान खंड के अंदर है, सामान्य अध्ययन में नहीं। यह असामान्य है और ठीक वही बारीकी है जो परीक्षा वाले दिन आपका समय खा जाती है, अगर आपने गलत खंड के लिए गलत किताब पैक कर ली हो। या तो आपकी विज्ञान की किताब में भूगोल भी हो, या आपको पहले से तय करना होगा कि भूगोल के प्रश्न किस किताब से देखेंगे।
गणित
- संख्या पद्धति
- पूर्ण संख्याओं का अभिकलन
- दशमलव और भिन्न
- संख्याओं के बीच परस्पर संबंध
- मूलभूत अंकगणितीय संक्रियाएँ
- प्रतिशत
- अनुपात तथा समानुपात
- औसत
- ब्याज
- लाभ और हानि
सूची यहीं खत्म। न बीजगणित, न ज्यामिति, न त्रिकोणमिति, न क्षेत्रमिति, न डेटा इंटरप्रिटेशन। अगर आप SSC CGL की quantitative aptitude की किताब से तैयारी कर रहे हैं तो ज़रूरत से लगभग दोगुना सिलेबस पढ़ रहे हैं, और जो आधा अतिरिक्त है वह पूछा ही नहीं जाएगा।
दस विषय, सब अंकगणित, सब कक्षा 8 से 10 के स्तर के। यहाँ लगाया गया समय पूरे पेपर में सबसे तेज़ी से अंकों में बदलता है, क्योंकि विषय सूची सीमित है और प्रश्नों के प्रकार दोहराए जाते हैं।
खंड ग: मानसिक क्षमता जाँच
आधिकारिक विवरण कहता है कि इसमें शाब्दिक और गैर-शाब्दिक दोनों प्रकार के प्रश्न पूछे जा सकते हैं, और ये विषय गिनाता है:
- सादृश्य
- समानता एवं भिन्नता
- स्थान कल्पना
- समस्या समाधान
- विश्लेषण
- दृश्य स्मृति
- विभेद
- अवलोकन
- संबंध अवधारणा
- अंक गणितीय तर्कशक्ति
- अंक गणितीय संख्या श्रृंखला
- कूट लेखन एवं कूट व्याख्या
अब वह व्यावहारिक बात जो कोई नहीं कहता। यही एक खंड है जहाँ आपकी तीन किताबें काम नहीं आएँगी। रीजनिंग के प्रश्न हल किए जाते हैं, देखे नहीं जाते। जिस पेपर में बाकी दो खंडों के लिए किताब ले जाने की छूट है, वहाँ रीजनिंग व्यावहारिक रूप से क्लोज़ बुक है, और इससे चुपचाप उसका महत्व बढ़ जाता है।
स्थान कल्पना और दृश्य स्मृति दोनों गैर-शाब्दिक आकृति वाले प्रश्नों की ओर इशारा करते हैं, इसलिए मिरर इमेज, आकृति श्रृंखला और कागज़ मोड़ने वाले प्रश्न यह मानकर मत छोड़िए कि लिपिक परीक्षा शाब्दिक ही रहेगी।
ओपन बुक नियम पढ़ाई का तरीका कैसे बदलता है
आप हॉल में तीन पाठ्यपुस्तकें ले जा सकते हैं, हर खंड के लिए एक, और केवल NCERT, BSEB, ICSE तथा अन्य बोर्ड की पाठ्यपुस्तकें मान्य हैं। यह एक नियम आपकी पूरी तैयारी का ढाँचा बदल देना चाहिए।
135 मिनट में 150 प्रश्न यानी प्रति प्रश्न लगभग 54 सेकंड। कुछ खोजने में 40 से 60 सेकंड लगते हैं अगर पन्ना पता हो, और दो से तीन मिनट अगर पता न हो। यानी किताब उन चार-पाँच तथ्यों के लिए सुरक्षा जाल है जो ऐन वक्त पर दिमाग से निकल जाते हैं, विषय जानने का विकल्प नहीं।
असल में फायदा index बनाने से होता है। अपनी सामान्य अध्ययन की किताब लीजिए, हर अध्याय का विषय और पृष्ठ संख्या अपने हाथ से अंदर के कवर पर लिखिए, और हर अभ्यास में उसी index का इस्तेमाल कीजिए। दो महीने मॉक देने के बाद आप बिना सोचे सही पन्ने तक पहुँचने लगेंगे। परीक्षा यही कौशल जाँच रही है।
अपनी किताबें अभी चुन लीजिए और बदलना बंद कीजिए। क्या मान्य है और किस चीज़ से उम्मीदवारी रद्द होती है, यह पूरा नियम ओपन बुक परीक्षा पेज पर है।
Mains का सिलेबस क्या है?
वह जारी ही नहीं हुआ। अधिसूचना कहती है कि मुख्य परीक्षा के लिए अलग से विज्ञापन प्रकाशित किया जाएगा, और 02/23(A) दस्तावेज़ में Mains का कोई सिलेबस नहीं है।
आपको ऐसे पेज मिलेंगे जो Mains में हिंदी का अलग पेपर और पूरा Mains ढाँचा गिना देते हैं। जब तक Mains का विज्ञापन न आए, उन्हें असत्यापित मानिए। Prelims अभी हुआ ही नहीं, इसलिए अभी आपका समय Mains की योजना में लगाने की जगह नहीं है।
इस सिलेबस के हिसाब से पढ़ाई का क्रम
यह मानकर चल रहे हैं कि आपकी बोर्ड स्तर की बुनियाद ठीक है। अगर नहीं है तो दो महीने और जोड़ लीजिए।
ExamAtlas पर इसी तीन-खंड पैटर्न और +4, -1 मार्किंग पर बने मुफ़्त द्विभाषी BSSC इंटर लेवल मॉक टेस्ट हैं, और हर attempt के बाद का विश्लेषण बताता है कि कौन सा खंड आपका समय खा रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BSSC इंटर लेवल Prelims का सिलेबस क्या है?
सामान्य ज्ञान नाम का एक पेपर जिसमें तीन खंड हैं: सामान्य अध्ययन, मैट्रिक स्तर का सामान्य विज्ञान एवं गणित, तथा शाब्दिक और गैर-शाब्दिक दोनों को समेटती मानसिक क्षमता जाँच।
हर खंड से कितने प्रश्न आते हैं?
BSSC ने खंडवार विभाजन घोषित नहीं किया है। अधिसूचना में सिर्फ़ 150 प्रश्न और 600 अंक का कुल योग पक्का है।
क्या BSSC इंटर लेवल में बीजगणित या ज्यामिति आती है?
नहीं। आधिकारिक गणित सूची में संख्या पद्धति, पूर्ण संख्याओं का अभिकलन, दशमलव और भिन्न, संख्याओं के बीच संबंध, मूलभूत अंकगणितीय संक्रियाएँ, प्रतिशत, अनुपात-समानुपात, औसत, ब्याज तथा लाभ-हानि हैं। बीजगणित, ज्यामिति और त्रिकोणमिति सूची में नहीं हैं।
भूगोल सामान्य अध्ययन में है या विज्ञान में?
दोनों में, अलग-अलग तरह से। भूगोल खंड ख के सामान्य विज्ञान हिस्से में सूचीबद्ध है, और भारत का भूगोल सामान्य अध्ययन के "भारत और उसके पड़ोसी देश" हिस्से में भी आता है।
सिलेबस में बिहार का कितना हिस्सा है?
सिलेबस स्पष्ट रूप से राष्ट्रीय आंदोलन में बिहार का योगदान नाम से एक विषय रखता है, और अधिसूचना जोड़ती है कि बिहार के संबंध में विशेष रूप से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। पंचायती राज और सामुदायिक विकास भी सूचीबद्ध हैं।
क्या Mains का सिलेबस जारी हुआ है?
नहीं। अधिसूचना कहती है कि मुख्य परीक्षा के लिए अलग विज्ञापन निकलेगा, और विज्ञापन 02/23(A) में Mains का सिलेबस शामिल नहीं है।
आखिरी बात
छोटे सिलेबस के साथ यह मान लेने का लालच होता है कि पेपर आसान होगा। नहीं होगा। 26,426 पदों पर लाखों आवेदन आने से कट-ऑफ इस बात से तय होगी कि आप कितने तेज़ और सटीक हैं, इससे नहीं कि आपने कितना पढ़ा।
जो इसे निकालेंगे वे वही होंगे जिन्होंने गणित के दस विषय ठीक से खत्म किए, रीजनिंग को क्लोज़ बुक खंड माना, और इंतज़ार के महीनों में अपनी तीन किताबों को इतना जान लिया कि कोई भी पन्ना तीस सेकंड में खुल जाए। यह काम दिखने से छोटा है, और यही अच्छी खबर है, बशर्ते आज से शुरू करें।
इस भर्ती की हर जानकारी एक जगह: BSSC इंटर लेवल की पूरी गाइड।
