BSSC Inter Level Open Book Exam: Rules, Allowed Books and Strategy
बीएसएससी

BSSC इंटर लेवल ओपन बुक परीक्षा: नियम, मान्य किताबें और रणनीति

By ExamAtlas · Published: 14 Sept 2026

BSSC इंटर लेवल ओपन बुक परीक्षा: नियम, मान्य किताबें और रणनीति

BSSC इंटर लेवल की Prelims पुस्तक सहित होती है। आप हॉल में तीन पाठ्यपुस्तकें लेकर जाते हैं, और पेपर के दौरान उन्हें देख सकते हैं। भारत की शायद ही कोई दूसरी सरकारी भर्ती इस तरह होती है, और इस परीक्षा की सबसे ज़्यादा गलत समझी जाने वाली बात यही है।

गलतफहमी दोनों तरफ है। कुछ अभ्यर्थी "open book" सुनकर तैयारी आधी कर देते हैं। कुछ मान लेते हैं कि इसमें ज़रूर कोई पेच होगा और प्रावधान को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। दोनों अंक गँवाते हैं। यह पेज नियम वैसे ही रखता है जैसे अधिसूचना में है, फिर बताता है कि तैयारी के लिए इसका असल मतलब क्या है।

नियम, जैसा लिखा है

बिहार कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा संचालन नियमावली 2010 की कंडिका 12 के आलोक में प्रारंभिक परीक्षा पुस्तक सहित ली जाएगी। अभ्यर्थी अपने साथ तीन पुस्तकें ले जा सकते हैं, यानी प्रत्येक खंड के लिए एक ही पुस्तक:

  • सामान्य अध्ययन खंड के लिए एक पुस्तक
  • गणित खंड के लिए एक पुस्तक
  • सामान्य विज्ञान खंड के लिए एक पुस्तक

तीसरी वाली पर ध्यान दीजिए। पुस्तक सामान्य विज्ञान के लिए है, और सिलेबस भूगोल को इसी खंड में रखता है। योजना उसी हिसाब से बनाइए।

कौन सी किताबें मान्य हैं

मान्यमान्य नहीं
NCERT की पाठ्यपुस्तकेंकोई भी गाइड या प्रतियोगिता की किताब
BSEB (बिहार बोर्ड) की पाठ्यपुस्तकेंकिसी भी किताब की फोटोकॉपी
ICSE की पाठ्यपुस्तकेंकिसी भी तरह का हस्तलिखित कागज़
अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड की पाठ्यपुस्तकेंनोट्स, छपे हुए या हाथ के
किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण

अधिसूचना जो शब्द इस्तेमाल करती है वह है Text Book। लूसेंट, अरिहंत, कोचिंग का मॉड्यूल या कोई प्रिंटआउट पाठ्यपुस्तक नहीं है, और इनमें से कोई वीक्षक के आगे नहीं टिकेगा। NCERT के किसी अध्याय की फोटोकॉपी भी नहीं, भले ही असली NCERT मान्य हो।

वे नियम जिन्हें तोड़ने पर उम्मीदवारी रद्द होती है

  • जो भी किताब ले जा रहे हैं, उस पर अपना नाम और रोल नंबर अवश्य लिखें।
  • नाम और रोल नंबर के अलावा किताब में कुछ भी लिखा नहीं होना चाहिए। हाशिये पर कोई नोट नहीं, अंदर के कवर पर कोई सूत्र नहीं, कलम से जोड़ा गया कोई पृष्ठ संदर्भ नहीं।
  • परीक्षा के दौरान किसी दूसरे अभ्यर्थी से किताब का आदान-प्रदान पूरी तरह वर्जित है।
  • नाम और रोल नंबर के अलावा कुछ भी लिखा पाया गया, या पाठ्यपुस्तक से अलग सामग्री ले गए, तो उम्मीदवारी रद्द करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई होगी।

दूसरे नियम पर ज़ोर देना ज़रूरी है क्योंकि यह उस आसान तरकीब को खत्म कर देता है जो सबके दिमाग में आती है। आप अंदर के कवर पर अपना index नहीं बना सकते। "प्रतिशत, पृष्ठ 84" पेंसिल से भी नहीं लिख सकते। किताब बिल्कुल साफ जानी चाहिए।

ओपन बुक का मतलब आसान नहीं है

गणित कीजिए। पेपर में 150 प्रश्न हैं और 135 मिनट। यानी प्रति प्रश्न 54 सेकंड, जिसमें प्रश्न पढ़ना, उत्तर तय करना और अंकित करना, सब शामिल है।

स्थितिलगने वाला समय
उत्तर आता है20 से 30 सेकंड
पन्ना ठीक-ठीक पता है40 से 60 सेकंड
अध्याय पता है, पन्ना नहीं2 से 3 मिनट
किताब में खोज रहे हैंप्रश्न गया

तीसरी पंक्ति देखिए। दो ऐसी lookup जिनमें पन्ना पता नहीं, आपके पाँच प्रश्नों जितना समय ले जाती हैं। बीस अंक गए, चार पाने के लिए। किताब तभी फायदा देती है जब आपको पहले से पता हो कि उत्तर कहाँ रहता है।

एक बात और जो लोग छोड़ देते हैं। मानसिक क्षमता वाले खंड में कुछ देखा ही नहीं जा सकता। रीजनिंग के प्रश्न हल किए जाते हैं, खोजे नहीं जाते, यानी आपके पेपर का एक तिहाई हिस्सा चाहे जो किताब ले जाएँ, व्यावहारिक रूप से क्लोज़ बुक ही है। इससे चुपचाप रीजनिंग पूरे पेपर का सबसे कीमती खंड बन जाता है।

अपनी तीन किताबें कैसे चुनें

ऐसी किताबें चुनिए जो पूरी तैयारी भर साथ रहेंगी। आखिरी महीने में किताब बदल देना इस नियम से मिलने वाला इकलौता फायदा फेंक देता है।

सामान्य अध्ययन के लिए

कक्षा 6 से 10 तक की NCERT इतिहास, नागरिक शास्त्र और भूगोल "भारत और उसके पड़ोसी देश" वाले हिस्से का अधिकांश ढक देती है। चूँकि केवल एक किताब ले जा सकते हैं, वही चुनिए जो आपके सबसे कमज़ोर हिस्से को सबसे ज़्यादा ढके, और बिहार वाली सामग्री के लिए बिहार बोर्ड कक्षा 9 और 10 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक बेहतर है। याद रखिए कि सिलेबस में राष्ट्रीय आंदोलन में बिहार का योगदान नाम से विषय लिखा हुआ है।

गणित के लिए

गणित का सिलेबस अंकगणित पर रुक जाता है: संख्या पद्धति, पूर्ण संख्याओं का अभिकलन, दशमलव और भिन्न, संख्याओं के बीच संबंध, मूलभूत अंकगणितीय संक्रियाएँ, प्रतिशत, अनुपात-समानुपात, औसत, ब्याज और लाभ-हानि। कक्षा 8 से 10 की NCERT या BSEB की गणित की पुस्तक यह सब ढक लेती है।

इस पर ईमानदार सलाह। गणित वही खंड है जहाँ किताब सबसे कम काम आती है, क्योंकि सूत्र याद करना जल्दी हो जाता है और हल किया हुआ उदाहरण घड़ी के नीचे खोजकर उस पर ढालना बहुत समय ले लेता है। किताब ले जाइए, पर मानकर चलिए कि इस्तेमाल नहीं करेंगे।

सामान्य विज्ञान के लिए

भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और भूगोल, सब मैट्रिक स्तर पर। तीनों में यह चुनाव सबसे कठिन है, क्योंकि कक्षा 10 की अकेली विज्ञान की पुस्तक में भूगोल नहीं होगा। पहले से तय कीजिए कि भूगोल के प्रश्न विज्ञान की किताब से देखेंगे या सामान्य अध्ययन वाली से, और वह जोड़ा चुनिए जिसमें कोई खाली जगह न बचे।

ओपन बुक पेपर की तैयारी कैसे करें

यह एक कौशल है, और बाकी कौशलों की तरह अभ्यास से बनता है।

Index दिमाग में बनाइए, किताब में नहीं। कवर के अंदर लिख नहीं सकते, इसलिए घर पर अलग index शीट बनाइए जिसमें विषय के सामने पृष्ठ संख्या हो। पढ़ते समय उसी का इस्तेमाल कीजिए। उसे दोहराइए। परीक्षा वाले दिन तक पृष्ठ संख्याएँ बिना शीट के याद आनी चाहिए, क्योंकि शीट साथ नहीं जा सकती।

lookup का बजट तय कीजिए। पूरे पेपर में आठ से दस, इससे ज़्यादा नहीं। सीमा बैठने से पहले तय कीजिए और गिनते चलिए। जो सीमा तय नहीं करते उन्हें आखिरी बीस मिनट में पता चलता है कि तीस प्रश्न पढ़े ही नहीं गए।

तभी देखिए जब दो विकल्प पर आ चुके हों। अगर आपने दो विकल्प हटा दिए हैं तो किताब सिक्के के उछाल को चार अंकों में बदल देती है। अगर चारों विकल्पों पर कोई अंदाज़ा ही नहीं, तो वह lookup नहीं खोज है, और खोज हमेशा हारती है।

असली किताबों से अभ्यास कीजिए। PDF से नहीं, किसी दूसरे संस्करण से नहीं। आपकी अपनी प्रति, वही जो साथ ले जाएँगे, ताकि उँगलियाँ उसकी मोटाई और अध्यायों की जगह सीख लें।

ExamAtlas पर ठीक 150 प्रश्न और 135 मिनट के पैटर्न पर मुफ़्त द्विभाषी BSSC इंटर लेवल मॉक टेस्ट हैं। इन्हें अपनी तीनों किताबें बगल में खोलकर और lookup पर स्टॉपवॉच लगाकर दीजिए, क्योंकि अपनी असली सीमा पहचानने का यही एक तरीका है, वरना परीक्षा आपके लिए पहचान देगी।

परीक्षा वाले दिन क्या करें

  • घर से निकलने से पहले तीनों किताबों के कवर पर अपना नाम और रोल नंबर साफ लिख लीजिए।
  • हर पन्ना पलटकर देख लीजिए कि कोई पुराना नोट, हाशिये की लिखावट या खुला कागज़ अंदर न रह गया हो। दो साल पहले खींची गई एक लाइन भी परीक्षा ले जा सकती है।
  • प्रिंट किया हुआ एडमिट कार्ड और मूल फोटो पहचान पत्र साथ रखिए।
  • मोबाइल, स्मार्टवॉच और कैलकुलेटर बाहर छोड़िए। ये मना हैं।
  • अपनी किताब किसी को मत दीजिए, थोड़ी देर के लिए भी नहीं। आदान-प्रदान उल्लंघन माना जाता है।

पेपर की पूरी बनावट, मार्किंग और चयन के चरण परीक्षा पैटर्न पेज पर हैं, और खंडवार विषय सूची सिलेबस पेज पर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या BSSC इंटर लेवल Prelims सचमुच ओपन बुक है?

हाँ। आयोग की परीक्षा संचालन नियमावली 2010 की कंडिका 12 के तहत प्रारंभिक परीक्षा पुस्तक सहित ली जाती है, और अभ्यर्थी तीन पाठ्यपुस्तकें ले जा सकते हैं, हर खंड के लिए एक।

परीक्षा में कितनी किताबें ले जा सकते हैं?

तीन। एक सामान्य अध्ययन के लिए, एक गणित के लिए और एक सामान्य विज्ञान के लिए।

BSSC इंटर लेवल में कौन सी किताबें मान्य हैं?

केवल NCERT, BSEB, ICSE और अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड की पाठ्यपुस्तकें। गाइड, फोटोकॉपी, हस्तलिखित कागज़, नोट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मान्य नहीं हैं।

क्या किताब में नोट्स या पृष्ठ संख्या लिख सकते हैं?

नहीं। नाम और रोल नंबर के अलावा किताब में कुछ नहीं लिखा जा सकता। इसके अलावा कुछ भी लिखा मिलने पर उम्मीदवारी रद्द हो सकती है।

क्या NCERT के किसी अध्याय की फोटोकॉपी ले जा सकते हैं?

नहीं। किताबों की फोटोकॉपी खास तौर पर मना है, भले ही असली पाठ्यपुस्तक मान्य हो।

क्या ओपन बुक होने से परीक्षा आसान हो जाती है?

नहीं। 135 मिनट में 150 प्रश्न यानी प्रति प्रश्न लगभग 54 सेकंड, और जिस lookup में पन्ना पता न हो उसमें दो से तीन मिनट लग जाते हैं। किताब सिर्फ़ उन गिने-चुने तथ्यों में काम आती है जो याद नहीं आते, और मानसिक क्षमता वाले खंड में तो कुछ देखा ही नहीं जा सकता।

आखिरी बात

ओपन बुक नियम इस परीक्षा में BSSC की सबसे उदार चीज़ है, और इसे बर्बाद करने वालों की संख्या बहुत बड़ी होने वाली है। वे कोई अनजानी किताब ले जाएँगे, हॉल में उसे पहली बार खोलेंगे, दो प्रश्नों पर छह मिनट गँवाएँगे, और तीस प्रश्न कम करके निकलेंगे।

इसका तोड़ उबाऊ है और काम करता है। इसी महीने तीन किताबें चुन लीजिए। उन्हें पढ़िए। जानिए कि क्या कहाँ है। फिर उन्हीं प्रतियों के साथ पूरे पेपर का अभ्यास कीजिए और lookup पर सख्त सीमा रखिए। तारीख घोषित होने तक आपकी किताबें ऐसे लगनी चाहिए जैसे वह कमरा जिसमें आप अँधेरे में भी चल लें।

इस भर्ती की हर जानकारी एक जगह: BSSC इंटर लेवल की पूरी गाइड