
CTET परीक्षा पैटर्न 2026: Paper 1 और Paper 2, कोई Negative Marking नहीं
CTET परीक्षा पैटर्न 2026: Paper 1 और Paper 2, कोई Negative Marking नहीं
सीटेट एग्जाम पैटर्न देखने में सीधा है: 150 बहुविकल्पीय प्रश्न, 150 अंक, 2 घंटे 30 मिनट और कोई Negative Marking नहीं। लेकिन आपका स्कोर इस पैटर्न की बारीकियों से तय होता है। Pedagogy से असल में कितने प्रश्न आते हैं? Paper 2 में कौन सा विषय चुनें? OMR पर कोई गोला खाली छोड़ दिया तो क्या होगा?
इस लेख में इन सभी सवालों के जवाब सिर्फ CTET September 2026 Information Bulletin और CBSE के 14 सितंबर 2026 के public notice के आधार पर दिए गए हैं। परीक्षा 6 सितंबर से टलकर अब 12 और 13 दिसंबर 2026 को होगी, यानी आपको लगभग 14 हफ्ते ज़्यादा मिले हैं। इस समय को सिर्फ पैटर्न पढ़ने में नहीं, उसकी प्रैक्टिस में लगाइए।
तारीख, पात्रता और बाकी सारी जानकारी एक जगह चाहिए तो CTET की पूरी गाइड भी साथ में खोलकर रखिए।
CTET परीक्षा पैटर्न 2026: एक नज़र में
दोनों Paper का ढांचा एक जैसा है। फर्क सिर्फ सेक्शन और कक्षा स्तर का है।
Bulletin में दी गई भाषाएं ये हैं: अंग्रेज़ी, हिंदी, असमिया, बांग्ला, गारो, गुजराती, कन्नड़, खासी, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, मिज़ो, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संस्कृत, तमिल, तेलुगु, तिब्बती, उर्दू, बोडो, डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, संथाली और सिंधी।
CTET में Negative Marking नहीं: इसका पूरा फायदा कैसे उठाएं
CTET परीक्षा पैटर्न में स्कोर बढ़ाने का सबसे बड़ा मौका यही है। सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है। गलत उत्तर पर शून्य। खाली गोले पर भी शून्य। मतलब अंदाज़े से लगाया गया उत्तर अंक जोड़ ही सकता है, घटा नहीं सकता।
बहुत से अभ्यर्थी बैंक या SSC की परीक्षाओं के बाद CTET देने आते हैं। वहां हर गलत उत्तर पर अंक कटते हैं, इसलिए शक वाले प्रश्न छोड़ने की आदत बन जाती है। CTET में इस आदत से कोई फायदा नहीं, उल्टा नुकसान है।
नियम 1: सभी 150 प्रश्न हल करें
OMR पर प्रश्न खाली छोड़ना और गलत उत्तर भरना, दोनों का नतीजा एक ही है: शून्य। इसलिए हर खाली गोला वह अंक है जिसे आपने बिना कोशिश किए छोड़ दिया। परीक्षा के दिन आपका लक्ष्य 150 भरे हुए गोले होना चाहिए।
नियम 2: अंदाज़ा सोच-समझकर लगाएं
- पहले वे विकल्प हटाइए जो पक्के तौर पर गलत हैं। दो विकल्प हट गए तो सही होने की संभावना 4 में 1 से बढ़कर 2 में 1 हो जाती है।
- Pedagogy के प्रश्नों में सख्ती वाले विकल्प (सज़ा देना, रटवाना, "सब कुछ शिक्षक ही तय करे") अक्सर बाल-केंद्रित विकल्पों से कमज़ोर होते हैं। इसे संकेत मानिए, पक्का नियम नहीं।
- आखिरी मिनट में बिना ठोस कारण के उत्तर मत बदलिए। वैसे भी OMR पर रबर या व्हाइटनर की इजाज़त नहीं है।
नियम 3: आखिरी 15 मिनट की योजना पहले से बनाएं
150 मिनट में 150 प्रश्न, यानी हर प्रश्न के लिए ठीक एक मिनट। कोशिश कीजिए कि पहला पूरा राउंड लगभग 135 मिनट में खत्म हो जाए। फिर बचे 15 मिनट ऐसे इस्तेमाल कीजिए:
- पहले 5 मिनट: OMR पर देखिए कि कोई प्रश्न छूट तो नहीं गया। बुकलेट का प्रश्न नंबर और OMR की पंक्ति मिलाइए।
- मिनट 6 से 12: बुकलेट में जिन प्रश्नों पर शक का निशान लगाया था, उन पर लौटिए। जितने विकल्प हटा सकें, हटाइए और एक विकल्प भर दीजिए।
- मिनट 13 से 15: जो भी गोला खाली बचा है, उसे अपने सबसे अच्छे अंदाज़े से भरिए। देख लीजिए कि हर पंक्ति में सिर्फ एक गोला भरा हो।
शक के निशान हमेशा प्रश्न पुस्तिका में लगाइए, OMR पर कभी नहीं। Bulletin के अनुसार उत्तर पत्रक पर रफ काम नहीं करना है।
उदाहरण से समझिए: 30 खाली गोलों की कीमत
नीचे दिए गए अंक सिर्फ बात समझाने के लिए हैं। यह किसी स्कोर की गारंटी नहीं है।
तैयारी एक जैसी, ज्ञान एक जैसा, लेकिन नतीजा अलग। 30 प्रश्नों पर बिल्कुल बिना सोचे अंदाज़ा लगाएं तब भी औसतन 7 या 8 सही हो जाते हैं (चार में एक)। एक भी गलत विकल्प हटा सकें तो औसत और बढ़ता है। हर गोला भरने के पीछे यही पूरा तर्क है।
एक ईमानदार बात भी: अंदाज़ा कमज़ोर तैयारी की भरपाई नहीं कर सकता। अगर आपको सिर्फ 50 प्रश्नों के उत्तर पक्के आते हैं, तो किस्मत से 90 तक पहुंचना लगभग नामुमकिन है। Negative Marking न होने का फायदा उन्हें मिलता है जो पहले से पास होने की रेखा के करीब हैं, और ज़्यादातर गंभीर अभ्यर्थी वहीं होते हैं।
CTET Paper 1 परीक्षा पैटर्न (कक्षा 1 से 5)
Paper 1 उनके लिए है जो प्राथमिक स्तर, यानी कक्षा 1 से 5 में पढ़ाना चाहते हैं। पांचों सेक्शन अनिवार्य हैं और सबका वज़न बराबर है।
Paper 1 का अंदरूनी बंटवारा (Bulletin Appendix I)
हर उप-भाग के टॉपिक आपको हमारे विस्तृत Syllabus वाले लेख में मिलेंगे। सिर्फ प्राथमिक स्तर के लिए सेक्शन-वार योजना चाहिए तो CTET Paper 1 की गाइड पढ़िए।
CTET Paper 2 परीक्षा पैटर्न (कक्षा 6 से 8)
Paper 2 उच्च प्राथमिक स्तर, यानी कक्षा 6 से 8 के लिए है। तीन सेक्शन सबके लिए एक जैसे हैं। चौथा सेक्शन इस पर निर्भर है कि आप कौन सा विषय पढ़ाना चाहते हैं।
Paper 2 का अंदरूनी बंटवारा (Bulletin Appendix I)
गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन: कौन सा चुनें?
Bulletin का नियम साफ है। गणित या विज्ञान के शिक्षक गणित और विज्ञान वाला सेक्शन देंगे। सामाजिक अध्ययन या सामाजिक विज्ञान के शिक्षक सामाजिक अध्ययन वाला सेक्शन देंगे। बाकी शिक्षक (जैसे भाषा के शिक्षक) इन दोनों में से कोई भी एक चुन सकते हैं।
- गणित और विज्ञान तब चुनिए जब आपकी स्नातक और B.Ed के शिक्षण विषय विज्ञान या गणित के हों। इसमें दो विषयों से 20-20 विषय-वस्तु के प्रश्न आते हैं, इसलिए गणना और विज्ञान की अवधारणाएं दोनों मज़बूत होनी चाहिए।
- सामाजिक अध्ययन तब चुनिए जब आपकी पृष्ठभूमि इतिहास, भूगोल या राजनीति विज्ञान की हो। इसमें तीन हिस्सों से 40 विषय-वस्तु के प्रश्न आते हैं, यानी पढ़ना ज़्यादा है।
- भाषा के शिक्षक हैं तो वह पक्ष चुनिए जिसमें स्कूल के दिनों में आपके अंक बेहतर थे। हमारी राय में, जो सेक्शन आप दिसंबर से पहले दो बार दोहरा सकें, वह उस सेक्शन से बेहतर है जो दूसरों को "आसान" लगता है।
जिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, उसका विज्ञापन भी देख लीजिए, क्योंकि आगे जिस विषय के पद पर आवेदन करेंगे, उससे यह चुनाव मेल खाना चाहिए। दोनों विकल्पों पर विस्तार से बात CTET Paper 2 वाली गाइड में है।
विषय-वस्तु बनाम Pedagogy: पैटर्न के अंदर छिपा बंटवारा
उप-भागों को ध्यान से देखें तो साफ दिखता है कि CTET विषय ज्ञान से ज़्यादा पढ़ाने की समझ को परखता है। हमने गिनती कैसे की, यह पहले समझ लीजिए।
गिनती का तरीका: CDP के सभी 30 प्रश्नों को Pedagogy से जुड़ा माना गया है, क्योंकि CDP बच्चों के विकास और सीखने के बारे में ही है। हर विषय और भाषा सेक्शन से सिर्फ वह हिस्सा जोड़ा गया है जिसे Bulletin "शिक्षण से जुड़े मुद्दे" या "भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र" कहता है। विषय-वस्तु और अपठित बोध वाले हिस्से विषय-वस्तु में गिने गए हैं।
Paper 1 में वज़न
यानी Paper 1 में 30 + 15 + 15 + 15 + 15 = 150 में से 90 प्रश्न Pedagogy से जुड़े हैं। यह संख्या पास होने के 60% अंकों के बराबर है। इसका मतलब यह नहीं कि सिर्फ Pedagogy से आप पास हो जाएंगे, लेकिन इससे पता चलता है कि पढ़ाई के घंटे कहां लगाने हैं।
Paper 2 में वज़न
Paper 2 ज़्यादा संतुलित है और इसमें विषय-वस्तु ज़्यादा है। फिर भी 80 प्रश्न पढ़ाने वाले पक्ष से आते हैं।
आप Paper 1 दे रहे हैं तो मुफ्त CTET Paper 1 Pedagogy Master Book में CDP और विषयों की Pedagogy एक साथ मिल जाएगी। Paper 2 वाले भी इसे भाषा की Pedagogy और CDP के सिद्धांतों के लिए पढ़ सकते हैं, बस याद रखिए कि उनके CDP का फोकस 11 से 14 वर्ष का आयु वर्ग है।
Bulletin के अनुसार कठिनाई का स्तर
आसान भाषा में: Paper 1 का प्रश्न भले कक्षा 4 के टॉपिक से शुरू हो, पर उसमें समझ माध्यमिक स्तर पास कर चुके विद्यार्थी जैसी मांगी जा सकती है। Bulletin यह भी कहता है कि विस्तृत Syllabus के लिए कक्षा 1 से 8 की NCERT Syllabus और पाठ्यपुस्तकें देखें। इसलिए NCERT की किताबें आपका पहला स्रोत हैं, कोई अतिरिक्त चीज़ नहीं।
भाषा 1 और भाषा 2 के नियम
- भाषा 1 उस शिक्षण माध्यम में आपकी दक्षता जांचती है जिसमें आप पढ़ाना चाहते हैं।
- भाषा 2 भाषा 1 से अलग होनी चाहिए। इसमें भाषा के तत्व, संप्रेषण और बोध जांचे जाते हैं।
- दोनों Paper में दोनों भाषाएं अनिवार्य हैं, 30-30 प्रश्न, जिनमें 15 अपठित बोध और 15 Pedagogy के होते हैं।
- अपठित बोध में गद्यांश और कविताएं दी जाती हैं जो पहले से देखी हुई नहीं होतीं।
हिंदी माध्यम के ज़्यादातर अभ्यर्थी भाषा 1 में हिंदी और भाषा 2 में अंग्रेज़ी लेते हैं। फिर भी वही भाषा चुनिए जिसे आप तेज़ी से पढ़ पाते हैं। भाषा कमज़ोर हो तो अपठित गद्यांश बहुत समय खा जाते हैं।
OMR शीट के नियम जो मानने ही होंगे
CTET कंप्यूटर आधारित परीक्षा नहीं है। आपके अंक इस पर भी टिके हैं कि OMR कितनी साफ भरी गई है। ये बातें Bulletin के परीक्षा दिवस निर्देशों से ली गई हैं:
Bulletin के अनुसार दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को बड़े अक्षरों वाला प्रश्न पत्र मिल सकता है।
शिफ्ट टाइमिंग: सिर्फ संदर्भ के लिए
6 सितंबर की मूल तारीख के लिए Bulletin में नीचे दिया गया शेड्यूल था। CBSE ने अभी नहीं बताया कि 12 दिसंबर को कौन सा Paper होगा और 13 दिसंबर को कौन सा। दिसंबर की टाइमिंग Admit Card पर पक्की होगी।
काम की सलाह: Mock Test दिन के दोनों समय पर दीजिए। अगर Paper 1 फिर से दोपहर की शिफ्ट में आया, तो आपका दिमाग 3 बजे काम करने का आदी होना चाहिए।
पास होने के अंक और आपके स्कोर का मतलब
NCTE की 11 फरवरी 2011 की अधिसूचना के अनुसार 60% या उससे ज़्यादा अंक लाने वाला व्यक्ति TET पास माना जाता है। CTET में इसका मतलब है आपने जो Paper दिया, उसमें 150 में से 90 अंक।
- स्कूल प्रबंधन (सरकारी, स्थानीय निकाय, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त) अपनी आरक्षण नीति के अनुसार SC, ST, OBC, दिव्यांग आदि वर्गों को छूट दे सकते हैं। Bulletin आरक्षित वर्ग के लिए कोई अलग अंक तय नहीं करता।
- कई भर्ती संस्थाएं आरक्षित वर्ग के लिए 55% मानती हैं, लेकिन यह नियोक्ता का नियम है, CBSE का नहीं।
- CTET में कोई मेरिट लिस्ट या रैंक नहीं होती। 60% पर पास या फेल, बस इतना।
- CTET पास करने से नौकरी का अधिकार नहीं मिलता। यह पात्रता की एक शर्त है, और स्कूलों से कहा गया है कि वे CTET स्कोर को महत्व दें।
भर्ती के Cut Off से यह कैसे अलग है, इसकी पूरी जानकारी हमारे qualifying marks (क्वालिफाइंग मार्क्स) वाले लेख में है।
क्या दोनों Paper दे सकते हैं?
हां। Bulletin कहता है कि जो व्यक्ति दोनों स्तरों (कक्षा 1 से 5 और कक्षा 6 से 8) पर पढ़ाना चाहता है, उसे दोनों Paper देने होंगे। General/OBC(NCL) के लिए एक Paper की फीस 1000 रुपये और दोनों की 1200 रुपये है; SC/ST/दिव्यांग के लिए 500 और 600 रुपये (GST अलग)।
दोनों Paper दे रहे हैं तो CDP और भाषा की Pedagogy की तैयारी काफी हद तक एक ही है। असली अतिरिक्त बोझ Paper 2 की विषय-वस्तु का है। दोनों Paper अलग शिफ्ट में होते हैं, इसलिए लंबे समय तक बैठने की क्षमता भी चाहिए, खासकर अगर दोनों एक ही दिन पड़ें।
दिसंबर से पहले इस पैटर्न की प्रैक्टिस कैसे करें
पैटर्न जान लेना एक बात है, पेन से 150 मिनट में 150 प्रश्न पूरे करना दूसरी बात। यह तरीका अपनाइए:
- हर हफ्ते एक पूरा 150 प्रश्नों वाला Mock Test दीजिए, 2 घंटे 30 मिनट में, एक ही बैठक में।
- उत्तर प्रिंट की हुई या हाथ से बनी गोलों वाली शीट पर भरिए, ताकि OMR भरने के समय की आदत बने।
- हर Mock के बाद गिनिए कि कितने गोले खाली छूटे। इस संख्या को शून्य तक लाइए।
- सेक्शन-वार अंक लिखते जाइए और सबसे कमज़ोर Pedagogy वाले हिस्से को ज़्यादा समय दीजिए।
मुफ्त CTET Paper 1 Full Test Series 2026 में हिंदी और अंग्रेज़ी में 10 पूरे टेस्ट हैं। लगभग 14 हफ्ते बचे हैं, तो हफ्ते में एक टेस्ट आराम से हो जाएगा और दोहराने का समय भी बचेगा। हफ्तेवार योजना के लिए हमारी तैयारी की रणनीति (preparation strategy) पढ़िए।
आज का अगला कदम: एक कागज़ पर Paper 1 के पांच सेक्शन (या Paper 2 के चार) लिखिए, ऊपर की तालिकाओं से अपना सबसे कमज़ोर उप-भाग चिह्नित कीजिए, और कल की पढ़ाई का पहला घंटा उसी को दीजिए।
FAQs
क्या CTET 2026 में Negative Marking है?
नहीं। CTET September 2026 Information Bulletin के अनुसार Negative Marking नहीं है। सही उत्तर पर 1 अंक मिलता है और गलत या खाली उत्तर पर शून्य, इसलिए सभी 150 प्रश्न हल कीजिए।
CTET Paper 1 और Paper 2 में कितने प्रश्न आते हैं?
हर Paper में 1-1 अंक के 150 MCQ आते हैं, कुल 150 अंक। हर Paper का समय 2 घंटे 30 मिनट है।
CTET ऑनलाइन होता है या ऑफलाइन?
Bulletin के अनुसार CTET पेन और पेपर वाली परीक्षा है। उत्तर OMR शीट पर नीले या काले बॉल पॉइंट पेन से भरने होते हैं। OMR पर पेंसिल की अनुमति नहीं है।
CTET पास करने के लिए कितने अंक चाहिए?
60%, यानी 150 में से 90 अंक। आरक्षित वर्गों को कोई छूट स्कूल प्रबंधन या भर्ती संस्था अपनी आरक्षण नीति के तहत देती है; Bulletin इसे तय नहीं करता।
क्या Paper 2 में गणित-विज्ञान और सामाजिक अध्ययन दोनों चुन सकते हैं?
नहीं। आपको 60 प्रश्नों वाला एक ही सेक्शन देना है। गणित और विज्ञान के शिक्षक गणित-विज्ञान, सामाजिक अध्ययन के शिक्षक सामाजिक अध्ययन, और बाकी शिक्षक इनमें से कोई एक चुन सकते हैं।
CTET दिसंबर 2026 की शिफ्ट टाइमिंग क्या है?
CBSE ने अभी घोषित नहीं की है। मूल शेड्यूल में Paper 2 सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक और Paper 1 दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक था। परीक्षा से दो दिन पहले आने वाला Admit Card देखिए।
क्या परीक्षा टलने के बाद CTET का पैटर्न बदला है?
CBSE के 14 सितंबर 2026 के public notice में सिर्फ परीक्षा की तारीख बदलकर 12 और 13 दिसंबर 2026 की गई है। उसमें पैटर्न में किसी बदलाव का ज़िक्र नहीं है, इसलिए September 2026 Information Bulletin के अनुसार ही तैयारी कीजिए।
