
CTET सिलेबस 2026: Paper 1 और Paper 2 टॉपिक वाइज (आधिकारिक)
CTET सिलेबस 2026: Paper 1 और Paper 2 टॉपिक वाइज (आधिकारिक)
CTET का Syllabus कागज़ पर छोटा दिखता है, लेकिन पढ़ने में लंबा है। Information Bulletin में पूरा सिलेबस कुछ ही पन्नों में आ जाता है, पर उसकी हर लाइन के पीछे NCERT के कई चैप्टर या पढ़ाने का कोई तरीका छिपा है, जिसे आपको रटना नहीं, समझना है।
इस पेज पर आपको सीटेट सिलेबस 2026 पूरा मिलेगा, Paper 1 और Paper 2 दोनों का। यह CTET September 2026 Information Bulletin के Appendix I से लिया गया है। हर सेक्शन में कितने प्रश्न आते हैं, हर हिस्से के सारे टॉपिक, कौन सी NCERT किताबें पढ़नी हैं, और किन टॉपिक पर समय लगाने से सबसे ज़्यादा फायदा होता है, सब एक जगह है।
अगर आप पहले पूरी तस्वीर देखना चाहते हैं (तारीखें, पात्रता, Admit Card, वैधता), तो CTET की पूरी गाइड पढ़ लें और फिर पढ़ाई की योजना बनाते समय यहाँ लौटें।
लाइव स्टेटस
परीक्षा लगभग 14 हफ्ते आगे खिसक गई है। यह अतिरिक्त समय है, इसे बर्बाद मत कीजिए। इस समय में सिलेबस एक बार पूरा कीजिए और दो बार दोहराइए।
CTET का Syllabus कैसे बनता है
CBSE आपसे क्या पूछ सकता है, यह तीन चीज़ों से तय होता है। इन्हें समझ लेंगे तो नीचे दी गई टॉपिक सूचियाँ ज़्यादा साफ़ समझ आएँगी।
1. Bulletin का Appendix I
Appendix I का नाम है "Structure and Content of Syllabus"। इसमें Paper I और Paper II के हर सेक्शन, हर हिस्से से आने वाले प्रश्नों की संख्या और उसके टॉपिक दिए गए हैं। यही CTET का एकमात्र आधिकारिक सिलेबस है। जो कोचिंग PDF इसमें अपनी तरफ से चैप्टर जोड़ते हैं, वे अंदाज़ा लगा रहे हैं।
2. NCERT का सिलेबस और पाठ्यपुस्तकें
Bulletin खुद कहता है कि कक्षा I से VIII के विस्तृत सिलेबस के लिए NCERT का सिलेबस और पाठ्यपुस्तकें देखें। यानी जब Appendix I में "भिन्न (Fractions)" या "भोजन (Food)" लिखा है, तो उसकी गहराई और उदाहरण उन्हीं कक्षाओं की NCERT किताबों से आएँगे।
3. कठिनाई का स्तर
सीधी भाषा में: टॉपिक भले ही प्राथमिक या उच्च प्राथमिक किताब का हो, प्रश्न उस स्तर पर पूछा जा सकता है जो Paper 1 में कक्षा 10 और Paper 2 में कक्षा 12 का छात्र हल करता है। कक्षा 3 का टॉपिक देखकर यह मत मान लीजिए कि प्रश्न भी कक्षा 3 जितना आसान होगा।
सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होते हैं, चार विकल्प, हर प्रश्न 1 अंक का, और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं। हर Paper में 150 प्रश्न, 150 अंक और समय 2 घंटे 30 मिनट। पूरा विवरण हमारे exam pattern वाले पेज पर है।
एक नज़र में CTET सिलेबस
Paper 2 में आपको या तो गणित और विज्ञान (60) लेना है या सामाजिक अध्ययन (60)। गणित और विज्ञान के शिक्षक पहला विकल्प लेते हैं, सामाजिक अध्ययन के शिक्षक दूसरा, और बाकी विषयों के शिक्षक दोनों में से कोई भी चुन सकते हैं।
CTET Paper 1 सिलेबस (कक्षा I से V, प्राथमिक स्तर)
Paper 1 उनके लिए है जो कक्षा I से V को पढ़ाना चाहते हैं। इसके पाँचों सेक्शन में 30, 30 प्रश्न आते हैं। पात्रता, रणनीति और सेक्शन वाइज टिप्स के लिए हमारा Paper 1 का विस्तृत पेज देखें।
Paper 1: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 प्रश्न)
Paper 1 का CDP सिलेबस प्राथमिक स्कूल के बच्चे पर केंद्रित है, यानी लगभग 6 से 11 वर्ष का आयु वर्ग। इसके तीन हिस्से हैं।
भाग A: बाल विकास (15 प्रश्न)
- विकास की अवधारणा और अधिगम (learning) से इसका संबंध
- बच्चों के विकास के सिद्धांत
- वंशानुक्रम (heredity) और वातावरण का प्रभाव
- समाजीकरण की प्रक्रियाएँ: सामाजिक दुनिया और बच्चे (शिक्षक, माता पिता, साथी)
- पियाजे, कोहलर (Kohlberg) और वाइगोत्स्की: रचनाएँ (constructs) और आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- बाल केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा की अवधारणाएँ
- बुद्धि (intelligence) की रचना पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- बहुआयामी बुद्धि (Multi-dimensional intelligence)
- भाषा और विचार
- सामाजिक रचना के रूप में जेंडर; जेंडर भूमिकाएँ, जेंडर पूर्वाग्रह और शैक्षिक व्यवहार
- शिक्षार्थियों में व्यक्तिगत भिन्नताएँ; भाषा, जाति, जेंडर, समुदाय, धर्म आदि की विविधता पर आधारित भिन्नताओं की समझ
- अधिगम के लिए आकलन (assessment for learning) और अधिगम का आकलन (assessment of learning) में अंतर; स्कूल आधारित आकलन; सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE): दृष्टिकोण और व्यवहार
- शिक्षार्थियों के तैयारी स्तर (readiness) को जाँचने, कक्षा में अधिगम और आलोचनात्मक चिंतन बढ़ाने, और उपलब्धि को आँकने के लिए उचित प्रश्न बनाना
भाग B: समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (5 प्रश्न)
- वंचित और अभावग्रस्त सहित विविध पृष्ठभूमि से आने वाले शिक्षार्थियों की ज़रूरतों को संबोधित करना
- अधिगम कठिनाइयों, "क्षति" (impairment) आदि वाले बच्चों की ज़रूरतों को संबोधित करना
- प्रतिभाशाली, सृजनशील और विशेष रूप से सक्षम (specially abled) शिक्षार्थियों की ज़रूरतों को संबोधित करना
भाग C: अधिगम और शिक्षाशास्त्र (10 प्रश्न)
- बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं; बच्चे स्कूल के प्रदर्शन में "असफल" क्यों और कैसे होते हैं
- शिक्षण और अधिगम की मूल प्रक्रियाएँ; बच्चों की सीखने की रणनीतियाँ; सामाजिक गतिविधि के रूप में अधिगम; अधिगम का सामाजिक संदर्भ
- बच्चा एक समस्या समाधानकर्ता और "वैज्ञानिक अन्वेषक" के रूप में
- बच्चों में अधिगम की वैकल्पिक धारणाएँ; बच्चों की "त्रुटियों" को सीखने की प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण के रूप में समझना
- संज्ञान (cognition) और संवेग
- अभिप्रेरणा और अधिगम
- अधिगम में योगदान देने वाले कारक: व्यक्तिगत और पर्यावरणीय
CDP में परिभाषा पूछने वाले प्रश्न कम आते हैं। ज़्यादातर प्रश्न कक्षा की कोई स्थिति बताते हैं और पूछते हैं कि एक अच्छा शिक्षक क्या करेगा। इसलिए सिद्धांत पढ़िए, फिर खुद से पूछिए कि इससे कक्षा 3 में सोमवार सुबह आपका पढ़ाने का तरीका कैसे बदलेगा। ExamAtlas की मुफ्त CTET Paper 1 Pedagogy Master Book इसी तरह की स्थिति आधारित सोच पर बनी है, नोट्स के बाद दूसरी किताब के रूप में यह अच्छी रहेगी।
Paper 1: गणित (30 प्रश्न)
विषय वस्तु के टॉपिक (NCERT कक्षा I से V)
- ज्यामिति
- आकृतियाँ और स्थानिक समझ
- हमारे आसपास के ठोस
- संख्याएँ
- जोड़ और घटाव
- गुणा
- भाग
- मापन
- भार
- समय
- आयतन
- आँकड़ों का प्रबंधन (Data handling)
- पैटर्न
- मुद्रा (Money)
शैक्षणिक मुद्दे
- गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन; बच्चों की सोच और तर्क के पैटर्न तथा अर्थ बनाने और सीखने की उनकी रणनीतियों को समझना
- पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- सामुदायिक गणित
- औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों से मूल्यांकन
- शिक्षण की समस्याएँ
- त्रुटि विश्लेषण और सीखने सिखाने से जुड़े पहलू
- निदानात्मक और उपचारात्मक शिक्षण
Paper 1 के गणित का आधा हिस्सा शिक्षाशास्त्र है। विज्ञान पृष्ठभूमि वाले कई अभ्यर्थी यहीं अंक गंवाते हैं, क्योंकि वे इसे सिर्फ़ अंकगणित की परीक्षा समझ लेते हैं। त्रुटि विश्लेषण इसका अच्छा उदाहरण है: आपको दिखाया जाता है कि बच्चे ने सवाल गलत कैसे हल किया, और पूछा जाता है कि यह गलती शिक्षक को क्या बताती है। Content और Pedagogy दोनों एक जगह चाहिए तो मुफ्त CTET Paper 1 Mathematics Complete ebook दोनों हिस्से कवर करती है।
Paper 1: पर्यावरण अध्ययन EVS (30 प्रश्न)
विषय वस्तु की थीम
- परिवार और मित्र: संबंध; काम और खेल; जानवर; पेड़ पौधे
- भोजन
- आवास (Shelter)
- पानी
- यात्रा
- चीज़ें जो हम बनाते और करते हैं
शैक्षणिक मुद्दे
- EVS की अवधारणा और दायरा
- EVS का महत्व, एकीकृत (integrated) EVS
- पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा
- अधिगम के सिद्धांत
- विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से संबंध और दायरा
- अवधारणाओं को प्रस्तुत करने के उपागम (approaches)
- गतिविधियाँ
- प्रयोग और प्रायोगिक कार्य
- चर्चा
- CCE
- शिक्षण सामग्री और सहायक साधन
- समस्याएँ
EVS की ये छह थीम चैप्टर के नाम नहीं हैं। ये धागे हैं जो कक्षा III से V की NCERT EVS किताबों में जगह जगह चलते हैं, इसलिए "पानी" जैसी एक थीम के तथ्य कई चैप्टर से आ सकते हैं। किताब पन्ने दर पन्ने नहीं, थीम दर थीम पढ़िए। थीम वाइज नोट्स और Pedagogy वाले हिस्से के लिए मुफ्त CTET Paper 1 EVS Complete गाइड अच्छा विकल्प है।
Paper 1: भाषा I (30 प्रश्न)
भाषा बोध: दो अपठित अंश, एक गद्य या नाटक का और एक कविता, जिन पर बोध, अनुमान, व्याकरण और मौखिक क्षमता (verbal ability) के प्रश्न होंगे। गद्यांश साहित्यिक, वैज्ञानिक, कथात्मक या विवेचनात्मक हो सकता है।
भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र
- अधिगम और अर्जन (learning and acquisition)
- भाषा शिक्षण के सिद्धांत
- सुनने और बोलने की भूमिका; भाषा के कार्य और बच्चे इसे उपकरण के रूप में कैसे इस्तेमाल करते हैं
- मौखिक और लिखित रूप में विचार रखने के लिए भाषा सीखने में व्याकरण की भूमिका पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण
- विविधता वाली कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा संबंधी कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ और विकार
- भाषा कौशल
- भाषा की समझ और दक्षता का मूल्यांकन: बोलना, सुनना, पढ़ना और लिखना
- शिक्षण अधिगम सामग्री: पाठ्यपुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषी संसाधन
- उपचारात्मक शिक्षण (Remedial teaching)
भाषा I उस भाषा में आपकी दक्षता जाँचती है जिसमें आप पढ़ाएँगे, यानी शिक्षण का माध्यम।
Paper 1: भाषा II (30 प्रश्न)
बोध: दो अपठित गद्यांश (विवेचनात्मक, साहित्यिक, कथात्मक या वैज्ञानिक), जिन पर बोध, व्याकरण और मौखिक क्षमता के प्रश्न होंगे। फर्क पर ध्यान दीजिए: भाषा II में कविता नहीं है।
भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र: वही नौ बिंदु जो भाषा I में हैं (अधिगम और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनना और बोलना, व्याकरण की भूमिका, विविधता वाली कक्षा की चुनौतियाँ, भाषा कौशल, LSRW का मूल्यांकन, शिक्षण अधिगम सामग्री, उपचारात्मक शिक्षण)।
भाषा II, भाषा I से अलग होनी चाहिए। इसमें भाषा के तत्व, संप्रेषण और बोध पर ज़ोर रहता है। दोनों भाषाएँ आप Bulletin की सूची से चुनते हैं, जिसमें हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, बंगाली, मैथिली समेत कई भाषाएँ हैं।
Paper 1 के पाँचों सेक्शन को टॉपिक वाइज पढ़ने के लिए ExamAtlas का मुफ्त CTET Paper 1 study material देखें, जिसमें बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, गणित, EVS और भाषा व शिक्षाशास्त्र के नोट्स हैं। इन्हें अपने मूल नोट्स की तरह इस्तेमाल करें और NCERT किताबों को स्रोत की तरह।
CTET Paper 2 सिलेबस (कक्षा VI से VIII, उच्च प्राथमिक स्तर)
Paper 2 कक्षा VI से VIII के लिए है। CDP और दोनों भाषाएँ लगभग Paper 1 जैसी ही हैं, पर विषय वाला सेक्शन बड़ा है और कठिनाई Senior Secondary स्तर तक जा सकती है। सेक्शन वाइज रणनीति हमारे Paper 2 के विस्तृत पेज पर है।
Paper 2: बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 प्रश्न)
Paper 2 का CDP सिलेबस उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चे यानी 11 से 14 वर्ष के आयु वर्ग पर है। टॉपिक सूची Paper 1 जैसी ही है; बस जिस बच्चे के बारे में आप सोच रहे हैं, वह बड़ा है।
तीनों हिस्सों के टॉपिक वही हैं जो ऊपर Paper 1 CDP में दिए हैं (विकास और अधिगम, वंशानुक्रम और वातावरण, पियाजे, कोहलर और वाइगोत्स्की, बुद्धि, जेंडर, आकलन, समावेशी शिक्षा, बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, अभिप्रेरणा आदि)। फर्क उदाहरणों में दिखता है: 11 से 14 साल के बच्चे के लिए किशोरावस्था, साथियों का दबाव, अमूर्त चिंतन और पहचान जैसे मुद्दे ज़्यादा मायने रखते हैं।
ExamAtlas पर अभी Paper 2 का विषय वाला मटीरियल उपलब्ध नहीं है। CDP और भाषा Pedagogy, जो दोनों Paper में साझा हैं, उनके लिए Paper 1 के CDP नोट्स भी काम आते हैं, बस आयु वर्ग का अंतर ध्यान में रखिए।
Paper 2: गणित (30 प्रश्न)
विषय वस्तु के टॉपिक (NCERT कक्षा VI से VIII)
शैक्षणिक मुद्दे
- गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन
- पाठ्यक्रम में गणित का स्थान
- गणित की भाषा
- सामुदायिक गणित
- मूल्यांकन
- उपचारात्मक शिक्षण
- शिक्षण की समस्या
यहाँ बदलाव पर ध्यान दीजिए: Paper 2 गणित में 20 प्रश्न विषय वस्तु और 10 Pedagogy से हैं, जबकि Paper 1 में 15 और 15 का बँटवारा है। यहाँ आपकी गणना की गति ज़्यादा मायने रखती है।
Paper 2: विज्ञान (30 प्रश्न)
विषय वस्तु की थीम
- भोजन: भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोजन की सफ़ाई
- पदार्थ: दैनिक उपयोग के पदार्थ
- सजीवों की दुनिया (The World of the Living)
- गतिमान वस्तुएँ, लोग और विचार
- चीज़ें कैसे काम करती हैं: विद्युत धारा और परिपथ, चुंबक
- प्राकृतिक परिघटनाएँ
- प्राकृतिक संसाधन
शैक्षणिक मुद्दे
- विज्ञान की प्रकृति और संरचना
- प्राकृतिक विज्ञान: लक्ष्य और उद्देश्य
- विज्ञान को समझना और सराहना
- उपागम और एकीकृत उपागम
- अवलोकन, प्रयोग, खोज (विज्ञान की विधि)
- नवाचार
- पाठ्य सामग्री और सहायक साधन
- मूल्यांकन: संज्ञानात्मक, मनोगत्यात्मक (psycho-motor), भावात्मक
- समस्याएँ
- उपचारात्मक शिक्षण
गणित और विज्ञान मिलकर गणित-विज्ञान वाले अभ्यर्थियों का 60 प्रश्नों वाला हिस्सा बनाते हैं।
Paper 2: सामाजिक अध्ययन / सामाजिक विज्ञान (60 प्रश्न)
Bulletin यह नहीं बताता कि 40 प्रश्न इतिहास, भूगोल और सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन में कैसे बँटेंगे। इसलिए जो स्रोत इनके लिए तय संख्या बताए, उस पर भरोसा मत कीजिए।
इतिहास
- कब, कहाँ और कैसे
- सबसे पुराने समाज
- पहले किसान और चरवाहे
- पहले नगर
- आरंभिक राज्य
- नए विचार
- पहला साम्राज्य
- दूर देशों से संपर्क
- राजनीतिक घटनाक्रम
- संस्कृति और विज्ञान
- नए राजा और राज्य
- दिल्ली के सुल्तान
- स्थापत्य कला
- एक साम्राज्य का निर्माण
- सामाजिक परिवर्तन
- क्षेत्रीय संस्कृतियाँ
- कंपनी की सत्ता की स्थापना
- ग्रामीण जीवन और समाज
- उपनिवेशवाद और आदिवासी समाज
- 1857-58 का विद्रोह
- महिलाएँ और सुधार
- जाति व्यवस्था को चुनौती
- राष्ट्रीय आंदोलन
- स्वतंत्रता के बाद का भारत
भूगोल
- सामाजिक अध्ययन और विज्ञान के रूप में भूगोल
- ग्रह: सौरमंडल में पृथ्वी
- ग्लोब
- समग्र रूप में पर्यावरण: प्राकृतिक और मानवीय पर्यावरण
- वायु
- जल
- मानवीय पर्यावरण: बस्ती, परिवहन और संचार
- संसाधन: प्रकार, प्राकृतिक और मानवीय
- कृषि
सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन
- विविधता
- सरकार
- स्थानीय सरकार
- रोज़ी रोटी कमाना
- लोकतंत्र
- राज्य सरकार
- मीडिया की समझ
- जेंडर को समझना
- संविधान
- संसदीय सरकार
- न्यायपालिका
- सामाजिक न्याय और हाशिए के लोग
शैक्षणिक मुद्दे (20 प्रश्न)
- सामाजिक विज्ञान / सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और प्रकृति
- कक्षा की प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ और संवाद
- आलोचनात्मक चिंतन का विकास
- पूछताछ (enquiry) और आनुभविक साक्ष्य
- सामाजिक विज्ञान पढ़ाने की समस्याएँ
- स्रोत: प्राथमिक और द्वितीयक
- प्रोजेक्ट कार्य
- मूल्यांकन
इतिहास की सूची कक्षा VI से VIII की पुरानी NCERT इतिहास किताबों ("कब, कहाँ और कैसे" से "स्वतंत्रता के बाद का भारत" तक) के क्रम पर चलती है। ये तीनों किताबें क्रम से पढ़ लीं, तो यह सूची लगभग पूरी हो जाती है।
Paper 2: भाषा I और भाषा II (30 + 30 प्रश्न)
Pedagogy के टॉपिक वही नौ बिंदु हैं जो Paper 1 की भाषा I में दिए हैं। अगर आप दोनों Paper दे रहे हैं, तो भाषा की तैयारी दोनों में काम आएगी। इससे अच्छा खासा समय बचता है।
CTET सिलेबस के लिए कौन सी NCERT किताबें पढ़ें
Bulletin विस्तार के लिए NCERT की ओर भेजता है, इसलिए हर सेक्शन के हिसाब से किताबों की सूची यह रही।
एक सावधानी: NCERT अपनी किताबों में बदलाव करता रहा है, और नए संस्करणों में चैप्टर के नाम Appendix I में लिखे पुराने नामों से मेल न खाएँ, ऐसा हो सकता है। Bulletin के टॉपिक को अपनी चेकलिस्ट मानिए और किताबों को स्रोत। अगर कोई चैप्टर आपके संस्करण में नहीं है, तो वह टॉपिक पुराने संस्करण या भरोसेमंद नोट्स से पढ़ लीजिए।
किन टॉपिक से सबसे ज़्यादा फायदा (मेरी राय)
यह हिस्सा मेरी राय है, जो Bulletin में दिए प्रश्नों के बँटवारे पर आधारित है। यह कोई आधिकारिक रैंकिंग नहीं है।
पहले एक सीधी गिनती कीजिए। Paper 1 में Pedagogy वाले प्रश्न 150 में से 90 बनते हैं: CDP 30, गणित Pedagogy 15, EVS Pedagogy 15, और भाषा Pedagogy 15 + 15। Paper 2 में दोनों विकल्पों के लिए यह 150 में से 80 है (CDP 30, विषय Pedagogy 20, भाषा Pedagogy 30)। इसके ऊपर दोनों Paper में 30 प्रश्न बोध (Comprehension) के हैं।
मैं इस क्रम में प्राथमिकता दूँगा:
- CDP, पूरा। 30 प्रश्न, दोनों Paper में एक जैसे टॉपिक, और दूसरे सेक्शन के Pedagogy प्रश्न भी इसी के विचारों पर टिके होते हैं (रचनावाद, त्रुटियों को सीखने का चरण मानना, अधिगम के लिए आकलन)।
- भाषा Pedagogy। नौ टॉपिक, दो भाषाओं में मिलाकर 30 प्रश्न। छोटा सिलेबस, अच्छा फायदा।
- बोध का अभ्यास। इसमें रटने को कुछ नहीं, बस पढ़ने की गति और सटीकता चाहिए। कुछ हफ्ते रोज़ दो अपठित अंश हल कीजिए, फर्क दिखने लगेगा।
- विषय Pedagogy। गणित में त्रुटि विश्लेषण और उपचारात्मक शिक्षण, EVS और विज्ञान में गतिविधि आधारित और एकीकृत उपागम, SST में स्रोत और पूछताछ।
- विषय वस्तु आखिर में, पर हल्के में नहीं। Paper 2 में इसके 40 प्रश्न हैं, इसलिए SST और गणित-विज्ञान वाले इसे छोड़ नहीं सकते। बस ऊपर वाले हिस्से पक्के होने के बाद इस पर ज़ोर दीजिए।
एक ईमानदार बात: अगर आपका विषय वस्तु का आधार कमज़ोर है (जैसे भिन्न या बुनियादी भूगोल), तो उसे शुरू में ही ठीक कर लीजिए। Pedagogy के प्रश्नों में अक्सर कोई विषय वाली अवधारणा छिपी रहती है, और जो अवधारणा आपको खुद नहीं आती, उसे पढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका आप तय नहीं कर पाएँगे।
दिसंबर तक मिले अतिरिक्त समय का इस्तेमाल कैसे करें
अब परीक्षा 12 और 13 दिसंबर 2026 को है, यानी आपके पास लगभग तीन महीने हैं। एक आसान योजना:
इस पेज की टॉपिक सूचियाँ प्रिंट कर लीजिए और हर लाइन पर तभी टिक लगाइए जब आप उसे किसी और को समझा सकें। घंटे गिनने से ज़्यादा यह चेकलिस्ट बताएगी कि आपकी तैयारी कहाँ तक पहुँची है।
FAQs
CTET सिलेबस 2026 का आधिकारिक स्रोत क्या है?
CTET September 2026 Information Bulletin का Appendix I, जिसका नाम "Structure and Content of Syllabus" है। विस्तार के लिए Bulletin कक्षा I से VIII के NCERT सिलेबस और पाठ्यपुस्तकों को देखने को कहता है।
दिसंबर 2026 तक परीक्षा टलने के बाद क्या CTET का सिलेबस बदला है?
CBSE के 14 सितंबर 2026 के public notice में सिर्फ़ नई तारीखें (12 और 13 दिसंबर 2026) दी गई हैं, सिलेबस के बारे में कुछ नहीं कहा गया। तैयारी September 2026 Bulletin के Appendix I से ही कीजिए।
क्या Paper 1 और Paper 2 का CDP सिलेबस एक जैसा है?
टॉपिक सूची और 15 + 5 + 10 का बँटवारा एक जैसा है। Paper 1 प्राथमिक स्कूल के बच्चे (6 से 11 वर्ष) पर है और Paper 2 उच्च प्राथमिक स्कूल के बच्चे (11 से 14 वर्ष) पर, इसलिए उदाहरण और स्थितियाँ अलग होती हैं।
क्या CTET Paper 2 में EVS आता है?
नहीं। EVS सिर्फ़ Paper 1 में है। Paper 2 में या तो गणित और विज्ञान (30 + 30) है या सामाजिक अध्ययन (60)।
CTET Paper 1 सिलेबस में Pedagogy के कितने प्रश्न हैं?
CDP (30), गणित Pedagogy (15), EVS Pedagogy (15) और भाषा Pedagogy (15 + 15) को जोड़ें तो 150 में से 90 प्रश्न Pedagogy आधारित हैं।
CTET Paper 2 के लिए कौन सी NCERT किताबें पढ़ें?
गणित और विज्ञान विकल्प के लिए कक्षा VI से VIII की NCERT गणित और विज्ञान; SST विकल्प के लिए कक्षा VI से VIII की NCERT इतिहास, भूगोल और सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन। बोध के अभ्यास के लिए NCERT हिंदी और अंग्रेज़ी की किताबें भी पढ़ें।
क्या CTET में नेगेटिव मार्किंग है?
नहीं। हर प्रश्न 1 अंक का है और कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए जिस प्रश्न में आप विकल्प कम कर पाएँ, उसे ज़रूर हल करें।
आपका अगला कदम
अपना Paper तय कीजिए, इस पेज से उसकी टॉपिक सूचियाँ अपनी कॉपी में उतारिए, और हर टॉपिक के आगे लिखिए: मज़बूत, कमज़ोर या अभी शुरू नहीं किया। फिर सेक्शन वाइज रणनीति के लिए हमारा Paper 1 का विस्तृत पेज या Paper 2 का विस्तृत पेज पढ़िए, और तारीखों की अपडेट के लिए CTET की पूरी गाइड बुकमार्क कर लीजिए।
