
CTET Qualifying Marks 2026: कैटेगरी के हिसाब से सीटेट पासिंग मार्क्स और कट ऑफ
CTET Qualifying Marks 2026: कैटेगरी के हिसाब से पासिंग मार्क्स और Cut Off
इंटरनेट पर "CTET कट ऑफ" खोजेंगे तो कई पेज मिलेंगे जिन पर कैटेगरी वाली टेबल और पक्के लगने वाले नंबर लिखे होते हैं। इनमें से ज़्यादातर पेज दो अलग चीज़ों को एक मान लेते हैं। सच यह है कि CTET में कोई मेरिट Cut Off होता ही नहीं है। इसमें एक तय पासिंग मार्क है, और CBSE ने उसे साफ़ शब्दों में लिखा है।
इस लेख में आपको वही एक आधिकारिक नियम मिलेगा। साथ में यह भी समझेंगे कि SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए स्थिति क्या है, और 82 नंबर को CBSE का नियम बताकर क्यों फैलाया जाता है। दिसंबर 2026 की परीक्षा में कितने नंबर का लक्ष्य रखें और रिज़ल्ट के बाद अपने नंबर कैसे जाँचें, यह भी यहीं है। परीक्षा से जुड़ी बाकी हर जानकारी के लिए हमारी CTET की पूरी गाइड देख लें।
एक ही आधिकारिक नियम: 60% यानी 150 में से 90
CTET September 2026 Information Bulletin के सेक्शन 9 में NCTE की 11.02.2011 की अधिसूचना का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार जो व्यक्ति TET परीक्षा में 60% या उससे ज़्यादा अंक लाता है, उसे TET पास माना जाएगा।
CTET के हर पेपर में 150 सवाल हैं और हर सवाल 1 अंक का है। इसलिए 60% का मतलब है ठीक 150 में से 90 अंक। यह नियम Paper 1 और Paper 2 पर अलग-अलग लागू होता है। अगर आप दोनों पेपर देते हैं, तो दोनों का फ़ैसला अलग होगा। हो सकता है एक में पास हों और दूसरे में नहीं।
नेगेटिव मार्किंग नहीं है और हर सवाल का वज़न बराबर है। यानी 90 अंक का सीधा मतलब है 90 सही जवाब। 150 सवाल किस सेक्शन से कितने आते हैं, यह हमारे exam pattern वाले लेख में विस्तार से दिया है।
कैटेगरी के हिसाब से CTET Qualifying Marks
सबसे ज़्यादा भ्रम यहीं होता है। बुलेटिन कहता है कि स्कूल प्रबंधन (सरकारी, स्थानीय निकाय, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी) अपनी आरक्षण नीति के अनुसार SC, ST, OBC, दिव्यांग आदि उम्मीदवारों को छूट देने पर विचार कर सकते हैं। किसी भी कैटेगरी के लिए अलग नंबर बुलेटिन में नहीं लिखा है।
अगर आपका सवाल है कि OBC के लिए CTET के पासिंग मार्क्स कितने हैं, तो ईमानदार जवाब के दो हिस्से हैं। CBSE की अपनी रेखा 60% है। आपके लिए 55% काफ़ी होगा या नहीं, यह उस स्कूल या भर्ती संस्था पर निर्भर है जहाँ आप आवेदन कर रहे हैं। उसी संस्था का विज्ञापन या नोटिफ़िकेशन असली दस्तावेज़ है।
इतनी वेबसाइटें 82 को CBSE का नियम क्यों बताती हैं?
150 का 55% होता है 82.5। कई राज्यों और भर्ती संस्थाओं ने आरक्षित वर्ग को 55% की छूट दी है। समय के साथ यही आँकड़ा "CTET कट ऑफ" वाली टेबलों में ऐसे कॉपी होता गया जैसे CBSE ने इसे तय किया हो। कुछ भर्ती नियमों में यह नंबर सच में है, लेकिन यह दावा गलत है कि CBSE इसे तय करता है।
आपके लिए इसका मतलब क्या है? तीन व्यावहारिक बातें समझ लीजिए:
- राउंडिंग अलग-अलग होती है। 82.5 को पूरा नंबर बनाना पड़ता है। कोई संस्था इसे 82 मानती है, कोई 83। एक अंक से आपकी पात्रता तय हो सकती है।
- मार्कशीट सिर्फ़ आपके अंक बताती है। आरक्षित वर्ग के लिए उन अंकों को कैसे पढ़ा जाए, यह हर नियोक्ता खुद तय करता है।
- हर संस्था छूट दे, ज़रूरी नहीं। बुलेटिन में लिखा है कि प्रबंधन छूट पर "विचार कर सकते हैं"। यह अनुमति है, गारंटी नहीं।
हमारी साफ़ राय यह है: अगर आप आरक्षित वर्ग से हैं, तब भी तैयारी 82 को देखकर मत कीजिए। लक्ष्य 90 रखिए। 90 पार हो गया तो छूट का सवाल ही नहीं उठेगा, और आपका स्कोर हर उस संस्था में चलेगा जो CTET मानती है।
Qualifying Marks और Cut Off में फ़र्क
CTET सिर्फ़ पास या फ़ेल वाली पात्रता परीक्षा है। CBSE इसमें कोई रैंक, मेरिट लिस्ट या रैंकिंग वाला Cut Off जारी नहीं करता। नौकरी के लिए चयन बाद में होता है, KVS, NVS, राज्य सरकार या स्कूल की अलग भर्ती प्रक्रिया से। Cut Off वही संस्थाएँ अपने हिसाब से तय करती हैं।
बुलेटिन साफ़ कहता है कि CTET पास करने से किसी को नौकरी का अधिकार नहीं मिलता। यह भर्ती की कई शर्तों में से सिर्फ़ एक है। बुलेटिन यह भी कहता है कि स्कूलों को भर्ती में CTET स्कोर को वेटेज देना चाहिए। इसलिए पास होने के बाद भी ज़्यादा स्कोर आपके काम आ सकता है।
भर्ती परीक्षाओं का जाँचा हुआ Cut Off हम अपने पेजों पर जोड़ रहे हैं: Paper 1 का verified cut off data और Paper 2 का Cut Off पेज। डेटा अभी जोड़ा जा रहा है, इसलिए भर्ती संस्था का अपना नोटिस भी ज़रूर देखें।
5% छूट वाली बात बिल्कुल अलग है
बहुत से उम्मीदवार दो अलग छूटों को एक समझ लेते हैं। NCTE के नोट में SC, ST, OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को न्यूनतम शैक्षिक योग्यता के अंकों में 5% तक की छूट दी गई है। यह छूट आपके 12वीं या ग्रेजुएशन के प्रतिशत पर लागू होती है, जब आप देखते हैं कि CTET में बैठ सकते हैं या नहीं।
CTET पेपर की 90 अंक वाली पासिंग लाइन से इसका कोई संबंध नहीं है। अगर आपका सवाल यह है कि आपके 12वीं या ग्रेजुएशन के अंक काफ़ी हैं या नहीं, तो हमारा eligibility वाला लेख पढ़ें। उसमें NCTE के विकल्प और Paper 1 के लिए B.Ed की स्थिति भी समझाई गई है।
कितने नंबर का लक्ष्य रखें?
यह हिस्सा ExamAtlas का सुझाव है, कोई आधिकारिक आँकड़ा नहीं। हमारी सलाह है कि प्रैक्टिस में 100 या उससे ज़्यादा का लक्ष्य रखें। नेगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए हर सवाल हल करना फ़ायदे का सौदा है। लेकिन परीक्षा के दिन की घबराहट, OMR की गलती और कोई एक कठिन सेक्शन आसानी से 8 से 10 अंक कम कर सकते हैं। इसलिए 90 के ऊपर 10 अंक की गुंजाइश रखना समझदारी है।
नीचे की टेबल सिर्फ़ उदाहरण के लिए है। इसमें दिखाया गया है कि लगभग 100 तक कैसे पहुँचा जा सकता है। आपका अपना बँटवारा आपकी मज़बूत और कमज़ोर जगहों के हिसाब से होना चाहिए।
Pedagogy के सवाल सिर्फ़ CDP में नहीं, हर सेक्शन में आते हैं। जो उम्मीदवार Pedagogy को अलग विषय मानकर छोड़ देते हैं, वे अक्सर गणित और EVS में अंक गँवाते हैं। परीक्षा अब 12 और 13 दिसंबर 2026 को है, यानी लगभग 14 हफ़्ते का अतिरिक्त समय मिला है। इसे बर्बाद मत कीजिए। हफ़्ते-दर-हफ़्ते की योजना हमारे preparation strategy वाले लेख में है।
आप सच में 90 पार कर रहे हैं या नहीं, यह सिर्फ़ समय बाँधकर दिए गए पूरे पेपर से पता चलता है। CTET Paper 1 टेस्ट सीरीज़ में 10 पूरे टेस्ट हैं, मुफ़्त और हिंदी-अंग्रेज़ी दोनों में। हर हफ़्ते एक टेस्ट दीजिए, हर बार स्कोर लिखिए, और देखिए कि आप एक बार नहीं, लगातार 90 के ऊपर रह रहे हैं या नहीं।
CTET रिज़ल्ट और स्कोर कैसे देखें
दिसंबर 2026 की परीक्षा के रिज़ल्ट की तारीख CBSE ने अभी नहीं बताई है। मई के नोटिस में जो "अक्टूबर के अंत तक" वाली संभावित तारीख थी, वह परीक्षा टलने के बाद लागू नहीं होती। बुलेटिन के अनुसार रिज़ल्ट आने पर प्रक्रिया यह रहेगी:
- रिज़ल्ट आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जारी होगा।
- सभी उम्मीदवारों की मार्कशीट और पास होने वालों का पात्रता प्रमाणपत्र डिजिटल रूप में DigiLocker पर मिलेगा।
- परीक्षा में बैठने वाले उम्मीदवारों के DigiLocker खाते बनाए जाते हैं और लॉगिन की जानकारी CBSE में दर्ज मोबाइल नंबर पर भेजी जाती है। वह नंबर चालू रखें।
- ये दस्तावेज़ डिजिटल हस्ताक्षर वाले हैं, IT Act के तहत कानूनी रूप से मान्य हैं, और इन पर एन्क्रिप्टेड QR कोड होता है जिसे DigiLocker ऐप से जाँचा जा सकता है।
- अपने सेक्शन-वार अंक और कुल अंक 90 से मिलाइए। दोनों पेपर दिए हैं तो दोनों अलग-अलग देखें।
पास होने के बाद प्रमाणपत्र जीवन भर के लिए मान्य है। पास उम्मीदवार स्कोर बढ़ाने के लिए दोबारा परीक्षा भी दे सकता है। अगर कोई संस्था CTET अंकों को वेटेज देती है, तो यह सुविधा काम की है।
Answer Key चुनौती: रिज़ल्ट से पहले अपने नंबर जाँचें
CBSE पब्लिक नोटिस के ज़रिए ctet.nic.in पर OMR शीट और Answer Key दिखाता है। आपत्ति दर्ज करने की विंडो आमतौर पर 2 से 3 दिन खुली रह सकती है, इसलिए आख़िरी शाम का इंतज़ार मत कीजिए। दिसंबर 2026 की परीक्षा के लिए इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
अनुभव से एक सलाह: आपत्ति के बारे में सोचने से पहले अपनी OMR को Provisional Answer Key से मिलाइए और संभावित स्कोर निकालिए। अगर आप 94 या 95 पर हैं, तो एक विवादित सवाल से पास-फ़ेल नहीं बदलेगा। लेकिन 89 या 90 के आसपास हैं, तो हर सवाल ध्यान से जाँचिए, क्योंकि एक स्वीकार हुई आपत्ति आपको लाइन के पार ले जा सकती है। हर सवाल पर Rs 1000 लगते हैं, इसलिए आपत्ति वहीं करें जहाँ आपके पास पक्का स्रोत हो।
FAQs
CTET कट ऑफ 2026 कितना है?
CTET में कोई मेरिट Cut Off नहीं होता। पासिंग मार्क 60% है, यानी 150 में से 90, जैसा CTET September 2026 Information Bulletin में NCTE की 11.02.2011 की अधिसूचना के हवाले से लिखा है।
General कैटेगरी के लिए सीटेट पासिंग मार्क्स कितने हैं?
हर पेपर में 150 में से 90। बुलेटिन में यही एकमात्र आँकड़ा दिया गया है।
OBC, SC और ST के लिए CTET पासिंग मार्क्स कितने हैं?
CBSE ने अलग नंबर तय नहीं किया है। स्कूल प्रबंधन अपनी आरक्षण नीति के अनुसार छूट दे सकते हैं। कई नियोक्ता 55% मानते हैं, जो 82.5 की राउंडिंग के हिसाब से 82 या 83 अंक होता है। भर्ती संस्था का नोटिस ज़रूर देखें।
क्या 82 अंक से CTET पास हो जाता है?
CBSE के अपने नियम से नहीं, क्योंकि वह 90 है। कुछ नियोक्ता आरक्षित वर्ग के लिए 55% मानते हैं, तो किसी खास भर्ती में 82 या 83 चल सकता है। हर जगह सुरक्षित रहने के लिए 90 या उससे ज़्यादा का लक्ष्य रखें।
क्या CTET में नेगेटिव मार्किंग है?
नहीं। हर सवाल 1 अंक का है और गलत जवाब पर अंक नहीं कटते, इसलिए सभी सवाल हल करें।
क्या CTET में रैंक या मेरिट लिस्ट आती है?
नहीं। यह पास या फ़ेल वाली पात्रता परीक्षा है। रैंक और Cut Off बाद में KVS, NVS, राज्य या स्कूल की भर्ती में आते हैं, जहाँ आपके CTET स्कोर को वेटेज मिल सकता है।
पास होने के बाद क्या स्कोर सुधारने के लिए दोबारा परीक्षा दे सकते हैं?
हाँ। बुलेटिन के अनुसार पास उम्मीदवार स्कोर सुधारने के लिए फिर से बैठ सकता है, और प्रयासों की कोई सीमा नहीं है।
अब आगे क्या करें
इसी हफ़्ते Paper 1 या Paper 2 का एक पूरा प्रैक्टिस टेस्ट समय बाँधकर दीजिए और स्कोर लिख लीजिए। अगर स्कोर 90 से कम है, तो वे दो सेक्शन पहचानिए जहाँ सबसे ज़्यादा अंक कटे, और अगले चार हफ़्ते सबसे पहले उन्हीं को दीजिए। अगर स्कोर पहले से 100 के ऊपर है, तो दिसंबर तक हर हफ़्ते एक पूरा टेस्ट देते रहिए, ताकि परीक्षा के दिन भी यही आदत काम आए।
