
CTET पेपर 1 2026: Pattern, सिलेबस, Qualifying Marks और तैयारी की Strategy
CTET Paper 1 2026: Pattern, Syllabus, Qualifying Marks और तैयारी की Strategy
CTET पेपर 1 उन सभी के लिए है जो कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाना चाहते हैं। यह CBSE द्वारा ली जाने वाली केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा का प्राथमिक स्तर वाला पेपर है। KVS, NVS और कई दूसरे स्कूलों में प्राथमिक शिक्षक पद पर आवेदन करने के लिए यही पेपर पास करना होता है।
इस पेज पर CTET primary level से जुड़ी हर ज़रूरी बात एक जगह है: किसे यह पेपर देना चाहिए, Paper 1 का Pattern, आधिकारिक बँटवारे के साथ सीटेट पेपर 1 सिलेबस, Qualifying Marks, एक व्यावहारिक स्कोर लक्ष्य और दिसंबर 2026 की परीक्षा के लिए 12 हफ्ते का प्लान। पूरी परीक्षा की जानकारी के लिए CTET की पूरी गाइड भी साथ में खोलकर रखें।
परीक्षा लगभग 14 हफ्ते आगे खिसक गई है। यह अतिरिक्त समय मिला है, इसे बर्बाद मत कीजिए। सही तरीके से पढ़ें तो Paper 1 पूरी तरह निकालने लायक पेपर है। तारीख से जुड़े अपडेट हमारे CTET परीक्षा तिथि वाले पेज पर मिलते रहेंगे।
CTET पेपर 1 क्या है?
CTET में दो पेपर होते हैं। Paper I कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक स्तर) के शिक्षकों के लिए है। Paper II कक्षा 6 से 8 (उच्च प्राथमिक स्तर) के लिए है। अगर आप दोनों स्तरों पर पढ़ाना चाहते हैं, तो आपको दोनों पेपर देने होंगे।
CTET सितंबर 2026 इस परीक्षा का 22वाँ संस्करण है। आधिकारिक जानकारी सिर्फ ctet.nic.in और CTET September 2026 Information Bulletin से आती है। इस पेज की सारी बातें उसी बुलेटिन और CBSE के नोटिस पर आधारित हैं।
CTET पेपर 1 किसे देना चाहिए?
Paper 1 उनके लिए है जो प्राथमिक शिक्षक बनना चाहते हैं। सामान्य रास्ता है: 12वीं के बाद 2 साल का D.El.Ed। NCTE के नियमों के आधार पर आम तौर पर बताई जाने वाली योग्यताएँ ये हैं (अंतिम पुष्टि ncte.gov.in पर करें):
- कम से कम 50% अंकों के साथ 12वीं और 2 साल का D.El.Ed पास या अंतिम वर्ष में
- कम से कम 45% अंकों के साथ 12वीं और NCTE 2002 Regulations के अनुसार 2 साल का D.El.Ed
- कम से कम 50% अंकों के साथ 12वीं और 4 साल का B.El.Ed (पास या अंतिम वर्ष)
- कम से कम 50% अंकों के साथ 12वीं और 2 साल का Diploma in Education (Special Education)
B.Ed वालों के लिए ज़रूरी बात: अगस्त 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने Devesh Sharma बनाम Union of India मामले में NCTE की 2018 वाली वह अधिसूचना रद्द कर दी, जिससे B.Ed धारकों को प्राथमिक शिक्षक पद के लिए योग्य माना गया था। कई पुरानी वेबसाइटें अब भी Paper 1 के नीचे B.Ed दिखाती हैं। मेरी सीधी सलाह है: अगर आपके पास सिर्फ B.Ed है, तो प्राथमिक शिक्षक की नौकरी का पूरा प्लान Paper 1 के भरोसे मत बनाइए। NCTE की ताज़ा स्थिति और भर्ती विज्ञापन देखिए, और CTET Paper 2 पर ध्यान दीजिए, जो B.Ed वालों के लिए स्वाभाविक पेपर है। पूरी जानकारी हमारे eligibility वाले पेज पर है।
D.El.Ed के अंतिम वर्ष के छात्र भी परीक्षा दे सकते हैं। प्रयासों की कोई सीमा नहीं है, और बुलेटिन में कोई आयु सीमा नहीं लिखी है।
Paper 1 का स्कोर कहाँ काम आता है?
CTET केंद्र सरकार के स्कूलों पर लागू होता है, जैसे KVS, NVS और Central Tibetan Schools। इसके अलावा चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप और दिल्ली के स्कूलों पर भी। बिना सरकारी सहायता वाले निजी स्कूल भी इसे मान सकते हैं। CBSE से जुड़े स्कूलों में 6 मार्च 2012 के बाद कक्षा 1 से 8 के लिए नियुक्त शिक्षकों को CTET या संबंधित TET पास होना ज़रूरी है।
राज्य सरकार के स्कूल आम तौर पर अपना TET मानते हैं, जैसे JTET, Bihar STET या BTET, UPTET, REET, MP TET। अगर कोई राज्य अपना TET नहीं कराता, तो वह CTET को मान सकता है। एक बात साफ़ समझ लें: CTET पास करना सिर्फ पात्रता है, नौकरी नहीं। भर्ती अलग से होती है।
CTET पेपर 1 का Exam Pattern
बुलेटिन के अनुसार Paper 1 का Pattern नीचे है। पाँचों खंड अनिवार्य हैं और सबका वज़न बराबर है।
- हर प्रश्न MCQ है, जिसमें 4 विकल्प होते हैं और 1 अंक मिलता है।
- कोई नेगेटिव मार्किंग नहीं है। कोई भी प्रश्न खाली मत छोड़िए।
- मुख्य प्रश्न पत्र द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेज़ी) होता है।
- उत्तर OMR शीट पर नीले या काले बॉल पॉइंट पेन से भरने होते हैं। पेंसिल की अनुमति नहीं है।
- CDP के प्रश्न 6 से 11 साल के बच्चों पर केंद्रित होते हैं।
- प्रश्न NCERT की कक्षा 1 से 5 की विषय वस्तु पर आधारित होते हैं, लेकिन उनका स्तर और जुड़ाव माध्यमिक स्तर (कक्षा 10) तक जा सकता है।
6 सितंबर वाले पुराने शेड्यूल में Paper I शाम की शिफ्ट में था (दोपहर 2:30 से शाम 5:00)। वह सिर्फ उसी तारीख के लिए था। दिसंबर का समय Admit Card पर पक्का होगा। दोनों पेपर की तुलना के लिए हमारा exam pattern वाला लेख देखें।
सीटेट पेपर 1 सिलेबस: खंड के अनुसार
बुलेटिन हर खंड को विषय वस्तु (content) और शिक्षाशास्त्र (pedagogy) में बाँटता है। यह बँटवारा किसी भी टॉपिक लिस्ट से ज़्यादा काम का है, क्योंकि इससे पता चलता है कि अंक कहाँ हैं। हर उप टॉपिक के साथ पूरा सिलेबस हमारे Syllabus पेज पर है। यहाँ प्लानिंग के लिए ज़रूरी बातें हैं।
अब जोड़कर देखिए। 150 में से लगभग 90 अंक बाल विकास और शिक्षाशास्त्र की समझ पर टिके हैं (CDP के 30 और चारों pedagogy भागों के 15-15)। यही वजह है कि स्कूल वाली गणित में अच्छे लोग भी Paper 1 में अटक जाते हैं, और यही वजह है कि pedagogy की तैयारी सबसे ज़्यादा फायदा देती है।
1. बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30)
यह खंड जाँचता है कि आप 6 से 11 साल के बच्चे के बढ़ने, सोचने और सीखने को कितना समझते हैं। प्रश्न ज़्यादातर कक्षा की किसी स्थिति पर होते हैं, परिभाषा पर नहीं।
- बाल विकास (15): विकास की अवधारणा और अधिगम से उसका संबंध, विकास के सिद्धांत, वंशानुक्रम और वातावरण, समाजीकरण (शिक्षक, माता पिता, साथी), पियाजे, कोहलबर्ग और वाइगोत्स्की के विचार और उनकी आलोचनात्मक समझ, बाल केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा, बुद्धि की अवधारणा और बहुआयामी बुद्धि, भाषा और चिंतन, जेंडर एक सामाजिक निर्मिति के रूप में, व्यक्तिगत भिन्नताएँ, अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन, विद्यालय आधारित आकलन और CCE, सही प्रश्न बनाना।
- समावेशी शिक्षा (5): अलग अलग और वंचित पृष्ठभूमि वाले बच्चे, सीखने में कठिनाई या अक्षमता वाले बच्चे, प्रतिभाशाली, सृजनशील और विशेष रूप से सक्षम बच्चे।
- अधिगम और शिक्षाशास्त्र (10): बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, बच्चे असफल क्यों होते हैं, पढ़ने पढ़ाने की मूल प्रक्रियाएँ, बच्चा एक समस्या समाधानकर्ता और वैज्ञानिक अन्वेषक के रूप में, वैकल्पिक धारणाएँ, संज्ञान और संवेग, अभिप्रेरणा और अधिगम, सीखने को प्रभावित करने वाले कारक।
यहाँ सबसे बड़ी गलती है सिद्धांतकारों के नाम रट लेना और बात न समझना। अगर प्रश्न में कोई बच्ची पहेली हल करते समय खुद से बात कर रही है, तो आपको स्थिति देखकर ही पहचानना चाहिए कि यह निजी वाक् (वाइगोत्स्की) है। इस खंड के लिए मुफ्त CTET Paper 1 Pedagogy Master Book एक अच्छा अकेला स्रोत है, क्योंकि इसमें सिद्धांत कक्षा के उदाहरणों से समझाए गए हैं।
2. गणित (30)
आधा खंड विषय वस्तु है, आधा यह कि उसे पढ़ाया कैसे जाए।
- विषय वस्तु (15), NCERT कक्षा 1 से 5: ज्यामिति, आकृतियाँ और स्थानिक समझ, हमारे आसपास के ठोस, संख्याएँ, जोड़ और घटाव, गुणा, भाग, मापन, भार, समय, आयतन, आँकड़ों का प्रबंधन, पैटर्न, मुद्रा।
- शिक्षण से जुड़े मुद्दे (15): गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित, औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों से मूल्यांकन, शिक्षण की समस्याएँ, त्रुटि विश्लेषण, निदानात्मक और उपचारात्मक शिक्षण।
विषय वस्तु आसान दिखती है क्योंकि यह कक्षा 1 से 5 की है। लेकिन प्रश्न इसे माध्यमिक स्तर की सोच से जोड़ सकते हैं, इसलिए पैटर्न, समय और मापन के रूपांतरण और आँकड़ों वाले प्रश्न ध्यान से अभ्यास करें। Pedagogy में त्रुटि विश्लेषण बहुत पूछा जाता है: बच्चा गलत उत्तर लिखता है और आपको उसके पीछे की गलत धारणा पहचाननी होती है। मुफ्त CTET Paper 1 Mathematics Complete गाइड विषय वस्तु और pedagogy दोनों साथ में कराती है, और पेपर भी इसी तरह पूछता है।
3. पर्यावरण अध्ययन (30)
- विषय वस्तु (15): परिवार और मित्र (संबंध, काम और खेल, जानवर, पेड़ पौधे), भोजन, आवास, पानी, यात्रा, चीज़ें जो हम बनाते और करते हैं।
- शिक्षण से जुड़े मुद्दे (15): EVS की अवधारणा और दायरा, एकीकृत EVS का महत्व, पर्यावरण अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा, सीखने के सिद्धांत, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान से संबंध, अवधारणाएँ प्रस्तुत करने के तरीके, गतिविधियाँ, प्रयोग और प्रायोगिक कार्य, चर्चा, CCE, शिक्षण सामग्री और सहायक साधन, समस्याएँ।
EVS के content वाले प्रश्न अक्सर NCERT की कक्षा 3 से 5 की EVS किताबों के छोटे छोटे तथ्यों से आते हैं: जानवर, पौधे, यात्रा, पानी के स्रोत, अलग अलग इलाकों का खान पान। इन तीन किताबों को लाइन दर लाइन पढ़ना ज़रूरी है, इसमें कोई छूट नहीं। Pedagogy के लिए यह समझिए कि प्राथमिक स्तर पर EVS एकीकृत और गतिविधि आधारित क्यों है। मुफ्त CTET Paper 1 EVS Complete गाइड दोनों हिस्सों को चैप्टर के हिसाब से कवर करती है।
4 और 5. भाषा I और भाषा II (30 + 30)
- अपठित बोध (15): अपठित गद्यांश और कविताएँ, जिन पर अर्थ, निष्कर्ष और व्याकरण के प्रश्न आते हैं।
- भाषा विकास का शिक्षाशास्त्र (15): भाषा सीखना और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनने और बोलने की भूमिका, भाषा के कार्य, व्याकरण की भूमिका, विविधता वाली कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ, भाषा कौशल (सुनना, बोलना, पढ़ना, लिखना), बोध और दक्षता का मूल्यांकन, शिक्षण अधिगम सामग्री, उपचारात्मक शिक्षण।
भाषा I में शिक्षण के माध्यम वाली भाषा की दक्षता जाँची जाती है। भाषा II एक अलग भाषा होती है, जिसमें भाषा के तत्व, संप्रेषण और बोध पर ध्यान रहता है। दोनों का pedagogy वाला हिस्सा लगभग एक जैसा है, इसलिए एक बार की अच्छी तैयारी दोनों खंडों में कुल 30 अंक सँभाल लेती है।
भाषा I और भाषा II कैसे चुनें?
बुलेटिन में कई भाषाएँ दी गई हैं, जैसे हिंदी, अंग्रेज़ी, संस्कृत, उर्दू, बांग्ला, ओड़िया, मैथिली और दूसरी। चुनाव आपका है, लेकिन नौकरी को ध्यान में रखकर चुनिए।
- भाषा I: वही भाषा लें जिस माध्यम में आप सच में पढ़ाएँगे। बिहार, UP, MP और राजस्थान के ज़्यादातर पाठकों के लिए यह हिंदी है।
- भाषा II: भाषा I से अलग होनी चाहिए। ज़्यादातर हिंदी माध्यम वाले अंग्रेज़ी लेते हैं। संस्कृत तभी लें जब अपठित संस्कृत गद्यांश आप आराम से पढ़ पाते हों।
- जिस भर्ती को आप लक्ष्य बना रहे हैं, उसके नियम भी देख लें। कुछ भर्ती संस्थाएँ भाषा के संयोजन को देखती हैं।
एक काम की सलाह: वह भाषा मत चुनिए जिसमें आप "स्कूल में अच्छे थे"। अपठित गद्यांश के लिए आज की पढ़ने की गति चाहिए, पुरानी याद नहीं।
CTET पेपर 1 के Qualifying Marks
NCTE की 11 फरवरी 2011 की अधिसूचना के अनुसार, 60 प्रतिशत या उससे ज़्यादा अंक लाने वाला व्यक्ति TET पास माना जाता है। Paper 1 में यह 150 में से 90 अंक है।
कई भर्ती संस्थाएँ आरक्षित वर्ग के लिए 55 प्रतिशत मानती हैं, लेकिन यह नियुक्ति करने वाली संस्था का नियम है, CBSE का नहीं। आपका वर्ग जो भी हो, लक्ष्य 90 रखिए। Qualifying Marks और भर्ती के Cut Off को एक मत समझिए। KVS, NVS और राज्य अपना अलग Cut Off तय करते हैं, जिसकी जानकारी हमारे CTET Cut Off पेज पर है।
खंड के हिसाब से तैयारी और स्कोर का लक्ष्य
CTET में किसी खंड में अलग से न्यूनतम अंक की शर्त नहीं है। सिर्फ कुल अंक मायने रखते हैं। इसलिए हर खंड में पूरे अंक का सपना छोड़िए और सुरक्षित अंतर के साथ कुल अंक का प्लान बनाइए। नीचे की तालिका औसत गणित वाले हिंदी माध्यम के अभ्यर्थी के लिए ExamAtlas का सुझाव है। यह सिर्फ उदाहरण के लिए लक्ष्य है, कोई आधिकारिक संख्या नहीं।
अगर आपकी अंग्रेज़ी मज़बूत है और गणित कमज़ोर, तो संख्याएँ आपस में बदल लीजिए। असली बात यह है कि परीक्षा से पहले कम से कम तीन हफ्ते तक Mock Test में आपका कुल स्कोर 100 से ऊपर बना रहे।
परीक्षा हॉल में एक समझदार क्रम यह है: पहले भाषा I (जल्दी होता है, आत्मविश्वास बनता है), फिर CDP, EVS, गणित और आखिर में भाषा II। अंत में 10 मिनट बचाकर रखिए ताकि बचे हुए सारे गोले भर सकें, क्योंकि नेगेटिव मार्किंग नहीं है।
NCERT किताबें और नोट्स
बुलेटिन खुद कहता है कि विस्तृत सिलेबस के लिए NCERT का सिलेबस और किताबें देखें। Paper 1 के लिए इसका मतलब है:
- NCERT गणित, कक्षा 1 से 5
- NCERT पर्यावरण अध्ययन (EVS), कक्षा 3 से 5
- NCERT की कक्षा 1 से 5 की हिंदी और अंग्रेज़ी की किताबें, खासकर गद्यांश और कविताओं की शैली समझने के लिए
पढ़ते समय छोटे नोट्स बनाते चलिए: हर चैप्टर का एक पेज, उन तथ्यों के साथ जिन पर प्रश्न बन सकता है। अगर आपको दोहराने के लिए तैयार टॉपिक वाइज़ नोट्स चाहिए, तो मुफ्त CTET Paper 1 study material में बाल विकास और शिक्षाशास्त्र, शिक्षा नीति, गणित, EVS और भाषा शिक्षाशास्त्र के अलग अलग भाग हैं।
दिसंबर 2026 के लिए 12 हफ्ते का प्लान
सितंबर के बीच से 12 दिसंबर तक लगभग 12 हफ्ते हैं। यह छोटा खाका है, हर हफ्ते का पूरा प्लान हमारी preparation strategy वाली गाइड में है।
अभ्यास, रिवीज़न और Mock Test
सिर्फ पढ़ने से 105 तक नहीं पहुँचेंगे। आपको देखना होगा कि CBSE pedagogy का प्रश्न कैसे बनाता है, जहाँ दो विकल्प सही लगते हैं और बाल केंद्रित सोच से सिर्फ एक मेल खाता है। छठे हफ्ते के आसपास मिले जुले प्रश्न हल करना शुरू कीजिए। मुफ्त CTET Paper 1: 500 Most Expected Questions ई-बुक में हर प्रश्न की पूरी व्याख्या है, और असली सीख वहीं होती है।
नौवें हफ्ते से फुल लेंथ Mock एक बार में 2 घंटे 30 मिनट बैठकर दीजिए। CTET Paper 1 Full Test Series 2026 में 10 मुफ्त द्विभाषी टेस्ट हैं, All India Rank के साथ। 9वें और 10वें हफ्ते में हफ्ते का एक, उसके बाद हफ्ते के दो दीजिए, इस तरह परीक्षा से पहले सभी 10 पूरे हो जाएँगे। हर Mock के बाद उसके विश्लेषण पर टेस्ट से ज़्यादा समय लगाइए।
CTET पेपर 1 में होने वाली आम गलतियाँ
- इसे GK या गणित की परीक्षा समझ लेना। नतीजा pedagogy तय करती है।
- NCERT की EVS किताबें छोड़ देना। कई content प्रश्न सीधे इनके छोटे तथ्यों से आते हैं।
- भाषा II बिना सोचे चुनना। कमज़ोर भाषा II से 10 अंक तक कट सकते हैं।
- प्रश्न खाली छोड़ना। नेगेटिव मार्किंग नहीं है, तो हर खाली गोला एक गँवाया हुआ मौका है।
- सिद्धांतकारों को बिना स्थिति के रटना। पेपर कक्षा की बात पूछता है, जीवनी नहीं।
- सिर्फ B.Ed वालों का Paper 1 पर भरोसा करना। 2023 के सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद NCTE की स्थिति पहले जाँचिए।
- OMR के नियम भूल जाना। सिर्फ बॉल पॉइंट पेन, OMR पर रबर या व्हाइटनर नहीं, OMR पर कोई रफ काम नहीं।
FAQs
CTET पेपर 1 2026 की परीक्षा कब है?
CBSE के 14 सितंबर 2026 के public notice के अनुसार 22वाँ संस्करण 12 और 13 दिसंबर 2026 को होगा। कौन सा पेपर किस दिन होगा, यह अभी घोषित नहीं हुआ है।
CTET पेपर 1 में कितने प्रश्न आते हैं?
1-1 अंक के 150 MCQ: CDP, गणित, EVS, भाषा I और भाषा II से 30-30 प्रश्न। समय 2 घंटे 30 मिनट है।
क्या CTET पेपर 1 में नेगेटिव मार्किंग है?
नहीं। नेगेटिव मार्किंग नहीं है, इसलिए हर प्रश्न का उत्तर दीजिए।
CTET पेपर 1 के Qualifying Marks कितने हैं?
60 प्रतिशत, यानी 150 में से 90। आरक्षित वर्ग की छूट भर्ती करने वाला स्कूल प्रबंधन अपनी आरक्षण नीति के अनुसार तय करता है। बुलेटिन अलग अंक तय नहीं करता।
क्या B.Ed वाले CTET पेपर 1 दे सकते हैं?
अगस्त 2023 के सुप्रीम कोर्ट फैसले (Devesh Sharma बनाम Union of India) के बाद प्राथमिक पदों के लिए D.El.Ed ही संबंधित योग्यता है। सिर्फ B.Ed वाले Paper 1 पर भरोसा करने से पहले NCTE की स्थिति और भर्ती विज्ञापन ज़रूर देखें।
CTET पेपर 1 के लिए कौन सी NCERT किताबें काफी हैं?
विषय वस्तु के लिए NCERT गणित 1 से 5, EVS 3 से 5 और कक्षा 1 से 5 की भाषा की किताबें। Pedagogy अलग से पढ़नी होगी, क्योंकि NCERT की पाठ्यपुस्तकें उसे सीधे नहीं पढ़ातीं।
क्या मैं Paper 1 और Paper 2 दोनों दे सकता हूँ?
हाँ। अगर आप कक्षा 1 से 5 और 6 से 8 दोनों पढ़ाना चाहते हैं, तो दोनों पेपर पास करने होंगे। दोनों पेपर की फीस General/OBC(NCL) के लिए 1200 रुपये और SC/ST/दिव्यांग के लिए 600 रुपये है, GST अलग से।
आपका अगला कदम
आज ही NCERT EVS कक्षा 3 खोलिए और पहले दो चैप्टर हाथ में पेन लेकर पढ़िए। फिर CDP का एक टॉपिक लीजिए (पियाजे की अवस्थाएँ अच्छी शुरुआत है) और कक्षा की तीन ऐसी स्थितियाँ लिखिए जहाँ वह लागू होता है। दीवार पर 12 दिसंबर लिखकर लगा दीजिए। Paper 1 के लिए 12 हफ्ते की लगातार मेहनत काफी है।
