
IBPS PO Mains DI 2026: 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट, और वो 25 अटेम्प्ट जो 40 से आगे निकल जाते हैं
IBPS PO Mains DI 2026: 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट, और वो 25 अटेम्प्ट जो 40 से आगे निकल जाते हैं
4 अक्टूबर 2026 के Mains पेपर में Data Analysis & Interpretation के लिए आपको 45 मिनट मिलेंगे। पिछले साल भी 45 मिनट ही मिले थे, लेकिन तब सवाल 35 थे और अंक 50। इस बार उसी घड़ी में 40 सवाल और 60 अंक आ गए हैं।
पूरा आर्टिकल इसी एक लाइन पर टिका है। पाँच सवाल ज़्यादा, दस अंक ज़्यादा, और एक सेकंड भी ज़्यादा नहीं। नीचे सब कुछ यही है कि इसका असर आपके attempt, आपकी accuracy और आपकी final rank पर कितना पड़ता है।
DI सेक्शन एक नज़र में
इस साल objective कुल 170 सवाल, 200 अंक, 160 मिनट है, और उसके बाद 30 मिनट का 25 अंकों वाला descriptive पेपर। अगर आपने पूरा pattern change अभी तक नहीं पढ़ा है तो पहले हमारा IBPS PO Mains 2026 pattern breakdown पढ़िए, फिर यहाँ लौटिए।
DI में असल में बदला क्या है
ज़्यादातर पेज आज भी 2026 के नाम पर पिछले साल की टेबल छाप रहे हैं। नीचे ईमानदार तुलना है। 2025 वाला कॉलम जुलाई 2025 के एक dated पेज से है, और 2026 वाला कॉलम सितंबर 2026 के दो पेजों पर cross-verify किया गया है।
DI वाली लाइन दोबारा पढ़िए। GA को अतिरिक्त बोझ उठाने के लिए दस मिनट अतिरिक्त मिले। DI को कुछ नहीं मिला।
यानी हर सवाल पर 5% ज़्यादा पैसा मिल रहा है और उसे कमाने के लिए 12.5% कम समय। 2025 के मॉक में जो DI सेट आप आराम से निकाल लेते थे, वही सेट अक्टूबर में उसी रफ़्तार पर घंटी के बाद खत्म होगा।
अब DI और Reasoning बिलकुल एक जैसे डिब्बे हैं
2026 पेपर की यह सबसे बड़ी संरचनात्मक बात है और लगभग किसी ने साफ़ शब्दों में नहीं कही। Reasoning और DI अब एक समान हैं: दोनों में 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट। प्रति सवाल अंक वही, प्रति सवाल सेकंड वही, प्रति अंक सेकंड वही। फर्क सिर्फ़ इतना बचा है कि आप कौन सा सेक्शन सच में पूरा कर पाते हैं।
एक DI सवाल 1.50 अंक का है, यानी एक English objective सवाल का 3.00 गुना और एक GA सवाल का 1.25 गुना। प्रति मिनट सबसे अच्छी दर अब भी GA की है, 1.714, और उसकी वजह हमने Mains General Awareness revision map में विस्तार से लिखी है। पर GA याददाश्त का सेक्शन है और उसकी एक सीमा है। DI 30% अंकों का है और यही वो ब्लॉक है जहाँ तैयार उम्मीदवार भीड़ से अलग निकल सकता है।
Negative marking का वो नंबर जो लगभग हर पेज गलत छापता है
दर्जनों कोचिंग पेजों पर आपने पढ़ा होगा कि "गलत उत्तर पर 0.25 अंक कटेंगे"। नियम यह है कि उस सवाल को दिए गए अंकों का एक-चौथाई कटता है, कोई तय चौथाई अंक नहीं।
DI का सवाल 1.50 अंक का है। 1.50 का एक-चौथाई है 0.375। यानी एक गलत DI उत्तर आपको 0.375 का पड़ता है, जो उन पेजों के बताए 0.25 से 50% ज़्यादा है।
इसका काम का नतीजा है guess का break-even. आपको वह p चाहिए जहाँ p x 1.50 बराबर हो (1 - p) x 0.375 के। हल निकलता है p = 20.00%। चूँकि penalty अंकों के अनुपात में है, यही 20.00% पूरे पेपर के हर सेक्शन पर लागू होता है।
ध्यान दीजिए कि पाँच विकल्पों वाला पेपर blind guess को ठीक break-even पर ला देता है। यानी बिना सोचे गोला भरने से न अंक बनते हैं, और जो सेकंड लगे वो अलग से गए। DI में विकल्प हटाने का काम आमतौर पर मोटे अनुमान से होता है, विकल्पों को देखकर नहीं।
Accuracy के हिसाब से कितने अटेम्प्ट चाहिए
DI में net score होता है A x (1.875p - 0.375), जहाँ A है attempts और p है accuracy. इसे उलट दीजिए तो किसी target के लिए A = target / (1.875p - 0.375). यही टेबल है जो आपकी मेज़ के ऊपर चिपकनी चाहिए।
यहाँ "असंभव" का मतलब शाब्दिक है। सेक्शन में सवाल ही 40 हैं। 40 से ऊपर की कोई भी संख्या का मतलब है कि गणित आपसे उतने सवाल करने को कह रहा है जितने पेपर में मौजूद ही नहीं।
60% वाली पंक्ति देखिए। 60% accuracy पर 60 में से 30 अंक लाने के लिए आपको ठीक 40.00 attempts चाहिए, यानी सेक्शन का हर एक सवाल, 67.5 सेकंड की रफ़्तार पर, और एक भी सेट अटकने की गुंजाइश शून्य। 55% accuracy पर DI में 30 अंक का सवाल ही खत्म हो जाता है।
यही इस सेक्शन का असली संदेश है। DI की accuracy की समस्या परीक्षा हॉल की हिम्मत से नहीं सुलझती। उसे सिर्फ़ अभ्यास सुलझाता है, और आपके पास 27 दिन हैं।
25 सोचे-समझे सवाल 40 जल्दबाज़ी वाले सवालों से आगे क्यों निकलते हैं
यह वो टेबल है जिसने इस सेक्शन को पढ़ाने का हमारा तरीका बदल दिया। यह दिखाती है कि छोड़ने से आपको क्या मिलता है: कम attempt यानी हर attempt पर ज़्यादा सेकंड, जिससे accuracy चढ़ती है, जिससे net चढ़ता है।
अब वो दो खाने पढ़िए जो मायने रखते हैं। 85% accuracy पर 25 attempts से 30.47 अंक बनते हैं। 55% accuracy पर 40 attempts से 26.25। जिसने 15 सवाल कम किए वो 16.07% आगे निकल गया।
और उसने यह 67.5 की जगह 108 सेकंड प्रति सवाल के साथ किया, यानी 60% ज़्यादा सोचने का समय, और ठीक इसी वजह से उसकी accuracy 85% तक पहुँची। दोनों कॉलम अलग-अलग नहीं हैं। चुनाव ही accuracy खरीदता है।
तीन साइकिल इस सेक्शन को देखने के बाद मेरी साफ़ राय: अक्टूबर में ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए ऊँची accuracy पर 25 से 30 attempts का बैंड सही लक्ष्य है, और 38 attempts के पीछे भागना ही वो तरीका है जिससे लोग 26 लाकर किस्मत को दोष देते हैं।
आपकी final rank में DI की कीमत
Final merit बनती है Mains 80% और Interview 20% से, और 225 अंकों के Mains को 100 पर स्केल किया जाता है। इससे Mains का हर अंक 0.3556 final point का हो जाता है।
अकेला DI 21.33 final points रखता है। पूरा interview रखता है 20.00। आपका DI सेक्शन आपके interview से 6.67% भारी है, और interview के उलट यह वो कौशल है जिसे चार हफ़्तों में नापकर सुधारा जा सकता है।
अब वो इकाई जिसमें चुभन होती है: Mains का एक अंक बराबर है interview के 1.78 अंकों के। यानी एक DI सवाल 2.67 interview अंकों के बराबर है, और पाँच सवालों का एक DI सेट 13.33 interview अंकों के। जो सेट आप खोल सकते थे और छोड़ आए, वो आपकी ताकत और कमज़ोरी वाले सवाल के खराब जवाब से महँगा पड़ता है।
अगर qualifying अंक और merit अंक का फर्क अब भी धुंधला है तो हमारा qualifying बनाम merit marks explainer इसे छह परीक्षाओं पर खोलकर समझाता है।
सवाल नहीं, सेट गिनिए: 5:37 का नियम
DI 40 अलग-अलग सवालों की शक्ल में नहीं आता। वह सेट में आता है। एक caselet, एक टेबल, एक बार ग्राफ़, हर एक डेटा ब्लॉक पर चार या पाँच सवाल। तो आपकी घड़ी असल में 67.5 सेकंड प्रति सवाल नहीं है।
पाँच सवाल प्रति सेट मानें तो 40 सवाल का मतलब है 45 मिनट में आठ सेट। यानी 337.5 सेकंड प्रति सेट, या 5 मिनट 37 सेकंड। बजट इसी हिसाब से बनाइए।
जो अनुशासन मायने रखता है: हर नए सेट को कमिट करने से पहले 45 सेकंड पढ़ने दीजिए। अगर डेटा ब्लॉक में missing value की चेन है, प्रतिशत के ऊपर प्रतिशत की परत है, या तीन चर एक साथ पकड़ने पड़ रहे हैं, तो छोड़िए और अगला खोलिए। आठ सेट पर 45 सेकंड का यह स्कैन आपके छह मिनट लेता है और पूरे पेपर का सबसे सस्ता बीमा है।
दूसरा अनुशासन: किसी सेट में 90 सेकंड बीत जाएँ और कुछ हल न हुआ हो तो निकल जाइए। लगा हुआ समय वहाँ रुकने का कारण नहीं होता। 30 और 20 के बीच का फर्क यही एक आदत बनाती है।
हम 2026 की DI weightage टेबल क्यों नहीं छाप रहे
आपने शायद "IBPS PO Mains DI topic wise weightage 2026" सर्च किया होगा और टेबलें मिली होंगी। हमने उन्हें देखा। हम एक नहीं छाप रहे, और वजह गणित है, सावधानी नहीं।
हर पुरानी DI weightage टेबल 35 सवालों वाले सेक्शन की गिनती है। 2026 का सेक्शन 40 सवालों का है। अलग हर के सामने "Caselet: 18 सवाल" दोबारा छापना पूर्वानुमान नहीं, सलाह के भेस में एक rounding error है। वे पाँच अतिरिक्त सवाल कहाँ गिरेंगे, यह IBPS ने बताया ही नहीं।
जो हम ईमानदारी से दे सकते हैं वो है इतिहास, इतिहास के लेबल के साथ। यह जुलाई 2026 का dated संकलन है और नीचे का हर कॉलम पुराने 35 सवाल वाले सेक्शन का है।
छह साल में दो बातें स्थिर रही हैं और उन पर योजना बनाई जा सकती है। DI और caselet कभी 10 सवाल से नीचे नहीं गए और एक बार 25 तक पहुँचे। Arithmetic कभी गायब नहीं हुआ।
बाकी सब घूमता रहा। तो समझदारी की तैयारी का क्रम है: पहले caselet और multi-graph DI, फिर arithmetic, और सबसे आखिर में छोटे फॉर्मेट।
स्रोतों पर एक और चेतावनी। इस आर्टिकल की रिसर्च में हमें 19 जून 2026 को अपडेट हुआ एक पेज मिला जो अब भी 157 सवालों का Mains और Essay तथा Letter वाला descriptive छाप रहा है। Letter writing इस साल हट चुकी है और उसकी जगह comprehension आ गया है, जो हमने Mains descriptive paper breakdown में दर्ज किया था।
18 जून 2026 के एक और पेज ने सेक्शन के समय ऐसे छापे जिनका जोड़ 180 मिनट बनता है, जबकि उसी टेबल में कुल 160 मिनट लिखा है। किसी भी pattern टेबल पर योजना बनाने से पहले उसका जोड़ जाँच लीजिए, हमारी टेबल भी शामिल।
27 दिन का DI प्लान जो घड़ी का सम्मान करता है
27 दिन, और DI अकेला सेक्शन नहीं है जिसे आप समय देते हैं। यह प्लान रोज़ लगभग 90 मिनट DI मानकर बना है और यह भी मानकर कि आपकी बुनियाद (प्रतिशत, अनुपात, औसत) तैयार है। अगर नहीं है तो पहले चार दिन वहीं दीजिए और बाकी को दबा दीजिए।
हर टाइम्ड सेक्शन के बाद तीन कॉलम लिखिए: साफ़ हल हुआ, धीरे हल हुआ, तुक्का। दूसरा कॉलम ही आपका असली सिलेबस है। जो सवाल आपने चार मिनट में हल किया, वो 4 अक्टूबर को हल नहीं होगा, और उसकी जगह कल की रिवीज़न लिस्ट है, आपके आत्मविश्वास में नहीं।
अक्टूबर में DI के अंक खाने वाली पाँच गलतियाँ
- 2026 के पेपर में 2025 की रफ़्तार ले जाना। आपकी पुरानी आरामदेह सेट स्पीड अब 12.5% धीमी है। टाइमर रीसेट कीजिए, आत्मविश्वास नहीं।
- Penalty को 0.25 मानना। वह 0.375 है। बारह गलत उत्तर यानी 4.5 अंक, यानी तीन साफ़ सवाल गए।
- आठ सेट कम लगे इसलिए नौवाँ खोलना। ऊपर की टेबल कहती है कि 25 अच्छे attempts 40 जल्दबाज़ attempts से 16.07% आगे हैं।
- 45 सेकंड का स्कैन छोड़ देना। बिना देखे सेट में कूदना ही वो तरीका है जिससे लोग एक caselet पर सात मिनट गँवाते हैं जो कभी खुलने ही वाला नहीं था।
- पूरे 27 दिन बिना टाइमर DI करना। बिना टाइमर अभ्यास तरीका बनाता है। स्कोर सिर्फ़ टाइम्ड अभ्यास बनाता है। 13 सितंबर तक स्विच कर लीजिए।
ये आँकड़े कहाँ से आए
कोई भी योजना अंतिम करने से पहले pattern को आधिकारिक IBPS notification PDF और अपने Mains call letter पर सत्यापित कर लीजिए। यहाँ का कोई आँकड़ा उनसे टकराए तो आधिकारिक दस्तावेज़ ही सही है।
IBPS PO सीरीज़ के बिना इस सेक्शन का अभ्यास
साफ़ बात। ExamAtlas पर अभी IBPS PO Mains की सीरीज़ लाइव नहीं है। हमारे पास 14 टेस्ट सीरीज़ हैं और बैंकिंग में सबसे नज़दीक है IBPS Clerk Prelims mock test series, जिसमें Numerical Ability है और उसका arithmetic तथा DI आधार वही है।
जो उसमें नहीं है वो है 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट वाला Mains ब्लॉक। इसलिए उसे calculation practice मानिए, सेक्शन का simulation नहीं।
सेक्शन के लिए यह ड्रिल किसी भी question bank और एक साधारण टाइमर से चलाइए। आठ सेट, 45 मिनट, फोन दूसरे कमरे में। हर सेट पर निशान लगाइए: खोला और हल हुआ, खोला और छोड़ा, स्कैन पर ही छोड़ा। दस बार दोहराने के बाद आपको अपना असली attempt बैंड पता चल जाएगा, और यही वो नंबर है जिसे ढूँढने में मदद करने के लिए यह पूरा आर्टिकल है।
अगर इस सीज़न में आप बैंकिंग और किसी राज्य परीक्षा के बीच फँसे हैं तो IBPS PO बनाम IBPS RRB Scale-I तुलना उस फैसले का वेतन और पोस्टिंग वाला पक्ष खोलती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
IBPS PO Mains DI 2026 में कितने सवाल करने चाहिए?
ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए 25 से 30 सवाल, 80% या उससे बेहतर accuracy पर। यह बैंड 26.67 से 36.56 अंक देता है और प्रति सवाल 90 से 108 सेकंड छोड़ता है। 35 या उससे ज़्यादा तभी कीजिए जब मॉक में आपकी accuracy 85% के ऊपर बैठ चुकी हो।
DI में negative marking 0.25 है या 0.375?
0.375 अंक। नियम उस सवाल को दिए गए अंकों का एक-चौथाई काटता है, और DI का सवाल 1.50 अंक का है। कई पेजों पर दिखने वाला सपाट "0.25" उस नियम का एक अंक वाले सवाल पर लागू रूप है, और DI वैसा सवाल नहीं है।
क्या DI सेक्शन में तुक्का लगाना चाहिए?
पाँच विकल्पों पर बिना सोचे तुक्का ठीक 20.00% पर break-even है और उससे कुछ नहीं मिलता। तुक्का तभी लगाइए जब कम से कम दो विकल्प हटा चुके हों, जहाँ अपेक्षित मूल्य +0.25 अंक प्रति guess हो जाता है, और वो भी आखिरी दो मिनट में जब समय का कोई बेहतर उपयोग न बचा हो।
क्या 2026 का DI पिछले साल से कठिन है?
सवाल ज़रूरी नहीं कि कठिन हों। घड़ी कठिन है। सेक्शन उन्हीं 45 मिनट में 35 से 40 सवाल का हो गया, यानी 2025 के पेपर के मुकाबले प्रति सवाल 12.5% और प्रति अंक 16.67% कम समय।
27 दिन बचे हैं तो DI का कौन सा टॉपिक पहले करें?
Caselet और multi-graph DI. छह साल के Mains पेपरों में 35 सवाल वाले सेक्शन में DI और caselet कभी 10 सवाल से नीचे नहीं गए और एक बार 25 तक पहुँचे। Arithmetic आधारित सवाल दूसरे नंबर पर। Data sufficiency और quantity comparison अनियमित रूप से आते हैं और आपके पहले दो हफ़्ते के लायक नहीं हैं।
क्या Mains में DI का sectional cut-off होता है?
किसी कोचिंग पेज से इसका जवाब मानकर योजना मत बनाइए। Sectional शर्तें आधिकारिक notification और call letter में लिखी होती हैं और साइकिल-दर-साइकिल बदली हैं। पक्का इतना है कि DI 200 objective अंकों में से 60 और आपके 100 final points में से 21.33 रखता है, इसलिए cut-off का ढाँचा जो भी हो, यह सेक्शन छोड़ने लायक नहीं है।
आखिरी बात
2026 का DI कठिन पेपर नहीं है। वह कसा हुआ पेपर है, और कसाव एक खास आदत को सज़ा देता है: सब कुछ attempt करने की आदत।
आपके पास 27 दिन हैं। पहले बारह दिन caselet पर तरीका बनाइए और आखिरी तेरह दिन ऐसा टाइम्ड attempt बैंड बनाइए जिस पर आपको भरोसा हो। 4 अक्टूबर को आठ सेट खोलिए, पाँच या छह पर कमिट कीजिए, और बाकी दो को बिना दूसरी सोच के जाने दीजिए। ऊपर का गणित कहता है कि वही उम्मीदवार उससे आगे रहेगा जिसने चालीसों सवाल छू लिए।
टैब बंद करने से पहले एक चेतावनी: यहाँ का हर नंबर उस pattern पर टिका है जिस पर सितंबर 2026 के दो dated पेज सहमत हैं, किसी ऐसे notification PDF पर नहीं जिसे हमने लाइन दर लाइन पढ़ा हो। Call letter जिस दिन आए उसी दिन डाउनलोड कीजिए और उसकी सेक्शन टेबल इस आर्टिकल से मिलाइए। अगर IBPS ने फिर कुछ हिलाया है तो सबसे पहले call letter ही बताएगा।
