
IBPS PO Mains Reasoning 2026: 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट
IBPS PO Mains Reasoning 2026: 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट
CRP PO/MT-XVI का Mains पेपर 4 अक्टूबर 2026 को है, 7,365 Probationary Officer पदों के लिए। Reasoning सेक्शन में 40 सवाल, 60 अंक और सेक्शनल टाइमर 45 मिनट का। पिछले साल इन्हीं 40 सवालों पर यही 60 अंक थे, और टाइमर 50 मिनट का था।
पाँच मिनट गायब हो गए और सवालों की संख्या वहीं की वहीं रही। 2026 में इस सेक्शन की पूरी कहानी यही एक लाइन है, और लगभग किसी कोचिंग पेज ने यह नहीं छापा, क्योंकि ज़्यादातर पेज अब भी 2025 की टेबल को 2026 के हेडिंग के नीचे चिपकाए बैठे हैं। ऐसे ही एक पेज का ज़िक्र इस आर्टिकल में आगे नाम लेकर होगा।
IBPS PO Mains Reasoning 2026: एक नज़र में
आख़िरी दो पंक्तियाँ साथ में पढ़िए। Reasoning आपको objective अंकों का 30 प्रतिशत देता है और घड़ी का सिर्फ़ 28.13 प्रतिशत लेता है। इस पेपर के सिर्फ़ दो सेक्शन ऐसे हैं जो लिए गए समय से ज़्यादा अंक लौटाते हैं, और दूसरा सेक्शन इसका जुड़वाँ है।
वह बदलाव जो किसी ने नहीं छापा: Reasoning से 5 मिनट कटे, सवाल एक भी नहीं
इस पेपर का हर दूसरा सेक्शन आकार बदल चुका है। English के 40 में से 20 अंक चले गए। General Awareness में 15 सवाल जुड़ गए। DI को पाँच सवाल और दस अंक मिले, अतिरिक्त एक सेकंड नहीं।
Reasoning अकेला ऐसा ब्लॉक है जिसका सवाल-गिनती, अंक-मूल्य और टॉपिक लिस्ट तीनों जस के तस रहे और घड़ी काट दी गई। यानी आपसे वही काम माँगा जा रहा है जो पिछले साल माँगा गया था, 10 प्रतिशत तेज़ी से।
सिलेबस बदलने से यह दिक्कत ठीक करना आसान है, और नज़रअंदाज़ करना उससे भी आसान। यही वजह है कि सैकड़ों उम्मीदवार 50 मिनट वाला प्लान लेकर सेंटर पहुँचेंगे।
General Awareness को दस अतिरिक्त मिनट कहाँ से मिले
Mains का objective कुल समय आज भी 160 मिनट है। वह बढ़ा नहीं। तो GA को मिले दस मिनट किसी न किसी की जेब से आए हैं, और हिसाब पूरा बैठता है।
GA की आधी बढ़ोतरी Reasoning ने चुकाई है, आधी English ने। अगर आपने GA अब इस पेपर का सबसे अच्छा भुगतान करने वाला ब्लॉक क्यों है पढ़ा है, तो यह टेबल उसी बात का बिल है।
इसका एक व्यावहारिक नतीजा है और वह साफ़ दिखता नहीं। सेक्शनल टाइमर तय है, इसलिए Reasoning में बचाया गया मिनट कहीं ट्रांसफ़र नहीं होता। वह खत्म हो जाता है।
41वें मिनट पर सेक्शन खत्म कर देने से आपको सिर्फ़ चार मिनट चुपचाप बैठने को मिलते हैं, DI का अधूरा सेट नहीं।
Reasoning और DI अब बिल्कुल एक जैसा बॉक्स हैं
पहली और दूसरी पंक्ति एक ही पंक्ति है। वही सवाल, वही अंक, वही मिनट, हर कॉलम में वही दर। 2025 में ये जुड़वाँ थे ही नहीं: Reasoning के पास 50 मिनट में 40 सवाल थे और DI के पास 45 मिनट में 35। 2026 के पेपर ने दोनों को एक कर दिया।
कागज़ पर जुड़वाँ, जोखिम में बिल्कुल अलग
यहीं पर कॉपी-पेस्ट रणनीति आपके अंक खाएगी। DI का सेट और Reasoning का puzzle सेट देखने में एक जैसे लगते हैं, पाँच-पाँच सवाल, पर इनका व्यवहार एक जैसा नहीं है।
bar graph में एक वैल्यू गलत पढ़ लीजिए, तब भी चार स्वतंत्र सवाल बचे रहते हैं और उनमें से ज़्यादातर हल हो जाते हैं। floor-and-flat वाले puzzle की grid टूट गई तो पाँचों सवाल एक साथ गिरते हैं।
Reasoning के सेट लगभग all-or-nothing हैं। DI के सेट टुकड़ों में काटे जा सकते हैं।
पाँचवीं और छठी पंक्ति देखिए। टूटी grid पर तुक्का मारकर निकला सेट उतना ही देता है जितना वह सेट जिसे आपने खोला ही नहीं, यानी शून्य, फ़र्क सिर्फ़ इतना कि तुक्के वाले सेट ने आपके आठ मिनट खा लिए।
इस सेक्शन की सबसे महँगी आदत यही है। हमारी राय, और यह राय ही है: Reasoning में छोड़ने में तेज़ रहिए और तुक्का मारने में धीमे। दोनों अनुशासन उलटी दिशा में खींचते हैं और दोनों सही हैं।
कटौती 0.375 है, 0.25 नहीं
नियम जिन शब्दों में लिखा है वह है, उस सवाल को आवंटित अंकों का एक-चौथाई। Reasoning के एक सवाल को 1.50 अंक आवंटित हैं। 1.50 का एक-चौथाई 0.375 होता है, जो उस सपाट 0.25 से 50 प्रतिशत भारी है जो दर्जनों पेज छापते हैं।
break-even निकालिए तो एक साफ़ संख्या मिलती है। 1.5p बराबर 0.375 गुणा (1 घटा p), यानी p बराबर ठीक 0.20। बीस प्रतिशत। कटौती अंक-मूल्य के अनुपात में है, इसलिए यही 20.00 प्रतिशत इस पेपर के हर सेक्शन में लागू होता है।
Reasoning में अंधा तुक्का छोटा नुकसान नहीं है। गणित में वह शून्य है और व्यवहार में नकारात्मक, क्योंकि विकल्प पढ़ने में लगे पंद्रह सेकंड असली थे।
आपको असल में कितने सवाल करने होंगे
जोड़ 1.5 और घटाव 0.375 के साथ, शुद्ध स्कोर बराबर है attempts गुणा (1.875p घटा 0.375), जहाँ p आपकी सटीकता है। इसे उलटिए तो attempts बराबर target बटा (1.875p घटा 0.375)। सेक्शन में सिर्फ़ 40 सवाल हैं, इसलिए इस टेबल में 40 से ऊपर की हर संख्या कठिन लक्ष्य नहीं, असंभव लक्ष्य है।
दो पंक्तियाँ ध्यान माँगती हैं। 50 प्रतिशत सटीकता पर इस सेक्शन में 24 अंक भी असंभव हैं, क्योंकि गणित 40 सवालों के पेपर में 42.7 attempts माँग रहा है। और 60 प्रतिशत सटीकता पर 30 अंक के लिए ठीक 40.00 attempts चाहिए, यानी हर सवाल, बिना किसी गुंजाइश के।
अगर आपके mock में Reasoning की सटीकता 60 प्रतिशत से नीचे है तो कोई attempt रणनीति आपको नहीं बचाएगी। बचा हुआ इकलौता लीवर सटीकता है।
25 सधे सवाल, 40 हड़बड़ी वाले सवालों से 16.07% बेहतर
attempts और accuracy अलग-अलग चीज़ें नहीं हैं। कम सवाल छूना ही वह तरीका है जिससे आप वे सेकंड खरीदते हैं जो सटीकता बनाते हैं। नीचे दोनों कॉलम साथ रखे हैं।
85 प्रतिशत सटीकता पर 25 attempts देते हैं 30.47। 55 प्रतिशत पर 40 attempts देते हैं 26.25। पंद्रह सवाल कम छूने वाली उम्मीदवार 16.07 प्रतिशत आगे निकल गई, और वह वहाँ 67.5 की जगह 108 सेकंड प्रति सवाल लगाकर पहुँची।
ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए Reasoning में ईमानदार बैंड 25 से 30 attempts का है। 38 के पीछे भागना ही वह तरीका है जिससे लोग 26 लाते हैं और फिर पेपर को दोष देते हैं।
फ़ाइनल रैंक में Reasoning की कीमत
चयन Mains 80 प्रतिशत और Interview 20 प्रतिशत पर चलता है। Mains पेपर 225 अंक का है जो 80 फ़ाइनल पॉइंट में बदलता है, इसलिए एक Mains अंक बराबर 0.35556 फ़ाइनल पॉइंट।
अकेला Reasoning पूरे इंटरव्यू से 6.67 प्रतिशत भारी है। जिस इकाई में यह चुभता है उसमें रखिए: एक Mains अंक बराबर 1.78 इंटरव्यू अंक, इसलिए एक Reasoning सवाल बराबर 2.67 इंटरव्यू अंक और एक पाँच-सवाल वाला puzzle सेट बराबर 13.33।
Puzzles और Seating ब्लॉक अकेला, 2025 के अपने 15 सवालों के आकार पर, 40.00 इंटरव्यू अंक के बराबर है। यह बँटवारा नया लगे तो अगला दिन पढ़ाई में लगाने से पहले कौन से अंक रैंक बनाते हैं और कौन से सिर्फ़ दरवाज़ा खोलते हैं पढ़ लीजिए।
इस पेपर की इकलौती weightage टेबल जो अब भी ज़िंदा है
पिछले तीन आर्टिकल में हमने तीन बार 2026 की weightage टेबल छापने से मना किया, और हर बार वजह अलग थी। इस बार हम एक छाप रहे हैं, और उसकी वजह भी गणित ही है।
DI 35 सवाल से 40 पर गया, इसलिए DI की हर पुरानी टॉपिक-गिनती एक मरे हुए हर पर टिकी है। Reasoning हिला ही नहीं। 2025 में भी 40 सवाल, 2026 में भी 40। नीचे दी 2025 की बँटवारा टेबल ठीक 40 पर जुड़ती है, और यही वह जाँच है जो बताती है कि संकलनकर्ता ने असली पेपर गिना था, टेम्पलेट नहीं।
दो ईमानदार चेतावनियाँ। यह एक aggregator संकलन है, IBPS का दस्तावेज़ नहीं, और यह एक पेपर बताता है, नियम नहीं।
उस संकलन के छह वर्षों में Puzzles और Seating हर बार सबसे बड़ा ब्लॉक रहा है, 15 सवाल से 28 सवाल तक, और हाल की दिशा नीचे की ओर है। मान कर चलिए कि यह सेक्शन का एक-तिहाई से आधा हिस्सा लेगा, इस अनुमान में आप किसी भी दिशा में बुरी तरह गलत नहीं होंगे।
क्या Computer Aptitude हट गया है
सितंबर 2026 के दोनों dated स्रोत इस सेक्शन को सिर्फ़ Reasoning कहते हैं। 2025 का स्रोत इसे Reasoning and Computer Aptitude कहता है। सितंबर वाले एक पेज ने यह बदलाव शब्दों में लिखा भी है, कि 2026 पैटर्न में अलग Computer Aptitude उप-विषय दर्ज नहीं है, हालाँकि सामान्य कंप्यूटर जानकारी तकनीक से जुड़े सवालों में काम आ सकती है।
हम इसे observation के तौर पर छाप रहे हैं, फ़ैसले के तौर पर नहीं। इसकी पुष्टि के लिए कोई IBPS दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं था।
हमारी सलाह उबाऊ और सुरक्षित है: इस पेपर के लिए अलग Computer Awareness ब्लॉक मत बनाइए, जो पहले से आता है उसे फेंकिए भी मत, और अपने कॉल लेटर पर सेक्शन के नाम खुद पढ़िए। यहाँ अंतिम अधिकार कॉल लेटर का है, हमारा या किसी कोचिंग साइट का नहीं।
सवाल नहीं, सेट गिनिए: 45 मिनट का बजट
Puzzle सेट में आते हैं। बजट भी सेट में बनाइए। 2025 के आकार को कामचलाऊ मान लें तो करीब 15 सवाल तीन सेट में आते हैं और बाकी 25 अकेले खड़े होते हैं।
दो अनुशासन इसे चलाते हैं। हर puzzle को कमिट करने से पहले 90 सेकंड का स्कैन दीजिए: नब्बे सेकंड में एक भी पक्का सुराग जगह पर नहीं बैठा तो आज उस सेट का दरवाज़ा आपके लिए नहीं खुला, आगे बढ़िए।
और कमिट करने के बाद छह मिनट की लकीर पकड़े रहिए। पहले लगाया गया समय आगे और समय लगाने की वजह नहीं होता।
27 दिन की योजना, 7 सितंबर से 3 अक्टूबर
हर टाइम्ड सेक्शन के बाद हर सवाल को तीन कॉलम में से एक में लिखिए: साफ़ हल हुआ, धीमे हल हुआ, तुक्का। दूसरा कॉलम ही आपका असली सिलेबस है। ग्यारह मिनट में बना puzzle वह puzzle है जो 4 अक्टूबर को नहीं बनेगा।
सेट अलग से टैग कीजिए: बना, 90 सेकंड बाद छोड़ा, स्कैन पर ही छोड़ा। इस गिनती के दस दोहराव आपको आपका असली attempt बैंड बता देंगे, किसी भी आर्टिकल से बेहतर, इस आर्टिकल से भी।
पाँच गलतियाँ जो यहाँ असली अंक खाती हैं
- 50 मिनट वाले Reasoning सेक्शन के हिसाब से प्लान बनाना, क्योंकि किसी 2026 वाले शीर्षक ने यही बताया था। टाइमर कॉल लेटर पर जाँचिए।
- टूटे puzzle के पाँचों सवाल भर देना। यह घटाव 1.875 अंक और आठ बर्बाद मिनट है।
- पाँचों विकल्प ज़िंदा रहते हुए तुक्का मारना। अपेक्षित मूल्य ठीक शून्य है, घड़ी की कीमत शून्य नहीं।
- जल्दी खत्म करके बचे मिनटों को बचत समझना। सेक्शनल टाइमर उन्हें खत्म कर देता है।
- परीक्षा तक खुले सवाल हल करते रहना। 26 सितंबर के बाद सिर्फ़ 45 मिनट के ब्लॉक।
ये आँकड़े कहाँ से आए
असहज बात साफ़ कह देते हैं: यह लिखते समय IBPS का कोई आधिकारिक notification PDF उपलब्ध नहीं था। यहाँ दिया पैटर्न सितंबर 2026 के दो स्वतंत्र, dated स्रोतों पर सवाल-दर-सवाल मिलता है और हमारे चार पुराने IBPS PO Mains आर्टिकल के आँकड़ों से भी मेल खाता है।
यह मज़बूत स्थिति है। आधिकारिक स्थिति नहीं। अपने कॉल लेटर की सेक्शन टेबल देखिए और उसी को अंतिम मानिए।
जाँच के दौरान एक चीज़ और मिली: एक जाना-माना बैंकिंग पोर्टल अपने पेज को 2026 का संशोधित सिलेबस और पैटर्न बताता है, तारीख़ कहीं नहीं, और उसमें Reasoning and Computer Aptitude आज भी 40 सवाल 50 मिनट में, GA 35 सवाल 25 मिनट में, और objective कुल 145 सवाल छपा है। यह 2026 की सुर्खी के नीचे 2025 का पेपर है।
किसी भी पैटर्न टेबल पर योजना बनाने से पहले उसका जोड़-घटाव खुद जाँचिए, हमारी टेबल का भी।
अभ्यास किस पर करें, ईमानदारी से
ExamAtlas पर अभी IBPS PO Mains की सीरीज़ नहीं है। लिखने से पहले हमने लाइव लिस्ट देखी, प्लेटफ़ॉर्म पर 14 सीरीज़ हैं और उनमें PO कोई नहीं। यह कह देना आपके लिए उस लिंक से ज़्यादा काम का है जो फिट ही नहीं बैठता।
सबसे नज़दीकी चीज़ है IBPS Clerk Prelims mock series, जो puzzles, seating, syllogism और inequality पर AI analytics के साथ टॉपिक-वार सटीकता दिखाती है। साफ़ रहिए कि यह क्या है: Prelims के आकार का reasoning ब्लॉक, 40 सवाल, 60 अंक, 45 मिनट वाला Mains बॉक्स नहीं।
Mains का सिमुलेशन आपको खुद बनाना होगा और उसमें खर्च शून्य है। चालीस सवाल, उनमें तीन puzzle सेट, 45 मिनट का टाइमर, फ़ोन दूसरे कमरे में। हर सेट को बना, छोड़ा या स्कैन पर टाला, यही टैग कीजिए।
दस दोहराव के बाद अपना attempt बैंड आपको खुद दिख जाएगा। उसके बाद पूरा 2026 पैटर्न बदलाव और descriptive पेपर वाला आर्टिकल पढ़ लीजिए ताकि बाकी 165 अंक चौंकाएँ नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
IBPS PO Mains Reasoning 2026 में कितने सवाल हैं?
40 सवाल, 60 अंक, और 45 मिनट का सेक्शनल टाइमर। हर सवाल 1.50 अंक का है और गलत उत्तर पर 0.375 कटता है।
क्या Computer Aptitude अब भी Mains Reasoning का हिस्सा है?
सितंबर 2026 के दोनों dated स्रोत सेक्शन को सिर्फ़ Reasoning कहते हैं, और एक ने लिखा है कि 2026 पैटर्न में अलग Computer Aptitude उप-विषय दर्ज नहीं है। जब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं कहता, इसे संभावित मानिए, तय नहीं, और कॉल लेटर पर पुष्टि कीजिए।
Reasoning सेक्शन में negative marking कितनी है?
सवाल को आवंटित अंकों का एक-चौथाई, यानी 1.50 अंक वाले सवाल पर 0.375, न कि वह सपाट 0.25 जो कई पेज छापते हैं। तुक्के का break-even ठीक 20 प्रतिशत बैठता है।
Reasoning में कितने सवाल attempt करने चाहिए?
ज़्यादातर उम्मीदवारों के लिए 25 से 30। 85 प्रतिशत सटीकता पर 25 attempts 30.47 अंक देते हैं और 55 प्रतिशत सटीकता वाले 40 attempts के 26.25 को हरा देते हैं। 60 प्रतिशत सटीकता से नीचे कोई भी attempt संख्या 30 अंक तक नहीं पहुँचती।
Reasoning का बचा हुआ समय DI में इस्तेमाल कर सकते हैं?
नहीं। Mains में सेक्शनल टाइमर तय है। Reasoning में बचा समय जमा नहीं होता, खत्म हो जाता है, इसलिए जल्दी खत्म करने का फ़ायदा सिर्फ़ शांत दिमाग है।
2026 की Reasoning topic-wise weightage कहाँ मिलेगी?
अभी वह है ही नहीं, क्योंकि 2026 का पेपर लिखा नहीं गया। 2025 का बँटवारा सबसे नज़दीकी काम का मार्गदर्शन है और उसका गणित अब भी वैध है, क्योंकि सेक्शन 40 सवालों पर टिका रहा। आज जो पेज 2026 की weightage टेबल का दावा कर रहा है, वह अनुमान लगा रहा है।
आख़िरी बात
ज़्यादातर उम्मीदवार इस सेक्शन की तैयारी ठीक वैसे ही करेंगे जैसे पिछले साल की थी, क्योंकि कागज़ पर लगभग कुछ नहीं बदला। जाल यही है।
सिलेबस नहीं हिला, अंक नहीं हिले, और घड़ी दस प्रतिशत हिल गई, जो एक आरामदेह 32 अंक वाले सेक्शन को खींच-तान वाले 26 में बदलने के लिए काफ़ी है।
अपना प्रैक्टिस टाइमर आज 45 मिनट पर सेट कीजिए, अगले हफ़्ते नहीं। सत्ताईस दिन रफ़्तार दोबारा बनाने के लिए काफ़ी हैं और सटीकता दोबारा बनाने के लिए कम, इसलिए पहले पाँच दिन सटीकता को दीजिए और बाकी घड़ी को। 4 अक्टूबर को सिर्फ़ एक संख्या मायने रखेगी: आपने जो सवाल चुने, उनमें से कितने सही निकले।
