
BPSC 72वीं CCE Prelims परीक्षा दिवस गाइड 2026: नियम, Option E और चेकलिस्ट
BPSC 72वीं CCE Prelims परीक्षा दिवस गाइड 2026
बिहार लोक सेवा आयोग ने 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का Prelims 25 अक्टूबर 2026 को रखा है। एक पेपर, दो घंटे, और उसके पीछे 1,186 पद। यह गाइड उसी एक सुबह के बारे में है, और उस Option E नियम के बारे में जिसने आपकी उत्तर पुस्तिका का पूरा गणित बदल दिया है।
नीचे दिया गया हर आंकड़ा आयोग के विज्ञापन और 14 अगस्त 2026 के कैलेंडर नोटिस से मिलाकर देखा गया है, 30 अगस्त 2026 तक। जहां दो स्रोत अलग संख्या छाप रहे हैं, वहां दोनों दी गई हैं। अनुमान से कुछ नहीं भरा गया।
BPSC 72वीं CCE 2026: एक नज़र में
BPSC 72वीं CCE की ज़रूरी तिथियां
आयोग इसी चक्र में Prelims की तारीख पहले भी बदल चुका है, इसलिए सितंबर भर BPSC 72वीं Prelims नई परीक्षा तिथि ट्रैकर खुला रखें। पूरे साल की BPSC भर्तियों का शेड्यूल BPSC परीक्षा कैलेंडर 2026 में है।
पात्रता: 72वीं CCE में कौन बैठ सकता है
शैक्षणिक शर्त सीधी है, किसी भी विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक। अंतिम वर्ष के छात्र आवेदन कर सकते थे, बशर्ते Mains तक डिग्री हाथ में हो। कुछ पदों पर विषय की शर्त सख्त है।
- वित्तीय प्रशासनिक अधिकारी: वाणिज्य, अर्थशास्त्र या सांख्यिकी में स्नातक
- अनुमंडल संरक्षण पदाधिकारी (महिला): मनोविज्ञान, विधि, समाजशास्त्र या समाज कार्य
- बाल विकास परियोजना पदाधिकारी: गृह विज्ञान, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र या श्रम एवं समाज कल्याण
- बाकी सभी Group A और Group B सेवाएं: किसी भी विषय में स्नातक
आयु की गणना 1 अगस्त 2026 से होती है। न्यूनतम आयु पद के अनुसार 20, 21 या 22 वर्ष है, और अधिकतम इस तरह है।
राज्य आरक्षण का लाभ केवल बिहार का स्थायी निवास प्रमाण पत्र रखने वालों को मिलता है। दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, पर वे अनारक्षित श्रेणी में ही गिने जाते हैं, चाहे अपने राज्य में उनकी श्रेणी कुछ भी हो।
BPSC 72वीं Prelims का Exam Pattern
Option E का नियम असल में काम कैसे करता है
यही वह हिस्सा है जहां अभ्यर्थी सबसे ज़्यादा अंक गंवाते हैं, और इंटरनेट पर घूम रही आधी सामग्री इसे गलत समझा रही है। Option E पांचवां उत्तर विकल्प नहीं है। यह एक औपचारिक घोषणा है कि "प्रयास नहीं किया"। यह किसी भी प्रश्न का सही उत्तर कभी नहीं होता।
कटौती की तालिका दोबारा पढ़िए और तर्क अपने आप खुल जाएगा। गलत अनुमान पर एक तिहाई अंक कटता है। पंक्ति को पूरी तरह खाली छोड़ने पर भी एक तिहाई अंक कटता है। E भरने पर कुछ नहीं कटता।
यानी इस पेपर में प्रश्न छोड़ने जैसी कोई चीज़ है ही नहीं। या तो आप उत्तर देंगे, या E भरकर औपचारिक रूप से मना करेंगे। खाली पंक्ति को लापरवाही माना जाता है और गलत उत्तर के बराबर दंड मिलता है। जिन अभ्यर्थियों ने पुराने BPSC पैटर्न पर तैयारी की है, जहां खाली छोड़ने पर कुछ नहीं कटता था, उन्हीं का सबसे ज़्यादा नुकसान होने वाला है।
व्यावहारिक गणित यह है। अगर आप चार असली विकल्पों में से दो हटा पा रहे हैं, तो अनुमान लगाना फायदे का सौदा है, क्योंकि तब अपेक्षित मूल्य धनात्मक हो जाता है। अगर एक भी विकल्प नहीं हटा पा रहे, तो E ही सही कदम है। और जिन प्रश्नों तक समय ही नहीं पहुंचा, उन पर भी E भरना ज़रूरी है, इसलिए पेपर के आखिरी चार मिनट सिर्फ़ इसी काम के लिए बचाकर रखिए। इस पर विस्तार से BPSC 72वीं Prelims Syllabus और Option E विश्लेषण में लिखा है।
श्रेणीवार क्वालिफाइंग अंक
यह सीमा पार कर लेने का मतलब Prelims निकल जाना नहीं है। आयोग Mains के लिए लगभग पदों की दस गुना संख्या बुलाता है, यानी 1,186 पदों पर Mains की सूची करीब 12,000 अभ्यर्थियों की बनेगी। असली Cut-off इसी अनुपात से तय होता है और पिछले चक्रों में वह न्यूनतम सीमा से काफ़ी ऊपर रहा है। पिछले वर्षों के आंकड़े और इस साल का अनुमान BPSC 72वीं संभावित Cut-off विश्लेषण में हैं।
Prelims Syllabus का विभाजन
आयोग इसे सिर्फ़ सामान्य अध्ययन कहता है, विषयवार भारांक नहीं छापता। नीचे दी गई प्रश्न संख्या हाल के BPSC पेपरों के रुझान पर आधारित है, आधिकारिक विभाजन नहीं, इसलिए इसे योजना बनाने का आधार मानिए।
- सामान्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: मैट्रिक स्तर का भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान, साथ में विज्ञान से जुड़ी ताज़ा खबरें। आमतौर पर 15 से 20 प्रश्न।
- भारत का इतिहास और बिहार का आंदोलन: प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारत, बिहार पर भारी झुकाव के साथ। चंपारण सत्याग्रह, 1942 का बिहार आंदोलन और जयप्रकाश नारायण बार-बार आते हैं। लगभग 20 से 25 प्रश्न।
- भारत और बिहार का भूगोल: नदियां, धरातल, कृषि, खनिज और राज्य की बाढ़ भूगोल। लगभग 15 प्रश्न।
- भारतीय राजव्यवस्था और अर्थव्यवस्था: संविधान, बिहार में पंचायती राज, राज्य बजट और योजनाएं। लगभग 20 से 25 प्रश्न।
- बिहार से जुड़े करेंट अफेयर्स: राज्य की योजनाएं, नियुक्तियां, खेल, पुरस्कार, जनगणना और सर्वे के आंकड़े। पेपर यहीं तय होता है।
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय करेंट अफेयर्स: पिछले बारह से पंद्रह महीने।
- सामान्य मानसिक क्षमता: छोटा हिस्सा, आमतौर पर 10 से 15 प्रश्न, और पेपर के सबसे आसान अंक।
आवेदन शुल्क
इस चक्र में शुल्क का ढांचा असामान्य रूप से सरल है। हर अभ्यर्थी प्रति परीक्षा 100 रुपये देता है। जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन में आधार संख्या नहीं दी, उन पर 200 रुपये का अलग बायोमेट्रिक शुल्क लगता है।
चयन प्रक्रिया: Prelims से अंतिम मेरिट तक
तीन चरण, और इनमें से केवल दो आपकी रैंक में गिने जाते हैं।
- Prelims: 150 अंक, सिर्फ़ क्वालिफाइंग। प्रति पद लगभग दस अभ्यर्थियों को Mains तक छानता है।
- Mains: सामान्य हिंदी 100 अंक की है और उसमें 30 प्रतिशत लाना अनिवार्य है, पर वह मेरिट में नहीं जुड़ती। सामान्य अध्ययन पेपर 1 और पेपर 2, दोनों 300-300 अंक के। निबंध 300 अंक का। सामान्य पदों के लिए वैकल्पिक विषय 100 अंक का वस्तुनिष्ठ पेपर है जो केवल क्वालिफाइंग है। विशेषीकृत पदों के लिए वैकल्पिक विषय 300 अंक का विषयनिष्ठ पेपर है जो मेरिट में जुड़ता है।
- साक्षात्कार: 120 अंक।
- अंतिम मेरिट: कुल 1,020 अंक, जिसमें 900 अंक गिने जाने वाले Mains पेपरों से और 120 साक्षात्कार से आते हैं।
परीक्षा का दिन: 25 अक्टूबर कैसा गुज़रना चाहिए
BPSC केंद्र पर सख्ती से चलता है। 71वीं CCE में आयोग ने अभ्यर्थियों को पेपर से ढाई घंटे पहले पहुंचने को कहा था, और गेट शुरू होने से एक घंटा पहले बंद हो गए थे। जब तक Admit Card कुछ और न कहे, यहां भी यही अनुशासन मानकर चलिए।
- एक रात पहले: e-Admit Card की दो प्रतियां A4 पर रंगीन प्रिंट करा लें। जहां फोटो चिपकाने को कहा गया है, वहां फोटो चिपकाएं। एक फोटो पहचान पत्र, मूल और छायाप्रति, उसी फाइल में रखें।
- मान्य पहचान पत्र: आधार, वोटर कार्ड, PAN, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट। कॉलेज का पहचान पत्र नहीं चलता।
- केंद्र पर 150 मिनट पहले पहुंचें। परीक्षा वाले रविवार को बिहार के केंद्रों के आसपास का जाम अपने आप में एक समस्या है, और आखिरी किलोमीटर अक्सर पैदल तय करना पड़ता है।
- साथ ले जाएं: Admit Card, पहचान पत्र, फोटो, पारदर्शी पानी की बोतल और नीला या काला बॉल पेन। तीन पेन रखें।
- घर छोड़ दें: मोबाइल, स्मार्ट वॉच, किसी भी इलेक्ट्रॉनिक फंक्शन वाली घड़ी, ब्लूटूथ डिवाइस, कैलकुलेटर, धातु वाला पर्स, रबर, व्हाइटनर, लॉग टेबल और पढ़ने की सामग्री। बिहार के केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर और तलाशी दोनों होती है।
- बायोमेट्रिक और तलाशी में समय लगता है। जल्दी पहुंचने का निर्देश इसी वजह से है, किसी कागज़ी औपचारिकता के लिए नहीं।
- हॉल के पहले पांच मिनट: बुकलेट सीरीज़, पन्नों की संख्या और छपाई जांच लें। कोई पन्ना फटा या धुंधला हो तो तुरंत बताएं। परीक्षा शुरू होने के बाद निरीक्षक बुकलेट नहीं बदल सकते।
- पहला प्रश्न पढ़ने से पहले OMR का हेडर भरें। रोल नंबर, बुकलेट सीरीज़ और हस्ताक्षर। हर साल कुछ अभ्यर्थी खाली बुकलेट सीरीज़ की वजह से पूरा पेपर गंवा देते हैं।
- आखिरी चार मिनट: हर उस पंक्ति पर E भरें जिसका उत्तर नहीं दिया। मौजूदा मार्किंग स्कीम में यह वैकल्पिक नहीं है।
Admit Card की तिथि और डाउनलोड की प्रक्रिया BPSC 72वीं Admit Card 2026 गाइड में ट्रैक की जा रही है।
जो बातें ज़्यादातर BPSC गाइड गलत बताती हैं
इस परीक्षा पर छपी सामग्री में तीन गलतियां बार-बार दिखती हैं।
पहली, Option E को पांचवां उत्तर मान लेना। यह उत्तर है ही नहीं। जो लेख कहते हैं कि "मुश्किल प्रश्नों में E विकल्प देखिए", वे एक ऐसी परीक्षा का वर्णन कर रहे हैं जो मौजूद नहीं है। E प्रयास न करने की घोषणा है और हमेशा शून्य अंक देती है।
दूसरी, Vacancy में 1,189 या 1,230 दोहराते रहना। आयोग ने 44 गन्ना अधिकारी पद हटा दिए, जिसके बाद संख्या 1,186 रह गई। जिन पोर्टलों ने अपने पन्ने अपडेट नहीं किए, वे अब भी पुराने आंकड़े घुमा रहे हैं।
तीसरी, संदिग्ध प्रश्न खाली छोड़ देने की सलाह। इस पैटर्न में खाली पंक्ति और गलत उत्तर पर बिल्कुल बराबर दंड है। 66वीं या 67वीं CCE के लिए लिखी सलाह 72वीं पर लागू नहीं होती, और उसे मानने पर वे अंक कटेंगे जिनके लिए आपने कोई गलती की ही नहीं।
25 अक्टूबर तक का आठ हफ़्ते का प्लान
25 अक्टूबर से पीछे गिनें तो 30 अगस्त से शुरू करने वाले अभ्यर्थी के पास करीब आठ हफ़्ते हैं। अगर साथ में नौकरी या कॉलेज चल रहा है, तो यह समय असल में इस तरह बंटेगा।
- हफ़्ता 1 और 2 (30 अगस्त से 12 सितंबर): बिहार का इतिहास और भूगोल, शुरू से आखिर तक। पेपर में सबसे ज़्यादा रिटर्न यहीं से आता है और यहीं सामान्य UPSC सामग्री काम नहीं आती। दूसरे हफ़्ते के अंत में एक पूरा Mock Test, ताकि शुरुआती स्तर पता चले।
- हफ़्ता 3 और 4 (13 से 26 सितंबर): राजव्यवस्था, बिहार का पंचायती राज, और अर्थव्यवस्था के साथ मौजूदा राज्य बजट। रोज़ 30 मिनट पिछले बारह महीनों के बिहार करेंट अफेयर्स पर।
- हफ़्ता 5 और 6 (27 सितंबर से 10 अक्टूबर): सामान्य विज्ञान, मानसिक क्षमता और राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स। यहां से हफ़्ते में दो पूरे Mock Test, दोनों ठीक 120 मिनट में और दोनों पांच गोलों वाली OMR शीट पर।
- हफ़्ता 7 (11 से 17 अक्टूबर): सिर्फ़ रिवीज़न। कोई नया स्रोत नहीं, कोई नई किताब नहीं, कोई नई यूट्यूब प्लेलिस्ट नहीं। तीन Mock Test, हर एक के बाद लिखित गलती-सूची।
- हफ़्ता 8 (18 से 25 अक्टूबर): हफ़्ते के शुरू में दो Mock Test, फिर धीरे-धीरे भार कम। नींद का समय परीक्षा की घड़ी से मिलाकर रखें। केंद्र पहुंचने लायक दूरी पर हो तो एक बार देख आएं।
अगर आपको शेड्यूल से ज़्यादा किताबों की सूची चाहिए, तो BPSC 72वीं बुकलिस्ट और 90 दिन का प्लान हर खंड के लिए स्रोत बताता है। आयोग की बाकी भर्तियां ExamAtlas BPSC हब पर एक जगह हैं।
असली मार्किंग स्कीम पर अभ्यास कीजिए
चार विकल्पों वाला Mock Test पांच विकल्पों वाले पेपर के बारे में आपको कुछ नहीं सिखाता। खाली पंक्ति पर लगने वाला दंड यह बदल देता है कि आप कितने प्रश्न करेंगे, कब अनुमान लगाएंगे और आखिरी दस मिनट कैसे बिताएंगे, और इनमें से कुछ भी गलत फॉर्मेट पर नहीं सधता।
BPSC 72वीं CCE Prelims Test Series पूरा 150 प्रश्नों का पेपर 120 मिनट में देती है, A से E तक की संरचना के साथ, और गलत उत्तर तथा खाली पंक्ति दोनों पर एक तिहाई की कटौती लागू करके। 25 अक्टूबर से पहले कम से कम आठ ज़रूर दें। स्कोर से ज़्यादा मायने वह attempt pattern रखता है जो ये टेस्ट आपको दिखाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
BPSC 72वीं CCE Prelims परीक्षा कब है?
25 अक्टूबर 2026, जैसा आयोग के 14 अगस्त 2026 के कैलेंडर नोटिस में तय है। यह संशोधित तिथि है, और BPSC इसी चक्र में Prelims की तारीख पहले भी बदल चुका है, इसलिए पेपर से एक हफ़्ते पहले bpsc.bihar.gov.in पर दोबारा जांच लें।
क्या Option E कभी सही उत्तर होता है?
नहीं। Option E का अर्थ है प्रयास नहीं किया, और उस पर शून्य अंक मिलते हैं। न कटौती, न लाभ, और पेपर के किसी प्रश्न का सही उत्तर E नहीं होता।
अगर मैं कोई प्रश्न पूरी तरह खाली छोड़ दूं तो क्या होगा?
एक तिहाई अंक कटेगा, बिल्कुल गलत उत्तर जितना ही। इस मार्किंग स्कीम में हर अनुत्तरित पंक्ति पर E भरना ज़रूरी है, वरना आप उन प्रश्नों की कीमत चुकाएंगे जिन्हें आपने पढ़ा तक नहीं।
BPSC 72वीं CCE में कुल कितनी Vacancy हैं?
1,186, आयोग द्वारा पहले की 1,230 की गिनती में से 44 गन्ना अधिकारी पद हटाने के बाद। कुछ वेबसाइटें अब भी 1,189 या 1,230 दिखा रही हैं, वे आंकड़े पुराने हैं।
Prelims के क्वालिफाइंग अंक क्या हैं?
सामान्य के लिए 40 प्रतिशत, पिछड़ा वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला एवं दिव्यांग के लिए 32 प्रतिशत। इसे पार करना Prelims निकालना नहीं है, क्योंकि असली Cut-off पदों की दस गुना संख्या वाले नियम से तय होता है और वह इससे ऊपर बैठता है।
क्या Prelims के अंक अंतिम मेरिट में जुड़ते हैं?
नहीं। Prelims केवल छंटनी का चरण है। अंतिम मेरिट 1,020 अंकों की है, जो गिने जाने वाले Mains पेपरों और 120 अंक के साक्षात्कार से बनती है।
BPSC 72वीं Admit Card कब आएगा?
आयोग ने तिथि तय नहीं की है। हाल की प्रथा को देखते हुए e-Admit Card bpsc.bihar.gov.in पर 25 अक्टूबर से लगभग 10 से 15 दिन पहले आना चाहिए, यानी अक्टूबर के दूसरे हफ़्ते में उम्मीद रखें।
परीक्षा केंद्र पर कितनी देर पहले पहुंचना चाहिए?
अपने Admit Card पर लिखे रिपोर्टिंग समय से ढाई घंटे पहले की योजना बनाइए। 71वीं CCE में आयोग ने ठीक यही निर्देश दिया था, और गेट पेपर शुरू होने से एक घंटा पहले बंद हो गए थे। बाध्यकारी समय Admit Card पर ही लिखा होता है, इसलिए जारी होते ही उसे पढ़ लें।
आखिरी बात
25 अक्टूबर को चयनित और अस्वीकृत अभ्यर्थी के बीच का ज़्यादातर फ़र्क अतिरिक्त ज्ञान से नहीं बनता। वह बनता है खाली पंक्तियों में गंवाए बारह अंकों से, न भरी गई बुकलेट सीरीज़ से, और उस एक प्रश्न पर बिताए बीस मिनट से जिसे नब्बे सेकंड पर ही छोड़ देना चाहिए था।
एक ईमानदार चेतावनी। BPSC यह तिथि पहले ही एक बार बदल चुका है, और आयोग हमेशा लंबी सूचना नहीं देता। पढ़ाई की योजना के लिए 25 अक्टूबर को पक्का मानिए, पर यात्रा की बुकिंग के लिए अस्थायी। सितंबर के आखिरी हफ़्ते से हर सोमवार आधिकारिक वेबसाइट देखिए, और जो चीज़ आयोग खुद प्रकाशित करता है उसके लिए किसी कोचिंग के Telegram चैनल पर भरोसा मत कीजिए।
