Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

अपठित गद्यांश: तेज़ पठन एवं उत्तर तकनीक

By ExamAtlas · 29/8/2026

अपठित गद्यांश: तेज़ पठन एवं उत्तर तकनीक

अपठित से 3 तक प्रश्न आते हैं और यह अर्हता पत्र का सबसे सुरक्षित हिस्सा है, क्योंकि उत्तर गद्यांश के भीतर मौजूद रहता है। कुछ याद करने की ज़रूरत नहीं — केवल पढ़ने की एक व्यवस्थित विधि चाहिए, जो यहाँ दी गई है।

हल करने का क्रम

  1. गद्यांश को एक बार तेज़ी से पढ़िए, केवल विषय समझने के लिए।
  2. फिर सारे प्रश्न पढ़िए, ताकि पता चले कि क्या ढूँढ़ना है।
  3. अब दूसरी बार धीरे पढ़िए और उत्तर वाली पंक्तियों पर निशान लगाइए।
  4. उत्तर गद्यांश के शब्दों में दीजिए, अपनी जानकारी से नहीं।
  5. हर उत्तर को गद्यांश से मिलाकर जाँचिए।

दूसरा चरण सबसे अधिक छोड़ा जाता है और वही सबसे अधिक समय बचाता है। प्रश्न पहले पढ़ लेने से दूसरा पठन खोज बन जाता है, अध्ययन नहीं

अपठित के उत्तर में अपना सामान्य ज्ञान जोड़ना चाहिए  |   उत्तर केवल गद्यांश पर आधारित हो; बाहरी जानकारी वाला विकल्प गलत होता है

एक हल किया हुआ उदाहरण

गद्यांश: परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। बुद्धि तेज़ हो या साधन अच्छे, बिना परिश्रम के कोई काम पूरा नहीं होता। जो व्यक्ति प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा काम करता रहता है, वह अंत में उससे आगे निकल जाता है जो केवल योजना बनाता रहता है।

  • प्रश्न — परिश्रम का विकल्प क्या है? उत्तर — कोई विकल्प नहीं है।
  • प्रश्न — कौन आगे निकल जाता है? उत्तर — जो प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा काम करता है।
  • शीर्षक — परिश्रम का महत्व।
  • गलत विकल्प — बुद्धि किसी काम की नहीं। गद्यांश यह नहीं कहता; वह केवल परिश्रम को आवश्यक बताता है।

अंतिम पंक्ति उस जाल को दिखाती है जो हर अपठित प्रश्न में रखा जाता है — गद्यांश से आगे चला जाने वाला विकल्प। वह सुनने में ठीक लगता है, पर गद्यांश उतना नहीं कहता, इसलिए वह गलत है।

प्रश्नों के प्रकार

प्रकारकैसे हल करें
सीधा तथ्यपंक्ति ढूँढ़िए
शब्द का अर्थआसपास के वाक्य से तय कीजिए
शीर्षककेंद्रीय भाव को दो-तीन शब्दों में समेटिए
निष्कर्षपूरे गद्यांश से निकालिए, एक पंक्ति से नहीं

क्रम यह रखिए — पहले सीधे तथ्य वाले प्रश्न, फिर अर्थ और शीर्षक, और निष्कर्ष अंत में। तब तक गद्यांश दो-तीन बार पढ़ा जा चुका होता है और कठिन प्रश्न अपने आप आसान हो जाता है।

TRE संकेत: अपठित को सबसे पहले हल कीजिए — उत्तर सामने है और अर्हता पत्र में केवल 30 प्रतिशत चाहिए, इसलिए यहीं से सुरक्षित अंक बन जाते हैं। दो जाल याद रखिए: बाहरी जानकारी वाला विकल्प और गद्यांश से आगे जाने वाला विकल्प — दोनों गलत होते हैं और दोनों को पहचानते ही दो विकल्प कट जाते हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • पहले तेज़ी से पढ़िए, फिर प्रश्न पढ़िए, फिर धीरे दोबारा पढ़िए।
  • उत्तर केवल गद्यांश पर आधारित हो, बाहरी जानकारी पर नहीं।
  • शब्द का अर्थ आसपास के वाक्य से तय कीजिए।
  • शीर्षक केंद्रीय भाव का ही संक्षिप्त रूप होता है।
  • गद्यांश से आगे जाने वाला विकल्प गलत होता है।
  • क्रम रखिए — पहले तथ्य, फिर अर्थ और शीर्षक, अंत में निष्कर्ष।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अपठित गद्यांश सबसे तेज़ कैसे हल करें?

पहले गद्यांश को एक बार तेज़ी से पढ़कर विषय समझिए, फिर सारे प्रश्न पढ़िए, और तब दूसरी बार धीरे पढ़ते हुए उत्तर वाली पंक्तियों पर निशान लगाइए। प्रश्न पहले पढ़ लेने से दूसरा पठन खोज बन जाता है और समय आधा लगता है।

कौन-से विकल्प जान-बूझकर गलत रखे जाते हैं?

दो तरह के। पहला, वह जो बात असल जीवन में सही है पर गद्यांश में लिखी नहीं है। दूसरा, वह जो गद्यांश से आगे चला जाता है और उससे अधिक कहता है। दोनों सुनने में ठीक लगते हैं, इसलिए इन्हें पहचानकर काटना ज़रूरी है।

अपठित को पहले हल क्यों करना चाहिए?

क्योंकि उत्तर गद्यांश में मौजूद रहता है और कुछ याद करने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए यह पत्र का सबसे भरोसेमंद हिस्सा है। अर्हता पत्र में केवल तीस प्रतिशत चाहिए, इसलिए यहाँ से सुरक्षित अंक बनाकर बाकी पर दबाव कम हो जाता है।

शब्द का अर्थ पूछा जाए तो क्या करें?

उस शब्द वाले वाक्य के साथ उससे पहले और बाद का वाक्य भी पढ़िए, फिर हर विकल्प को शब्द की जगह रखकर पढ़िए। जिस विकल्प से वाक्य का अर्थ पूरा और सहज बने, वही उत्तर है। शब्दकोश का सामान्य अर्थ यहाँ सही न भी हो सकता है।

अगला कदम: हिंदी के 15 प्रश्न सब बुनियादी हैं और अपठित से सबसे सुरक्षित अंक बनते हैं। इस अध्याय को ExamAtlas के BPSC TRE 4.0 मॉक टेस्ट में परखिए — पाँच विकल्प, −1/3 ऋणात्मक अंकन, अर्हता स्तर।