प्रशासनिक ढांचा और प्रमंडल
प्रशासनिक ढांचा और प्रमंडल
झारखंड के 24 जिले 5 प्रमंडलों और 45 अनुमंडलों में बंटे हैं। प्रमंडल का प्रमुख आयुक्त होता है, जिले का प्रमुख उपायुक्त, और पूरा ढांचा राज्य स्तर पर मुख्य सचिव के अधीन आता है।
5 प्रमंडल | 24 जिले | 45 अनुमंडल | राजधानी रांची | उप-राजधानी दुमका
पांच प्रमंडल और उनके मुख्यालय
| प्रमंडल | मुख्यालय | जिले | संख्या |
|---|---|---|---|
| उत्तरी छोटानागपुर | हजारीबाग | हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़ | 7 |
| संथाल परगना | दुमका | दुमका, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा | 6 |
| दक्षिणी छोटानागपुर | रांची | रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा | 5 |
| पलामू | मेदिनीनगर | पलामू, गढ़वा, लातेहार | 3 |
| कोल्हान | चाईबासा | पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां | 3 |
प्रमंडल से जुड़े परीक्षा-तथ्य
- उत्तरी छोटानागपुर में सबसे अधिक 7 जिले हैंबार-बार पूछा जाता है
- पलामू और कोल्हान में सबसे कम 3-3 जिले
- पलामू प्रमंडल का मुख्यालय मेदिनीनगर है, जिसे पहले डालटनगंज कहते थे
- कोल्हान प्रमंडल का मुख्यालय चाईबासा है, जमशेदपुर नहीं — यही सबसे आम जाल है
- संथाल परगना का मुख्यालय दुमका राज्य की उप-राजधानी भी है
- केवल रांची ही प्रमंडल मुख्यालय और राज्य की राजधानी दोनों है
प्रशासन की श्रृंखला
- राज्य स्तर — राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद, सेवाओं के प्रमुख मुख्य सचिव
- प्रमंडल — प्रमुख आयुक्त (Commissioner)
- जिला — प्रमुख उपायुक्त (DC), जो जिला दंडाधिकारी और समाहर्ता भी है
- अनुमंडल — प्रमुख अनुमंडल पदाधिकारी (SDO)
- प्रखंड — प्रमुख प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO)
- अंचल — राजस्व इकाई, प्रमुख अंचल अधिकारी (CO)
साथ चलने वाले अन्य ढांचे
- पुलिस — राज्य में DGP, जिले में SP (बड़े जिलों में SSP)
- न्यायपालिका — झारखंड उच्च न्यायालय, रांची, राज्य गठन के साथ वर्ष 2000 में स्थापित
- विकास — त्रिस्तरीय पंचायती राज: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद
- शहरी — नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत
- राज्य के अनुसूचित क्षेत्र अतिरिक्त रूप से पांचवीं अनुसूची और PESA के तहत चलते हैं
प्रमंडल का नक्शा क्यों महत्व रखता है
- भूमि और राजस्व मामलों में आयुक्त स्तर की अपील की इकाई प्रमंडल ही है
- राज्य की कई नियुक्ति और पदस्थापन सूचियां प्रमंडलवार बनती हैं
- संथाल परगना का अपना काश्तकारी कानून है (SPT अधिनियम 1949), इसलिए यह सीमा कानूनी महत्व रखती है
- कोल्हान में जनजातीय स्वशासन के प्रश्नों में विल्किंसन नियम (Wilkinson's Rule) की विरासत आती है
- राज्य आर्थिक सर्वेक्षण में विकास सूचकांक प्रायः प्रमंडलवार दिए जाते हैं
मिलते-जुलते चार शब्द
| इकाई | हिंदी नाम | प्रमुख | काम |
|---|---|---|---|
| Division | प्रमंडल | आयुक्त | जिलों का समूह, राजस्व अपील |
| Subdivision | अनुमंडल | SDO | जिले के नीचे विधि-व्यवस्था और दंडाधिकारी कार्य |
| Block | प्रखंड | BDO | ग्रामीण विकास और योजना क्रियान्वयन |
| Circle | अंचल | अंचल अधिकारी | भूमि अभिलेख, दाखिल-खारिज, राजस्व वसूली |
- अनुमंडल और प्रखंड एक नहीं हैं — एक अनुमंडल में कई प्रखंड आते हैं
- अंचल राजस्व इकाई है और प्रखंड विकास इकाई — नक्शा प्रायः एक जैसा दिखता है पर काम अलग है
- दाखिल-खारिज और जमाबंदी के प्रश्न अंचल अधिकारी से जुड़ते हैं, BDO से नहीं
- जो अभ्यर्थी SDO और BDO को मिला देता है वह हर राज्य पेपर में आसान अंक गंवाता है
याद रखने की ट्रिक — पांच प्रमंडल का जोड़ — प-को-सं-उ-द: पलामू, कोल्हान, संथाल परगना, उत्तरी छोटानागपुर, दक्षिणी छोटानागपुर। जिलों का क्रम याद रखें — 7, 6, 5, 3, 3।
यहां लोग गलती करते हैं — प्रमंडल मुख्यालय और बड़े शहर अलग होते हैं।
✗ कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय — जमशेदपुर | ✓ कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय — चाईबासा
✗ पलामू प्रमंडल मुख्यालय — पलामू शहर | ✓ पलामू प्रमंडल मुख्यालय — मेदिनीनगर (डालटनगंज)
एग्जाम पॉइंटर — JPSC में प्रमंडल-जिला मिलान तथा आयुक्त/उपायुक्त की शक्तियों पर प्रश्न आते हैं, प्रायः पांचवीं अनुसूची से जोड़कर। JSSC CGL और JTGLCCE में सीधा 'कौन-सा जिला किस प्रमंडल में' — यह हर पेपर में आता है, इसलिए 24 जिलों का प्रमंडलवार बंटवारा रटना ही पड़ेगा।
एक नजर में
- 5 प्रमंडल, 24 जिले, 45 अनुमंडल
- उत्तरी छोटानागपुर — 7 जिले, मुख्यालय हजारीबाग
- संथाल परगना — 6 जिले, मुख्यालय दुमका
- दक्षिणी छोटानागपुर — 5 जिले, मुख्यालय रांची
- पलामू — 3 जिले, मुख्यालय मेदिनीनगर
- कोल्हान — 3 जिले, मुख्यालय चाईबासा
- प्रमंडल प्रमुख — आयुक्त; जिला प्रमुख — उपायुक्त
- अनुमंडल — SDO; प्रखंड — BDO; अंचल — CO
- झारखंड उच्च न्यायालय रांची में, वर्ष 2000 में स्थापित
- दुमका प्रमंडल मुख्यालय और उप-राजधानी दोनों है
