श्वसन एवं परिवहन
Respiration and Transportation
इस भाग में परीक्षा सबसे अधिक दो चीज़ें पूछती है — श्वसन और श्वासोच्छ्वास का अंतर, और किस जंतु का श्वसन अंग क्या है। साथ ही रक्त के घटकों तथा हृदय के कक्षों की संख्या भी सीधे पूछी जाती है, इसलिए ये संख्याएँ पक्की रखिए।
श्वासोच्छ्वास और श्वसन एक नहीं
श्वासोच्छ्वास केवल हवा भीतर लेने और बाहर छोड़ने की भौतिक क्रिया है, जबकि श्वसन कोशिकाओं के भीतर होने वाली रासायनिक क्रिया है, जिसमें भोजन का ऑक्सीकरण होकर ऊर्जा मुक्त होती है। यह ऊर्जा माइटोकॉन्ड्रिया में बनती है।
| प्रकार | ऑक्सीजन | उत्पाद |
|---|---|---|
| वायवीय श्वसन | आवश्यक | कार्बन डाइऑक्साइड, जल और अधिक ऊर्जा |
| अवायवीय श्वसन | आवश्यक नहीं | अल्कोहल या लैक्टिक अम्ल और कम ऊर्जा |
बहुत दौड़ने पर माँसपेशियों में लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है और इसी कारण ऐंठन तथा दर्द होता है। यीस्ट में अवायवीय श्वसन से अल्कोहल बनता है, जिस पर किण्वन आधारित है।
अलग-अलग जीवों में श्वसन
| जीव | श्वसन अंग |
|---|---|
| मनुष्य और स्तनधारी | फेफड़े |
| मछली | गिल |
| केंचुआ | नम त्वचा |
| कीट, जैसे तिलचट्टा | श्वास नली यानी ट्रैकिया |
| मेंढक | त्वचा और फेफड़े दोनों |
| पौधे | रंध्र और वातरंध्र |
केंचुआ नम त्वचा से साँस लेता है, इसीलिए वर्षा में मिट्टी के छिद्र भर जाने पर वह बाहर निकल आता है। मेंढक जल में त्वचा से और थल पर फेफड़ों से साँस लेता है — यह दोहरी व्यवस्था परीक्षा में सीधे पूछी जाती है।
✗ मछली पानी में घुली ऑक्सीजन के बजाय जल के अणुओं की ऑक्सीजन लेती है | ✓ वह गिल की सहायता से जल में घुली हुई ऑक्सीजन लेती है
मनुष्य में परिवहन
रक्त परिवहन का माध्यम है और उसमें चार घटक होते हैं — प्लाज़्मा, लाल रक्त कोशिकाएँ, श्वेत रक्त कोशिकाएँ और प्लेटलेट।
- लाल रक्त कोशिका में हीमोग्लोबिन होता है जो ऑक्सीजन ढोता है और रक्त को लाल रंग देता है।
- श्वेत रक्त कोशिका रोगाणुओं से लड़ती है, इसीलिए उसे शरीर का सैनिक कहते हैं।
- प्लेटलेट चोट लगने पर रक्त का थक्का जमाती है।
- प्लाज़्मा तरल भाग है जिसमें बाकी सब तैरते हैं।
हृदय में चार कक्ष होते हैं — दो अलिंद और दो निलय। धमनियाँ हृदय से रक्त ले जाती हैं और शिराएँ हृदय की ओर लाती हैं। शिराओं में कपाट होते हैं जो रक्त को उल्टा बहने से रोकते हैं। अपवाद यह है कि फुफ्फुसीय धमनी अशुद्ध रक्त ले जाती है और फुफ्फुसीय शिरा शुद्ध रक्त लाती है।
पौधों में परिवहन
| ऊतक | क्या ले जाता है | दिशा |
|---|---|---|
| जाइलम | जल और खनिज | जड़ से पत्तियों की ओर |
| फ्लोएम | बना हुआ भोजन | पत्तियों से बाकी भागों तक |
जड़ों से पत्तियों तक जल पहुँचाने में वाष्पोत्सर्जन से बना खिंचाव सबसे बड़ी भूमिका निभाता है। यही खिंचाव ऊँचे पेड़ की चोटी तक पानी चढ़ा देता है और साथ ही पौधे को ठंडा भी रखता है।
धमनी और शिरा याद रखने का सरल तरीका — धमनी में 'ध' से 'ध्यान बाहर', यानी हृदय से बाहर; शिरा में रक्त वापस भीतर आता है। फुफ्फुसीय वाली जोड़ी इसका अपवाद है, उसे अलग से याद रखिए।
TRE संकेत: केंचुआ त्वचा से और मछली गिल से साँस लेती है — यह जोड़ी सबसे अधिक पूछी जाती है। हृदय में चार कक्ष और जाइलम जल तथा फ्लोएम भोजन ले जाता है — दोनों तयशुदा हैं। दौड़ने पर लैक्टिक अम्ल बनने वाला कारण भी सीधे आया है।
60 सेकंड का रिवीजन
- श्वासोच्छ्वास भौतिक क्रिया है, श्वसन कोशिका में होने वाली रासायनिक क्रिया।
- अवायवीय श्वसन में कम ऊर्जा मिलती है और लैक्टिक अम्ल या अल्कोहल बनता है।
- केंचुआ त्वचा से, मछली गिल से और कीट ट्रैकिया से साँस लेते हैं।
- लाल रक्त कोशिका ऑक्सीजन ढोती है और श्वेत रक्त कोशिका रोगाणुओं से लड़ती है।
- हृदय में चार कक्ष होते हैं; धमनी बाहर और शिरा भीतर की ओर रक्त ले जाती है।
- जाइलम जल तथा फ्लोएम भोजन का परिवहन करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्वसन और श्वासोच्छ्वास में क्या अंतर है?
श्वासोच्छ्वास में केवल हवा फेफड़ों में भरी और निकाली जाती है, यह एक भौतिक क्रिया है। श्वसन कोशिका के भीतर होने वाली रासायनिक क्रिया है, जिसमें भोजन ऑक्सीजन से क्रिया करके ऊर्जा देता है। इसीलिए साँस रोक लेने पर भी कोशिकाओं में श्वसन कुछ समय तक चलता रहता है।
दौड़ने के बाद पैरों में दर्द क्यों होता है?
तेज़ दौड़ते समय माँसपेशियों को ऑक्सीजन उतनी तेज़ी से नहीं मिल पाती जितनी ज़रूरत होती है। तब वहाँ अवायवीय श्वसन शुरू हो जाता है, जिसमें लैक्टिक अम्ल बनता है। यही अम्ल जमा होकर ऐंठन और दर्द पैदा करता है, और आराम करने पर धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है।
वर्षा में केंचुए ज़मीन से बाहर क्यों निकल आते हैं?
केंचुआ अपनी नम त्वचा से साँस लेता है और उसके लिए मिट्टी के छिद्रों में मौजूद हवा ज़रूरी है। तेज़ वर्षा में ये छिद्र पानी से भर जाते हैं और हवा नहीं बचती, इसलिए दम घुटने से बचने के लिए केंचुए सतह पर आ जाते हैं।
फुफ्फुसीय धमनी को अपवाद क्यों कहा जाता है?
सामान्य नियम यह है कि धमनियाँ शुद्ध यानी ऑक्सीजनयुक्त रक्त ले जाती हैं और शिराएँ अशुद्ध रक्त लाती हैं। फुफ्फुसीय धमनी हृदय से फेफड़ों तक अशुद्ध रक्त ले जाती है और फुफ्फुसीय शिरा फेफड़ों से शुद्ध रक्त लाती है, इसलिए यह जोड़ी नियम का अपवाद बन जाती है।
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