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सिंधु घाटी सभ्यता: विस्तार और स्थल

By ExamAtlas · 18/9/2026

NCERT Class 6 - Our Pasts I • NCERT Class 12 - Themes in Indian History Part I, Chapter 1

सिंधु घाटी सभ्यता: विस्तार और स्थल

हड़प्पा या सिंधु घाटी सभ्यता उपमहाद्वीप की पहली नगरीय सभ्यता थी, जिसका परिपक्व चरण लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व तक था। नाम हड़प्पा से पड़ा क्योंकि सबसे पहले वहीं खुदाई हुई; कई स्थल घग्गर-हाकड़ा के किनारे हैं।

खोज और तिथि निर्धारण

  • हड़प्पा की खुदाई 1921 में दयाराम साहनी के नेतृत्व में हुई; मोहनजोदड़ो की 1922 में आर. डी. बनर्जी के नेतृत्व में।
  • तत्कालीन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक सर जॉन मार्शल ने 1924 में इस खोज की घोषणा दुनिया के सामने की।
  • तीन चरण माने जाते हैं - प्रारंभिक हड़प्पा (2600 ईसा पूर्व से पहले), परिपक्व हड़प्पा (2600-1900 ईसा पूर्व, नगरीय चरण) और उत्तर हड़प्पा (1900 ईसा पूर्व के बाद)।
  • इसे कांस्य युगीन सभ्यता कहते हैं क्योंकि सर्वोच्च धातु तकनीक कांसा थी; लोहा इसे ज्ञात नहीं था

भौगोलिक विस्तार

  • क्षेत्रफल में यह चारों प्राचीन सभ्यताओं में सबसे बड़ी थी - मिस्र और मेसोपोटामिया के कुल फैलाव से भी अधिक।
  • लगभग त्रिभुजाकार विस्तार - पश्चिम में सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान तट) से पूर्व में आलमगीरपुर (उत्तर प्रदेश) तक, और उत्तर में मांडा (जम्मू) से दक्षिण में दैमाबाद (महाराष्ट्र) तक।
  • हड़प्पाई स्थल वाले आधुनिक राज्य - गुजरात, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र
  • राखीगढ़ी (हिसार, हरियाणा) भारत में मिला सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है।

प्रमुख स्थल और उनकी पहचान

स्थलनदी / स्थितिकिसके लिए याद रखें
हड़प्पारावी, पंजाब (पाकिस्तान)पहली खुदाई, अन्नागार, कब्रिस्तान R-37
मोहनजोदड़ोसिंधु, सिंध (पाकिस्तान)विशाल स्नानागार, विशाल अन्नागार, पुरोहित राजा, नर्तकी
कालीबंगाघग्गर, राजस्थानजुते हुए खेत, अग्निकुंड, लकड़ी की नाली
लोथलभोगवा, गुजरातगोदीबाड़ा, मनका कारखाना, चावल की भूसी
धौलावीराखदिर बेट, कच्छ, गुजरातजल कुंड, तीन भागों वाला नगर, साइनबोर्ड
राखीगढ़ीघग्गर मैदान, हरियाणाभारत का सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल
चन्हूदड़ोसिंध (पाकिस्तान)मनका निर्माण, दुर्ग नहीं
बनावलीहरियाणाप्रारंभिक और परिपक्व दोनों स्तर

धौलावीरा की विशेषता

  • यह सामान्य दो भागों के बजाय तीन भागों में बंटा है - दुर्ग, मध्य नगर और निचला नगर।
  • यहां चट्टान काटकर बनाए गए बड़े जलाशयों की श्रृंखला है, जो सूखे इलाके में उन्नत जल संचयन दिखाती है।
  • यहां बड़े हड़प्पाई अक्षरों वाला साइनबोर्ड मिला, जो संभवतः प्रवेश द्वार के ऊपर लगा था।
  • धौलावीरा को 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।

परीक्षा में कैसे आता है

यह सुमेलित कीजिए का सबसे उर्वर टॉपिक है - स्थल के साथ नदी, राज्य या प्रसिद्ध खोज। तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि हड़प्पा की खुदाई किसने और कब की। कथन-आधारित प्रश्न विस्तार के चारों कोने और लोहे की जानकारी जांचते हैं।

UPSC / State PSC के लिए

ध्यान दें कि केवल लगभग छह स्थलों को ही नगर कहा जाता है; अधिकांश बस्तियां छोटी थीं। नाम को लेकर बहस भी याद रखें - "सिंधु घाटी" भौगोलिक रूप से संकीर्ण नाम है क्योंकि अधिकांश ज्ञात स्थल घग्गर-हाकड़ा पट्टी में हैं, इसीलिए विद्वान "हड़प्पा सभ्यता" पसंद करते हैं।

यहां कन्फ्यूज होते हैं

मोहनजोदड़ो की खुदाई पहले हुई  |   हड़प्पा की खुदाई पहले हुई, 1921 में

लोथल विशाल स्नानागार के लिए प्रसिद्ध है  |   विशाल स्नानागार मोहनजोदड़ो में है; लोथल में गोदीबाड़ा है

राखीगढ़ी कुल मिलाकर सबसे बड़ा स्थल है  |   राखीगढ़ी भारत का सबसे बड़ा हड़प्पाई स्थल है

एक नजर में

  • परिपक्व हड़प्पा चरण: 2600-1900 ईसा पूर्व; कांस्य युगीन नगरीय सभ्यता।
  • हड़प्पा 1921 - दयाराम साहनी; मोहनजोदड़ो 1922 - आर. डी. बनर्जी; घोषणा 1924 में जॉन मार्शल ने की।
  • विस्तार - सुत्कागेंडोर (पश्चिम), आलमगीरपुर (पूर्व), मांडा (उत्तर), दैमाबाद (दक्षिण)।
  • मोहनजोदड़ो - स्नानागार; लोथल - गोदीबाड़ा; कालीबंगा - जुता खेत; धौलावीरा - जलाशय।
  • राखीगढ़ी भारत का सबसे बड़ा स्थल; चन्हूदड़ो एकमात्र बड़ा स्थल जहां दुर्ग नहीं।
  • धौलावीरा 2021 में यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हुआ।

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