राष्ट्र निर्माण और एकीकरण
NCERT Class 12 - Politics in India Since Independence, Chapter 1
राष्ट्र निर्माण और एकीकरण
स्वतंत्रता के समय भारत के सामने तीन चुनौतियां थीं - विविध भू-भाग को जोड़े रखना, लोकतंत्र स्थापित करना, और विकास तथा समानता सुनिश्चित करना। पहली सबसे तात्कालिक थी, और वह 1947 से 1956 के बीच सुलझी।
विभाजन और उसके परिणाम
- विभाजन द्विराष्ट्र सिद्धांत से निकला, यानी यह दावा कि हिंदू और मुसलमान दो अलग राष्ट्र हैं।
- रैडक्लिफ रेखा ने पंजाब और बंगाल को बांटा, जो दो ऐसे प्रांत थे जिनमें स्पष्ट बहुमत नहीं था, और निर्णय स्वतंत्रता के बाद प्रकाशित हुआ।
- इससे मानव इतिहास का सबसे बड़ा अभिलिखित प्रवास हुआ, जिसमें भारी जनहानि और संपत्ति की क्षति हुई, और लाखों लोग शरणार्थी बने जिन्हें बसाना पड़ा।
- सीमा खिंच जाने के बाद भी दोनों ओर अल्पसंख्यकों की समस्या बनी रही, इसीलिए भारत ने नागरिकता की धार्मिक परिभाषा के बजाय पंथनिरपेक्ष संविधान चुना।
रियासतों का एकीकरण
- लगभग 565 रियासतें थीं, जो ब्रिटिश सर्वोच्चता समाप्त होने पर तकनीकी रूप से स्वतंत्र हो गई थीं।
- सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासत मंत्रालय के सचिव वी. पी. मेनन के साथ समझाने, देशभक्ति की अपील और दृढ़ता के मेल से उनका विलय कराया।
- अधिकांश शासकों ने विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए, जिससे रक्षा, विदेश मामले और संचार भारतीय संघ को मिले।
| कठिन मामला | कैसे सुलझा |
|---|---|
| जूनागढ़ | शासक ने पाकिस्तान से विलय किया; 1948 के जनमत संग्रह ने भारत में विलय की पुष्टि की |
| हैदराबाद | निजाम ने प्रतिरोध किया; सितंबर 1948 की पुलिस कार्रवाई के बाद राज्य भारत में मिला |
| कश्मीर | कबायली आक्रमण के बाद महाराजा ने अक्टूबर 1947 में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए |
| मणिपुर | पहले विलय किया, और वार्ता के बाद 1949 में भारत में मिला |
- विलय के बाद एकीकरण हुआ - रियासतें मौजूदा प्रांतों में मिलाई गईं, नए संघों में समूहित की गईं, या केंद्र शासित बनाई गईं, और शासकों को प्रिवी पर्स मिले, जो बाद में 26वें संशोधन से समाप्त हुए।
भाषाई पुनर्गठन
- कांग्रेस ने लंबे समय से भाषाई प्रांत स्वीकार किए थे, पर विभाजन के बाद नेतृत्व को भय था कि भाषा पर सीमाएं खींचना और बंटवारे को बढ़ावा देगा।
- 1948 का धार आयोग और नेहरू, पटेल तथा पट्टाभि सीतारमैया वाली 1949 की जेवीपी समिति, दोनों ने पुनर्गठन का आधार भाषा को अस्वीकार किया।
- तेलुगु भाषी क्षेत्रों के आंदोलन और लंबे अनशन के बाद पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु ने 1953 में आंध्र प्रदेश का निर्माण कराया, जो भाषा के आधार पर बना पहला राज्य था।
- फजल अली की अध्यक्षता वाले राज्य पुनर्गठन आयोग ने भाषा को आधार माना, और 1956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने देश को चौदह राज्यों और छह संघ राज्यक्षेत्रों में पुनर्गठित किया।
- बंबई को 1960 में महाराष्ट्र और गुजरात में बांटा गया, और पंजाब का 1966 में पुनर्गठन हुआ जिसमें हरियाणा बना।
- पुनर्गठन ने देश को कमजोर नहीं किया - भाषाई विविधता स्वीकारने से शिकायत समाप्त हुई, नई शिकायत नहीं बनी, और उत्तरों में यही मानक निष्कर्ष अपेक्षित है।
परीक्षा में कैसे आता है
तथ्यात्मक प्रश्न पूछते हैं कि रियासतों का एकीकरण किसने किया, पहला भाषाई राज्य कौन सा था, और राज्य पुनर्गठन आयोग का अध्यक्ष कौन था। सुमेलित कीजिए में कठिन रियासत और उसका समाधान जुड़ता है। कथन-आधारित प्रश्न भाषा पर जेवीपी समिति की स्थिति जांचते हैं।
UPSC / State PSC के लिए
परीक्षक जो निष्कर्ष चाहते हैं वह यह है कि विविधता स्वीकारने से एकता मजबूत हुई - भारत ने भाषाई राज्य स्वीकारे और टिका रहा, जबकि अन्यत्र एक भाषा थोपने के प्रयासों ने अलगाव पैदा किया। विलय, जो तीन विषयों का विधिक हस्तांतरण था, और एकीकरण, जो उसके बाद का प्रशासनिक तथा संवैधानिक समावेश था, का अंतर भी लिखिए।
यहां कन्फ्यूज होते हैं
✗ राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने पहला भाषाई राज्य बनाया | ✓ आंध्र प्रदेश 1953 में बना, 1956 के अधिनियम से पहले
✗ जेवीपी समिति ने भाषाई राज्यों की सिफारिश की | ✓ उसने पुनर्गठन का आधार भाषा को अस्वीकार किया
✗ विलय और एकीकरण एक ही हैं | ✓ विलय ने तीन विषय दिए; एकीकरण उसके बाद का पूर्ण समावेश था
एक नजर में
- तीन चुनौतियां - क्षेत्रीय एकता, लोकतंत्र, और समानता सहित विकास।
- विभाजन द्विराष्ट्र सिद्धांत से; रैडक्लिफ रेखा ने पंजाब और बंगाल बांटे।
- लगभग 565 रियासतों का एकीकरण सरदार पटेल ने वी. पी. मेनन के साथ किया।
- जूनागढ़ जनमत संग्रह से, हैदराबाद पुलिस कार्रवाई से, कश्मीर विलय पत्र से मिला।
- धार आयोग और जेवीपी समिति ने भाषा को पुनर्गठन का आधार अस्वीकार किया।
- पोट्टी श्रीरामुलु के अनशन से 1953 में आंध्र प्रदेश, पहला भाषाई राज्य बना।
- फजल अली आयोग से 1956 का राज्य पुनर्गठन अधिनियम और चौदह राज्य बने।
