
CTET पेपर 2 2026: गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन, Pattern और तैयारी
CTET पेपर 2 2026: गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन, Pattern और तैयारी
CTET पेपर 2 उन उम्मीदवारों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाना चाहते हैं। ऊपर से देखने पर यह Paper 1 जैसा ही लगता है, 150 प्रश्न और ढाई घंटे। लेकिन एक सेक्शन पूरी तस्वीर बदल देता है: आपको गणित और विज्ञान या सामाजिक अध्ययन में से एक चुनना होता है, और यही चुनाव आपके 150 में से 60 अंक तय करता है।
इस लेख में हम बताएँगे कि पेपर 2 किसे देना चाहिए, इसका Exam Pattern कैसा है, आपकी डिग्री के हिसाब से कौन सा विकल्प सही रहेगा, Bulletin के अनुसार सीटेट पेपर 2 सिलेबस का पूरा बँटवारा क्या है, और दिसंबर की परीक्षा के लिए 10 हफ्ते की योजना। पूरी जानकारी एक जगह चाहिए तो CTET की पूरी गाइड भी साथ में खोलकर रखें।
CTET पेपर 2 कौन देता है?
पेपर 2 उन लोगों के लिए है जो कक्षा 6 से 8 (Bulletin की भाषा में Elementary Stage) के शिक्षक बनना चाहते हैं। कक्षा 1 से 5 पढ़ाना है तो Paper 1 देना होगा। दोनों स्तर पढ़ाने हैं तो दोनों पेपर देने होंगे।
पेपर 2 की योग्यता NCTE के नियमों से तय होती है, और Bulletin कहता है कि उम्मीदवार ncte.gov.in पर जाँच करें। आमतौर पर जो रास्ते बताए जाते हैं (NCTE की वेबसाइट पर पुष्टि ज़रूर करें):
- स्नातक के साथ 2 वर्षीय D.El.Ed (पास या अंतिम वर्ष में)
- कम से कम 50% अंकों के साथ स्नातक और 1 वर्षीय B.Ed (पास या अंतिम वर्ष में)
- कम से कम 45% अंकों के साथ स्नातक और NCTE के समय-समय पर जारी नियमों के अनुसार 1 वर्षीय B.Ed
- कम से कम 50% अंकों के साथ इंटरमीडिएट और 4 वर्षीय B.El.Ed, या 4 वर्षीय B.A./B.Sc.Ed या B.A.Ed/B.Sc.Ed
- कम से कम 50% अंकों के साथ स्नातक और 1 वर्षीय B.Ed (विशेष शिक्षा)
अंतिम वर्ष के छात्र भी परीक्षा दे सकते हैं। पूरी सूची, छूट और B.Ed से जुड़े सवालों के लिए हमारा CTET पात्रता वाला लेख पढ़ें।
CTET पेपर 2 का Exam Pattern
सभी प्रश्न बहुविकल्पीय (MCQ) होते हैं, हर प्रश्न में चार विकल्प और एक अंक। Negative Marking नहीं है। परीक्षा OMR शीट पर पेन और पेपर से होती है, और मुख्य प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में आता है। दोनों पेपरों की तुलना CTET Exam Pattern वाले लेख में देखें।
समय 2 घंटे 30 मिनट है। प्रश्न NCERT की कक्षा 6 से 8 की विषय-वस्तु पर आधारित होते हैं, लेकिन कठिनाई का स्तर इंटरमीडिएट (Senior Secondary) तक जा सकता है। इस बात को हल्के में न लें: भिन्न या 1857 के विद्रोह जैसे टॉपिक पर सवाल कक्षा 11 या 12 की गहराई से भी बन सकता है।
सबसे बड़ा फैसला: गणित-विज्ञान या सामाजिक अध्ययन
Bulletin इस बारे में साफ है। गणित और विज्ञान के शिक्षक गणित-विज्ञान वाला सेक्शन देंगे। सामाजिक अध्ययन के शिक्षक सामाजिक अध्ययन वाला सेक्शन देंगे। बाकी शिक्षक (जैसे भाषा के शिक्षक) इन दोनों में से कोई भी एक चुन सकते हैं।
इसलिए पहला सवाल यह नहीं है कि कौन सा आसान है, बल्कि यह है कि आप पढ़ाएँगे क्या। अगर आपने सामाजिक अध्ययन वाला विकल्प लेकर CTET पास किया है, तो गणित या विज्ञान के TGT पद पर वह स्कोर काम नहीं आएगा, क्योंकि भर्ती में विषय का मेल देखा जाता है। विकल्प तय करने से पहले जिस स्कूल व्यवस्था में नौकरी चाहते हैं, उसके भर्ती नियम देख लें।
कौन सा आसान है? (यह हमारी राय है, आधिकारिक बात नहीं)
सच कहें तो कोई भी विकल्प सबके लिए आसान नहीं है। आमतौर पर तस्वीर कुछ ऐसी रहती है:
- गणित और विज्ञान में तेज़ी से हल करने वाले को फायदा है। 60 में से 40 अंक कंटेंट के हैं और संख्यात्मक प्रश्न का उत्तर या तो सही होता है या गलत, इसलिए विज्ञान का छात्र अच्छा स्कोर कर सकता है। कमज़ोरी समय की है, गणना में मिनट निकल जाते हैं।
- सामाजिक अध्ययन में पढ़ने का बोझ ज़्यादा है। इतिहास, भूगोल और सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन, तीनों की लंबी सूची दोहरानी पड़ती है। लेकिन 60 में से 20 अंक शिक्षाशास्त्र के हैं, जिन्हें B.Ed किया हुआ कला का छात्र अच्छे से संभाल लेता है।
- अगर आप भाषा से स्नातक हैं और संख्यात्मक प्रश्नों से डर लगता है, तो सामाजिक अध्ययन ज़्यादा सुरक्षित लगता है। अगर 12वीं में गणित पढ़ा था और अब भी उसमें मज़ा आता है, तो गणित-विज्ञान जल्दी खत्म हो सकता है।
एक सावधानी: परीक्षा हॉल में "आसान" होने का कोई मतलब नहीं अगर विकल्प उस पद से मेल नहीं खाता जिस पर आप आवेदन करेंगे।
सीटेट पेपर 2 सिलेबस: सेक्शन के हिसाब से
नीचे दिया गया बँटवारा CTET September 2026 Information Bulletin के Appendix I से है। दोनों पेपरों के टॉपिक विस्तार से देखने हों तो हमारा CTET Syllabus वाला लेख पढ़ें।
बाल विकास और शिक्षाशास्त्र (30 प्रश्न)
टॉपिक लगभग Paper 1 जैसे ही हैं, लेकिन यहाँ बच्चा 11 से 14 साल का है। इसलिए किशोरावस्था, साथियों का प्रभाव, अमूर्त चिंतन और नैतिक तर्क से जुड़े सवाल ज़्यादा दिखते हैं।
- विकास की अवधारणा और अधिगम से उसका संबंध, विकास के सिद्धांत, वंशानुक्रम और वातावरण का प्रभाव
- समाजीकरण (शिक्षक, माता-पिता, साथी); पियाजे, कोहलर (Kohlberg) और वाइगोत्स्की के विचार और उनकी आलोचनात्मक समझ
- बाल-केंद्रित और प्रगतिशील शिक्षा; बुद्धि की अवधारणा और बहुआयामी बुद्धि; भाषा और विचार
- जेंडर एक सामाजिक संरचना; व्यक्तिगत भिन्नताएँ; अधिगम के लिए आकलन और अधिगम का आकलन; विद्यालय आधारित आकलन और CCE
- समावेशी शिक्षा: वंचित वर्ग के बच्चे, अधिगम कठिनाई वाले बच्चे, प्रतिभाशाली और विशेष योग्यता वाले बच्चे
- अधिगम और शिक्षाशास्त्र: बच्चे कैसे सोचते और सीखते हैं, स्कूल में "असफल" क्यों होते हैं, बच्चा समस्या-समाधानकर्ता और "वैज्ञानिक अन्वेषक" के रूप में, गलतियाँ सीखने की सीढ़ी, संज्ञान और संवेग, अभिप्रेरणा
गणित (30 = 20 कंटेंट + 10 शिक्षाशास्त्र)
- संख्या पद्धति: अपनी संख्याओं की जानकारी, संख्याओं के साथ खेलना, पूर्ण संख्याएँ, ऋणात्मक संख्याएँ और पूर्णांक, भिन्न
- बीजगणित: बीजगणित का परिचय, अनुपात और समानुपात
- ज्यामिति: आधारभूत ज्यामितीय अवधारणाएँ (2-D), प्रारंभिक आकारों की समझ (2-D और 3-D), सममिति (परावर्तन), पैमाना, चाँदा और परकार से रचना, क्षेत्रमिति; साथ में आँकड़ों का प्रबंधन
- शिक्षाशास्त्र: गणित की प्रकृति और तार्किक चिंतन, पाठ्यक्रम में गणित का स्थान, गणित की भाषा, सामुदायिक गणित, मूल्यांकन, उपचारात्मक शिक्षण, शिक्षण की समस्याएँ
विज्ञान (30 = 20 कंटेंट + 10 शिक्षाशास्त्र)
- कंटेंट: भोजन (भोजन के स्रोत, भोजन के घटक, भोजन की सफाई), दैनिक उपयोग के पदार्थ, सजीवों का संसार, गतिमान वस्तुएँ, लोग और विचार, चीज़ें कैसे काम करती हैं (विद्युत धारा और परिपथ, चुंबक), प्राकृतिक घटनाएँ, प्राकृतिक संसाधन
- शिक्षाशास्त्र: विज्ञान की प्रकृति और संरचना, प्राकृतिक विज्ञान के लक्ष्य और उद्देश्य, विज्ञान को समझना और सराहना, एकीकृत उपागम, अवलोकन, प्रयोग और खोज (विज्ञान की विधि), नवाचार, पाठ्य सामग्री और सहायक सामग्री, मूल्यांकन (संज्ञानात्मक, मनोगत्यात्मक, भावात्मक), समस्याएँ, उपचारात्मक शिक्षण
सामाजिक अध्ययन (60 = 40 कंटेंट + 20 शिक्षाशास्त्र)
- इतिहास: "कब, कहाँ और कैसे" और प्रारंभिक समाजों से शुरू होकर पहले किसान और पशुपालक, पहले शहर, आरंभिक राज्य, नए विचार, पहला साम्राज्य, दूर देशों से संपर्क, नए राजा और राज्य, दिल्ली के सुल्तान, स्थापत्य कला, एक साम्राज्य का निर्माण, क्षेत्रीय संस्कृतियाँ, कंपनी की सत्ता की स्थापना, ग्रामीण जीवन और समाज, उपनिवेशवाद और आदिवासी समाज, 1857 से 58 का विद्रोह, महिलाएँ और सुधार, जाति व्यवस्था को चुनौती, राष्ट्रीय आंदोलन, स्वतंत्रता के बाद का भारत
- भूगोल: भूगोल एक सामाजिक अध्ययन और एक विज्ञान के रूप में, सौरमंडल में पृथ्वी, ग्लोब, प्राकृतिक और मानवीय पर्यावरण, वायु, जल, बस्ती, परिवहन और संचार, संसाधन (प्राकृतिक और मानवीय), कृषि
- सामाजिक और राजनीतिक जीवन: विविधता, सरकार, स्थानीय सरकार, जीविका कमाना, लोकतंत्र, राज्य सरकार, मीडिया की समझ, जेंडर की समझ, संविधान, संसदीय सरकार, न्यायपालिका, सामाजिक न्याय और हाशिये के लोग
- शिक्षाशास्त्र: सामाजिक विज्ञान की अवधारणा और प्रकृति, कक्षा की प्रक्रियाएँ, गतिविधियाँ और संवाद, आलोचनात्मक चिंतन का विकास, पूछताछ और आनुभविक साक्ष्य, शिक्षण की समस्याएँ, प्राथमिक और द्वितीयक स्रोत, परियोजना कार्य, मूल्यांकन
भाषा 1 और भाषा 2 (30-30 प्रश्न)
भाषा 1 में आपकी शिक्षण माध्यम वाली भाषा की दक्षता जाँची जाती है। इसके बोध वाले हिस्से में दो अपठित अंश आते हैं, एक गद्य या नाटक और एक कविता। भाषा 2 पहली भाषा से अलग होनी चाहिए, और इसमें दो अपठित गद्यांश आते हैं। दोनों में 15-15 प्रश्न शिक्षणशास्त्र के होते हैं: भाषा सीखना और अर्जन, भाषा शिक्षण के सिद्धांत, सुनने और बोलने की भूमिका, व्याकरण की भूमिका, विविधता वाली कक्षा की चुनौतियाँ, LSRW कौशलों का मूल्यांकन, शिक्षण सामग्री और उपचारात्मक शिक्षण।
कक्षा 6 से 8 की NCERT पढ़ने की योजना
Bulletin कहता है कि विस्तृत सिलेबस के लिए कक्षा 1 से 8 की NCERT पाठ्यपुस्तकें देखें। पेपर 2 के लिए मुख्य आधार कक्षा 6 से 8 की किताबें हैं। चूँकि कठिनाई इंटरमीडिएट स्तर तक जा सकती है, इसलिए कमज़ोर टॉपिक के लिए कक्षा 9 और 10 के संबंधित चैप्टर भी एक बार पलट लें।
CTET Paper 1 और पेपर 2 में अंतर
यह फर्क ध्यान से देखें: पेपर 2 में कंटेंट का वज़न ज़्यादा है। प्राथमिक स्तर की पूरी जानकारी के लिए हमारा CTET Paper 1 वाला लेख पढ़ें।
दोनों पेपर एक साथ देना
अगर आपके पास दोनों स्तरों की योग्यता है, तो आप दोनों पेपर दे सकते हैं। दोनों पेपरों का शुल्क सामान्य/OBC(NCL) के लिए 1200 रुपये और SC/ST/दिव्यांग के लिए 600 रुपये है (GST अलग, शुल्क वापस नहीं होता)।
समय की बात करें तो 6 सितंबर के मूल कार्यक्रम में एक ही दिन सुबह पेपर 2 (सुबह 9:30 से दोपहर 12:00 बजे तक) और शाम को पेपर 1 (दोपहर 2:30 से शाम 5:00 बजे तक) रखा गया था। दिसंबर के लिए CBSE ने सिर्फ इतना बताया है कि परीक्षा 12 और 13 दिसंबर 2026 को होगी। कौन सा पेपर किस दिन होगा, यह अभी घोषित नहीं हुआ है, इसलिए अंदाज़े के भरोसे यात्रा की योजना न बनाएँ।
दोनों पेपर दे रहे हैं तो CDP और भाषा शिक्षणशास्त्र की तैयारी काफी हद तक एक जैसी रहेगी। जो उम्मीदवार Paper 1 भी दे रहे हैं, वे उस पेपर के लिए मुफ्त CTET Paper 1 Test Series (10 टेस्ट) हफ्ते में एक-दो करके लगा सकते हैं; यह पेपर 2 का Mock Test नहीं है।
पेपर 2 में पास होने के अंक
NCTE की 11 फरवरी 2011 की अधिसूचना के अनुसार 60% या उससे ज़्यादा अंक लाने वाला TET पास माना जाता है। 150 में यह 90 अंक होते हैं। स्कूल प्रबंधन अपनी आरक्षण नीति के अनुसार SC/ST/OBC और दिव्यांग उम्मीदवारों को छूट दे सकते हैं, लेकिन Bulletin में आरक्षित वर्ग के लिए कोई अलग अंक तय नहीं है। CTET में कोई रैंक या मेरिट लिस्ट नहीं बनती, यह सिर्फ पास या फेल है, और पास होने से नौकरी की गारंटी नहीं मिलती।
दिसंबर के लिए 10 हफ्ते की तैयारी योजना
परीक्षा लगभग 14 हफ्ते आगे खिसकी है। यह अतिरिक्त समय मिला है, इसे बर्बाद मत कीजिए। यह योजना 12 दिसंबर से पहले कुछ हफ्तों की गुंजाइश भी छोड़ती है।
रोज़ की दिनचर्या और समय प्रबंधन के लिए हमारी CTET तैयारी रणनीति पढ़ें।
पढ़ने की सामग्री पर एक बात
ExamAtlas पर अभी पेपर 2 के लिए अलग सामग्री उपलब्ध नहीं है। मुफ्त CTET Paper 1 Pedagogy Master Book और मुफ्त CTET Paper 1 Study Material के CDP नोट्स में साझा शिक्षाशास्त्र का सिद्धांत (पियाजे, वाइगोत्स्की, आकलन, समावेशी शिक्षा, भाषा शिक्षणशास्त्र) मिल जाएगा। बस ध्यान रखें कि पेपर 2 का CDP 11 से 14 साल के बच्चों पर केंद्रित है, इसलिए उदाहरण किशोरों के हिसाब से ढालें।
FAQs
CTET पेपर 2 किसके लिए है?
यह कक्षा 6 से 8 के शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए है। इसमें 150 अंकों के 150 MCQ होते हैं और समय 2 घंटे 30 मिनट है।
क्या पेपर 2 में गणित-विज्ञान और सामाजिक अध्ययन दोनों ले सकते हैं?
नहीं। आपको 60 प्रश्नों वाला एक ही विकल्प देना है। गणित-विज्ञान के शिक्षक गणित-विज्ञान, SST के शिक्षक सामाजिक अध्ययन लेंगे, और अन्य शिक्षक कोई भी एक चुन सकते हैं।
क्या CTET पेपर 2 में Negative Marking है?
नहीं। हर प्रश्न एक अंक का है और गलत उत्तर पर अंक नहीं कटते, इसलिए सभी 150 प्रश्न हल करें।
CTET पेपर 2 में पास होने के लिए कितने अंक चाहिए?
60%, यानी 150 में से 90 अंक। आरक्षित वर्ग को छूट नियुक्ति करने वाली संस्था अपने नियम से देती है, Bulletin में इसका अलग अंक तय नहीं है।
दिसंबर 2026 में CTET पेपर 2 कब होगा?
CBSE परीक्षा 12 और 13 दिसंबर 2026 को कराएगा। किस पेपर का कौन सा दिन है, यह अभी नहीं बताया गया। आपकी तारीख और शहर परीक्षा से 15 दिन पहले CTET पोर्टल पर दिखेंगे।
क्या पेपर 2 के लिए NCERT की किताबें काफी हैं?
अपने विकल्प की कक्षा 6 से 8 की NCERT किताबें आधार हैं। कठिनाई इंटरमीडिएट स्तर तक जा सकती है, इसलिए कमज़ोर टॉपिक के लिए ऊँची कक्षा के संबंधित चैप्टर भी देख लें।
क्या B.Com वाले सामाजिक अध्ययन का विकल्प ले सकते हैं?
Bulletin में वाणिज्य का नाम नहीं है, इसलिए B.Com उम्मीदवार "अन्य शिक्षक" की श्रेणी में आते हैं और कोई भी विकल्प चुन सकते हैं। फैसला लेने से पहले जिस पद पर आवेदन करना है, उसके विषय संबंधी नियम ज़रूर देखें।
अगला कदम: एक कागज़ पर लिखिए कि आप किस पद के शिक्षक बनना चाहते हैं, उसके हिसाब से अपना विकल्प तय कीजिए, और इसी हफ्ते उस विकल्प की NCERT कक्षा 6 की किताब शुरू कर दीजिए।
