Apathit Gadyansh
अपठित गद्यांश
अपठित गद्यांश
अपठित गद्यांश वह गद्य अंश है जो पहले पढ़ा हुआ नहीं होता और जिसे पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं। CTET Paper 1 की भाषा में यह सबसे बड़ा भाग है — तीस में से लगभग पंद्रह प्रश्न गद्यांश और पद्यांश से ही आते हैं।
हल करने की विधि
- पहले प्रश्न पढ़िए, फिर गद्यांश। इससे पता रहता है कि किस सूचना की खोज करनी है।
- गद्यांश को एक बार तेज़ी से पढ़िए और मूल विषय पकड़िए।
- अब दूसरी बार ध्यान से पढ़ते हुए महत्वपूर्ण शब्दों को मन में रेखांकित कीजिए।
- उत्तर गद्यांश के भीतर से दीजिए, अपने सामान्य ज्ञान से नहीं।
- प्रत्येक विकल्प को गद्यांश की पंक्ति से मिलाइए; जो पंक्ति में नहीं है वह उत्तर नहीं है।
यही अंतिम नियम सबसे अधिक अंक दिलाता है। परीक्षा में अनेक विकल्प तथ्यतः सही होते हैं पर गद्यांश में नहीं होते — वे गलत माने जाएँगे।
प्रश्नों के प्रकार
| प्रकार | क्या पूछा जाता है | कैसे हल करें |
|---|---|---|
| तथ्यात्मक | सीधे गद्यांश में दी गई बात | पंक्ति खोजिए, वही उत्तर है |
| शीर्षक | सबसे उपयुक्त शीर्षक | पूरे अंश का केंद्रीय भाव देखिए |
| शब्द अर्थ | किसी शब्द का अर्थ या पर्यायवाची | आसपास के वाक्य से अर्थ लगाइए |
| व्याकरण | उपसर्ग, प्रत्यय, संधि, समास, वाच्य | व्याकरण का नियम लगाइए |
| अनुमान | लेखक का मत या निष्कर्ष | पूरे अंश के स्वर से निष्कर्ष निकालिए |
सामान्य भूलें
- अपने पूर्व ज्ञान से उत्तर देना, जबकि गद्यांश कुछ और कह रहा हो।
- पूरा गद्यांश तीन-चार बार पढ़ना और समय गँवा देना।
- 'सबसे उपयुक्त' के स्थान पर 'पहला ठीक लगने वाला' विकल्प चुन लेना।
- शब्द अर्थ के प्रश्न में शब्दकोश का अर्थ लेना, जबकि संदर्भ का अर्थ अलग हो।
बच्चों को पढ़ना कैसे सिखाएँ
यह भाग शिक्षक के लिए दोहरा महत्व रखता है। कक्षा 3 से 5 में अपठित गद्यांश पढ़ाने का अर्थ है बच्चों में अर्थग्रहण विकसित करना, केवल शुद्ध उच्चारण नहीं। पहले अनुमान लगवाइए कि अंश किस बारे में होगा, फिर पढ़वाइए, फिर अपने शब्दों में सुनाने को कहिए। जो बच्चा धाराप्रवाह पढ़ लेता है पर बता नहीं पाता, उसे अर्थग्रहण की सहायता चाहिए, अधिक पढ़ने के अभ्यास की नहीं।
✗ गद्यांश का उत्तर अपने सामान्य ज्ञान से दीजिए। | ✓ उत्तर सदा गद्यांश के भीतर से दीजिए।
स्मरण सूत्र: पहले प्रश्न, फिर गद्यांश; उत्तर की पंक्ति गद्यांश में मिलनी ही चाहिए।
CTET Paper 1 में भाषा खंड के तीस में से लगभग पंद्रह प्रश्न गद्यांश और पद्यांश पर आधारित होते हैं, इसलिए यही सबसे अधिक अंक वाला भाग है। सबसे बड़ा जाल वह विकल्प है जो सामान्य ज्ञान की दृष्टि से सही है पर गद्यांश में नहीं आया। शीर्षक वाले प्रश्न में वह विकल्प चुनिए जो पूरे अंश को समेटे, किसी एक वाक्य को नहीं। समय बचाने के लिए एक गद्यांश पर पाँच मिनट से अधिक मत लगाइए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अपठित गद्यांश हल करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
पहले प्रश्न पढ़िए, फिर गद्यांश को एक बार तेज़ी से और दूसरी बार ध्यान से पढ़िए, और प्रत्येक उत्तर की पुष्टि गद्यांश की किसी पंक्ति से कीजिए। बाहर के ज्ञान से उत्तर मत दीजिए।
CTET में गद्यांश से कितने प्रश्न आते हैं?
भाषा खंड के तीस प्रश्नों में से लगभग आधे गद्यांश और पद्यांश पर आधारित होते हैं। शेष प्रश्न व्याकरण, शब्द ज्ञान और भाषा शिक्षाशास्त्र से आते हैं।
जो बच्चा पढ़ तो लेता है पर अर्थ नहीं बता पाता, उसे क्या चाहिए?
उसे अर्थग्रहण की सहायता चाहिए, अधिक पठन अभ्यास की नहीं। पढ़ने से पहले अनुमान लगवाना, बीच में रुककर प्रश्न पूछना और बाद में अपने शब्दों में सुनवाना सबसे प्रभावी उपाय हैं।
60-second recap
- अपठित गद्यांश भाषा खंड का सबसे बड़ा भाग है।
- पहले प्रश्न पढ़िए, फिर गद्यांश दो बार — एक बार तेज़, एक बार ध्यान से।
- उत्तर गद्यांश के भीतर से ही आना चाहिए।
- प्रश्न पाँच प्रकार के — तथ्य, शीर्षक, शब्द अर्थ, व्याकरण, अनुमान।
- धाराप्रवाह पढ़ना और अर्थ समझना दो अलग कौशल हैं।
Checking your account…
It takes a minute with your WhatsApp number. Reading is free.
Done with this topic?
Lock it in with a quick Practice Set, then move on.