Vakyansh ke liye Ek Shabd
वाक्यांश के लिए एक शब्द
किसी वाक्यांश या पूरे वाक्य के स्थान पर प्रयुक्त होने वाला एक शब्द भाषा को संक्षिप्त और प्रभावी बनाता है। परीक्षा में यह भाग सीधे पूछा जाता है और तैयारी सूची याद करने से नहीं, अर्थ समझने से होती है।
सर्वाधिक पूछे जाने वाले शब्द
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो कभी न मरे | अमर |
| जिसका कोई शत्रु न हो | अजातशत्रु |
| जो सब कुछ जानता हो | सर्वज्ञ |
| जो पढ़ा-लिखा न हो | निरक्षर |
| जिसकी तुलना न हो सके | अतुलनीय |
| जो देखने योग्य हो | दर्शनीय |
| जो कहा न जा सके | अकथनीय |
| जिसे जीता न जा सके | अजेय |
| जो थोड़ा जानता हो | अल्पज्ञ |
| जिसका आदि न हो | अनादि |
| जो ईश्वर में विश्वास रखता हो | आस्तिक |
| सप्ताह में एक बार होने वाला | साप्ताहिक |
| जो जन्म से अंधा हो | जन्मांध |
| जिसका पति मर गया हो | विधवा |
| जो मांस खाता हो | मांसाहारी |
प्रयोग से लाभ
इन शब्दों का लाभ केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है। अनुच्छेद लेखन, पत्र लेखन और निबंध में एक सही शब्द पूरे वाक्य को कस देता है — 'जो व्यक्ति सब कुछ जानने का दावा करता है' के स्थान पर 'सर्वज्ञ' लिखने से वाक्य छोटा और प्रभावी बन जाता है।
बनने की विधि पकड़िए
- 'अ' या 'अन' से निषेध — अमर, अजेय, अनादि, अकथनीय।
- 'ईय' या 'नीय' से योग्यता — दर्शनीय, पूजनीय, स्मरणीय।
- 'ज्ञ' से जानना — सर्वज्ञ, अल्पज्ञ, विज्ञ, अभिज्ञ।
- 'इक' से समय या संबंध — साप्ताहिक, मासिक, वार्षिक, दैनिक।
- 'हारी' या 'भोजी' से खाने वाला — मांसाहारी, शाकाहारी, मिताहारी।
यह विधि जान लेने पर अपरिचित वाक्यांश भी हल हो जाता है। 'जो मास में एक बार हो' का उत्तर 'मासिक' स्वयं निकल आता है।
और भी आवश्यक शब्द
| वाक्यांश | एक शब्द |
|---|---|
| जो बहुत बोलता हो | वाचाल |
| जो कम बोलता हो | मितभाषी |
| जो सबका प्रिय हो | सर्वप्रिय |
| जिसका कोई मूल्य न हो | अमूल्य |
| जो आँखों के सामने हो | प्रत्यक्ष |
| जो आँखों से ओझल हो | परोक्ष |
| जिसका कोई अंत न हो | अनंत |
| जो दूसरों पर निर्भर हो | पराश्रित |
| जो अपने बल पर जिए | स्वावलंबी |
| नगर में रहने वाला | नागरिक |
मिलते-जुलते शब्दों का भेद
- अल्पज्ञ थोड़ा जानने वाला, सर्वज्ञ सब जानने वाला, अभिज्ञ जानकार और अनभिज्ञ अनजान।
- निरक्षर वह जो पढ़ा-लिखा न हो, जबकि अनपढ़ उसका तद्भव रूप है।
- अजेय जिसे जीता न जा सके, और अजातशत्रु जिसका शत्रु ही न हो — दोनों अलग हैं।
✗ 'जिसका कोई शत्रु न हो' के लिए 'अजेय' शब्द है। | ✓ यह 'अजातशत्रु' है; 'अजेय' का अर्थ जिसे जीता न जा सके।
स्मरण सूत्र: उपसर्ग और प्रत्यय की पहचान कर लीजिए — 'अ' निषेध, 'नीय' योग्यता, 'ज्ञ' जानना — तो अपरिचित वाक्यांश भी हल हो जाएगा।
इस भाग से एक प्रश्न प्रायः आता है और यह सबसे सुरक्षित अंक है, बशर्ते मिलते-जुलते शब्दों का भेद स्पष्ट हो। सबसे बार-बार दोहराया जाने वाला जाल अजेय और अजातशत्रु का है, तथा दूसरा अल्पज्ञ, सर्वज्ञ और अभिज्ञ का। प्रत्यय की विधि याद रखने पर अपरिचित विकल्प भी तर्क से हल हो जाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'जिसका कोई शत्रु न हो' के लिए एक शब्द क्या है?
अजातशत्रु। इसे 'अजेय' से भ्रमित नहीं करना चाहिए, जिसका अर्थ है जिसे जीता न जा सके। दोनों परीक्षा में एक साथ विकल्प के रूप में रखे जाते हैं।
वाक्यांश के लिए एक शब्द याद रखने का सही तरीका क्या है?
सूची रटने के बजाय बनने की विधि समझिए — 'अ' निषेध देता है, 'नीय' योग्यता, 'ज्ञ' जानना और 'इक' समय या संबंध। इससे अपरिचित वाक्यांश भी हल हो जाते हैं।
अल्पज्ञ और अभिज्ञ में क्या अंतर है?
अल्पज्ञ का अर्थ है थोड़ा जानने वाला और अभिज्ञ का अर्थ है जानकार या परिचित। इनके विपरीत सर्वज्ञ सब कुछ जानने वाला और अनभिज्ञ बिल्कुल अनजान होता है।
60-second recap
- एक शब्द भाषा को संक्षिप्त और प्रभावी बनाता है।
- 'अ/अन' निषेध, 'नीय/ईय' योग्यता, 'ज्ञ' जानना, 'इक' समय-संबंध।
- अजातशत्रु = जिसका शत्रु न हो; अजेय = जिसे जीता न जा सके।
- अल्पज्ञ, सर्वज्ञ, अभिज्ञ, अनभिज्ञ का भेद स्पष्ट रखिए।
- विधि समझिए, सूची मत रटिए।
Ab isi chapter ke questions CTET Paper 1 mock test me practice karo — Hindi shabd gyan ke sawaal wahin milenge.
