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गति एवं उसके प्रकार, दूरी-विस्थापन-चाल

By ExamAtlas · 29/8/2026

गति एवं उसके प्रकार, दूरी-विस्थापन-चाल

भाग-III में विज्ञान का हिस्सा बड़ा है और भौतिकी से 6 प्रश्न तक आते हैं। यह विषय उन सबका आधार है, क्योंकि दूरी और विस्थापन का भेद, तथा गति के समीकरण आगे बल और ऊर्जा दोनों में लौटते हैं।

दूरी एवं विस्थापन

आधारदूरीविस्थापन
राशि का प्रकारअदिशसदिश
दिशानहीं होतीहोती है
मानसदा धनात्मकशून्य या ऋणात्मक भी
मार्गपूरे मार्ग की लंबाईआरंभ से अंत तक सीधी दूरी

सबसे तयशुदा उदाहरण यही है — कोई व्यक्ति वृत्ताकार पथ पर एक पूरा चक्कर लगाकर वहीं लौट आए, तो दूरी परिधि के बराबर पर विस्थापन शून्य होगा। यह प्रश्न लगभग हर वर्ष किसी न किसी रूप में आता है।

विस्थापन कभी शून्य नहीं हो सकता  |   आरंभ और अंत बिंदु एक ही हों तो विस्थापन शून्य होता है

एक और नियम याद रखिए — विस्थापन का परिमाण दूरी से कभी अधिक नहीं हो सकता। सीधी रेखा में एक ही दिशा में चलने पर दोनों बराबर होते हैं, बाक़ी हर स्थिति में विस्थापन कम रहता है।

चाल, वेग एवं त्वरण

चाल = दूरी ÷ समय | वेग = विस्थापन ÷ समय | त्वरण = वेग परिवर्तन ÷ समय

चाल अदिश है और वेग सदिश — यही उनका मूल अंतर है। इसीलिए वृत्ताकार पथ पर एक चक्कर पूरा करने पर औसत चाल शून्य नहीं पर औसत वेग शून्य होता है।

त्वरण ऋणात्मक भी हो सकता है, जिसे मंदन कहते हैं। और यदि वस्तु एकसमान वेग से चल रही हो तो त्वरण शून्य होता है — गति होने भर से त्वरण नहीं होता।

एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है पर वेग बदलता रहता है, क्योंकि दिशा हर क्षण बदलती है। इसलिए वहाँ त्वरण होता है — यह स्नातक स्तर का पसंदीदा प्रश्न है।

गति के समीकरण

v = u + at | s = ut + ½at² | v² = u² + 2as

तीनों केवल एकसमान त्वरण वाली गति पर लागू होते हैं। यहाँ u प्रारंभिक वेग, v अंतिम वेग, a त्वरण, t समय और s विस्थापन है।

मुक्त रूप से गिरती वस्तु में a की जगह g रख दीजिए, जिसका मान लगभग 9.8 मीटर प्रति सेकंड वर्ग है। ऊपर फेंकने पर g ऋणात्मक लिया जाता है, क्योंकि दिशा गति के विपरीत होती है।

मुक्त पतन: v = gt | h = ½gt²

गति के आलेख

  • दूरी-समय आलेख की ढाल चाल देती है।
  • वेग-समय आलेख की ढाल त्वरण देती है।
  • वेग-समय आलेख के नीचे का क्षेत्रफल दूरी देता है।
  • दूरी-समय आलेख में क्षैतिज रेखा का अर्थ है वस्तु विरामावस्था में है।

तीसरा बिंदु सबसे अधिक पूछा जाता है और सबसे कम याद रहता है — ढाल से त्वरण, क्षेत्रफल से दूरी। इन दोनों को उलट देना आम भूल है।

आलेख वाले प्रश्न में पहले यह देखिए कि अक्षों पर क्या है। दूरी-समय है या वेग-समय — इसी से तय होता है कि ढाल चाल देगी या त्वरण।

TRE संकेत: वृत्ताकार पथ पर एक चक्कर में विस्थापन शून्य — यह तयशुदा प्रश्न है। एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर पर वेग बदलता है, यह स्नातक स्तर की बारीकी है। और आलेख में ढाल से त्वरण, क्षेत्रफल से दूरी — दोनों को उलटना सबसे आम गलती है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • दूरी अदिश और विस्थापन सदिश राशि है।
  • एक पूरा चक्कर लगाने पर दूरी परिधि के बराबर पर विस्थापन शून्य होता है।
  • विस्थापन का परिमाण दूरी से कभी अधिक नहीं हो सकता।
  • एकसमान वृत्तीय गति में चाल स्थिर रहती है पर वेग बदलता है।
  • गति के तीनों समीकरण केवल एकसमान त्वरण पर लागू होते हैं।
  • वेग-समय आलेख की ढाल त्वरण और नीचे का क्षेत्रफल दूरी देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दूरी और विस्थापन में क्या अंतर है?

दूरी तय किए गए पूरे मार्ग की लंबाई है और वह अदिश राशि है, इसलिए सदा धनात्मक रहती है। विस्थापन आरंभ और अंत बिंदु के बीच की सीधी दूरी है और सदिश राशि है, इसलिए उसमें दिशा भी होती है और वह शून्य भी हो सकता है।

एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण क्यों होता है?

क्योंकि वेग सदिश राशि है और उसमें दिशा भी शामिल है। वृत्ताकार पथ पर चलते समय चाल भले स्थिर रहे, दिशा हर क्षण बदलती रहती है, इसलिए वेग बदलता है और वेग बदलने का अर्थ ही त्वरण होना है।

वेग-समय आलेख से दूरी कैसे निकाली जाती है?

आलेख के नीचे के क्षेत्रफल से। उसकी ढाल त्वरण देती है, दूरी नहीं। दूरी-समय आलेख में इसका उल्टा है, वहाँ ढाल चाल देती है। इन दोनों को आपस में बदल देना सबसे आम गलती है, इसलिए पहले अक्ष देखिए।

गति के समीकरण कब लागू होते हैं?

केवल तब जब त्वरण एकसमान हो, यानी वह पूरे समय स्थिर रहे। बदलते त्वरण वाली गति पर ये तीनों समीकरण लागू नहीं होते। मुक्त रूप से गिरती वस्तु में त्वरण के स्थान पर गुरुत्वीय त्वरण रख दिया जाता है।