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30 प्रतिशत अर्हांक का गणित: कितने सही उत्तर चाहिए

By ExamAtlas · 29/8/2026

30 प्रतिशत अर्हांक का गणित: कितने सही उत्तर चाहिए

भाग-I केवल अर्हक पत्र है — 30 प्रश्न, और पास होने के लिए 30 प्रतिशत। पर ऋणात्मक अंकन के कारण 30 प्रतिशत का मतलब 9 सही उत्तर नहीं होता। यह विषय वही गणित खोलकर रखता है, क्योंकि सही संख्या जाने बिना रणनीति बन ही नहीं सकती।

अंकन योजना

स्थितिअंक
सही उत्तर+1
गलत उत्तर (A से D)−1/3
विकल्प E भरा0
गोला पूरी तरह खाली−1/3

यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है कि खाली छोड़ना और गलत उत्तर देना, दोनों पर एक ही कटौती है — −1/3। पर विकल्प E भरने पर कुछ नहीं कटता। यही एक अंतर पूरी रणनीति बदल देता है।

प्रश्न छोड़ देने पर कुछ नहीं कटता  |   गोला खाली छोड़ने पर −1/3 कटता है; बिना कटौती छोड़ने के लिए विकल्प E भरना पड़ता है

पहली स्थिति: हर प्रश्न पर A से D कोई विकल्प भरा

मान लीजिए कोई उम्मीदवार सभी 30 प्रश्नों पर उत्तर भर देता है और उनमें से x सही निकलते हैं। तब बाकी (30 − x) गलत होंगे।

प्राप्तांक = x − (30 − x) / 3 = (4x / 3) − 10

अर्हता के लिए प्राप्तांक 9 या उससे अधिक चाहिए। इसे हल कीजिए तो x कम से कम 14.25 आता है, यानी 15 सही उत्तर

सही उत्तरप्राप्तांकपरिणाम
148.67अनुत्तीर्ण
1510.00उत्तीर्ण
1814.00सुरक्षित
2016.67आरामदायक

तो जो उम्मीदवार हर प्रश्न पर अंदाज़ से गोला भर देता है, उसे 30 में से 15 सही चाहिए — यानी आधा पत्र। यह संख्या अधिकांश उम्मीदवारों की अपेक्षा से कहीं अधिक है।

दूसरी स्थिति: न आने वाले प्रश्नों पर विकल्प E

अब मान लीजिए वही उम्मीदवार केवल उन्हीं प्रश्नों पर उत्तर भरता है जो उसे आते हैं, और बाकी सब पर विकल्प E भर देता है। तब कोई कटौती नहीं होती।

प्राप्तांक = सही उत्तरों की संख्या

इस स्थिति में अर्हता के लिए केवल 9 सही उत्तर चाहिए। यही इस पूरे अध्याय का सबसे उपयोगी वाक्य है — विकल्प E का सही उपयोग आवश्यक सही उत्तरों को 15 से घटाकर 9 कर देता है

यह अंतर छोटा नहीं है। 15 सही उत्तर लाना आधा पत्र जानना है; 9 सही उत्तर लाना एक तिहाई से भी कम है। दोनों के बीच का पूरा फ़र्क़ केवल इस बात से आता है कि न आने वाले प्रश्नों पर आप E भरते हैं या तुक्का लगाते हैं।

TRE संकेत: दो संख्याएँ याद रखिए — सब पर तुक्का लगाया तो 15 सही चाहिए, E का सही उपयोग किया तो 9। यह गणित इसी नई पाँच-विकल्प व्यवस्था से निकलता है, इसलिए बाज़ार की पुरानी सामग्री में यह कहीं नहीं मिलेगा। परीक्षा से पहले अपने प्रवेश पत्र और आधिकारिक विज्ञापन पर अंकन योजना एक बार अवश्य मिला लीजिए।

60 सेकंड का रिवीजन

  • सही +1, गलत −1/3, विकल्प E शून्य, खाली गोला −1/3।
  • खाली छोड़ना और गलत उत्तर देना — कटौती दोनों पर बराबर है।
  • सभी 30 पर उत्तर भरने पर अर्हता के लिए 15 सही उत्तर चाहिए।
  • 14 सही उत्तर पर प्राप्तांक 8.67 रहता है, जो 9 से कम है।
  • न आने वाले प्रश्नों पर E भरने पर केवल 9 सही उत्तर चाहिए।
  • विकल्प E का सही उपयोग आवश्यक सही उत्तर 15 से घटाकर 9 कर देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाग-I में उत्तीर्ण होने के लिए कितने सही उत्तर चाहिए?

यह इस पर निर्भर करता है कि आप न आने वाले प्रश्नों का क्या करते हैं। यदि सभी तीस प्रश्नों पर कोई न कोई उत्तर भरते हैं तो पंद्रह सही चाहिए। यदि न आने वाले प्रश्नों पर विकल्प E भरते हैं तो केवल नौ सही उत्तर पर्याप्त हैं।

14 सही उत्तर से काम क्यों नहीं चलता?

क्योंकि शेष सोलह गलत उत्तरों पर एक तिहाई की दर से लगभग 5.33 अंक कट जाते हैं और प्राप्तांक 8.67 रह जाता है, जो नौ की सीमा से कम है। पंद्रह सही उत्तरों पर यह गणना दस अंक देती है और उम्मीदवार सुरक्षित रूप से उत्तीर्ण होता है।

क्या प्रश्न खाली छोड़ना सुरक्षित है?

नहीं। गोला पूरी तरह खाली छोड़ने पर वही एक तिहाई अंक कटता है जो गलत उत्तर पर कटता है। यदि प्रश्न छोड़ना ही है तो विकल्प E भरिए, जिस पर कोई कटौती नहीं होती। खाली छोड़ना इस व्यवस्था में सबसे ख़राब विकल्प है।

भाग-I के अंक मेधा सूची में जुड़ते हैं?

नहीं। भाग-I केवल अर्हक है और इसके अंक अंतिम मेधा सूची में नहीं जोड़े जाते। मेधा भाग-II और भाग-III के अंकों से बनती है। इसलिए यहाँ अधिकतम अंक लाने की नहीं, सुरक्षित रूप से तीस प्रतिशत पार करने की रणनीति बनानी चाहिए।