आधुनिक गद्यकार एवं उनकी प्रमुख कृतियाँ
आधुनिक गद्यकार एवं उनकी प्रमुख कृतियाँ
यह विषय 2 प्रश्न देता है और पूरी तरह स्मरण पर टिका है। परीक्षा लेखक और कृति का जोड़ा पूछती है, कभी-कभी विधा भी, इसलिए तैयारी सूची पढ़कर नहीं बल्कि जोड़े बनाकर कीजिए — एक लेखक, एक विधा और एक कृति, तीनों एक साथ।
उपन्यासकार
| लेखक | प्रमुख उपन्यास |
|---|---|
| जयशंकर प्रसाद | कंकाल, तितली |
| यशपाल | झूठा सच, दिव्या |
| अज्ञेय | शेखर: एक जीवनी, नदी के द्वीप |
| हजारी प्रसाद द्विवेदी | बाणभट्ट की आत्मकथा |
| भगवती चरण वर्मा | चित्रलेखा |
| अमृतलाल नागर | बूँद और समुद्र |
झूठा सच विभाजन की पीड़ा पर लिखा गया सबसे बड़ा हिंदी उपन्यास माना जाता है और शेखर: एक जीवनी हिंदी का प्रमुख मनोवैज्ञानिक उपन्यास है। चित्रलेखा पाप और पुण्य के प्रश्न पर केंद्रित है।
✗ बाणभट्ट की आत्मकथा बाणभट्ट ने लिखी है | ✓ यह हजारी प्रसाद द्विवेदी का उपन्यास है, आत्मकथा नहीं
कहानीकार
- जयशंकर प्रसाद — आकाशदीप, पुरस्कार, गुंडा।
- जैनेंद्र कुमार — मनोवैज्ञानिक कहानी के प्रवर्तक माने जाते हैं।
- अज्ञेय — गैंग्रीन यानी रोज़, विपथगा।
- मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव — नई कहानी आंदोलन के तीन प्रमुख नाम।
नई कहानी आंदोलन 1950 के दशक में शुरू हुआ और उसने स्वतंत्रता के बाद के मध्यवर्ग, शहर और टूटते रिश्तों को कहानी का विषय बनाया। तीन नामों की यह तिकड़ी परीक्षा में साथ पूछी जाती है।
निबंधकार एवं आलोचक
| लेखक | कृति | विधा |
|---|---|---|
| आचार्य रामचंद्र शुक्ल | चिंतामणि | निबंध एवं आलोचना |
| हजारी प्रसाद द्विवेदी | अशोक के फूल, कुटज | ललित निबंध |
| रामविलास शर्मा | निराला की साहित्य साधना | आलोचना |
| नामवर सिंह | कविता के नए प्रतिमान | आलोचना |
हिंदी साहित्य का इतिहास आचार्य शुक्ल की आलोचना और इतिहास दोनों की आधार-कृति है — काल विभाजन वाला प्रश्न भी इसी से निकलता है। रामविलास शर्मा और नामवर सिंह आधुनिक हिंदी आलोचना के दो सबसे बड़े नाम हैं।
आधुनिक गद्य की एक बात परीक्षा में बार-बार लौटती है — विधा और लेखक का मेल। एक ही लेखक कई विधाओं में लिख सकता है, इसलिए प्रश्न प्रायः यह पूछता है कि दी गई कृति किस विधा की है। जयशंकर प्रसाद कवि, नाटककार और उपन्यासकार तीनों थे; हजारी प्रसाद द्विवेदी निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार तीनों। इसलिए नाम के साथ कृति और कृति के साथ विधा — तीनों जोड़कर याद रखना ही सही उत्तर तक ले जाता है।
जोड़े बनाकर याद कीजिए: झूठा सच और विभाजन, शेखर और मनोविज्ञान, चित्रलेखा और पाप-पुण्य, बाणभट्ट की आत्मकथा और द्विवेदी। विषय के सहारे नाम जल्दी याद आता है।
TRE संकेत: बाणभट्ट की आत्मकथा हजारी प्रसाद द्विवेदी की — यह नाम भ्रम पैदा करता है, इसलिए सबसे अधिक पूछा जाता है। झूठा सच यशपाल का और चित्रलेखा भगवती चरण वर्मा का भी तय प्रश्न हैं। नई कहानी की तिकड़ी — मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव — तीनों नाम साथ याद रखिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- झूठा सच यशपाल का विभाजन पर लिखा उपन्यास है।
- शेखर: एक जीवनी अज्ञेय का मनोवैज्ञानिक उपन्यास है।
- बाणभट्ट की आत्मकथा हजारी प्रसाद द्विवेदी की रचना है।
- चित्रलेखा भगवती चरण वर्मा का उपन्यास है।
- नई कहानी आंदोलन के तीन प्रमुख नाम — मोहन राकेश, कमलेश्वर, राजेंद्र यादव।
- रामविलास शर्मा और नामवर सिंह आधुनिक आलोचना के बड़े नाम हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बाणभट्ट की आत्मकथा किसकी रचना है?
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की। नाम से लगता है कि यह संस्कृत लेखक बाणभट्ट की लिखी आत्मकथा है, पर वास्तव में यह द्विवेदी जी का उपन्यास है जिसमें बाणभट्ट को पात्र बनाया गया है। यही भ्रम परीक्षा का प्रश्न बनता है।
झूठा सच का विषय क्या है?
भारत विभाजन और उसके बाद का समय। यशपाल ने इसमें विभाजन की हिंसा, विस्थापन और उसके बाद बने नए समाज को दो खंडों में चित्रित किया है। इसे विभाजन पर लिखा गया सबसे बड़ा हिंदी उपन्यास माना जाता है।
नई कहानी आंदोलन क्या था?
यह 1950 के दशक में शुरू हुआ कहानी आंदोलन था, जिसने स्वतंत्रता के बाद के मध्यवर्गीय जीवन, शहरी अकेलेपन और टूटते रिश्तों को कहानी का विषय बनाया। मोहन राकेश, कमलेश्वर और राजेंद्र यादव इसके तीन प्रमुख नाम माने जाते हैं।
हिंदी आलोचना के प्रमुख नाम कौन हैं?
आचार्य रामचंद्र शुक्ल आधुनिक हिंदी आलोचना के आधार स्तंभ हैं, जिनकी चिंतामणि और हिंदी साहित्य का इतिहास प्रमुख कृतियाँ हैं। उनके बाद रामविलास शर्मा और नामवर सिंह ने आलोचना को नई दिशा दी।
