बीजीय व्यंजक एवं उन पर संक्रियाएँ
बीजीय व्यंजक एवं उन पर संक्रियाएँ
बीजगणित से 3 प्रश्न तक आते हैं और यह विषय उसका आधार है। पद, गुणांक और चर की पहचान, समान और असमान पदों का भेद, तथा व्यंजकों का गुणा — तीनों में नियम कम हैं, पर एक भी चूकने पर पूरा उत्तर बदल जाता है।
व्यंजक की शब्दावली
| शब्द | अर्थ | उदाहरण 5x²y में |
|---|---|---|
| पद | जोड़ या घटाव से अलग हुआ भाग | 5x²y एक पद है |
| गुणांक | चर के साथ लगी संख्या | 5 |
| चर | बदलने वाला अक्षर | x और y |
| घात | चर के घातांकों का योग | 2 + 1 = 3 |
पदों की संख्या से व्यंजक का नाम तय होता है — एक पद वाला एकपदी, दो पद वाला द्विपदी, तीन पद वाला त्रिपदी, और उससे अधिक वाला बहुपद।
बहुपद की घात उसके पदों में से सबसे बड़ी घात होती है। 3x³ + 5x² − 2 की घात 3 है। यह सीधे पूछा जाता है।
✗ 5x²y की घात 2 है | ✓ घात सभी चरों के घातांकों का योग है, यानी 2 + 1 = 3
समान एवं असमान पद
समान पद वे हैं जिनमें चर और उनकी घातें दोनों समान हों, गुणांक चाहे अलग हों। 3x² और 7x² समान पद हैं, पर 3x² और 3x³ नहीं।
केवल समान पदों को ही जोड़ा या घटाया जा सकता है — गुणांक जुड़ते हैं और चर वही रहता है। 3x² + 7x² = 10x²। असमान पदों को जोड़ने पर वे जैसे हैं वैसे ही रह जाते हैं।
पर गुणा में यह शर्त नहीं है — असमान पदों को भी गुणा किया जा सकता है। 3x² × 2y = 6x²y। यह अंतर सबसे अधिक गड़बड़ाता है।
व्यंजकों का गुणा
एकपदी × एकपदी: गुणांक गुणा, चरों की घातें जोड़
- एकपदी × बहुपद — एकपदी को हर पद से अलग-अलग गुणा कीजिए।
- द्विपदी × द्विपदी — पहले के हर पद को दूसरे के हर पद से गुणा कीजिए, फिर समान पद जोड़िए।
इसी से (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab निकलता है, जो आगे गुणनखंडन में सबसे अधिक काम आता है।
प्रतिस्थापन एवं मान निकालना
चर की जगह दी गई संख्या रखकर मान निकालना प्रतिस्थापन कहलाता है। यहाँ दो सावधानियाँ ज़रूरी हैं।
- ऋणात्मक मान कोष्ठक में रखिए — x = −2 पर x² का मान (−2)² = 4 है, −4 नहीं।
- BODMAS का क्रम बनाए रखिए — पहले घात, फिर गुणा, फिर जोड़-घटाव।
पहली सावधानी सबसे अधिक भुलाई जाती है। −2² और (−2)² अलग हैं — पहला −4 है और दूसरा 4, क्योंकि घात केवल 2 पर लगी है, चिह्न पर नहीं।
प्रतिस्थापन में हमेशा पहले कोष्ठक लगाकर मान रखिए, फिर हल कीजिए। यह एक आदत आधी गलतियाँ रोक देती है, ख़ासकर ऋणात्मक मानों में।
TRE संकेत: घात चरों के घातांकों का योग होती है — यह स्नातक स्तर का तय प्रश्न है। जोड़ में समान पद ज़रूरी, गुणा में नहीं वाला अंतर याद रखिए। और (−2)² = 4 पर −2² = −4 — यह जाल हर वर्ष किसी न किसी रूप में आता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- पद, गुणांक, चर और घात — व्यंजक की चार बुनियादी बातें।
- 5x²y की घात 3 है, क्योंकि घातांक जोड़े जाते हैं।
- समान पदों में चर और उनकी घातें दोनों समान होती हैं।
- केवल समान पद जोड़े या घटाए जा सकते हैं; गुणा में यह शर्त नहीं।
- (x + a)(x + b) = x² + (a + b)x + ab।
- ऋणात्मक मान हमेशा कोष्ठक में रखकर प्रतिस्थापित कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बहुपद की घात कैसे निकाली जाती है?
किसी पद की घात उसमें आए सभी चरों के घातांकों का योग होती है, और पूरे बहुपद की घात उसके पदों में सबसे बड़ी घात होती है। इसलिए पाँच x वर्ग y की घात तीन है, क्योंकि दो और एक जोड़कर तीन होता है।
समान पद किसे कहते हैं?
उन पदों को जिनमें चर और उनकी घातें दोनों बिलकुल समान हों, गुणांक चाहे अलग हो। तीन x वर्ग और सात x वर्ग समान पद हैं, पर तीन x वर्ग और तीन x घन समान नहीं हैं क्योंकि घातें अलग हैं।
क्या असमान पदों को गुणा किया जा सकता है?
हाँ। समान पद होने की शर्त केवल जोड़ और घटाव पर लागू होती है। गुणा में किसी भी दो पदों को गुणा किया जा सकता है — गुणांक आपस में गुणा होते हैं और समान चर की घातें जुड़ जाती हैं।
ऋण दो का वर्ग और ऋण दो वर्ग में क्या अंतर है?
कोष्ठक सहित ऋण दो का वर्ग चार होता है, क्योंकि घात पूरे ऋण दो पर लगती है और दो ऋणात्मक संख्याओं का गुणनफल धनात्मक आता है। कोष्ठक बिना ऋण दो वर्ग का मान ऋण चार होता है, क्योंकि वहाँ घात केवल दो पर लगी है, चिह्न पर नहीं।
