प्राचीन बिहार: मगध, पाटलिपुत्र, नालंदा
Ancient Bihar: Magadha, Pataliputra and Nalanda
यह अध्याय राज्य की परीक्षा के लिए सबसे अधिक अंक देने वाला है, क्योंकि प्राचीन भारत का बड़ा हिस्सा वास्तव में बिहार का ही इतिहास है। यहाँ प्रश्न स्थान और घटना की जोड़ी पर बनते हैं, इसलिए स्थानों को मानचित्र पर देखकर याद कीजिए।
मगध के राजवंश
| वंश | प्रमुख शासक | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| हर्यक | बिंबिसार, अजातशत्रु | बिंबिसार बुद्ध के समकालीन |
| शिशुनाग | शिशुनाग, कालाशोक | द्वितीय बौद्ध संगीति |
| नंद | महापद्मनंद, धननंद | विशाल सेना; सिकंदर के समकालीन |
| मौर्य | चंद्रगुप्त, अशोक | सबसे बड़ा प्राचीन साम्राज्य |
| गुप्त | समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय | स्वर्ण युग |
बिंबिसार ने वैवाहिक संबंधों से मगध की शक्ति बढ़ाई और अजातशत्रु ने वैशाली के वज्जि संघ को जीता। उदयिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया।
स्थान और वहाँ क्या हुआ
| स्थान | महत्व |
|---|---|
| राजगृह | मगध की पहली राजधानी; प्रथम बौद्ध संगीति |
| पाटलिपुत्र | मौर्य और गुप्त राजधानी; तृतीय बौद्ध संगीति |
| वैशाली | विश्व का प्राचीनतम गणराज्य; द्वितीय बौद्ध संगीति; महावीर का जन्मस्थान |
| बोधगया | बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति |
| नालंदा | प्राचीन विश्वविद्यालय |
| विक्रमशिला | पाल शासक धर्मपाल द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय |
वैशाली को विश्व का प्राचीनतम गणराज्य माना जाता है और वहीं लिच्छवि तथा वज्जि संघ का शासन था। यह तथ्य बिहार की परीक्षा में बार-बार आता है।
✗ नालंदा और विक्रमशिला दोनों गुप्त शासकों ने स्थापित किए | ✓ नालंदा की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त ने की, जबकि विक्रमशिला पाल शासक धर्मपाल ने स्थापित किया
नालंदा क्यों असाधारण था
नालंदा केवल एक विहार नहीं, एक पूरा आवासीय विश्वविद्यालय था, जहाँ हज़ारों विद्यार्थी और सैकड़ों शिक्षक रहते थे। वहाँ प्रवेश के लिए कठिन मौखिक परीक्षा होती थी।
- पुस्तकालय धर्मगंज कहलाता था और उसके तीन भवन थे।
- यहाँ बौद्ध दर्शन के साथ व्याकरण, तर्कशास्त्र, चिकित्सा और खगोल भी पढ़ाए जाते थे।
- चीनी यात्री ह्वेनसांग यहाँ पढ़ने आया और उसने विस्तृत विवरण छोड़ा।
- बख़्तियार ख़िलजी के आक्रमण में इसे नष्ट कर दिया गया।
2016 में नालंदा के अवशेषों को विश्व धरोहर घोषित किया गया, और आज उसी क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय पुनः स्थापित है।
बिहार केंद्र में क्यों रहा
इसके कारण भौगोलिक और आर्थिक दोनों हैं। गंगा घाटी की उपजाऊ भूमि से अधिशेष अन्न मिलता था, जिससे बड़ी सेना और नगर पल सकते थे। पास की लोहे की खानें बेहतर हथियार देती थीं और जंगल से हाथी मिलते थे।
इसके अलावा गंगा और उसकी सहायक नदियाँ व्यापार का सस्ता मार्ग थीं और पाटलिपुत्र नदियों के संगम पर होने के कारण सुरक्षित भी था। यही कारण मिलकर मगध को शताब्दियों तक उपमहाद्वीप का केंद्र बनाए रखे।
इस अध्याय की तैयारी स्थान के अनुसार कीजिए, वंश के अनुसार नहीं। हर स्थान के साथ एक घटना जोड़ लीजिए — राजगृह के साथ पहली संगीति, वैशाली के साथ गणराज्य, बोधगया के साथ ज्ञान। प्रश्न प्रायः इसी जोड़ी पर बनते हैं।
TRE संकेत: वैशाली विश्व का प्राचीनतम गणराज्य — यह बिहार से सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है। नालंदा कुमारगुप्त और विक्रमशिला धर्मपाल ने स्थापित किया, यह जोड़ी भी तयशुदा है। उदयिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया भी सीधे आया है।
60 सेकंड का रिवीजन
- मगध की पहली राजधानी राजगृह और बाद में पाटलिपुत्र रही।
- बिंबिसार बुद्ध के समकालीन थे और अजातशत्रु ने वैशाली जीता।
- वैशाली विश्व का प्राचीनतम गणराज्य माना जाता है।
- नालंदा की स्थापना कुमारगुप्त और विक्रमशिला की धर्मपाल ने की।
- नालंदा का पुस्तकालय धर्मगंज कहलाता था।
- उपजाऊ भूमि, लोहा, हाथी और नदियाँ मगध की शक्ति के आधार थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वैशाली का क्या ऐतिहासिक महत्व है?
वैशाली को विश्व का प्राचीनतम गणराज्य माना जाता है, जहाँ लिच्छवि और वज्जि संघ का शासन था और निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते थे। यहीं महावीर का जन्म हुआ, यहीं द्वितीय बौद्ध संगीति हुई, और बुद्ध ने भी यहाँ उपदेश दिए। इतने कारण एक साथ इसे बिहार का सबसे महत्वपूर्ण स्थल बना देते हैं।
नालंदा को असाधारण क्या बनाता था?
यह केवल विहार नहीं, एक आवासीय विश्वविद्यालय था जहाँ हज़ारों विद्यार्थी और सैकड़ों शिक्षक रहते थे। प्रवेश के लिए कठिन मौखिक परीक्षा होती थी, पाठ्यक्रम में बौद्ध दर्शन के साथ व्याकरण, तर्क, चिकित्सा और खगोल भी थे, और धर्मगंज नामक विशाल पुस्तकालय के तीन भवन थे।
मगध शताब्दियों तक केंद्र में क्यों बना रहा?
क्योंकि उसके पास वे सारे संसाधन थे जो एक बड़े राज्य के लिए चाहिए। गंगा घाटी की उपजाऊ भूमि से अतिरिक्त अन्न मिलता था, पास की खानों से लोहा, जंगलों से युद्ध के हाथी, और नदियों से सस्ता व्यापार मार्ग। पाटलिपुत्र की नदियों से घिरी स्थिति उसे सुरक्षा भी देती थी।
नालंदा और विक्रमशिला में क्या अंतर है?
दोनों प्राचीन बिहार के विश्वविद्यालय थे, पर उन्हें अलग-अलग शासकों ने स्थापित किया। नालंदा की स्थापना गुप्त शासक कुमारगुप्त ने की और वह अधिक प्राचीन तथा बड़ा था। विक्रमशिला की स्थापना बाद में पाल शासक धर्मपाल ने की और वह तांत्रिक अध्ययन के लिए विशेष रूप से जाना जाता था।
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