अनेकार्थी एवं श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द
अनेकार्थी एवं श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द
इस भाग से 2 प्रश्न आते हैं और यही वह जगह है जहाँ सबसे अधिक अंक कटते हैं। कारण यह है कि विकल्प जान-बूझकर सुनने में एक जैसे रखे जाते हैं, और उत्तर केवल अर्थ की सूक्ष्म पकड़ से निकलता है।
श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द
जो शब्द सुनने में लगभग एक जैसे लगें पर अर्थ भिन्न हो, वे श्रुतिसमभिन्नार्थक कहलाते हैं। परीक्षा इन्हीं जोड़ों से प्रश्न बनाती है।
| शब्द | अर्थ | शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| अनल | आग | अनिल | हवा |
| कुल | वंश | कूल | किनारा |
| दिन | दिवस | दीन | गरीब |
| समान | बराबर | सामान | वस्तु |
| परिणाम | नतीजा | परिमाण | मात्रा |
| ग्रह | नक्षत्र | गृह | घर |
अनल और अनिल का जोड़ा सबसे अधिक पूछा जाता है — अनल यानी आग, अनिल यानी हवा। इसी तरह परिणाम नतीजा है और परिमाण मात्रा। एक मात्रा का अंतर पूरा अर्थ बदल देता है।
✗ कूल का अर्थ वंश होता है | ✓ कूल का अर्थ किनारा है; वंश के लिए कुल शब्द है
और महत्वपूर्ण जोड़े
- अंश — हिस्सा | अंस — कंधा।
- चिर — बहुत समय | चीर — वस्त्र।
- शुक्ल — सफ़ेद | शुल्क — फीस।
- प्रसाद — कृपा | प्रासाद — महल।
- बात — कथन | वात — वायु।
अनेकार्थी शब्द
जिन शब्दों के एक से अधिक अर्थ हों, वे अनेकार्थी कहलाते हैं। यहाँ प्रश्न प्रायः यह होता है कि दिए गए वाक्य में शब्द किस अर्थ में आया है।
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| कर | हाथ, टैक्स, किरण |
| अर्थ | धन, मतलब, प्रयोजन |
| हरि | विष्णु, सिंह, सूर्य, बंदर |
| काल | समय, मृत्यु, अकाल |
| वर्ण | अक्षर, रंग, जाति |
अनेकार्थी और श्रुतिसमभिन्नार्थक में एक बुनियादी अंतर है, जो प्रश्न में भी परखा जाता है। अनेकार्थी में शब्द एक ही रहता है और अर्थ कई होते हैं; श्रुतिसम में शब्द अलग-अलग होते हैं पर सुनने में एक जैसे लगते हैं। कर एक ही शब्द है जिसके तीन अर्थ हैं, इसलिए वह अनेकार्थी है। ग्रह और गृह दो अलग शब्द हैं, इसलिए वे श्रुतिसम हैं। यह अंतर स्पष्ट रहे तो दोनों तरह के प्रश्न आसान हो जाते हैं।
परीक्षा में विधि यह रखिए: पहले शब्द को वाक्य में रखकर पढ़िए, फिर तय कीजिए कि कौन-सा अर्थ वाक्य में बैठता है। अकेले शब्द को देखकर अर्थ चुनना गलती की सबसे बड़ी वजह है।
TRE संकेत: अनल-अनिल, परिणाम-परिमाण, ग्रह-गृह, शुक्ल-शुल्क — ये चार जोड़े सबसे अधिक आते हैं, इन्हें पहले पक्का कीजिए। अनेकार्थी में कर, अर्थ, हरि, काल लगभग तय हैं। ऋणात्मक अंकन वाले पत्र में यहाँ जल्दबाज़ी सबसे महँगी पड़ती है, इसलिए शब्द को वाक्य में रखकर ही उत्तर चुनिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द सुनने में समान पर अर्थ में भिन्न होते हैं।
- अनल यानी आग, अनिल यानी हवा।
- परिणाम यानी नतीजा, परिमाण यानी मात्रा।
- ग्रह यानी नक्षत्र, गृह यानी घर; शुक्ल यानी सफ़ेद, शुल्क यानी फीस।
- अनेकार्थी शब्दों के एक से अधिक अर्थ होते हैं — कर, अर्थ, हरि, काल।
- अर्थ हमेशा वाक्य में रखकर तय कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
श्रुतिसमभिन्नार्थक शब्द किसे कहते हैं?
उन शब्दों को जो सुनने में लगभग एक जैसे लगते हैं पर जिनका अर्थ अलग होता है। अनल और अनिल, कुल और कूल, दिन और दीन इसके उदाहरण हैं। प्रायः एक मात्रा या एक वर्ण का अंतर होता है, जो पूरा अर्थ बदल देता है।
परिणाम और परिमाण में क्या अंतर है?
परिणाम का अर्थ नतीजा या फल है, जैसे परीक्षा का परिणाम। परिमाण का अर्थ मात्रा या नाप है, जैसे पानी का परिमाण। दोनों में केवल एक वर्ण का अंतर है, इसलिए विकल्पों में ये साथ-साथ रखे जाते हैं।
अनेकार्थी शब्दों का प्रश्न कैसे हल करें?
शब्द को दिए गए वाक्य में रखकर पढ़िए और देखिए कि कौन-सा अर्थ वाक्य के भाव से मेल खाता है। कर का अर्थ हाथ, टैक्स और किरण तीनों है, पर वाक्य ही तय करता है कि कौन-सा अर्थ सही है।
हरि शब्द के कितने अर्थ हैं?
प्रमुख रूप से चार — विष्णु, सिंह, सूर्य और बंदर। यह हिंदी का सबसे अधिक पूछा जाने वाला अनेकार्थी शब्द है, इसलिए इसके चारों अर्थ एक साथ याद रखने चाहिए। वाक्य का संदर्भ ही सही अर्थ तक पहुँचाता है।
