अपठित गद्यांश हल करने की विधि
अपठित गद्यांश हल करने की विधि
अपठित से 5 तक प्रश्न आते हैं और यह भाग हिंदी पत्र का सबसे भरोसेमंद हिस्सा है, क्योंकि उत्तर गद्यांश के भीतर ही मौजूद रहता है। कुछ याद करने की ज़रूरत नहीं, केवल पढ़ने की एक व्यवस्थित विधि चाहिए, और वही यहाँ दी गई है।
अपठित का अर्थ
अपठित यानी पहले न पढ़ा गया गद्यांश। परीक्षा जाँचती है कि उम्मीदवार नया पाठ पढ़कर उसका अर्थ कितनी जल्दी और कितनी सही पकड़ पाता है। यह शिक्षक के लिए सीधा उपयोगी कौशल है, इसलिए इस पत्र में इसका भार अच्छा-खासा रहता है।
हल करने का क्रम
- गद्यांश को एक बार तेज़ी से पढ़िए, केवल विषय समझने के लिए।
- फिर सारे प्रश्न पढ़िए — इससे पता चल जाता है कि किन बिंदुओं पर ध्यान देना है।
- अब गद्यांश दूसरी बार धीरे पढ़िए और उत्तर वाले वाक्यों पर निशान लगाइए।
- उत्तर गद्यांश के शब्दों में दीजिए, अपनी जानकारी से नहीं।
- अंत में हर उत्तर को गद्यांश से मिलाकर जाँचिए।
दूसरा चरण सबसे महत्वपूर्ण है और सबसे अधिक छोड़ा जाता है। प्रश्न पहले पढ़ लेने से दूसरी बार का पठन लक्ष्य-केंद्रित हो जाता है और समय आधा लगता है।
✗ अपठित के उत्तर में अपना सामान्य ज्ञान जोड़ना चाहिए | ✓ उत्तर केवल गद्यांश पर आधारित होना चाहिए, बाहरी जानकारी पर नहीं
एक उदाहरण
गद्यांश: शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है। जानकारी तो पुस्तकों में भी मिल जाती है। शिक्षा का असली काम है सोचने की शक्ति देना, ताकि व्यक्ति नई परिस्थिति में स्वयं निर्णय ले सके। जो शिक्षा यह नहीं दे पाती, वह अधूरी है।
- प्रश्न — शिक्षा का असली काम क्या है? उत्तर — सोचने की शक्ति देना।
- प्रश्न — कौन-सी शिक्षा अधूरी है? उत्तर — जो सोचने की शक्ति न दे सके।
- प्रश्न — उपयुक्त शीर्षक क्या होगा? उत्तर — शिक्षा का उद्देश्य।
ध्यान दीजिए कि तीनों उत्तर गद्यांश के अपने शब्दों से बने हैं। यही अपठित का मूल नियम है और यहीं अधिकांश अंक बनते या बिगड़ते हैं।
सामान्य गलतियाँ
- गद्यांश पढ़े बिना विकल्प देखकर अनुमान लगाना।
- अपनी राय या पहले से जानी बात को उत्तर बना देना।
- उत्तर को अनावश्यक लंबा कर देना।
- पहली बार के पठन में ही उत्तर ढूँढ़ने लगना।
TRE संकेत: यहाँ तैयारी नहीं, विधि काम आती है — दो बार पढ़िए और बीच में प्रश्न पढ़िए। पाँच विकल्प और अनुत्तरित पर भी ऋणात्मक अंकन वाले इस पत्र में अपठित सबसे सुरक्षित भाग है, क्योंकि उत्तर सामने मौजूद है। इसलिए समय-प्रबंधन में इसे छोड़िए मत, बल्कि इसे पहले हल कीजिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- अपठित का अर्थ है पहले न पढ़ा गया गद्यांश।
- पहले तेज़ी से पढ़िए, फिर प्रश्न पढ़िए, फिर धीरे दोबारा पढ़िए।
- उत्तर केवल गद्यांश पर आधारित हो, बाहरी जानकारी पर नहीं।
- उत्तर गद्यांश के शब्दों में और संक्षिप्त होना चाहिए।
- प्रश्न पहले पढ़ लेने से दूसरा पठन लक्ष्य-केंद्रित हो जाता है।
- इस पत्र में अपठित सबसे सुरक्षित भाग है, इसे पहले हल कीजिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अपठित गद्यांश के प्रश्न सबसे तेज़ कैसे हल करें?
पहले गद्यांश को एक बार तेज़ी से पढ़कर विषय समझिए, फिर सारे प्रश्न पढ़िए और तब गद्यांश को दूसरी बार धीरे पढ़ते हुए उत्तर वाले वाक्यों पर निशान लगाइए। प्रश्न पहले पढ़ लेने से दूसरा पठन लक्ष्य-केंद्रित हो जाता है और समय बचता है।
क्या अपठित में अपनी जानकारी जोड़ी जा सकती है?
नहीं। उत्तर पूरी तरह गद्यांश पर आधारित होना चाहिए, चाहे उम्मीदवार उस विषय को कितना भी जानता हो। बाहरी जानकारी जोड़ने पर उत्तर गद्यांश से मेल नहीं खाता और विकल्प आधारित प्रश्न में यही सबसे आम गलती बनती है।
अपठित से कितने प्रश्न आते हैं?
भाग-III हिंदी में सामान्यतः चार से पाँच प्रश्न अपठित गद्यांश और पद्यांश से आते हैं। चूँकि उत्तर पाठ के भीतर ही मौजूद रहता है, यह भाग सबसे सुरक्षित माना जाता है और समय-प्रबंधन में इसे प्राथमिकता देनी चाहिए।
उत्तर लंबा लिखना चाहिए या छोटा?
छोटा और सटीक। अपठित में अनावश्यक विस्तार से उत्तर की सटीकता घटती है और समय भी नष्ट होता है। जितने शब्दों में बात पूरी हो जाए, उतना ही लिखिए, और शब्द यथासंभव गद्यांश के ही रखिए।
