वायुमंडल एवं जलमंडल: जलवायु, मानसून, महासागर
वायुमंडल एवं जलमंडल: जलवायु, मानसून, महासागर
इस विषय से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और मानसून वाला हिस्सा सबसे अधिक पूछा जाता है। वायुमंडल की परतें, मानसून का तंत्र और महासागरीय तथ्य — तीनों में क्रम और नाम तय हैं, इसलिए इन्हें सूची की तरह याद कीजिए।
वायुमंडल की परतें एवं संघटन
| परत | विशेषता |
|---|---|
| क्षोभमंडल | सबसे निचली; सभी मौसमी घटनाएँ यहीं होती हैं |
| समतापमंडल | ओज़ोन परत यहीं; वायुयान इसी में उड़ते हैं |
| मध्यमंडल | उल्काएँ यहीं जलती हैं |
| बाह्यमंडल | सबसे बाहरी परत |
वायु में नाइट्रोजन लगभग 78 प्रतिशत और ऑक्सीजन लगभग 21 प्रतिशत है। सबसे अधिक मात्रा नाइट्रोजन की है, ऑक्सीजन की नहीं — यह जाल बार-बार रखा जाता है।
मौसम की सभी घटनाएँ क्षोभमंडल में होती हैं और वायुयान समतापमंडल में उड़ते हैं, क्योंकि वहाँ मौसम स्थिर रहता है। यह जोड़ा सीधे पूछा जाता है।
✗ वायुमंडल में सबसे अधिक मात्रा ऑक्सीजन की है | ✓ सबसे अधिक नाइट्रोजन है, लगभग 78 प्रतिशत
भारतीय मानसून
मानसून का मूल कारण स्थल और जल के असमान गर्म होने से बनने वाला दाब का अंतर है। गर्मियों में स्थल जल्दी गर्म होकर निम्न दाब बनाता है और समुद्र से नम हवाएँ ज़मीन की ओर खिंच आती हैं।
| मानसून | समय | दिशा |
|---|---|---|
| दक्षिण-पश्चिम | जून से सितंबर | समुद्र से स्थल की ओर |
| उत्तर-पूर्व लौटता | अक्टूबर से दिसंबर | स्थल से समुद्र की ओर |
दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो शाखाएँ होती हैं — अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा। बंगाल की खाड़ी वाली शाखा ही बिहार और पूरे उत्तरी मैदान में वर्षा लाती है।
भारत में सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान मासिनराम, मेघालय है। लौटता मानसून तमिलनाडु के तट पर वर्षा करता है, इसीलिए वहाँ वर्षा का समय बाक़ी देश से अलग रहता है।
जलमंडल
- पृथ्वी का लगभग 71 प्रतिशत भाग जल से ढका है।
- प्रशांत महासागर सबसे बड़ा और सबसे गहरा; मैरियाना ट्रेंच सबसे गहरा स्थान।
- ज्वार-भाटा चंद्रमा और सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से आता है; चंद्रमा का प्रभाव अधिक है।
- प्रवाल भित्तियाँ उथले, गर्म और स्वच्छ जल में बनती हैं।
हिंद महासागर अकेला महासागर है जिसका नाम किसी देश के नाम पर है — यह छोटा-सा तथ्य भी पूछा जा चुका है।
मानसून में दिशा से नाम तय होता है — जो हवाएँ दक्षिण-पश्चिम से आती हैं वह दक्षिण-पश्चिम मानसून, और जो लौटते समय उत्तर-पूर्व से चलती हैं वह लौटता मानसून।
TRE संकेत: नाइट्रोजन 78 प्रतिशत वाला जाल सबसे आम है। क्षोभमंडल में मौसम, समतापमंडल में ओज़ोन और वायुयान का जोड़ा तय प्रश्न है। बिहार के लिए यह याद रखिए कि वर्षा बंगाल की खाड़ी शाखा से आती है, अरब सागर शाखा से नहीं — राज्य के पत्र में यह अंतर पूछा जा सकता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- वायुमंडल की सबसे निचली परत क्षोभमंडल है, जहाँ मौसम बनता है।
- ओज़ोन परत समतापमंडल में है और वायुयान भी वहीं उड़ते हैं।
- वायु में नाइट्रोजन 78 और ऑक्सीजन 21 प्रतिशत है।
- दक्षिण-पश्चिम मानसून जून से सितंबर तक वर्षा लाता है।
- बंगाल की खाड़ी शाखा बिहार और उत्तरी मैदान में वर्षा लाती है।
- प्रशांत सबसे बड़ा महासागर; मैरियाना ट्रेंच सबसे गहरा स्थान।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में मानसून क्यों आता है?
स्थल और जल के असमान रूप से गर्म होने के कारण। गर्मियों में ज़मीन समुद्र से जल्दी गर्म होकर निम्न दाब का क्षेत्र बनाती है, जिसकी ओर समुद्र से नम हवाएँ खिंच आती हैं। यही हवाएँ वर्षा लाती हैं और इन्हें दक्षिण-पश्चिम मानसून कहा जाता है।
बिहार में वर्षा किस मानसून शाखा से होती है?
बंगाल की खाड़ी शाखा से। दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो शाखाएँ होती हैं और उनमें से यही शाखा गंगा के मैदान के साथ पश्चिम की ओर बढ़ती हुई बिहार सहित पूरे उत्तरी मैदान में वर्षा करती है। अरब सागर शाखा मुख्यतः पश्चिमी तट को प्रभावित करती है।
वायुयान समतापमंडल में क्यों उड़ते हैं?
क्योंकि वहाँ मौसम संबंधी हलचल नहीं होती और हवा स्थिर रहती है, जिससे उड़ान सुगम और ईंधन की दृष्टि से किफ़ायती रहती है। सभी बादल, वर्षा और तूफ़ान उससे नीचे क्षोभमंडल में बनते हैं, इसलिए वहाँ उड़ान में बाधा आती है।
तमिलनाडु में वर्षा बाक़ी देश से अलग समय पर क्यों होती है?
क्योंकि वहाँ मुख्य वर्षा लौटते हुए उत्तर-पूर्व मानसून से होती है, जो अक्टूबर से दिसंबर के बीच चलता है। स्थल से समुद्र की ओर लौटती ये हवाएँ बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर तमिलनाडु के तट पर वर्षा करती हैं।
