पादप जगत एवं जंतु जगत की मूल बातें
पादप जगत एवं जंतु जगत की मूल बातें
जीव विज्ञान का यह हिस्सा 1 से 2 प्रश्न देता है और इसका आधार कोशिका है। कोशिका के अंग, प्रकाश संश्लेषण का समीकरण और पौधों में संवहन — तीनों में तथ्य तय हैं और वही पूछे जाते हैं।
कोशिका
कोशिका जीवन की संरचनात्मक और कार्यात्मक इकाई है। इसकी खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की पतली काट देखकर की थी। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की।
| कोशिकांग | कार्य |
|---|---|
| केंद्रक | कोशिका का नियंत्रण केंद्र |
| माइटोकॉन्ड्रिया | ऊर्जा उत्पादन — कोशिका का ऊर्जा गृह |
| राइबोसोम | प्रोटीन संश्लेषण |
| हरितलवक | प्रकाश संश्लेषण, केवल पादप कोशिका में |
| कोशिका भित्ति | आकार एवं दृढ़ता, केवल पादप कोशिका में |
पादप और जंतु कोशिका का भेद तीन बातों से होता है — कोशिका भित्ति, हरितलवक और बड़ी रसधानी केवल पादप कोशिका में होते हैं। यही तीन अंतर पूछे जाते हैं।
✗ माइटोकॉन्ड्रिया केवल जंतु कोशिका में होता है | ✓ यह दोनों में होता है; केवल पादप कोशिका वाले अंग हैं भित्ति, हरितलवक और बड़ी रसधानी
प्रकाश संश्लेषण
6CO₂ + 6H₂O → (सूर्य प्रकाश एवं पर्णहरित) → C₆H₁₂O₆ + 6O₂
इसके लिए चार चीज़ें आवश्यक हैं — कार्बन डाइऑक्साइड, जल, सूर्य का प्रकाश और पर्णहरित। यह क्रिया मुख्यतः पत्तियों में होती है और इसमें ऑक्सीजन मुक्त होती है।
श्वसन इसका उल्टा है — उसमें ऑक्सीजन ली जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ी जाती है। प्रकाश संश्लेषण केवल दिन में, पर श्वसन दिन-रात दोनों समय चलता है। यही अंतर सबसे अधिक पूछा जाता है।
पौधों में संवहन
- जाइलम — जड़ से पत्तियों तक जल और खनिज ले जाता है; ऊपर की ओर।
- फ्लोएम — पत्तियों से बने भोजन को पूरे पौधे में पहुँचाता है; दोनों दिशाओं में।
- वाष्पोत्सर्जन — पत्तियों से जलवाष्प का निकलना, जो जल को ऊपर खींचने में सहायक है।
सरल वर्गीकरण
| वर्ग | पहचान | उदाहरण |
|---|---|---|
| मछली | गलफड़ों से श्वसन | रोहू, कतला |
| उभयचर | जल और थल दोनों | मेंढक |
| सरीसृप | रेंगने वाले | साँप, छिपकली |
| पक्षी | पंख एवं चोंच | कबूतर, मोर |
| स्तनधारी | बच्चों को दूध पिलाते | गाय, मनुष्य, ह्वेल |
दो अपवाद तय प्रश्न हैं — ह्वेल मछली नहीं, स्तनधारी है, और चमगादड़ पक्षी नहीं, स्तनधारी है। दोनों दूध पिलाते हैं, इसीलिए वर्ग बदल जाता है।
वर्गीकरण में नाम से नहीं, गुण से तय कीजिए। ह्वेल के नाम में मछली आता है पर वह दूध पिलाती है, इसलिए स्तनधारी है। चमगादड़ उड़ता है पर दूध पिलाता है, इसलिए वह भी स्तनधारी है।
TRE संकेत: पादप और जंतु कोशिका के तीन अंतर तय प्रश्न हैं — भित्ति, हरितलवक, बड़ी रसधानी। प्रकाश संश्लेषण दिन में, श्वसन दिन-रात दूसरा तय प्रश्न है। वर्गीकरण में ह्वेल और चमगादड़ दोनों अपवाद याद रखिए, क्योंकि प्रश्न सामान्य उदाहरण से नहीं, इन्हीं से बनता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने 1665 में की; केंद्रक की रॉबर्ट ब्राउन ने।
- माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का ऊर्जा गृह कहलाता है।
- कोशिका भित्ति, हरितलवक और बड़ी रसधानी केवल पादप कोशिका में होते हैं।
- प्रकाश संश्लेषण में CO₂ और जल से ग्लूकोज़ बनता है और ऑक्सीजन निकलती है।
- जाइलम जल ले जाता है, फ्लोएम भोजन।
- ह्वेल और चमगादड़ दोनों स्तनधारी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पादप और जंतु कोशिका में मुख्य अंतर क्या है?
तीन अंग केवल पादप कोशिका में होते हैं — कोशिका भित्ति, जो आकार और दृढ़ता देती है; हरितलवक, जिसमें प्रकाश संश्लेषण होता है; और एक बड़ी रसधानी। माइटोकॉन्ड्रिया, केंद्रक और राइबोसोम दोनों तरह की कोशिकाओं में पाए जाते हैं।
प्रकाश संश्लेषण के लिए क्या-क्या आवश्यक है?
कार्बन डाइऑक्साइड, जल, सूर्य का प्रकाश और पर्णहरित — चारों। इनसे ग्लूकोज़ बनता है और ऑक्सीजन मुक्त होती है। यह क्रिया मुख्यतः पत्तियों में होती है और केवल दिन में चलती है, जबकि श्वसन दिन और रात दोनों समय चलता रहता है।
जाइलम और फ्लोएम में क्या अंतर है?
जाइलम जड़ से पत्तियों तक जल और खनिज लवण पहुँचाता है और उसकी दिशा केवल ऊपर की ओर होती है। फ्लोएम पत्तियों में बने भोजन को पूरे पौधे में पहुँचाता है और उसका संचार दोनों दिशाओं में हो सकता है।
ह्वेल मछली क्यों नहीं है?
क्योंकि वह अपने बच्चों को दूध पिलाती है, फेफड़ों से साँस लेती है और गर्म रक्त वाली है — ये सभी स्तनधारियों के लक्षण हैं। नाम में मछली आने से वर्ग तय नहीं होता। इसी तरह चमगादड़ उड़ता है पर दूध पिलाने के कारण स्तनधारी ही माना जाता है।
