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वृत्त एवं ज्यामितीय रचनाएँ

By ExamAtlas · 29/8/2026

वृत्त एवं ज्यामितीय रचनाएँ

वृत्त से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और वे प्रायः जीवा, स्पर्श रेखा या वृत्त में बने कोणों पर होते हैं। नियम गिने-चुने हैं, पर हर नियम में एक शर्त छिपी होती है, और प्रश्न प्रायः उसी शर्त पर बनता है।

वृत्त के भाग

भागअर्थ
त्रिज्याकेंद्र से परिधि तक की दूरी
व्यासकेंद्र से गुज़रने वाली सबसे बड़ी जीवा
जीवापरिधि के दो बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा
चापपरिधि का एक भाग
त्रिज्यखंडदो त्रिज्याओं और चाप से घिरा भाग
वृत्तखंडएक जीवा और चाप से घिरा भाग

दो शब्द अलग से याद रखिए — त्रिज्यखंड में दो त्रिज्याएँ होती हैं और वृत्तखंड में एक जीवा। इन्हें उलट देना बहुत आम है। और व्यास सबसे बड़ी जीवा है, यह भी सीधे पूछा जाता है।

जीवा एवं स्पर्श रेखा के गुण

  • केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
  • बराबर जीवाएँ केंद्र से बराबर दूरी पर होती हैं; जो जीवा केंद्र के अधिक पास हो वह बड़ी होती है।
  • स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है।
  • किसी बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ बराबर होती हैं।

तीसरा गुण सबसे अधिक काम आता है, क्योंकि उससे समकोण त्रिभुज बन जाता है और फिर पाइथागोरस लगाया जा सकता है। स्पर्श रेखा वाले अधिकांश सवाल इसी रास्ते हल होते हैं।

स्पर्श रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है  |   स्पर्श रेखा केवल एक बिंदु पर छूती है; दो बिंदुओं पर काटने वाली रेखा छेदक कहलाती है

वृत्त में बने कोण

  • अर्धवृत्त में बना कोण सदा समकोण होता है।
  • एक ही चाप पर केंद्र पर बना कोण परिधि पर बने कोण का दोगुना होता है।
  • एक ही वृत्तखंड में बने कोण बराबर होते हैं।
  • चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।

पहला और अंतिम दोनों तयशुदा प्रश्न हैं। चक्रीय चतुर्भुज वह है जिसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर हों — यह शर्त भूल जाना आम है, क्योंकि सम्मुख कोणों का योग 180 अंश हर चतुर्भुज में नहीं होता।

परिधि = 2πr | क्षेत्रफल = πr²

चाप की लंबाई = (θ/360) × 2πr | त्रिज्यखंड का क्षेत्रफल = (θ/360) × πr²

ज्यामितीय रचनाएँ

  1. लंब समद्विभाजक — दोनों सिरों से त्रिज्या आधी से बड़ी लेकर चाप काटिए।
  2. कोण समद्विभाजक — शीर्ष से चाप खींचकर दोनों भुजाओं पर बिंदु लीजिए, फिर उनसे चाप काटिए।
  3. 60°, 30° और 90° केवल परकार से बनाए जा सकते हैं; 45° के लिए 90° को समद्विभाजित कीजिए।

रचना वाले प्रश्न में यह भी पूछा जाता है कि कौन-सा कोण केवल परकार और पटरी से बनाया जा सकता है। उत्तर वे कोण हैं जो 15 के गुणज हैं — 15, 30, 45, 60, 75, 90 और उनके संयोजन।

वृत्त के सवाल में हमेशा त्रिज्या खींच लीजिए, ख़ासकर स्पर्श बिंदु पर। वहाँ समकोण बन जाता है और उसके बाद पाइथागोरस से बाक़ी सब निकल आता है।

TRE संकेत: अर्धवृत्त में बना कोण समकोण और चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° दो तयशुदा प्रश्न हैं। स्पर्श रेखा त्रिज्या पर लंब वाला गुण सबसे अधिक काम आता है। और त्रिज्यखंड बनाम वृत्तखंड का अंतर याद रखिए — दो त्रिज्याएँ बनाम एक जीवा।

60 सेकंड का रिवीजन

  • व्यास सबसे बड़ी जीवा है और केंद्र से गुज़रती है।
  • त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं से और वृत्तखंड एक जीवा से घिरा होता है।
  • केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है।
  • स्पर्श रेखा स्पर्श बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है।
  • अर्धवृत्त में बना कोण सदा समकोण होता है।
  • चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग 180° होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अर्धवृत्त में बना कोण कितने अंश का होता है?

सदा नब्बे अंश, यानी समकोण। इसका कारण यह है कि व्यास पर केंद्र पर बना कोण एक सौ अस्सी अंश होता है, और परिधि पर बना कोण उसका आधा होता है। यह प्रमेय वृत्त से जुड़े कई सवालों में सीधे काम आती है।

त्रिज्यखंड और वृत्तखंड में क्या अंतर है?

त्रिज्यखंड दो त्रिज्याओं और उनके बीच के चाप से घिरा भाग होता है, यानी वह पिज़्ज़ा के टुकड़े जैसा दिखता है। वृत्तखंड एक जीवा और उसके संगत चाप से घिरा भाग होता है। दोनों नाम मिलते-जुलते हैं इसलिए इन्हें उलट देना आम भूल है।

स्पर्श रेखा और छेदक में क्या भेद है?

स्पर्श रेखा वृत्त को केवल एक बिंदु पर छूती है और उस बिंदु पर त्रिज्या के लंबवत होती है। छेदक रेखा वृत्त को दो बिंदुओं पर काटती है। किसी बाह्य बिंदु से खींची गई दोनों स्पर्श रेखाएँ आपस में बराबर लंबाई की होती हैं।

चक्रीय चतुर्भुज किसे कहते हैं?

उस चतुर्भुज को जिसके चारों शीर्ष एक ही वृत्त पर स्थित हों। ऐसे चतुर्भुज के सम्मुख कोणों का योग एक सौ अस्सी अंश होता है। यह गुण हर चतुर्भुज में नहीं मिलता, इसलिए प्रश्न में चक्रीय होने की शर्त ध्यान से पढ़नी चाहिए।