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आँकड़ों का प्रबंधन एवं केंद्रीय प्रवृत्ति

Data Handling and Measures of Central Tendency

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आँकड़ों से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और वे प्रायः माध्य, माध्यिका या बहुलक पर होते हैं। गणना सरल है, पर माध्यिका निकालने में क्रम में लगाना भूल जाना और मात्रक न पढ़ना — यही दो चूकें सबसे अधिक अंक ले जाती हैं।

माध्य, माध्यिका एवं बहुलक

माध्य = सभी मानों का योग ÷ मानों की संख्या

  • माध्यिका — आँकड़ों को आरोही क्रम में लगाकर बीच का मान।
  • मानों की संख्या विषम हो तो ठीक बीच वाला मान।
  • मानों की संख्या सम हो तो बीच के दो मानों का औसत।
  • बहुलक — जो मान सबसे अधिक बार आए।

माध्यिका निकालने से पहले क्रम में लगाना अनिवार्य है — यही सबसे आम भूल है। बिना क्रम में लगाए बीच का मान उठा लेना ग़लत उत्तर देता है, और वही विकल्प जाल के रूप में रखा जाता है।

✗ माध्यिका निकालने के लिए आँकड़ों को क्रम में लगाना ज़रूरी नहीं  |  ✓ क्रम में लगाना अनिवार्य है, वरना बीच का मान ग़लत निकलेगा

एक आँकड़ा-समूह में बहुलक एक से अधिक हो सकता है, या हो ही नहीं सकता — यदि हर मान बराबर बार आए। पर माध्य और माध्यिका सदा एक ही होते हैं। यह अंतर पूछा जाता है।

माध्य के गुण

  1. सभी मानों में एक ही संख्या जोड़ने पर माध्य में भी वही जुड़ती है।
  2. सभी मानों को एक ही संख्या से गुणा करने पर माध्य भी उतना ही गुना हो जाता है।
  3. मानों के माध्य से विचलनों का योग सदा शून्य होता है।

तीसरा गुण स्नातक स्तर का प्रश्न है और उसका कारण यही है कि माध्य संतुलन बिंदु होता है — जितना ऊपर है उतना ही नीचे, इसलिए योग शून्य रह जाता है।

एक मान बदलने पर नया माध्य = पुराना माध्य + (अंतर ÷ मानों की संख्या)

यह छोटा रास्ता पूरा योग दोबारा निकालने से बचा लेता है और परीक्षा में काफ़ी समय बचाता है।

वर्गीकृत आँकड़े एवं भारित माध्य

वर्गीकृत आँकड़ों का माध्य = Σ(f × x) ÷ Σf

यहाँ x वर्ग का मध्य मान है, जो वर्ग की दोनों सीमाओं का औसत होता है। 10-20 वर्ग का मध्य मान 15 है। यह भूलकर सीमा उठा लेना आम गलती है।

भारित माध्य = Σ(भार × मान) ÷ Σभार

भारित माध्य तब लगता है जब सभी मानों का महत्व बराबर न हो — जैसे अलग-अलग संख्या वाले दो समूहों का संयुक्त औसत। दो समूहों का संयुक्त माध्य दोनों माध्यों का साधारण औसत नहीं होता, जब तक समूहों की संख्या बराबर न हो।

आलेख एवं तालिका पढ़ना

  1. पहले शीर्षक और मात्रक पढ़िए — हज़ार में है या लाख में।
  2. फिर अक्षों का पैमाना देखिए।
  3. प्रश्न पढ़कर आवश्यक मान ही निकालिए, पूरी तालिका मत पढ़िए।
  4. प्रतिशत पूछा गया हो तो आधार सही चुनिए — कुल का या किसी एक भाग का।

पहला बिंदु सबसे अधिक अंक बचाता है। मात्रक की चूक से उत्तर हज़ार गुना ग़लत हो जाता है, और वह विकल्पों में मौजूद रहता है।

आँकड़ों के सवाल में गणना कम और पढ़ना अधिक है। दो मिनट का सवाल तीस सेकंड में हो जाता है यदि पहले मात्रक और पैमाना देख लिया जाए।

TRE संकेत: माध्यिका के लिए क्रम में लगाना अनिवार्य — यह सबसे तयशुदा जाल है। विचलनों का योग शून्य स्नातक स्तर का प्रश्न है। वर्गीकृत आँकड़ों में x वर्ग का मध्य मान होता है, सीमा नहीं। और आलेख में मात्रक पहले पढ़िए — यही सबसे महँगी चूक है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • माध्य सभी मानों का औसत है।
  • माध्यिका के लिए आँकड़ों को क्रम में लगाना अनिवार्य है।
  • सम संख्या में मान हों तो बीच के दो का औसत माध्यिका होती है।
  • बहुलक एक से अधिक हो सकता है या हो ही नहीं सकता।
  • माध्य से विचलनों का योग सदा शून्य होता है।
  • वर्गीकृत आँकड़ों में x वर्ग का मध्य मान होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माध्यिका निकालने से पहले क्या करना ज़रूरी है?

आँकड़ों को आरोही या अवरोही क्रम में लगाना, यह अनिवार्य है। बिना क्रम में लगाए बीच का मान उठा लेना ग़लत उत्तर देता है और वही विकल्प जाल के रूप में रखा जाता है। मानों की संख्या सम हो तो बीच के दो मानों का औसत लिया जाता है।

माध्य से विचलनों का योग शून्य क्यों होता है?

क्योंकि माध्य आँकड़ों का संतुलन बिंदु होता है। कुछ मान उससे ऊपर होते हैं और कुछ नीचे, और दोनों तरफ़ के विचलन बराबर हो जाते हैं। इसलिए धनात्मक और ऋणात्मक विचलन आपस में कट जाते हैं और योग शून्य रह जाता है।

दो समूहों का संयुक्त माध्य कैसे निकलता है?

भारित माध्य से, यानी दोनों समूहों के कुल योग को उनकी कुल संख्या से भाग देकर। दोनों माध्यों का साधारण औसत तभी सही आता है जब दोनों समूहों में मानों की संख्या बराबर हो। असमान संख्या होने पर साधारण औसत ग़लत उत्तर देता है।

वर्गीकृत आँकड़ों में x किसे लिया जाता है?

वर्ग का मध्य मान, जो उस वर्ग की निचली और ऊपरी सीमा का औसत होता है। दस से बीस वाले वर्ग का मध्य मान पंद्रह होगा। सीमा को सीधे x मान लेना आम गलती है और उससे पूरा माध्य बदल जाता है।

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