विद्युत धारा एवं परिपथ
Electric Current and Circuits
परिपथ वाले भाग में परीक्षा दो तरह से पूछती है — या तो श्रेणी और समांतर क्रम का अंतर किसी घरेलू उदाहरण से पूछ लेती है, या फिर सुरक्षा उपकरणों का काम पूछती है। दोनों ही सैद्धांतिक कम और व्यावहारिक अधिक हैं, इसलिए उदाहरण के साथ याद कीजिए।
परिपथ की बुनियाद
विद्युत धारा आवेश के प्रवाह को कहते हैं और उसे ऐम्पियर में मापा जाता है। धारा तभी बहती है जब परिपथ पूरा यानी बंद हो; कहीं भी तार टूटा हो या स्विच खुला हो तो धारा नहीं बहेगी।
| राशि | मात्रक | मापक यंत्र | परिपथ में जोड़ |
|---|---|---|---|
| धारा | ऐम्पियर | ऐमीटर | श्रेणी क्रम में |
| विभवांतर | वोल्ट | वोल्टमीटर | समांतर क्रम में |
| प्रतिरोध | ओम | — | — |
ओम का नियम कहता है कि नियत ताप पर किसी चालक से बहने वाली धारा उसके सिरों के विभवांतर के अनुक्रमानुपाती होती है।
V = I × R (विभवांतर = धारा × प्रतिरोध)
धारा की पारंपरिक दिशा धनात्मक सिरे से ऋणात्मक सिरे की ओर मानी जाती है, जबकि वास्तव में इलेक्ट्रॉन उल्टी दिशा में चलते हैं। यह विरोधाभास इतिहास की देन है और परीक्षा में इसी रूप में पूछा जाता है।
श्रेणी और समांतर क्रम
| बिंदु | श्रेणी क्रम | समांतर क्रम |
|---|---|---|
| जुड़ाव | एक के बाद एक | अलग-अलग शाखाओं में |
| एक बल्ब फ़्यूज़ होने पर | सभी बंद | बाकी जलते रहते हैं |
| धारा | सब में समान | बँट जाती है |
| उपयोग | सजावटी लड़ी | घरों की वायरिंग |
घरों में समांतर क्रम इसीलिए प्रयोग होता है कि हर उपकरण को पूरा वोल्टेज मिले और एक बंद होने पर बाकी चलते रहें। पुरानी सजावटी लड़ियों में श्रेणी क्रम होता था, इसलिए एक बल्ब खराब होते ही पूरी लड़ी बुझ जाती थी।
चालक और विद्युतरोधी
- चालक — ताँबा, चाँदी, ऐलुमिनियम, लोहा और अम्ल-क्षार के घोल।
- विद्युतरोधी — रबर, प्लास्टिक, काँच, लकड़ी और शुद्ध जल।
- चाँदी सबसे अच्छी चालक है, पर महँगी होने के कारण तार ताँबे के बनते हैं।
आसुत जल विद्युत का कुचालक होता है, पर उसमें थोड़ा-सा नमक घुलते ही वह सुचालक बन जाता है। इसीलिए गीले हाथ से स्विच छूना खतरनाक है — पसीने और अशुद्धियों वाला पानी धारा को शरीर तक पहुँचा देता है।
✗ शुद्ध जल विद्युत का अच्छा चालक होता है | ✓ शुद्ध या आसुत जल कुचालक है; घुले हुए लवण उसे चालक बनाते हैं
सुरक्षा उपकरण
- फ़्यूज़ — कम गलनांक वाले तार का टुकड़ा, जो अधिक धारा बहने पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है।
- एमसीबी — फ़्यूज़ का आधुनिक विकल्प, जो अपने आप गिरकर धारा रोक देता है और दोबारा चढ़ाया जा सकता है।
- भू-संपर्क तार — हरे रंग का तार, जो रिसाव वाली धारा को सीधे पृथ्वी में भेजकर झटके से बचाता है।
घरेलू तारों का रंग-कोड भी पूछा जाता है — लाल या भूरा विद्युन्मय, काला या नीला उदासीन और हरा भू-संपर्क। फ़्यूज़ सदैव विद्युन्मय तार में लगाया जाता है।
श्रेणी और समांतर में अंतर याद रखने का सरल तरीका — श्रेणी में धारा के पास जाने का एक ही रास्ता है, इसलिए वह सबमें बराबर रहती है; समांतर में कई रास्ते हैं, इसलिए वह बँट जाती है।
TRE संकेत: घरों में समांतर क्रम वाला प्रश्न लगभग तय है। फ़्यूज़ विद्युन्मय तार में लगता है और हरा तार भू-संपर्क का होता है — ये दोनों तथ्य सीधे पूछे जाते हैं। शुद्ध जल कुचालक है वाला कथन सही-गलत में आता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- धारा आवेश का प्रवाह है और ऐम्पियर में मापी जाती है।
- धारा बहने के लिए परिपथ का बंद होना आवश्यक है।
- ओम का नियम कहता है कि विभवांतर धारा और प्रतिरोध का गुणनफल है।
- श्रेणी में एक बल्ब फ़्यूज़ होने पर सभी बंद हो जाते हैं।
- घरेलू वायरिंग समांतर क्रम में की जाती है।
- फ़्यूज़ विद्युन्मय तार में लगता है और हरा तार भू-संपर्क का होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घरों में समांतर क्रम ही क्यों प्रयोग होता है?
समांतर क्रम में हर उपकरण को पूरा दो सौ बीस वोल्ट का विभवांतर मिलता है और हर उपकरण को अलग से चालू या बंद किया जा सकता है। सबसे बड़ी सुविधा यह है कि एक उपकरण खराब हो जाए तो बाकी चलते रहते हैं, जबकि श्रेणी क्रम में पूरा परिपथ ही टूट जाता।
फ़्यूज़ किस सिद्धांत पर काम करता है?
फ़्यूज़ धारा के तापीय प्रभाव पर काम करता है। वह कम गलनांक वाली मिश्रधातु का पतला तार होता है, इसलिए निर्धारित से अधिक धारा बहते ही वह गर्म होकर पिघल जाता है और परिपथ टूट जाता है। इससे महँगे उपकरण और तारें जलने से बच जाते हैं।
विद्युत धारा की पारंपरिक दिशा क्या है?
पारंपरिक रूप से धारा की दिशा धनात्मक सिरे से ऋणात्मक सिरे की ओर मानी जाती है, क्योंकि यह मान्यता इलेक्ट्रॉन की खोज से पहले बन चुकी थी। वास्तव में चालक में इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक से धनात्मक सिरे की ओर बहते हैं, यानी दोनों दिशाएँ एक-दूसरे के विपरीत हैं।
भू-संपर्क तार क्यों ज़रूरी है?
यदि किसी उपकरण की धातु की बाहरी बॉडी में धारा रिस जाए तो उसे छूने पर तेज़ झटका लग सकता है। भू-संपर्क तार ऐसी रिसाव धारा को सीधे पृथ्वी में भेज देता है, जिससे व्यक्ति सुरक्षित रहता है। इसीलिए फ़्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे धातु-बॉडी उपकरणों में तीन पिन का प्लग होता है।
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