औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्र लेखन
औपचारिक एवं अनौपचारिक पत्र लेखन
पत्र लेखन में अंक सामग्री से कम और प्रारूप से अधिक मिलते हैं। यही कारण है कि जो परीक्षार्थी प्रारूप ठीक से याद रखता है वह सामान्य भाषा में भी पूरे अंक ले जाता है, जबकि अच्छी भाषा वाला ग़लत प्रारूप में अंक खो देता है।
दो प्रकार
| बिंदु | औपचारिक पत्र | अनौपचारिक पत्र |
|---|---|---|
| किसे | अधिकारी, संपादक, प्राचार्य | परिवार, मित्र |
| भाषा | औपचारिक और संक्षिप्त | सहज और आत्मीय |
| संबोधन | Sir या Madam | Dear के साथ नाम |
| समापन | Yours faithfully या Yours sincerely | Yours lovingly, Yours affectionately |
| विषय पंक्ति | आवश्यक | आवश्यक नहीं |
समापन का नियम याद रखिए — यदि संबोधन में नाम नहीं है, यानी केवल Sir या Madam लिखा है, तो Yours faithfully आएगा। और यदि नाम लिखा है तो Yours sincerely।
औपचारिक पत्र का प्रारूप
- प्रेषक का पता — ऊपर बाईं ओर।
- तिथि — पते के नीचे।
- प्राप्तकर्ता का पता — उसके नीचे।
- विषय — एक पंक्ति में, स्पष्ट और छोटा।
- संबोधन — Sir या Madam।
- मुख्य भाग — प्रायः तीन अनुच्छेद।
- समापन और हस्ताक्षर — Yours faithfully के बाद नाम।
मुख्य भाग के तीन अनुच्छेदों का काम बँटा हुआ होता है — पहले में उद्देश्य, दूसरे में विवरण और तीसरे में अपेक्षित कार्रवाई। यह बँटवारा पत्र को स्पष्ट और छोटा रखता है।
वास्तव में कौन-से पत्र पूछे जाते हैं
- प्राचार्य को अवकाश के लिए आवेदन।
- संपादक को किसी सार्वजनिक समस्या पर पत्र।
- अधिकारी को शिकायत या अनुरोध पत्र।
- मित्र को बधाई या सूचना देने वाला अनौपचारिक पत्र।
संपादक के नाम पत्र में एक बात ध्यान रखिए — वह संपादक को संबोधित होता है पर उसका असली पाठक जनता और प्रशासन है, इसलिए उसमें समस्या और सुझाव दोनों होने चाहिए।
✗ संपादक के नाम पत्र में केवल शिकायत लिखकर छोड़ देना | ✓ उसमें समस्या के साथ एक व्यावहारिक सुझाव भी होना चाहिए, तभी वह पूरा पत्र माना जाता है
अंक किन बातों पर कटते हैं
- प्रारूप अधूरा रह जाना, जैसे विषय पंक्ति छूट जाना।
- ग़लत समापन, जैसे Sir के साथ Yours sincerely।
- औपचारिक पत्र में अनौपचारिक भाषा आ जाना।
- बहुत लंबा लिख देना; औपचारिक पत्र संक्षिप्त होना चाहिए।
- शब्द सीमा का ध्यान न रखना।
पत्र लिखने से पहले प्रारूप के सात बिंदु मन में दोहरा लीजिए। सामग्री बाद में सोची जा सकती है, पर प्रारूप छूट जाए तो अंक सीधे कट जाते हैं और उन्हें अच्छी भाषा से लौटाया नहीं जा सकता।
TRE संकेत: Yours faithfully और Yours sincerely का नियम सबसे अधिक पूछा जाता है। औपचारिक पत्र में विषय पंक्ति अनिवार्य है, यह भी तयशुदा है। संपादक के नाम पत्र में सुझाव होना चाहिए, यह बिंदु भी सीधे आया है।
60 सेकंड का रिवीजन
- पत्र लेखन में सबसे अधिक अंक प्रारूप से मिलते हैं।
- औपचारिक पत्र में विषय पंक्ति अनिवार्य है।
- Sir या Madam के साथ Yours faithfully आता है।
- नाम के साथ संबोधन हो तो Yours sincerely आता है।
- औपचारिक पत्र के मुख्य भाग में तीन अनुच्छेद पर्याप्त हैं।
- संपादक के नाम पत्र में समस्या के साथ सुझाव भी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Yours faithfully और Yours sincerely में कब क्या लगेगा?
यदि संबोधन में प्राप्तकर्ता का नाम नहीं है और केवल Sir या Madam लिखा गया है, तो Yours faithfully आएगा। यदि नाम के साथ संबोधन किया गया है, जैसे Dear Mr Kumar, तो Yours sincerely आएगा। यह नियम सरल है पर परीक्षा में सबसे अधिक बार पूछा जाता है।
औपचारिक पत्र कितना लंबा होना चाहिए?
जितने में बात पूरी हो जाए, उससे अधिक नहीं। सामान्यतः तीन अनुच्छेद पर्याप्त होते हैं — उद्देश्य, विवरण और अपेक्षित कार्रवाई। औपचारिक पत्र में संक्षिप्तता स्वयं एक गुण है, इसलिए अनावश्यक भूमिका और दोहराव अंक घटाते हैं।
संपादक के नाम पत्र में क्या विशेष ध्यान रखना चाहिए?
यह पत्र संपादक को संबोधित होता है, पर उसका असली पाठक जनता और प्रशासन है। इसलिए उसमें समस्या का स्पष्ट विवरण, उससे होने वाली कठिनाई, और एक व्यावहारिक सुझाव — तीनों होने चाहिए। केवल शिकायत लिखकर छोड़ देने पर पत्र अधूरा माना जाता है।
पत्र लेखन में अंक सबसे अधिक किस कारण कटते हैं?
प्रारूप की चूक से। विषय पंक्ति छूट जाना, ग़लत समापन लिखना, या औपचारिक पत्र में अनौपचारिक भाषा आ जाना — ये तीनों सीधे अंक काटते हैं। भाषा कमज़ोर होने पर भी सही प्रारूप वाले पत्र को अच्छे अंक मिल जाते हैं, इसलिए प्रारूप पहले पक्का कीजिए।
