गद्य विधाओं का परिचय: निबंध, कहानी एवं उपन्यास
Prose Forms: Essay, Short Story and Novel
गद्य साहित्य से लगभग 8 प्रश्न आते हैं और यह विषय उनमें से 2 देता है। परीक्षा विधा की परिभाषा कम, उसके पहले उदाहरण और प्रमुख लेखक अधिक पूछती है, इसलिए हर विधा के साथ एक नाम और एक कृति जोड़कर याद कीजिए।
गद्य की प्रमुख विधाएँ
| विधा | स्वरूप |
|---|---|
| निबंध | किसी विषय पर लेखक का क्रमबद्ध विचार |
| कहानी | एक घटना, एक प्रभाव, सीमित पात्र |
| उपन्यास | विस्तृत कथा, अनेक पात्र, पूरा जीवन-चित्र |
| नाटक | अभिनय के लिए लिखी रचना |
| आलोचना | साहित्य का मूल्यांकन |
| जीवनी एवं आत्मकथा | किसी का जीवन-वृत्त, स्वयं का या दूसरे का |
गद्य का असली विकास आधुनिक काल में हुआ, इसीलिए शुक्ल जी ने इस काल को गद्य काल भी कहा। इससे पहले हिंदी साहित्य लगभग पूरी तरह पद्य में था।
निबंध
निबंध के दो मुख्य प्रकार परीक्षा में पूछे जाते हैं — विचारात्मक और भावात्मक। आचार्य रामचंद्र शुक्ल के निबंध संग्रह चिंतामणि को हिंदी के विचारात्मक निबंध का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।
- आचार्य रामचंद्र शुक्ल — चिंतामणि; भाव और मनोविकार पर निबंध।
- हजारी प्रसाद द्विवेदी — अशोक के फूल, कुटज; ललित निबंध की परंपरा।
- बालमुकुंद गुप्त — शिवशंभु के चिट्ठे; व्यंग्य प्रधान।
- प्रताप नारायण मिश्र — भारतेंदु मंडल के निबंधकार।
कहानी एवं उपन्यास
कहानी में एक ही प्रभाव होता है और वह एक बैठक में पढ़ी जा सकती है; उपन्यास में जीवन का विस्तृत चित्र होता है और अनेक पात्र तथा उपकथाएँ चलती हैं। यही मूल अंतर पूछा जाता है।
| प्रश्न | सामान्यतः मान्य उत्तर |
|---|---|
| हिंदी का पहला उपन्यास | परीक्षा गुरु — लाला श्रीनिवास दास, 1882 |
| हिंदी की पहली कहानी | इंदुमती — किशोरीलाल गोस्वामी, 1900 |
| हिंदी का पहला नाटक | नहुष — गोपालचंद्र गिरिधरदास |
एक सावधानी ज़रूरी है। पहली कहानी और पहला उपन्यास दोनों विवादित हैं — कुछ इतिहासकार पहली कहानी एक टोकरी भर मिट्टी को और पहला उपन्यास भाग्यवती को मानते हैं। परीक्षा प्रायः ऊपर दिए गए मान्य उत्तर ही रखती है, पर विकल्प में दूसरा नाम दिखे तो चौंकिए मत।
✗ हिंदी की पहली कहानी पर सब इतिहासकार एकमत हैं | ✓ यह विवादित है; इंदुमती सर्वाधिक मान्य उत्तर है, पर अन्य नाम भी दिए जाते हैं
विधा पहचानने का सरल सूत्र: यदि रचना अभिनय के लिए है तो नाटक, यदि एक ही घटना पर है तो कहानी, यदि पूरा जीवन-चित्र है तो उपन्यास, और यदि लेखक अपने विचार क्रम से रख रहा है तो निबंध।
TRE संकेत: परीक्षा गुरु 1882 और इंदुमती 1900 सबसे अधिक पूछे जाने वाले उत्तर हैं, पर याद रखिए कि दोनों पर मतभेद है। चिंतामणि शुक्ल की और अशोक के फूल द्विवेदी की — यह जोड़ा भी तय प्रश्न है। आधुनिक काल का दूसरा नाम गद्य काल है, यह भी पूछा जाता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- गद्य का विकास आधुनिक काल में हुआ, इसीलिए इसे गद्य काल कहते हैं।
- निबंध के दो मुख्य प्रकार — विचारात्मक और भावात्मक।
- चिंतामणि आचार्य रामचंद्र शुक्ल का निबंध संग्रह है।
- अशोक के फूल और कुटज हजारी प्रसाद द्विवेदी के निबंध हैं।
- परीक्षा गुरु को हिंदी का पहला उपन्यास माना जाता है, 1882।
- पहली कहानी और पहला उपन्यास दोनों विवादित प्रश्न हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी का पहला उपन्यास कौन-सा है?
सर्वाधिक मान्य उत्तर लाला श्रीनिवास दास का परीक्षा गुरु है, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। कुछ इतिहासकार श्रद्धाराम फिल्लौरी के भाग्यवती को पहला उपन्यास मानते हैं। परीक्षा प्रायः परीक्षा गुरु ही सही उत्तर रखती है।
कहानी और उपन्यास में मूल अंतर क्या है?
कहानी एक ही घटना पर केंद्रित होती है, उसमें पात्र सीमित रहते हैं और वह एक ही प्रभाव छोड़ती है। उपन्यास में जीवन का विस्तृत चित्र होता है, अनेक पात्र और उपकथाएँ चलती हैं, और वह लंबे समयकाल को समेटता है।
चिंतामणि किसकी रचना है?
आचार्य रामचंद्र शुक्ल की। यह उनके निबंधों का संग्रह है और हिंदी के विचारात्मक निबंध का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है। इसमें भय, करुणा, श्रद्धा और लोभ जैसे मनोविकारों पर लिखे गए निबंध संगृहीत हैं।
आधुनिक काल को गद्य काल क्यों कहा जाता है?
क्योंकि इसी काल में गद्य की सभी प्रमुख विधाएँ — निबंध, कहानी, उपन्यास, नाटक और आलोचना — विकसित हुईं। इससे पहले हिंदी साहित्य लगभग पूरी तरह पद्य में था, इसलिए आचार्य शुक्ल ने इस काल का यह दूसरा नाम रखा।
Checking your account…
It takes a minute with your WhatsApp number. Reading is free.
Done with this topic?
Lock it in with a quick Practice Set, then move on.