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गांधी युग का आरंभ एवं चंपारण सत्याग्रह 1917

Gandhian Era and the Champaran Satyagraha, 1917

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बिहार के पत्र में यह विषय सबसे अधिक महत्व रखता है, क्योंकि गांधी जी का पहला भारतीय सत्याग्रह बिहार में ही हुआ था। इससे 1 से 2 प्रश्न आते हैं और चंपारण वाला हिस्सा लगभग तय रहता है, इसलिए इसकी हर तिथि और नाम सटीक होना चाहिए।

गांधी जी की वापसी एवं आरंभिक तरीका

गांधी जी 1915 में दक्षिण अफ़्रीका से भारत लौटे। उनके राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे, जिनकी सलाह पर उन्होंने पहला वर्ष पूरे देश की यात्रा में लगाया। उन्होंने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम की स्थापना की।

उनका तरीका सत्याग्रह था — सत्य के आग्रह पर टिका अहिंसक प्रतिरोध। यह केवल विरोध नहीं था, बल्कि विरोधी का हृदय बदलने का प्रयास था। यही अंतर परिभाषा वाले प्रश्न में पूछा जाता है।

✗ गांधी जी 1919 में भारत लौटे  |  ✓ वे 1915 में लौटे; 1919 में रौलट सत्याग्रह हुआ

चंपारण, 1917: तिनकठिया व्यवस्था

चंपारण सत्याग्रह भारत में गांधी जी का पहला सत्याग्रह था और यह 1917 में बिहार के चंपारण ज़िले में हुआ। यही इस विषय का सबसे तय प्रश्न है।

वहाँ के किसान तिनकठिया व्यवस्था से पीड़ित थे, जिसके अंतर्गत उन्हें अपनी ज़मीन के बीस कट्ठे में से तीन कट्ठे पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी। यूरोपीय बागान मालिक इसे ज़बरदस्ती लागू कराते थे।

गांधी जी को चंपारण बुलाने वाले किसान राजकुमार शुक्ल थे — यह नाम सीधे पूछा जाता है। वहाँ गांधी जी के साथ डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और जे. बी. कृपलानी जैसे नेता जुड़े।

बिंदुविवरण
वर्ष1917
स्थानचंपारण, बिहार
समस्यातिनकठिया व्यवस्था, नील की अनिवार्य खेती
बुलाने वालेराजकुमार शुक्ल
प्रमुख सहयोगीराजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा
परिणामजाँच समिति बनी और तिनकठिया समाप्त हुई

परिणाम भी महत्वपूर्ण है — सरकार को जाँच समिति बनानी पड़ी, गांधी जी उसके सदस्य बने, और अंततः तिनकठिया व्यवस्था समाप्त हुई। यह गांधी जी की भारत में पहली बड़ी सफलता थी।

आरंभिक दो अन्य संघर्ष

  • अहमदाबाद मिल हड़ताल, 1918 — मिल मज़दूरों के वेतन का प्रश्न; गांधी जी ने पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग किया।
  • खेड़ा सत्याग्रह, 1918 — गुजरात में फ़सल ख़राब होने पर भी लगान वसूली के विरुद्ध; यह किसानों का आंदोलन था।

तीनों को क्रम में रखिए — चंपारण 1917, फिर अहमदाबाद और खेड़ा 1918। चंपारण किसानों का, अहमदाबाद मज़दूरों का, और खेड़ा फिर किसानों का था।

बिहार की कड़ी याद रखिए — चंपारण में गांधी जी को राजकुमार शुक्ल बुलाते हैं, और वहीं राजेंद्र प्रसाद तथा अनुग्रह नारायण सिन्हा उनसे जुड़ते हैं। यही तीनों नाम राज्य के पत्र में लौटते हैं।

TRE संकेत: चंपारण 1917 गांधी जी का भारत में पहला सत्याग्रह — यह बिहार के पत्र का सबसे तय प्रश्न है। राजकुमार शुक्ल का नाम अलग से याद कीजिए, वह सीधे पूछा जाता है। तिनकठिया का अर्थ बीस में से तीन कट्ठे भी पूछा जाता है, केवल नाम नहीं। और गांधी जी की वापसी 1915 में हुई, 1919 में नहीं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • गांधी जी 1915 में दक्षिण अफ़्रीका से भारत लौटे; गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे।
  • चंपारण सत्याग्रह 1917 में हुआ और यह भारत में उनका पहला सत्याग्रह था।
  • समस्या तिनकठिया व्यवस्था थी — बीस कट्ठे में तीन कट्ठे पर नील की अनिवार्य खेती।
  • गांधी जी को चंपारण राजकुमार शुक्ल ने बुलाया था।
  • राजेंद्र प्रसाद और अनुग्रह नारायण सिन्हा वहीं उनसे जुड़े।
  • अहमदाबाद मिल हड़ताल और खेड़ा सत्याग्रह दोनों 1918 में हुए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंपारण सत्याग्रह क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?

क्योंकि यह भारत में गांधी जी का पहला सत्याग्रह था और उनकी पहली बड़ी सफलता भी। 1917 में बिहार के चंपारण में नील किसानों की तिनकठिया व्यवस्था के विरुद्ध यह आंदोलन चला और अंततः वह व्यवस्था समाप्त हुई।

तिनकठिया व्यवस्था क्या थी?

इसके अंतर्गत किसान को अपनी ज़मीन के प्रत्येक बीस कट्ठे में से तीन कट्ठे पर अनिवार्य रूप से नील की खेती करनी पड़ती थी। यूरोपीय बागान मालिक इसे ज़बरदस्ती लागू कराते थे और किसानों को इसका उचित मूल्य भी नहीं मिलता था।

गांधी जी को चंपारण कौन लेकर गया?

राजकुमार शुक्ल, जो स्वयं चंपारण के किसान थे। वे लखनऊ अधिवेशन में गांधी जी से मिले और बार-बार आग्रह करके उन्हें चंपारण आने के लिए राज़ी किया। यह नाम परीक्षा में सीधे पूछा जाता है, इसलिए अलग से याद रखना चाहिए।

चंपारण में गांधी जी के साथ कौन-कौन जुड़े?

डॉ. राजेंद्र प्रसाद, ब्रजकिशोर प्रसाद, अनुग्रह नारायण सिन्हा और जे. बी. कृपलानी जैसे नेता। इनमें राजेंद्र प्रसाद आगे चलकर संविधान सभा के अध्यक्ष और भारत के पहले राष्ट्रपति बने, इसलिए बिहार के पत्र में यह कड़ी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

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Champaran Satyagraha 1917 | BPSC TRE 4.0 Bihar History — ExamAtlas