भारत: स्थिति, विस्तार एवं भौतिक विभाजन
भारत: स्थिति, विस्तार एवं भौतिक विभाजन
यह अध्याय भारत के भूगोल की नींव है और इससे प्रश्न प्रायः तीन बिंदुओं पर आते हैं — अक्षांशीय तथा देशांतरीय विस्तार, छह भौतिक विभाग, और सीमावर्ती देशों के नाम। तीनों सीधे तथ्य हैं और इन्हें मानचित्र देखकर याद करना सबसे अच्छा तरीका है।
स्थिति और विस्तार
- भारत 8 अंश 4 मिनट से 37 अंश 6 मिनट उत्तरी अक्षांश तक फैला है।
- देशांतरीय विस्तार 68 अंश 7 मिनट से 97 अंश 25 मिनट पूर्वी देशांतर तक है।
- कर्क रेखा देश के लगभग बीच से गुज़रती है और आठ राज्यों को छूती है।
- क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें स्थान पर है।
- स्थल सीमा से लगे देश हैं — पाकिस्तान, अफ़ग़ानिस्तान, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार।
भारत का उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम विस्तार लगभग बराबर है, फिर भी पूर्व और पश्चिम के बीच समय में लगभग दो घंटे का अंतर आता है। इसी कारण एक ही मानक समय अपनाया गया, जो 82 अंश 30 मिनट पूर्वी देशांतर से लिया जाता है।
छह भौतिक विभाग
| विभाग | विशेषता |
|---|---|
| हिमालय पर्वतीय क्षेत्र | तीन समांतर शृंखलाएँ; नदियों का स्रोत |
| उत्तरी विशाल मैदान | जलोढ़ मिट्टी; सबसे घना बसा |
| प्रायद्वीपीय पठार | सबसे प्राचीन भूभाग; खनिज भंडार |
| भारतीय मरुस्थल | थार; बहुत कम वर्षा |
| तटीय मैदान | पूर्वी और पश्चिमी तट |
| द्वीप समूह | अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप |
हिमालय की तीन शृंखलाएँ हैं — हिमाद्रि जो सबसे ऊँची है, हिमाचल जो बीच में है, और शिवालिक जो सबसे बाहरी और नई है। शिवालिक और हिमाचल के बीच की घाटियाँ दून कहलाती हैं।
प्रायद्वीपीय पठार भारत का सबसे प्राचीन भूभाग है और वहीं से देश का अधिकांश खनिज मिलता है। पश्चिमी घाट पूर्वी घाट से ऊँचा और अधिक सतत है।
उत्तरी मैदान और बिहार
उत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों की लाई मिट्टी से बना है। यही मैदान भारत का सबसे उपजाऊ और सबसे घना बसा भाग है।
| भाग | विशेषता |
|---|---|
| भाबर | पर्वत के नीचे कंकड़ का क्षेत्र; नदियाँ लुप्त हो जाती हैं |
| तराई | भाबर के नीचे दलदली और नम |
| बांगर | पुरानी जलोढ़ मिट्टी |
| खादर | नई जलोढ़ मिट्टी; अधिक उपजाऊ |
बिहार पूरी तरह उत्तरी मैदान में आता है, इसलिए वहाँ न पर्वत हैं और न समुद्र तट। खादर क्षेत्र हर वर्ष नई मिट्टी पाने के कारण अधिक उपजाऊ होता है, और बिहार की खेती इसी पर टिकी है।
✗ बिहार से कर्क रेखा गुज़रती है | ✓ कर्क रेखा बिहार से नहीं गुज़रती; यह झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित आठ राज्यों से होकर जाती है
द्वीप और तट
अंडमान और निकोबार बंगाल की खाड़ी में हैं और वे ज्वालामुखीय तथा पर्वतीय मूल के हैं। लक्षद्वीप अरब सागर में हैं और वे प्रवाल भित्ति से बने हैं।
भारत का सबसे दक्षिणी बिंदु इंदिरा प्वाइंट है, जो निकोबार में है। मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी है — यह अंतर परीक्षा में जान-बूझकर पूछा जाता है।
भारत के भौतिक विभागों को उत्तर से दक्षिण के क्रम में याद कीजिए — हिमालय, मैदान, पठार और फिर तट तथा द्वीप। क्रम बन जाने पर हर विभाग की विशेषता भी अपने आप जुड़ जाती है।
TRE संकेत: कर्क रेखा आठ राज्यों से गुज़रती है और बिहार से नहीं — यह राज्य की परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाने वाला जाल है। इंदिरा प्वाइंट और कन्याकुमारी का अंतर भी तयशुदा है। खादर और बांगर भी सीधे आए हैं।
60 सेकंड का रिवीजन
- भारत का अक्षांशीय विस्तार लगभग 8 से 37 अंश उत्तर तक है।
- कर्क रेखा देश के लगभग बीच से गुज़रती है, पर बिहार से नहीं।
- भारत के छह भौतिक विभाग हैं।
- हिमालय की तीन शृंखलाएँ हिमाद्रि, हिमाचल और शिवालिक हैं।
- खादर नई और बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है।
- इंदिरा प्वाइंट देश का और कन्याकुमारी मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में एक ही मानक समय क्यों रखा गया?
क्योंकि देश का पूर्व-पश्चिम विस्तार इतना बड़ा है कि दोनों छोरों में लगभग दो घंटे का अंतर आ जाता है। यदि अलग-अलग समय रखे जाते तो रेल, विमान, प्रशासन और संचार में भारी असुविधा होती। इसीलिए 82 अंश 30 मिनट पूर्वी देशांतर से एक ही मानक समय लिया गया।
खादर और बांगर में क्या अंतर है?
खादर नई जलोढ़ मिट्टी है, जो नदी के बाढ़ क्षेत्र में हर वर्ष नई परत पाती रहती है, इसलिए वह अधिक उपजाऊ होती है। बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है, जो ऊँचे भाग पर होती है और जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँचता, इसलिए वह अपेक्षाकृत कम उपजाऊ रहती है।
अंडमान और लक्षद्वीप में क्या अंतर है?
अंडमान और निकोबार बंगाल की खाड़ी में हैं और वे ज्वालामुखीय तथा पर्वतीय मूल के हैं, इसलिए वहाँ ऊँची भूमि मिलती है। लक्षद्वीप अरब सागर में हैं और वे प्रवाल भित्ति से बने हैं, इसलिए वे नीचे और छोटे हैं। दोनों की उत्पत्ति और बनावट पूरी तरह अलग है।
उत्तरी मैदान इतना उपजाऊ क्यों है?
क्योंकि वह हिमालय से उतरने वाली नदियों की लाई हुई जलोढ़ मिट्टी से बना है, जो पोषक तत्वों से भरपूर होती है। भूमि समतल है, जल की उपलब्धता अच्छी है और मिट्टी की परत बहुत गहरी है। इन्हीं कारणों से यह भारत का सबसे उपजाऊ और सबसे घना बसा भाग है।
