Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

भारतीय अंग्रेज़ी लेखन

By ExamAtlas · 29/8/2026

भारतीय अंग्रेज़ी लेखन

यह भाग साहित्य अध्याय को पूरा करता है और इससे लगभग दो प्रश्न आते हैं। पाठ्यक्रम का यही हिस्सा भारतीय कक्षा से सबसे सीधे जुड़ता है, और यहाँ तथ्य सीमित हैं — कुछ नाम, कुछ कृतियाँ और कुछ पुरस्कार, जो बार-बार लौटते हैं।

आरंभिक लेखक

लेखककिसके लिए जाने जाते हैं
तोरु दत्तOur Casuarina Tree; अंग्रेज़ी में आरंभिक भारतीय कवि
सरोजिनी नायडूThe Golden Threshold; भारत कोकिला
रवींद्रनाथ टैगोरGitanjali; 1913 का साहित्य नोबेल
श्री अरविंदSavitri, अतुकांत छंद में महाकाव्य
निसीम एज़ेकिएलNight of the Scorpion; आधुनिक भारतीय अंग्रेज़ी कविता के प्रवर्तक

रवींद्रनाथ टैगोर को 1913 में Gitanjali के लिए साहित्य का नोबेल मिला और वे यह पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बने। यही एक तथ्य इस पूरे भाग में सबसे अधिक बार पूछा जाता है। Night of the Scorpion भारतीय विद्यालयों की पाठ्यपुस्तकों में आती है, इसलिए शिक्षक भर्ती का प्रश्नपत्र उसे इसी कारण पूछ सकता है।

तीन प्रमुख उपन्यासकार

उपन्यासकारप्रमुख कृतियाँविशेषता
मुल्कराज आनंदUntouchable, Coolieसामाजिक यथार्थ; जाति और ग़रीबी
आर. के. नारायणSwami and Friends, The Guide, Malgudi Daysकाल्पनिक नगर मालगुडी
राजा रावKanthapuraगाँव में गांधीवादी आंदोलन

इन तीनों को परंपरागत रूप से भारतीय अंग्रेज़ी उपन्यास का प्रवर्तक कहा जाता है, और मालगुडी — नारायण का कल्पित दक्षिण भारतीय नगर — वह विवरण है जो सबसे अधिक पूछा जाता है।

मालगुडी दक्षिण भारत का एक वास्तविक नगर है  |   वह आर. के. नारायण का बनाया काल्पनिक नगर है, जिसे उन्होंने अपने उपन्यासों और कहानियों की पृष्ठभूमि बनाया

पुरस्कार विजेता

लेखकपुरस्कारवर्षकृति
रवींद्रनाथ टैगोरसाहित्य का नोबेल1913Gitanjali
वी. एस. नायपॉलबुकर1971In a Free State
सलमान रुश्दीबुकर1981Midnight's Children
अरुंधति रॉयबुकर1997The God of Small Things
किरण देसाईबुकर2006The Inheritance of Loss
अरविंद अडिगाबुकर2008The White Tiger
गीतांजलि श्रीअंतरराष्ट्रीय बुकर2022Tomb of Sand

गीतांजलि श्री को 2022 में अंतरराष्ट्रीय बुकर उनके हिंदी उपन्यास रेत समाधि के अनुवाद Tomb of Sand के लिए मिला, जिसका अनुवाद डेज़ी रॉकवेल ने किया — यह पुरस्कार पाने वाला पहला हिंदी उपन्यास। ध्यान दीजिए कि अंतरराष्ट्रीय बुकर बुकर से अलग पुरस्कार है और वह अंग्रेज़ी में अनूदित कृति को दिया जाता है। प्रश्न ठीक यही अंतर जाँचता है।

बिहार की कक्षा में इसका महत्व

पाठ्यक्रम का यही भाग मध्य विद्यालय का शिक्षक सबसे आसानी से कक्षा में ला सकता है, क्योंकि उसकी पृष्ठभूमि पहचानी हुई है। जो बच्चा किसी अंग्रेज़ी गाँव की कल्पना नहीं कर पाता, वह मालगुडी की कल्पना कर लेता है।

यह उस प्रश्न का उत्तर भी देता है जो बच्चे वास्तव में पूछते हैं — कि अंग्रेज़ी साहित्य का उनसे कोई संबंध है भी या नहीं। टैगोर का स्वयं अपना अनुवाद करना और गीतांजलि श्री का अनुवाद के रास्ते दुनिया तक पहुँचना, यही दो उदाहरण उस प्रश्न का उत्तर बन जाते हैं।

इस भाग की तालिका पूरी तरह याद कर लेना उचित है, क्योंकि यहाँ तथ्य सीमित हैं और तर्क की कोई गुंजाइश नहीं। पाँच विकल्प और ऋणात्मक अंकन को देखते हुए यह छोटा निवेश बड़ा लाभ देता है।

TRE संकेत: टैगोर का 1913 का नोबेल इस भाग का सबसे अधिक पूछा जाने वाला तथ्य है। बुकर और अंतरराष्ट्रीय बुकर अलग पुरस्कार हैं और यही यहाँ का असली जाल है। मालगुडी काल्पनिक है तीसरा बार-बार लौटने वाला बिंदु है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • टैगोर को 1913 में Gitanjali के लिए साहित्य का नोबेल मिला।
  • वे यह पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई थे।
  • सरोजिनी नायडू भारत कोकिला कहलाती हैं।
  • आनंद, नारायण और राजा राव भारतीय अंग्रेज़ी उपन्यास के प्रवर्तक हैं।
  • मालगुडी आर. के. नारायण का काल्पनिक नगर है।
  • गीतांजलि श्री को 2022 में अंतरराष्ट्रीय बुकर मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टैगोर को नोबेल कब और किस कृति के लिए मिला?

1913 में, Gitanjali के लिए, जिसका अंग्रेज़ी अनुवाद उन्होंने स्वयं किया था। वे साहित्य का नोबेल पाने वाले पहले एशियाई थे। किसी भी भारतीय परीक्षा के भारतीय अंग्रेज़ी लेखन वाले भाग में यही तथ्य सबसे अधिक बार पूछा जाता है।

किन भारतीयों को बुकर पुरस्कार मिला है?

वी. एस. नायपॉल को 1971 में In a Free State के लिए, सलमान रुश्दी को 1981 में Midnight's Children के लिए, अरुंधति रॉय को 1997 में The God of Small Things के लिए, किरण देसाई को 2006 में The Inheritance of Loss के लिए और अरविंद अडिगा को 2008 में The White Tiger के लिए।

गीतांजलि श्री को कौन-सा पुरस्कार मिला और वह अलग कैसे है?

उन्हें 2022 में अंतरराष्ट्रीय बुकर मिला, Tomb of Sand के लिए, जो उनके हिंदी उपन्यास रेत समाधि का डेज़ी रॉकवेल द्वारा किया गया अनुवाद है। अंतरराष्ट्रीय बुकर एक अलग पुरस्कार है, जो अंग्रेज़ी में अनूदित कृति को दिया जाता है, और उसे बुकर समझ लेना ही यहाँ की मानक भूल है।

क्या मालगुडी कोई वास्तविक स्थान है?

नहीं। मालगुडी वह काल्पनिक दक्षिण भारतीय नगर है जिसे आर. के. नारायण ने गढ़ा और Swami and Friends, The Guide तथा Malgudi Days की पृष्ठभूमि बनाया। प्रश्न इसे इसीलिए पूछते हैं कि परीक्षार्थी इतने जीवंत नगर को वास्तविक मान बैठते हैं।