भू-आकृतियाँ एवं अपरदन के कारक
भू-आकृतियाँ एवं अपरदन के कारक
इस अध्याय में प्रश्न प्रायः इसी रूप में आता है कि कोई भू-आकृति देकर पूछा जाए कि वह किस कारक से बनी है। इसलिए हर कारक के साथ उसकी दो या तीन विशिष्ट आकृतियाँ जोड़कर याद कीजिए, तब उत्तर तुरंत निकल आता है।
दो प्रकार के बल
पृथ्वी की सतह को दो तरह के बल आकार देते हैं। आंतरिक बल भीतर से काम करते हैं और वे धरातल को ऊपर उठाते या तोड़ते हैं, जैसे भूकंप, ज्वालामुखी और पर्वत निर्माण।
बाह्य बल सतह पर काम करते हैं और वे ऊँचाई को घिसकर समतल करते जाते हैं। इनमें अपरदन यानी घिसाई और निक्षेपण यानी जमाव दोनों शामिल हैं। कुल मिलाकर आंतरिक बल बनाते हैं और बाह्य बल घिसते हैं।
बहता जल
बहता जल अपरदन का सबसे प्रभावी कारक है और नदी अपने तीन चरणों में अलग-अलग आकृतियाँ बनाती है।
| चरण | कार्य | आकृतियाँ |
|---|---|---|
| ऊपरी | तीव्र अपरदन | गॉर्ज, जलप्रपात, अंग्रेज़ी वी आकार की घाटी |
| मध्य | अपरदन और निक्षेपण दोनों | विसर्प, बाढ़ का मैदान |
| निचला | मुख्यतः निक्षेपण | डेल्टा, गोखुर झील |
डेल्टा नदी के मुहाने पर बनता है और सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है, जो गंगा और ब्रह्मपुत्र ने मिलकर बनाया है। गोखुर झील विसर्प के कट जाने से बनती है और यह मैदानी भाग की विशिष्ट आकृति है।
अन्य तीन कारक
| कारक | प्रमुख आकृतियाँ | कहाँ |
|---|---|---|
| हिमनद | यू आकार की घाटी, हिमोढ़ | पर्वतीय और ध्रुवीय क्षेत्र |
| पवन | बालुका स्तूप, छत्रक शिला | मरुस्थल |
| समुद्री लहरें | समुद्री गुफा, भृगु, पुलिन | तटीय क्षेत्र |
घाटी के आकार से कारक पहचानने का सरल नियम है — नदी वी आकार की घाटी बनाती है और हिमनद यू आकार की। यह अंतर परीक्षा में सबसे अधिक पूछा जाता है।
मरुस्थल में हवा से बनी छत्रक शिला नीचे से पतली और ऊपर से चौड़ी होती है, क्योंकि रेत नीचे के हिस्से को अधिक घिसती है। यह भी सीधा पूछा जाने वाला तथ्य है।
✗ यू आकार की घाटी नदी बनाती है | ✓ नदी वी आकार की घाटी बनाती है; यू आकार की घाटी हिमनद की देन है
भू-आकृतियाँ और मनुष्य
मनुष्य की बस्तियाँ प्रायः मैदानों में बसीं, क्योंकि वहाँ मिट्टी उपजाऊ है, जल उपलब्ध है और आवागमन आसान। इसीलिए गंगा का मैदान विश्व के सबसे घने बसे क्षेत्रों में है।
पर्वत जल का स्रोत और जलवायु का नियामक हैं, और पठार खनिजों के भंडार। इसीलिए भारत में खनिज मुख्यतः प्रायद्वीपीय पठार से मिलते हैं, जबकि खेती मैदानों में केंद्रित है।
आकृति और कारक की जोड़ी बनाकर याद कीजिए — डेल्टा नदी से, यू घाटी हिमनद से, बालुका स्तूप हवा से और समुद्री गुफा लहरों से। प्रश्न प्रायः इसी जोड़ी पर बनता है।
TRE संकेत: वी आकार नदी और यू आकार हिमनद वाली जोड़ी सबसे अधिक पूछी जाती है। सुंदरबन सबसे बड़ा डेल्टा भी तयशुदा है। छत्रक शिला मरुस्थल में और गोखुर झील विसर्प से भी सीधे आए हैं।
60 सेकंड का रिवीजन
- आंतरिक बल धरातल को बनाते और बाह्य बल उसे घिसते हैं।
- बहता जल अपरदन का सबसे प्रभावी कारक है।
- नदी ऊपरी भाग में गॉर्ज और निचले भाग में डेल्टा बनाती है।
- सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है।
- नदी वी आकार और हिमनद यू आकार की घाटी बनाता है।
- मरुस्थल में हवा से बालुका स्तूप और छत्रक शिला बनते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
नदी और हिमनद की घाटी में क्या अंतर है?
नदी अपने वेग से मुख्यतः नीचे की ओर कटाव करती है, इसलिए उसकी घाटी अंग्रेज़ी अक्षर वी जैसी सँकरी और गहरी होती है। हिमनद भारी होता है और चौड़ाई में भी घिसता है, इसलिए उसकी घाटी यू जैसी चौड़ी और तली में चपटी होती है। यही अंतर सबसे अधिक पूछा जाता है।
डेल्टा कैसे बनता है?
जब नदी समुद्र के पास पहुँचती है तो उसका वेग बहुत कम हो जाता है और वह अपने साथ लाई मिट्टी को वहीं जमा करने लगती है। यह जमाव धीरे-धीरे त्रिभुजाकार भूमि बना देता है, जिसे डेल्टा कहते हैं। गंगा और ब्रह्मपुत्र का बनाया सुंदरबन विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है।
छत्रक शिला नीचे से पतली क्यों होती है?
क्योंकि मरुस्थल में हवा अपने साथ रेत के कण उड़ाकर ले जाती है और ये कण भारी होने के कारण अधिकतर ज़मीन के पास ही चलते हैं। इसलिए चट्टान का निचला हिस्सा अधिक घिसता है और ऊपर का हिस्सा अपेक्षाकृत बचा रहता है, जिससे वह छतरी जैसी दिखने लगती है।
मैदानों में जनसंख्या सबसे अधिक क्यों है?
क्योंकि वहाँ नदियों की लाई उपजाऊ मिट्टी है, सिंचाई के लिए जल उपलब्ध है, और समतल भूमि होने से सड़क तथा रेल बनाना आसान है। इन्हीं कारणों से खेती, उद्योग और व्यापार तीनों वहाँ आसानी से पनपते हैं, और गंगा का मैदान विश्व के सबसे घने बसे क्षेत्रों में गिना जाता है।
