ल.स.प. एवं म.स.प. तथा उनके अनुप्रयोग
ल.स.प. एवं म.स.प. तथा उनके अनुप्रयोग
इस विषय से 2 प्रश्न तक आते हैं और वे सीधे मान निकालने के नहीं, बल्कि शब्द-समस्या के होते हैं — घंटियाँ, टाइलें, शेषफल। इसलिए यहाँ गणना से अधिक ज़रूरी है यह पहचानना कि सवाल में ल.स. लगेगा या म.स.।
निकालने की विधि
दोनों निकालने का सबसे भरोसेमंद तरीका अभाज्य गुणनखंड है। संख्याओं को अभाज्य गुणनखंडों में तोड़िए, फिर —
- म.स. — जो गुणनखंड सभी में उभयनिष्ठ हों, उनकी सबसे छोटी घात लीजिए।
- ल.स. — जो भी गुणनखंड आएँ, उनकी सबसे बड़ी घात लीजिए।
दो संख्याओं के लिए: ल.स. × म.स. = पहली संख्या × दूसरी संख्या
यह सूत्र केवल दो संख्याओं के लिए है, तीन के लिए नहीं। तीन मान देकर चौथा पूछना इस विषय का तयशुदा प्रश्न है।
✗ तीन संख्याओं के लिए भी ल.स. × म.स. = तीनों का गुणनफल | ✓ यह सूत्र केवल दो संख्याओं पर लागू होता है
कब कौन-सा लगेगा
| सवाल का स्वरूप | लगेगा |
|---|---|
| सबसे बड़ा माप, बराबर टुकड़े, अधिकतम कितने | म.स. |
| सबसे बड़ी टाइल या डिब्बा जो पूरा-पूरा आए | म.स. |
| घंटियाँ फिर एक साथ कब बजेंगी | ल.स. |
| लोग ट्रैक पर फिर एक साथ कब मिलेंगे | ल.स. |
| सबसे छोटी संख्या जो सबसे विभाजित हो | ल.स. |
एक पंक्ति में नियम — बाँटना या नापना हो तो म.स., दोबारा मिलना हो तो ल.स.। यह पहचान हो जाए तो गणना सीधी रह जाती है।
शेषफल वाली स्थितियाँ
- यदि शेष सभी में समान हो — हर संख्या में से वह शेष घटाकर म.स. निकालिए।
- यदि शेष अलग-अलग हों — हर संख्या में से उसका अपना शेष घटाकर म.स. निकालिए।
- यदि शेष का पैटर्न अलग हो — संख्याओं के आपसी अंतर लेकर उनका म.स. निकालिए।
- यदि भाग देने पर हर बार वही शेष बचे — पहले ल.स. निकालिए, फिर उसमें शेष जोड़ दीजिए।
चौथी स्थिति सबसे अधिक पूछी जाती है — ऐसी सबसे छोटी संख्या जो 4, 5 और 6 से भाग देने पर 3 शेष बचाए। पहले तीनों का ल.स. 60 निकालिए, फिर 3 जोड़कर 63 उत्तर मिलता है।
भिन्नों का ल.स. एवं म.स.
भिन्नों का म.स. = अंशों का म.स. ÷ हरों का ल.स.
भिन्नों का ल.स. = अंशों का ल.स. ÷ हरों का म.स.
यहाँ जाल यह है कि दोनों सूत्रों में अंश और हर की भूमिका उलटी है। म.स. में ऊपर म.स. और नीचे ल.स., ल.स. में ऊपर ल.स. और नीचे म.स.। इसे उलटा याद कर लेना ही सबसे आम गलती है।
याद रखने का सूत्र: जो निकालना है वही ऊपर आता है। म.स. निकालना है तो ऊपर अंशों का म.स., ल.स. निकालना है तो ऊपर अंशों का ल.स.।
TRE संकेत: बाँटना तो म.स., मिलना तो ल.स. — यह एक पंक्ति पहचान का पूरा काम कर देती है। ल.स. × म.स. का सूत्र केवल दो संख्याओं पर लागू है, यह जाल याद रखिए। शेषफल वाली स्थितियों में पहले ल.स., फिर शेष जोड़ना सबसे अधिक आने वाला प्रकार है।
60 सेकंड का रिवीजन
- म.स. में उभयनिष्ठ गुणनखंडों की सबसे छोटी घात ली जाती है।
- ल.स. में सभी गुणनखंडों की सबसे बड़ी घात ली जाती है।
- दो संख्याओं के लिए ल.स. × म.स. = उनका गुणनफल।
- बाँटने या नापने वाले सवाल में म.स., दोबारा मिलने वाले में ल.स.।
- हर बार समान शेष बचे तो पहले ल.स., फिर उसमें शेष जोड़िए।
- भिन्नों के म.स. में अंशों का म.स. और हरों का ल.स. लिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
किसी सवाल में ल.स. लगेगा या म.स., यह कैसे तय करें?
यदि चीज़ों को बराबर बाँटना है, सबसे बड़ा माप निकालना है या अधिकतम कितने टुकड़े पूछे गए हैं, तो म.स. लगेगा। यदि पूछा जाए कि घंटियाँ या लोग दोबारा एक साथ कब मिलेंगे, या सबसे छोटी संख्या क्या होगी, तो ल.स. लगेगा।
शेषफल वाला सवाल कैसे हल करें?
यदि हर बार वही शेष बचता है, तो पहले दी गई संख्याओं का ल.स. निकालिए और उसमें वह शेष जोड़ दीजिए। चार, पाँच और छह से भाग देने पर तीन शेष बचाने वाली सबसे छोटी संख्या साठ जोड़ तीन यानी तिरसठ होगी।
क्या ल.स. गुणा म.स. वाला सूत्र तीन संख्याओं पर चलता है?
नहीं, वह केवल दो संख्याओं के लिए है। तीन संख्याओं के लिए ल.स. और म.स. का गुणनफल उनके गुणनफल के बराबर नहीं होता। परीक्षा में तीन संख्याएँ देकर यही सूत्र लगवाने का जाल रखा जाता है।
भिन्नों का म.स. कैसे निकाला जाता है?
अंशों का म.स. निकालकर उसे हरों के ल.स. से भाग दिया जाता है। ल.स. निकालने में यह उलटा होता है, यानी अंशों का ल.स. ऊपर और हरों का म.स. नीचे आता है। जो निकालना है वही ऊपर आता है, इसी से दोनों सूत्र याद रह जाते हैं।
