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गुणनखंडन की विधियाँ

By ExamAtlas · 29/8/2026

गुणनखंडन की विधियाँ

गुणनखंडन से 1 से 2 प्रश्न आते हैं और यह पूरी तरह पहचान का खेल है। चार विधियाँ हैं और हर व्यंजक के लिए कोई एक ही चलती है, इसलिए असली कौशल यह है कि व्यंजक देखते ही सही विधि चुन ली जाए।

विधि 1: उभयनिष्ठ गुणनखंड

सबसे पहले हमेशा यही देखिए — क्या सभी पदों में कोई साझा गुणनखंड है। 6x² + 9x में दोनों पदों में 3x है, इसलिए यह 3x(2x + 3) बन जाता है।

यह पहला कदम छोड़ देना सबसे आम भूल है। उभयनिष्ठ निकालने के बाद प्रायः व्यंजक सरल हो जाता है और आगे की विधि आसानी से लग जाती है।

विधि 2: समूहन

जब पद चार हों और कोई एक साझा गुणनखंड न मिले, तब पदों को दो-दो के समूहों में बाँटिए और हर समूह से अलग-अलग उभयनिष्ठ निकालिए।

ax + ay + bx + by = a(x + y) + b(x + y) = (a + b)(x + y)

संकेत यह है — चार पद दिखें तो पहले समूहन आज़माइए। यदि दोनों समूहों से निकलने वाला कोष्ठक समान आ जाए, तो विधि सही है।

विधि 3: सर्वसमिकता का प्रयोग

व्यंजक का रूपलगेगी सर्वसमिकता
दो वर्ग, बीच में घटावa² − b² = (a+b)(a−b)
दो वर्ग और दुगुना गुणनफल(a ± b)²
दो घनों का योगa³ + b³
दो घनों का अंतरa³ − b³

पहली पंक्ति सबसे अधिक आती है। x² − 25 को देखते ही (x + 5)(x − 5) लिख देना चाहिए, क्योंकि 25 पाँच का वर्ग है।

x² + 25 = (x + 5)(x − 5)  |   यह x² − 25 का गुणनखंड है; योग वाले रूप का गुणनखंड नहीं होता

विधि 4: मध्य पद का विभाजन

यह त्रिपदी ax² + bx + c के लिए है और सबसे अधिक पूछी जाती है। नियम यह है — दो ऐसी संख्याएँ खोजिए जिनका गुणनफल ac हो और योग b

  1. x² + 7x + 12 में ac = 12 और b = 7।
  2. 12 के जोड़े देखिए — 3 और 4 का गुणनफल 12 और योग 7 है।
  3. मध्य पद को तोड़िए — x² + 3x + 4x + 12।
  4. समूहन कीजिए — x(x + 3) + 4(x + 3) = (x + 3)(x + 4)

चिह्न का नियम अलग से याद रखिए — यदि c धनात्मक हो तो दोनों संख्याओं का चिह्न b जैसा होगा; यदि c ऋणात्मक हो तो दोनों के चिह्न अलग होंगे और बड़ी संख्या का चिह्न b जैसा।

चुनाव का क्रम यही रखिए — पहले उभयनिष्ठ, फिर सर्वसमिकता, फिर चार पद हों तो समूहन, और त्रिपदी हो तो मध्य पद का विभाजन। यह क्रम लगभग हर व्यंजक पर काम करता है।

TRE संकेत: सबसे पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड देखने की आदत डालिए — यह एक कदम आगे का काम आसान कर देता है। मध्य पद विभाजन में ac का गुणनफल और b का योग वाला नियम सबसे अधिक काम आता है। और यह याद रखिए कि दो वर्गों के योग का गुणनखंड नहीं होता, केवल अंतर का होता है।

60 सेकंड का रिवीजन

  • गुणनखंडन में सबसे पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड निकालिए।
  • चार पद हों तो दो-दो के समूह बनाकर समूहन कीजिए।
  • दो वर्गों का अंतर दिखे तो (a+b)(a−b) लगाइए।
  • दो वर्गों के योग का गुणनखंड नहीं होता।
  • त्रिपदी में ac के गुणनफल और b के योग वाली दो संख्याएँ खोजिए।
  • c ऋणात्मक हो तो दोनों संख्याओं के चिह्न अलग होंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य पद का विभाजन कैसे किया जाता है?

ax वर्ग जोड़ bx जोड़ c में a और c का गुणनफल निकालिए, फिर दो ऐसी संख्याएँ खोजिए जिनका गुणनफल वही हो और योग b के बराबर हो। उन दो संख्याओं से मध्य पद को तोड़कर समूहन कर लीजिए और उभयनिष्ठ कोष्ठक निकाल लीजिए।

गुणनखंडन में कौन-सी विधि पहले लगानी चाहिए?

सबसे पहले उभयनिष्ठ गुणनखंड देखिए, क्योंकि उससे व्यंजक सरल हो जाता है। उसके बाद देखिए कि कोई सर्वसमिकता लग रही है या नहीं। चार पद हों तो समूहन आज़माइए और त्रिपदी हो तो मध्य पद का विभाजन कीजिए।

x वर्ग घटा पच्चीस का गुणनखंड क्या है?

x जोड़ पाँच गुणा x घटा पाँच। यह दो वर्गों के अंतर वाली सर्वसमिकता है, क्योंकि पच्चीस पाँच का वर्ग है। ध्यान रहे कि x वर्ग जोड़ पच्चीस का इसी तरह गुणनखंड नहीं किया जा सकता, क्योंकि दो वर्गों के योग का गुणनखंड नहीं होता।

समूहन विधि कब लगती है?

जब व्यंजक में चार पद हों और सभी में कोई एक साझा गुणनखंड न मिले। तब पदों को दो-दो के समूहों में बाँटकर हर समूह से अलग उभयनिष्ठ निकाला जाता है। यदि दोनों समूहों से निकलने वाला कोष्ठक समान आ जाए, तो विधि सही चल रही है।