मुहावरे एवं उनका प्रयोग
Idioms and Their Use
मुहावरों से 2 से 3 प्रश्न आते हैं और यह भाग शब्द भंडार में सबसे अधिक अंक देता है। प्रश्न प्रायः अर्थ पूछता है या वाक्य में सही प्रयोग, इसलिए मुहावरे को अकेले नहीं, वाक्य के साथ याद कीजिए।
मुहावरा क्या है
मुहावरा वह वाक्यांश है जो अपने शाब्दिक अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ देता है और वाक्य में प्रयुक्त होकर ही पूरा होता है। यह कभी अकेला वाक्य नहीं बनता — यही इसे लोकोक्ति से अलग करता है।
| मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| आँखों का तारा होना | बहुत प्रिय होना |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना |
| अंगूठा दिखाना | इनकार कर देना |
| आँखें बिछाना | स्वागत के लिए उत्सुक होना |
| ईद का चाँद होना | बहुत दिनों बाद दिखना |
| घी के दिए जलाना | बहुत खुशी मनाना |
✗ अंगूठा दिखाना का अर्थ सहमति देना है | ✓ इसका अर्थ इनकार कर देना है
और महत्वपूर्ण मुहावरे
| मुहावरा | अर्थ |
|---|---|
| आस्तीन का साँप | विश्वासघाती मित्र |
| लोहे के चने चबाना | बहुत कठिन काम करना |
| नौ दो ग्यारह होना | भाग जाना |
| थाली का बैंगन | सिद्धांतहीन व्यक्ति |
| टेढ़ी खीर | कठिन काम |
| दाल न गलना | युक्ति सफल न होना |
थाली का बैंगन का अर्थ केवल अस्थिर नहीं, बल्कि जो हर बार पक्ष बदल ले है। यही सूक्ष्म अंतर विकल्पों में परखा जाता है, इसलिए अर्थ पूरा याद कीजिए, आधा नहीं।
वाक्य में प्रयोग
- वह अपने माता-पिता की आँखों का तारा है।
- इस परीक्षा को पास करना लोहे के चने चबाना है।
- चोर पुलिस को देखते ही नौ दो ग्यारह हो गया।
- जिस पर भरोसा किया, वही आस्तीन का साँप निकला।
मुहावरों के प्रश्न में एक जाल बार-बार दोहराया जाता है — विकल्पों में शाब्दिक अर्थ भी रख दिया जाता है। लोहे के चने चबाना का शाब्दिक अर्थ विकल्प में दिखेगा, पर सही उत्तर लाक्षणिक अर्थ ही होगा, यानी बहुत कठिन काम करना। इसलिए विकल्प पढ़ते समय पहले शाब्दिक अर्थ वाले विकल्प को काट दीजिए; इससे पाँच में से एक विकल्प तुरंत हट जाता है और उत्तर तक पहुँचना सरल हो जाता है।
परीक्षा की विधि: मुहावरे को कभी अकेले याद मत कीजिए। एक छोटा वाक्य साथ बना लीजिए — वाक्य याद रहेगा तो अर्थ अपने आप याद रहेगा और प्रयोग वाला प्रश्न भी हल हो जाएगा।
TRE संकेत: मुहावरे वाक्य के साथ याद कीजिए, केवल अर्थ के साथ नहीं — पत्र प्रयोग भी पूछता है। आस्तीन का साँप, लोहे के चने चबाना, थाली का बैंगन, नौ दो ग्यारह होना सबसे अधिक आने वाले हैं। ध्यान रहे कि मुहावरा अकेला वाक्य नहीं बनता — यही उसे लोकोक्ति से अलग करता है।
60 सेकंड का रिवीजन
- मुहावरा शाब्दिक अर्थ छोड़कर विशेष अर्थ देता है।
- मुहावरा वाक्य में प्रयुक्त होकर ही पूरा होता है।
- आँखों का तारा — बहुत प्रिय; अंगूठा दिखाना — इनकार करना।
- आस्तीन का साँप — विश्वासघाती मित्र।
- लोहे के चने चबाना — बहुत कठिन काम करना।
- थाली का बैंगन — हर बार पक्ष बदलने वाला व्यक्ति।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मुहावरा और लोकोक्ति में क्या अंतर है?
मुहावरा वाक्यांश होता है और वाक्य में प्रयुक्त होकर ही पूरा होता है, जैसे नौ दो ग्यारह होना। लोकोक्ति अपने आप में एक पूरा वाक्य होती है और कोई सीख देती है, जैसे नाच न जाने आँगन टेढ़ा। यही सबसे बुनियादी अंतर है।
आस्तीन का साँप का अर्थ क्या है?
वह व्यक्ति जो पास रहते हुए और विश्वासपात्र दिखते हुए भी नुकसान पहुँचाए, यानी विश्वासघाती मित्र। यह मुहावरा बहुत बार पूछा जाता है और विकल्पों में इसका अर्थ छिपा शत्रु भी रखा जाता है, जो निकट है पर पूरा नहीं।
मुहावरे याद करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
हर मुहावरे के साथ एक छोटा वाक्य बना लीजिए। वाक्य में मुहावरा जीवित रहता है, इसलिए वह जल्दी याद होता है और देर तक टिकता है। इससे अर्थ वाला और प्रयोग वाला, दोनों तरह का प्रश्न एक ही तैयारी से हल हो जाता है।
थाली का बैंगन किसे कहते हैं?
उस व्यक्ति को जो अपने विचार पर टिकता नहीं और परिस्थिति देखकर हर बार पक्ष बदल लेता है। केवल अस्थिर कहना अधूरा अर्थ है; पूरा अर्थ सिद्धांतहीन और पक्ष बदलने वाला है, और विकल्पों में यही अंतर परखा जाता है।
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