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संख्या पद्धति एवं सरलीकरण

By ExamAtlas · 29/8/2026

संख्या पद्धति एवं सरलीकरण

भाग-II के 40 प्रश्नों वाले पत्र में प्रारंभिक गणित पाँच बराबर हिस्सों में से एक है, इसलिए यहाँ से लगभग 8 प्रश्न आते हैं और उनमें 2 संख्या पद्धति से रहते हैं। स्तर कक्षा 6 से 8 का है, पर गति चाहिए — इसलिए नियम याद रखने से अधिक ज़रूरी है छोटे रास्ते पकड़ना।

संख्याओं के प्रकार

प्रकारअर्थउदाहरण
प्राकृत संख्यागिनती की संख्याएँ1, 2, 3, ...
पूर्ण संख्याप्राकृत + शून्य0, 1, 2, 3, ...
पूर्णांकऋणात्मक सहित..., -2, -1, 0, 1, 2, ...
परिमेय संख्याp/q के रूप में, q ≠ 03/4, -5, 0.25
अपरिमेय संख्याp/q में न लिखी जा सके√2, π
अभाज्य संख्याकेवल 1 और स्वयं से विभाज्य2, 3, 5, 7, 11

दो बातें सीधे पूछी जाती हैं। 2 अकेली सम अभाज्य संख्या है, और 1 न अभाज्य है न भाज्य। ये दोनों विकल्पों में जाल की तरह रखी जाती हैं।

1 सबसे छोटी अभाज्य संख्या है  |   1 न अभाज्य है न भाज्य; सबसे छोटी अभाज्य संख्या 2 है

विभाज्यता के नियम

किससेनियम
2इकाई अंक सम हो
3अंकों का योग 3 से विभाज्य हो
4अंतिम दो अंक 4 से विभाज्य हों
5इकाई अंक 0 या 5 हो
8अंतिम तीन अंक 8 से विभाज्य हों
9अंकों का योग 9 से विभाज्य हो
11विषम और सम स्थानों के अंकों का अंतर 0 या 11 का गुणज हो

11 वाला नियम सबसे कम याद रहता है और सबसे अधिक काम आता है। दाएँ से एक-एक करके अंक जोड़िए, फिर बीच वाले घटाइए — अंतर 0 या 11 का गुणज हो तो संख्या 11 से विभाज्य है।

सरलीकरण का क्रम

BODMAS = कोष्ठक → का (of) → भाग → गुणा → जोड़ → घटाव

कोष्ठक भी क्रम से खुलते हैं — पहले रेखा कोष्ठक, फिर छोटा कोष्ठक ( ), फिर मझला { }, फिर बड़ा [ ]। क्रम बदलते ही उत्तर बदल जाता है, और पत्र यही जाँचता है।

आसान तरीका: भाग और गुणा एक ही स्तर पर हैं — जो बाएँ से पहले आए, वही पहले कीजिए। यही बात जोड़ और घटाव पर भी लागू होती है।

TRE संकेत: विभाज्यता के नियम याद रहें तो बड़ी संख्या वाले प्रश्न बिना भाग किए हल हो जाते हैं — समय यहीं बचता है। 2 अकेली सम अभाज्य और 1 न अभाज्य न भाज्य दो तयशुदा जाल हैं। पाँच विकल्प और ऋणात्मक अंकन वाले पत्र में BODMAS का क्रम गड़बड़ाने पर सीधा नुकसान होता है, इसलिए क्रम लिखकर हल कीजिए।

60 सेकंड का रिवीजन

  • प्राकृत, पूर्ण, पूर्णांक, परिमेय और अपरिमेय — संख्याओं के मूल प्रकार।
  • 2 अकेली सम अभाज्य संख्या है।
  • 1 न अभाज्य है न भाज्य।
  • 3 और 9 के लिए अंकों का योग देखिए; 4 और 8 के लिए अंतिम अंक।
  • 11 के लिए विषम और सम स्थानों के अंकों का अंतर देखिए।
  • BODMAS — कोष्ठक, का, भाग, गुणा, जोड़, घटाव।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबसे छोटी अभाज्य संख्या कौन-सी है?

2, और यही अकेली सम अभाज्य संख्या भी है। 1 को अभाज्य नहीं माना जाता, क्योंकि अभाज्य संख्या के ठीक दो अलग गुणनखंड होने चाहिए और 1 का केवल एक है। विकल्पों में 1 अक्सर रखा जाता है, इसलिए यह अंतर पक्का रखिए।

11 से विभाज्यता कैसे जाँचें?

संख्या के अंकों को दाएँ से क्रम में लेकर विषम स्थानों का योग और सम स्थानों का योग अलग-अलग निकालिए, फिर दोनों का अंतर देखिए। यदि अंतर 0 है या 11 का गुणज है, तो संख्या 11 से विभाज्य है। यह नियम बड़ी संख्याओं में बहुत समय बचाता है।

परिमेय और अपरिमेय संख्या में क्या अंतर है?

परिमेय संख्या को p बटा q के रूप में लिखा जा सकता है, जहाँ q शून्य न हो, जैसे तीन बटा चार या शून्य दशमलव दो पाँच। अपरिमेय संख्या को इस रूप में नहीं लिखा जा सकता और उसका दशमलव न कभी समाप्त होता है न दोहराता है, जैसे दो का वर्गमूल।

BODMAS में भाग और गुणा में कौन पहले आता है?

दोनों एक ही स्तर पर हैं, इसलिए जो बाएँ से पहले आए वही पहले किया जाता है। यही नियम जोड़ और घटाव पर भी लागू होता है। BODMAS को कठोर क्रम मान लेना ही सबसे आम गलती है और इसी से उत्तर बदल जाता है।