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प्रतिशत, अनुपात एवं समानुपात

Percentage, Ratio and Proportion

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इस विषय से 2 प्रश्न आते हैं और यह पूरे गणित हिस्से का आधार है, क्योंकि लाभ-हानि, ब्याज और आँकड़े — तीनों इसी पर टिके हैं। यहाँ भिन्न और प्रतिशत के बीच तेज़ी से आना-जाना ही असली कौशल है।

प्रतिशत का अर्थ

प्रतिशत का अर्थ है प्रति सौ। 25 प्रतिशत यानी 25/100 यानी 1/4। इसीलिए भिन्न और प्रतिशत की तालिका याद रखने से आधा काम बिना गणना के हो जाता है।

भिन्नप्रतिशतभिन्नप्रतिशत
1/250%1/616⅔%
1/333⅓%1/812½%
1/425%1/1010%
1/520%3/475%

प्रतिशत परिवर्तन = (परिवर्तन ÷ मूल मान) × 100

सबसे बड़ा जाल यहीं है — प्रतिशत हमेशा मूल मान पर लगता है, नए मान पर नहीं। इसीलिए 20 प्रतिशत बढ़ाकर फिर 20 प्रतिशत घटाने पर मूल मान वापस नहीं आता।

✗ 100 को 20% बढ़ाकर 20% घटाने पर 100 ही मिलेगा  |  ✓ 120 का 20% घटेगा, इसलिए 96 मिलेगा — 4% की कमी

क्रमिक परिवर्तन = a + b + (ab ÷ 100)

घटने पर चिह्न ऋणात्मक लीजिए। 20 और −20 रखने पर 20 − 20 − 400/100 = −4 प्रतिशत आता है, जो ऊपर वाले उदाहरण से मेल खाता है।

अनुपात एवं समानुपात

अनुपात दो राशियों की तुलना है और उसे a : b लिखते हैं। समानुपात में दो अनुपात बराबर होते हैं — a : b = c : d, जिसे a : b :: c : d भी लिखा जाता है।

समानुपात में: पहले और चौथे का गुणनफल = बीच के दोनों का गुणनफल

  • अनुपात में इकाई नहीं होती, क्योंकि दोनों राशियाँ एक ही मात्रक में होती हैं।
  • बाँटने वाले सवाल में कुल भागों की संख्या पहले निकालिए — 2 : 3 में कुल 5 भाग।
  • मिश्रण के सवाल में पहले हर घटक की मात्रा अलग निकालिए, फिर नया अनुपात बनाइए।

आसान तरीका: अनुपात 2 : 3 दिखे तो सोचिए कि कुल 5 हिस्से हैं। कुल राशि को 5 से भाग देकर एक हिस्से का मान निकालिए, फिर गुणा कीजिए — इससे भिन्न लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

TRE संकेत: क्रमिक परिवर्तन का सूत्र याद रखिए — बढ़ाकर घटाने वाला सवाल लगभग हर वर्ष आता है और अधिकांश उम्मीदवार उसमें मूल मान लौटा देते हैं। भिन्न-प्रतिशत तालिका पूरी याद कीजिए, वह आगे लाभ-हानि और ब्याज दोनों में लौटेगी। अनुपात में कुल भाग पहले निकालने की आदत डालिए।

60 सेकंड का रिवीजन

  • प्रतिशत का अर्थ प्रति सौ है; 25% यानी 1/4।
  • प्रतिशत हमेशा मूल मान पर लगता है, नए मान पर नहीं।
  • क्रमिक परिवर्तन = a + b + ab/100, घटने पर चिह्न ऋणात्मक।
  • 20% बढ़ाकर 20% घटाने पर 4% की कमी होती है।
  • अनुपात में इकाई नहीं होती।
  • बाँटने वाले सवाल में पहले कुल भागों की संख्या निकालिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

20% बढ़ाकर 20% घटाने पर मूल मान क्यों नहीं मिलता?

क्योंकि पहली बार प्रतिशत मूल मान पर लगता है और दूसरी बार बढ़े हुए मान पर। सौ को बीस प्रतिशत बढ़ाने पर एक सौ बीस मिलता है, और उसका बीस प्रतिशत चौबीस होता है, इसलिए छियानबे बचता है। कुल मिलाकर चार प्रतिशत की कमी होती है।

क्रमिक प्रतिशत परिवर्तन का सूत्र क्या है?

कुल परिवर्तन बराबर होता है a जोड़ b जोड़ ab बटा सौ, जहाँ a और b दोनों प्रतिशत हैं। घटने की स्थिति में उस प्रतिशत को ऋणात्मक लीजिए। यह सूत्र दो चरणों वाली छूट और बढ़ोतरी के हर सवाल में सीधे काम आता है।

अनुपात में इकाई क्यों नहीं होती?

क्योंकि अनुपात एक ही मात्रक की दो राशियों की तुलना है और भाग देने पर मात्रक कट जाता है। इसीलिए दो और तीन के अनुपात को केवल संख्या के रूप में लिखा जाता है। यदि राशियों के मात्रक अलग हों तो पहले उन्हें एक ही मात्रक में लाना पड़ता है।

अनुपात में बाँटने वाला सवाल कैसे हल करें?

पहले अनुपात के सभी अंक जोड़कर कुल भागों की संख्या निकालिए। फिर कुल राशि को उसी संख्या से भाग देकर एक भाग का मान निकालिए और अंत में हर हिस्से को उसके अंक से गुणा कीजिए। दो और तीन के अनुपात में कुल पाँच भाग होंगे।

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Percentage, Ratio and Proportion | BPSC TRE 4.0 GS — ExamAtlas