भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन
भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन
यह भाग परिभाषा का कम और पहचान का अधिक है। परीक्षा में कोई एक रोज़मर्रा की घटना देकर पूछा जाता है कि वह भौतिक परिवर्तन है या रासायनिक। इसलिए दोनों की कसौटी और कुछ सीमावर्ती उदाहरण अच्छी तरह देख लीजिए।
मूल अंतर
| बिंदु | भौतिक परिवर्तन | रासायनिक परिवर्तन |
|---|---|---|
| नया पदार्थ | नहीं बनता | बनता है |
| उत्क्रमणीयता | प्रायः उत्क्रमणीय | प्रायः अनुत्क्रमणीय |
| संघटन | वही रहता है | बदल जाता है |
| उदाहरण | बर्फ़ पिघलना, काँच टूटना | लोहे में जंग, दूध का दही बनना |
रासायनिक परिवर्तन की पहचान के संकेत हैं — गैस निकलना, रंग बदलना, ताप बदलना, गंध आना या अवक्षेप बनना। इनमें से एक भी दिखे तो समझिए नया पदार्थ बना है।
- भौतिक — पानी का जमना, चीनी का घुलना, मोम का पिघलना, काग़ज़ फाड़ना, तार खींचना।
- रासायनिक — लकड़ी जलना, भोजन पचना, पटाखा फूटना, दूध खट्टा होना, पत्तियों का खाद बनना।
सीमावर्ती उदाहरण
कुछ उदाहरण उलझाते हैं और परीक्षा उन्हीं को चुनती है। मोमबत्ती जलना दोनों है — मोम का पिघलना भौतिक और उसका जलना रासायनिक परिवर्तन है। पानी उबलना भौतिक है, क्योंकि भाप ठंडी होकर वापस पानी बन जाती है।
चीनी का घुलना भौतिक है, पर चीनी को गर्म करके काला हो जाना रासायनिक है। बल्ब का जलना भौतिक माना जाता है, क्योंकि तंतु में नया पदार्थ नहीं बनता, जबकि लकड़ी जलना रासायनिक है।
✗ पानी का भाप बनना रासायनिक परिवर्तन है | ✓ यह भौतिक परिवर्तन है, क्योंकि नया पदार्थ नहीं बनता और भाप ठंडी होकर फिर पानी बन जाती है
जंग लगना और उससे बचाव
लोहे पर भूरे रंग की परत जमना जंग कहलाता है और यह रासायनिक परिवर्तन है। इसके लिए दो चीज़ें एक साथ चाहिए — ऑक्सीजन और नमी। इनमें से एक भी हटा दी जाए तो जंग नहीं लगेगा। यही कारण है कि रेगिस्तान में लोहा देर तक टिकता है और समुद्र किनारे जल्दी खराब होता है।
- पेंट या ग्रीस लगाकर हवा और नमी रोकी जाती है।
- यशदलेपन में लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाई जाती है।
- क्रोमियम लेपन नल और हैंडल पर होता है।
- मिश्रधातु बनाकर, जैसे स्टेनलेस स्टील, जंग से बचा जाता है।
स्टेनलेस स्टील लोहे में क्रोमियम और निकल मिलाकर बनाया जाता है और उस पर जंग नहीं लगता। मिश्रधातु बनाना जंग से बचाव का सबसे स्थायी उपाय है।
क्रिस्टलीकरण
किसी संतृप्त विलयन को धीरे-धीरे ठंडा करके शुद्ध बड़े क्रिस्टल प्राप्त करने की विधि क्रिस्टलीकरण कहलाती है। यह भौतिक परिवर्तन है और इससे मिलने वाला पदार्थ वाष्पन से मिले पदार्थ की तुलना में अधिक शुद्ध होता है।
पहचान का सबसे भरोसेमंद सवाल यह है कि क्या कोई नया पदार्थ बना। यदि पदार्थ वही है और केवल रूप या अवस्था बदली है तो भौतिक; और यदि गुण ही बदल गए तो रासायनिक।
TRE संकेत: मोमबत्ती जलने में दोनों परिवर्तन होते हैं — यह लगभग हर बार पूछा जाता है। जंग के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों आवश्यक हैं, यह भी तयशुदा है। यशदलेपन में जस्ते की परत और क्रिस्टलीकरण भौतिक परिवर्तन है भी सीधे आए हैं।
60 सेकंड का रिवीजन
- भौतिक परिवर्तन में नया पदार्थ नहीं बनता, रासायनिक में बनता है।
- रंग बदलना, गैस निकलना और ताप बदलना रासायनिक परिवर्तन के संकेत हैं।
- मोमबत्ती जलने में भौतिक और रासायनिक दोनों परिवर्तन होते हैं।
- जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नमी दोनों आवश्यक हैं।
- यशदलेपन में लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाई जाती है।
- क्रिस्टलीकरण एक भौतिक परिवर्तन है और उससे शुद्ध क्रिस्टल मिलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मोमबत्ती जलना कौन-सा परिवर्तन है?
इसमें दोनों परिवर्तन एक साथ होते हैं। लौ की गर्मी से ठोस मोम पिघलकर द्रव बनता है और ठंडा होकर फिर ठोस हो जाता है, जो भौतिक परिवर्तन है। वहीं बत्ती के पास मोम की वाष्प जलकर कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प बनाती है, जो रासायनिक परिवर्तन है।
लोहे पर जंग रोकने के कौन-से तरीके हैं?
मूल विचार यही है कि लोहे तक ऑक्सीजन और नमी न पहुँचे। इसके लिए पेंट, ग्रीस या तेल लगाया जाता है, जस्ते की परत चढ़ाई जाती है जिसे यशदलेपन कहते हैं, क्रोमियम का लेपन किया जाता है, या फिर स्टेनलेस स्टील जैसी मिश्रधातु बना दी जाती है जो सबसे स्थायी उपाय है।
क्या सभी रासायनिक परिवर्तन अनुत्क्रमणीय होते हैं?
अधिकांश होते हैं, पर सभी नहीं। दूध से दही बनना या लकड़ी का जलना वापस नहीं लौटाया जा सकता। लेकिन कुछ रासायनिक अभिक्रियाएँ उपयुक्त परिस्थिति में उल्टी दिशा में भी चल सकती हैं, इसलिए उत्क्रमणीयता को अकेली कसौटी मानना ठीक नहीं। पक्की कसौटी नया पदार्थ बनना ही है।
क्रिस्टलीकरण वाष्पन से बेहतर क्यों माना जाता है?
वाष्पन में विलयन को पूरा सुखा दिया जाता है, इसलिए घुली हुई अशुद्धियाँ भी बचे हुए ठोस में मिल जाती हैं। क्रिस्टलीकरण में संतृप्त विलयन को धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है, जिससे केवल शुद्ध पदार्थ के क्रिस्टल बनते हैं और अशुद्धियाँ विलयन में ही रह जाती हैं।
