प्रमुख कवि, सम्मान एवं बिहार के रचनाकार
प्रमुख कवि, सम्मान एवं बिहार के रचनाकार
यह विषय 2 प्रश्न देता है और इसमें स्मरण ही सब कुछ है। कवि, रचना, उपाधि और सम्मान — चार स्तंभों की तालिका बना लीजिए। बिहार से जुड़े रचनाकार अलग से याद रखिए, क्योंकि राज्य के पत्र में उनसे प्रश्न आने की संभावना अधिक रहती है।
प्रमुख उपाधियाँ
| कवि | उपाधि |
|---|---|
| चंदबरदाई | हिंदी का आदि कवि |
| भारतेंदु हरिश्चंद्र | आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक |
| महादेवी वर्मा | आधुनिक मीरा |
| रामधारी सिंह दिनकर | राष्ट्रकवि |
| मैथिलीशरण गुप्त | राष्ट्रकवि |
| निराला | मुक्त छंद के प्रवर्तक |
उपाधियाँ सीधे पूछी जाती हैं और विकल्पों में दो-दो नाम साथ रखे जाते हैं, इसलिए उपाधि और नाम का जोड़ा एक साथ याद कीजिए, अलग-अलग नहीं।
✗ राष्ट्रकवि की उपाधि केवल दिनकर को मिली | ✓ मैथिलीशरण गुप्त को भी राष्ट्रकवि कहा जाता है
हिंदी के ज्ञानपीठ सम्मान
| रचनाकार | वर्ष | कृति |
|---|---|---|
| सुमित्रानंदन पंत | 1968 | चिदंबरा |
| रामधारी सिंह दिनकर | 1972 | उर्वशी |
| महादेवी वर्मा | 1982 | यामा |
सुमित्रानंदन पंत को हिंदी का पहला ज्ञानपीठ सम्मान मिला। दिनकर को उर्वशी पर और महादेवी वर्मा को यामा पर यह सम्मान मिला — कृति का नाम भी पूछा जाता है, इसलिए वर्ष के साथ कृति भी याद रखिए।
बिहार के रचनाकार
| रचनाकार | स्थान | प्रमुख कृतियाँ |
|---|---|---|
| रामधारी सिंह दिनकर | सिमरिया, बेगूसराय | रश्मिरथी, उर्वशी, कुरुक्षेत्र |
| नागार्जुन | तरौनी, दरभंगा | युगधारा, बलचनमा |
| फणीश्वरनाथ रेणु | औराही हिंगना, अररिया | मैला आँचल, परती परिकथा |
| विद्यापति | मधुबनी क्षेत्र | पदावली, कीर्तिलता |
दिनकर की रश्मिरथी कर्ण को केंद्र में रखकर लिखा गया प्रबंध काव्य है और आज भी सबसे अधिक उद्धृत होने वाली हिंदी कृतियों में है। रेणु का मैला आँचल आंचलिक उपन्यास की परंपरा का सबसे बड़ा नाम है।
बिहार वाले भाग को कड़ी की तरह याद कीजिए — विद्यापति से शुरू होकर दिनकर, नागार्जुन और रेणु तक। चारों अलग-अलग युग के हैं, इसलिए एक ही कड़ी में पूरा राज्य-संदर्भ आ जाता है।
TRE संकेत: उपाधि और नाम का जोड़ा याद कीजिए, अकेला नाम नहीं। पंत को हिंदी का पहला ज्ञानपीठ लगभग तय प्रश्न है, और दिनकर की उर्वशी तथा महादेवी की यामा कृति सहित। बिहार के पत्र में दिनकर, नागार्जुन और रेणु तीनों से प्रश्न आ सकते हैं, इसलिए इनकी दो-दो कृतियाँ अवश्य याद रखिए।
60 सेकंड का रिवीजन
- चंदबरदाई हिंदी के आदि कवि और भारतेंदु आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक हैं।
- दिनकर और मैथिलीशरण गुप्त दोनों को राष्ट्रकवि कहा जाता है।
- हिंदी का पहला ज्ञानपीठ सुमित्रानंदन पंत को 1968 में चिदंबरा पर मिला।
- दिनकर को 1972 में उर्वशी पर और महादेवी को 1982 में यामा पर ज्ञानपीठ मिला।
- दिनकर बेगूसराय के, नागार्जुन दरभंगा के और रेणु अररिया के थे।
- रेणु का मैला आँचल आंचलिक उपन्यास की परंपरा की प्रमुख कृति है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हिंदी का पहला ज्ञानपीठ सम्मान किसे मिला?
सुमित्रानंदन पंत को, 1968 में, उनकी कृति चिदंबरा के लिए। इसके बाद रामधारी सिंह दिनकर को 1972 में उर्वशी पर और महादेवी वर्मा को 1982 में यामा पर यह सम्मान मिला। परीक्षा वर्ष और कृति दोनों पूछती है।
बिहार से जुड़े प्रमुख हिंदी रचनाकार कौन हैं?
रामधारी सिंह दिनकर बेगूसराय के सिमरिया से, नागार्जुन दरभंगा के तरौनी से और फणीश्वरनाथ रेणु अररिया के औराही हिंगना से थे। मैथिली कवि विद्यापति भी इसी क्षेत्र के थे। चारों अलग-अलग युगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मैला आँचल किसकी रचना है और इसका महत्व क्या है?
यह फणीश्वरनाथ रेणु का उपन्यास है और हिंदी में आंचलिक उपन्यास की परंपरा की सबसे प्रसिद्ध कृति मानी जाती है। इसमें बिहार के एक गाँव का जीवन उसकी बोली, रीति और संघर्ष के साथ चित्रित हुआ है, इसलिए यह बार-बार पूछा जाता है।
राष्ट्रकवि किसे कहा जाता है?
रामधारी सिंह दिनकर और मैथिलीशरण गुप्त दोनों को राष्ट्रकवि कहा जाता है। विकल्पों में प्रायः दोनों नाम साथ रखे जाते हैं, इसलिए यह याद रखना चाहिए कि यह उपाधि किसी एक तक सीमित नहीं है। दिनकर की रश्मिरथी और गुप्त की साकेत प्रसिद्ध हैं।
अगला कदम: साहित्य में अंक याद रखने से बनते हैं, समझने भर से नहीं। इस अध्याय को ExamAtlas के BPSC TRE 4.0 मॉक टेस्ट में परखिए — पाँच विकल्प, −1/3 ऋणात्मक अंकन, हिंदी माध्यम।
