Study Material

Pick a study material, then a subject, then start reading.

प्रेमचंद एवं कथा साहित्य की परंपरा

By ExamAtlas · 29/8/2026

प्रेमचंद एवं कथा साहित्य की परंपरा

प्रेमचंद से 2 प्रश्न लगभग हर वर्ष आते हैं और यह गद्य का सबसे निश्चित हिस्सा है। परीक्षा उनका मूल नाम, उपन्यासों का क्रम, प्रसिद्ध कहानियाँ और उनकी पत्रिकाएँ पूछती है, इसलिए इन चारों की एक-एक सूची बना लीजिए।

परिचय

विवरणतथ्य
मूल नामधनपत राय श्रीवास्तव
उर्दू लेखन का नामनवाब राय
उपाधिउपन्यास सम्राट
पत्रिकाएँहंस, जागरण
अंतिम पूर्ण उपन्यासगोदान, 1936
अपूर्ण उपन्यासमंगलसूत्र

प्रेमचंद ने आरंभ में उर्दू में नवाब राय के नाम से लिखा। उनका उर्दू कहानी संग्रह सोज़े वतन अंग्रेज़ी सरकार ने ज़ब्त कर लिया था, और उसके बाद उन्होंने प्रेमचंद नाम अपनाया। यह घटना बार-बार पूछी जाती है।

प्रेमचंद का मूल नाम नवाब राय था  |   मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था; नवाब राय उनका उर्दू लेखन नाम था

प्रमुख उपन्यास

उपन्यासविषय
सेवासदननारी जीवन और समाज
रंगभूमिसूरदास नामक अंधे भिखारी का संघर्ष
निर्मलाअनमेल विवाह और दहेज
गबनमध्यवर्गीय लालच और पतन
कर्मभूमिस्वाधीनता संघर्ष
गोदानकिसान होरी का जीवन और ऋण

गोदान उनकी सर्वश्रेष्ठ कृति और हिंदी का सर्वाधिक चर्चित उपन्यास है। इसमें किसान होरी की गाय पाने की इच्छा और कर्ज़ के चक्र में उसका टूटना — यही मुख्य कथा है। यह उसी वर्ष 1936 में आया जिस वर्ष प्रेमचंद का निधन हुआ।

प्रमुख कहानियाँ

  • कफ़न — उनकी अंतिम और सबसे तीखी कहानी।
  • पूस की रात — किसान हल्कू की ठंड भरी रात।
  • ईदगाह — हामिद और चिमटे की कहानी।
  • बड़े घर की बेटी, नमक का दारोगा, पंच परमेश्वर भी बहुत पूछी जाती हैं।

उनकी कहानियों का संग्रह मानसरोवर नाम से आठ भागों में प्रकाशित हुआ। प्रेमचंद को आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का लेखक कहा जाता है — वे समाज का यथार्थ दिखाते हैं पर आदर्श की ओर संकेत भी करते हैं।

क्रम याद रखने का तरीका: सेवासदन नारी से, रंगभूमि संघर्ष से, निर्मला विवाह से, गबन लालच से, कर्मभूमि आंदोलन से और गोदान किसान से जुड़ा है। विषय याद रहेगा तो नाम भी याद रहेगा।

TRE संकेत: धनपत राय श्रीवास्तव मूल नाम, नवाब राय उर्दू नाम — यह अंतर सबसे अधिक पूछा जाता है। गोदान 1936 और उसी वर्ष निधन, सोज़े वतन की ज़ब्ती, और हंस तथा जागरण पत्रिकाएँ — चारों तय प्रश्न हैं। कहानियों में कफ़न, पूस की रात और ईदगाह सबसे आगे हैं।

60 सेकंड का रिवीजन

  • प्रेमचंद का मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव और उर्दू नाम नवाब राय था।
  • उन्हें उपन्यास सम्राट कहा जाता है।
  • सोज़े वतन उनका उर्दू कहानी संग्रह था, जिसे सरकार ने ज़ब्त किया।
  • गोदान 1936 में आया और उसी वर्ष उनका निधन हुआ; मंगलसूत्र अपूर्ण रहा।
  • कफ़न, पूस की रात और ईदगाह उनकी सर्वाधिक प्रसिद्ध कहानियाँ हैं।
  • उनकी कहानियों का संग्रह मानसरोवर आठ भागों में है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रेमचंद का मूल नाम क्या था?

धनपत राय श्रीवास्तव। उर्दू में वे नवाब राय के नाम से लिखते थे और उनका उर्दू कहानी संग्रह सोज़े वतन ज़ब्त होने के बाद उन्होंने प्रेमचंद नाम अपनाया। विकल्पों में तीनों नाम साथ रखे जाते हैं, इसलिए भेद स्पष्ट रखना चाहिए।

गोदान का मुख्य पात्र और कथा क्या है?

मुख्य पात्र किसान होरी है, जिसकी जीवन भर की इच्छा एक गाय रखने की है। कर्ज़, सामाजिक दबाव और शोषण के चक्र में वह टूटता चला जाता है। यह उपन्यास 1936 में प्रकाशित हुआ, उसी वर्ष प्रेमचंद का निधन हुआ।

प्रेमचंद ने कौन-सी पत्रिकाएँ निकालीं?

हंस और जागरण। हंस साहित्यिक पत्रिका थी और जागरण अधिक सामाजिक तथा राजनीतिक विषयों पर केंद्रित रही। दोनों नाम परीक्षा में सीधे पूछे जाते हैं, इसलिए इन्हें उनके उपन्यासों के साथ ही याद कर लेना चाहिए।

आदर्शोन्मुख यथार्थवाद का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है समाज का यथार्थ चित्रण करते हुए भी किसी आदर्श की ओर संकेत करना। प्रेमचंद गरीबी, शोषण और अन्याय को जस का तस दिखाते हैं, पर उनकी रचनाओं में सुधार और न्याय की दिशा भी बनी रहती है, इसीलिए यह नाम दिया गया।