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अनुपात एवं समानुपात

By ExamAtlas · 29/8/2026

अनुपात एवं समानुपात

वाणिज्यिक गणित से 3 प्रश्न तक आते हैं और अनुपात उन सबका आधार है, क्योंकि साझेदारी, मिश्रण और यहाँ तक कि समय-कार्य भी इसी पर टिके हैं। इसलिए इस विषय पर लगाया गया समय आगे कई जगह लौटकर काम आता है।

बुनियादी नियम

अनुपात दो समजातीय राशियों की तुलना है, इसलिए उसमें कोई इकाई नहीं होती। यदि राशियाँ अलग-अलग इकाई में हों तो पहले उन्हें एक ही इकाई में लाना पड़ता है।

समानुपात में: पहला × चौथा = दूसरा × तीसरा

  • अनुपात के दोनों पदों को एक ही संख्या से गुणा या भाग करने पर उसका मान नहीं बदलता।
  • मध्यानुपाती — यदि a : b = b : c हो तो b मध्यानुपाती है और b² = ac।
  • मिश्र अनुपात — दो अनुपातों को गुणा करके बनाया जाता है।

2 मीटर और 50 सेंटीमीटर का अनुपात 2 : 50 है  |   पहले एक ही इकाई में लाइए — 200 : 50 यानी 4 : 1

अनुपात में बाँटना

विधि यही रखिए — पहले अनुपात के सभी अंक जोड़कर कुल भाग निकालिए, फिर कुल राशि को उससे भाग देकर एक भाग का मान निकालिए, और अंत में हर हिस्से को उसके अंक से गुणा कीजिए।

उदाहरण — 900 रुपये को 2 : 3 : 4 में बाँटना है। कुल भाग 9, एक भाग 100, इसलिए हिस्से 200, 300 और 400 होंगे। यही सीधी विधि हर ऐसे सवाल में चलती है।

साझेदारी

साझेदारी में लाभ पूँजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बँटता है। यदि सबने बराबर समय के लिए पैसा लगाया हो तो केवल पूँजी का अनुपात चलता है।

लाभ का अनुपात = (पूँजी₁ × समय₁) : (पूँजी₂ × समय₂)

यही सूत्र सक्रिय और निष्क्रिय साझेदार वाले सवाल में भी चलता है — अंतर केवल यह होता है कि सक्रिय साझेदार को पहले वेतन या कमीशन दे दिया जाता है, और बचा हुआ लाभ फिर अनुपात में बाँटा जाता है।

मिश्रण एवं ऐलिगेशन

सस्ते की मात्रा ÷ महँगे की मात्रा = (महँगे का मूल्य − औसत) ÷ (औसत − सस्ते का मूल्य)

इसे ऐलिगेशन नियम कहते हैं और यह मिश्रण के सवाल मिनटों में हल कर देता है। सूत्र याद रखने का तरीका — हर पद अपने से दूर वाले से घटता है, इसलिए सस्ते की मात्रा ऊपर महँगे वाला अंतर लेती है।

एक तयशुदा प्रकार और है — किसी बर्तन से बार-बार मात्रा निकालकर पानी भरना। n बार निकालने के बाद बचा हुआ शुद्ध द्रव मूल का (1 − x/y)ⁿ गुना रह जाता है, जहाँ x हर बार निकाली गई मात्रा और y कुल मात्रा है।

ऐलिगेशन में औसत बीच में लिखिए और दोनों मूल्य किनारों पर, फिर तिरछे घटाइए। चित्र बना लेने से सूत्र याद रखने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

TRE संकेत: अनुपात में इकाई पहले बराबर कीजिए — यह चूक सबसे आम है। साझेदारी में पूँजी गुणा समय वाला सूत्र याद रखिए, केवल पूँजी नहीं। ऐलिगेशन का तिरछा घटाव मिश्रण के सवाल सबसे तेज़ हल करता है, और बार-बार निकालने वाला सूत्र भी अलग से याद रखिए।

60 सेकंड का रिवीजन

  • अनुपात में इकाई नहीं होती; पहले दोनों राशियाँ एक इकाई में लाइए।
  • समानुपात में पहले और चौथे का गुणनफल बीच के दोनों के बराबर होता है।
  • बाँटने में पहले कुल भागों की संख्या निकालिए।
  • साझेदारी में लाभ पूँजी और समय के गुणनफल के अनुपात में बँटता है।
  • ऐलिगेशन में हर पद अपने से दूर वाले से घटता है।
  • बार-बार निकालने पर बचा द्रव मूल का (1 − x/y)ⁿ गुना रह जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

साझेदारी में लाभ किस अनुपात में बँटता है?

पूँजी और समय के गुणनफल के अनुपात में। यदि सभी साझेदारों ने बराबर समय के लिए पैसा लगाया हो, तभी केवल पूँजी का अनुपात चलता है। समय अलग-अलग हो तो हर साझेदार की पूँजी को उसके समय से गुणा करके अनुपात बनाया जाता है।

ऐलिगेशन का नियम कैसे लगाया जाता है?

औसत मूल्य को बीच में और दोनों मूल्यों को किनारों पर लिखिए, फिर तिरछे घटाइए। सस्ते की मात्रा और महँगे की मात्रा का अनुपात, महँगे का मूल्य घटा औसत बटा औसत घटा सस्ते का मूल्य होता है। चित्र बना लेने से सूत्र अपने आप याद रहता है।

अनुपात में इकाई क्यों नहीं होती?

क्योंकि अनुपात एक ही मात्रक की दो राशियों की तुलना है और भाग देने पर मात्रक कट जाता है। यही कारण है कि यदि राशियाँ अलग-अलग मात्रक में दी हों, जैसे मीटर और सेंटीमीटर, तो अनुपात बनाने से पहले उन्हें एक ही मात्रक में लाना अनिवार्य है।

मध्यानुपाती क्या होता है?

यदि तीन राशियाँ इस तरह हों कि पहली और दूसरी का अनुपात दूसरी और तीसरी के अनुपात के बराबर हो, तो बीच वाली राशि मध्यानुपाती कहलाती है। ऐसी स्थिति में बीच वाली राशि का वर्ग पहली और तीसरी के गुणनफल के बराबर होता है।